Society Vastu Tips : Dr.Vaishali Gupta Vastu expert.

A Hindi YouTube conversation where Vastu expert Dr. Vaishali Gupta explains society-level Vastu considerations for apartment complexes: ideal orientations for entry/exit, placement of heavy structures (southwest), generators (southeast), underground water tanks (north/east), and how imbalanced construction (e.g., heavy north with open south) can cause financial and energy issues. The speakers also raise concerns about toilets placed in the northeast and their life impacts.
कोई सोसाइटी में या किसी जगह पर अपार्टमेंट या फ्लैट लेने के लिए जाते हैं तो उसमें इनीशियली हमें प्लानिंग के बारे में जरुर देखना चाहे तो प्लानिंग किस तरह की होनी चाहिए बिलकुल देखिये.
आजकल बहुत सारी सोसाइटीज बन रही है और हमारे पास काफी सोसाइटी में फ्लैट लेने का ऑप्शन है तो जो हमारे अपार्टमेंट का वास्तु है वो तो बहुत इम्पोटेंट है ही है इसमें तो कोई 2 राय नहीं है लेकिन अगर हम चाहें तो हम थोड़ा सा अपने सोसाइटी का वास्तु भी ब्रॉडली देख सकते हैं जिन सोसाइटीज की एंट्री होती है अगर वो अच्छे डायरेक्शन से हो हैं और जो एग्जिट है वो राइट डायरेक्शन से होती है मोटा मोटी सुमिंग पुल की लोकेशन राइट होनी चाहिए आपके बोरिंग और अंडरग्राउंड टैंक्स जो हैं वो अच्छी डायरेक्शन में हों और अक्सर मैंने देखा है कि आजकल बिल्डर्स इन चीजों का ध्यान भी देते हैं पूजा कि आपका जो बोरिंग है अंडरग्राउंड टैंक है ये मोटी मोटी चीजें जेनरेटर जो हैं उनको वास्तव के अनुसार देते हैं तो अगर आप थोड़ा सा यह भी देख लें कि जेनरेटर साउथ िस्ट में हों अंडरग्राउंड वाटर बॉडीज नॉर्थ या ईस्ट में हो और जो हैवी स्ट्रक्चर है वो आपके साउथवेस्ट में हों तो अगर सोसाइटी का 1 ओवरॉल जो है वास्तु अच्छा होगा तो डेफिनिटली उसका जो इम्पैक्ट है वो आपके इंडिविजवल अपार्टमेंट वास्तु पर भी पड़ेगा ही.
पड़ेगा जी यहां पर जैसे की आपने कंस्ट्रक्शन की बात की है अगर नॉर्थ में भारी कंस्ट्रक्शन हो साउथ ओपन हो तो किस तरह का इफेक्ट पड़ता है.
अगर आप किसी ऐसे सोसाइटी में रह रहे हैं जहां पर सोसाइटी के नॉर्थ भारी है अधिकतर टॉवर्स नॉर्थ में बने हुए हैं और उसका जो साउथ पोर्शन है वो ओपन है तो उसमें रहने वालों को फाइनेंसियल इशूज आ सकते हैं साउथ जो है वो हमारा अर्थ जोन है वो जोन ऑफ स्टेबिलिटी है और वहां पर वेट आना चाहिए और अगर हमने वहां पर वेट ही नहीं दिया और वहां पर खाली मैदान छोड़ दिया तो जो नेगेटिव एनर्जी का पोटेंशियल है वो काफी हाई हो जाता है और नॉर्थ भारी होने की वजह से जो पॉजिटिव एनर्जी का पोटेंशियल है वो लो हो जाता है तो इससे जो है 1 एनर्जी का डिस्बैलेंस क्रिएट होता है हमारी एनर्जी हीलिंग डिस्टर्ब हो जाती है वास्तु की जो एनर्जी है वो रिवर्स हो जाती है और फिर हम उनको उन वहां रहने वालों को अलग अलग रेमिडीज से हमको जो है वास्तु लॉजिकली करेक्ट करना पड़ता है तो बेटर यही रहता है की ऐसी सोसायटी में जाएं जहां पर साउथ आपका हेवी हो ओवरॉल और आपका नॉर्थ जो है वहां पर लोन हो या स्विमिंग पूल हो तो नॉर्थ जोन जो है वो आपका लाइट और लोड फ्री हो तो ओवरॉल जब सोसाइटी के एनर्जी बैलेंस होती है तो अपार्टमेंट में भी अच्छा रहता है जी.
डॉक्टर विशाल यहाँ पर यह भी जानना चाहूंगी कि कई बार होता है कंस्ट्रक्शन में गड़बड़ हो जाती है तो नॉर्थ इस्ट के अंदर टॉयलेट आ जाता है जी इससे लाइफ पर कितना इफेक्ट है।
बहुत असर पड़ता है पूजा और ये तो मैं शायद बहुत सालों से अपने विज को बता रही हूं कि टॉयलेट को नॉर्थ में लेना वास्तु के अनुसार महादोष होता है और ऐसे फ्लैट को आप टोटली लेना अवॉइड करें जहां पर आपका नॉर्थीस्टमें टॉयलेट आ रहा है। लोगों को पता है कि नॉर्थीसमें मंदिर होना चाहिए जी तो कई लोग ऐसा भी करते हैं कि नॉर्थ ीस में टॉयलेट को डिमोलिश करके वहां मंदिर दे देते हैं। तो ये मैं कहूंगी कि वास्तु की दृष्टि से यह बिल्कुल गलत है क्योंकि जहां नॉर्थ िस्ट में मंदिर देना 1 जगह सही बात है वहां पर भी जहां टॉयलेट पहले रह चुका हो वहां पर आप जो है मंदिर न दें और आप मंदिर दे भी देते हैं। तो आप ये बात हमेशा याद रखें कि आपके ऊपर और नीचे वाले फ्लैट जो हैं उसमें नॉर्थ िस में टॉयलेट शायद अभी बना ही हुआ है।










