दशा और दिशा। क्या है संबंध? | Vastu and Astrology connection | Vastu tips

Vaishali Gupta explains how Vastu Shastra connects to astrology: each direction has a ruling planet (South is Mars, North is Mercury, West is Saturn, East is Sun, North-East is Jupiter). Vastu remedies work best when matched to your horoscope and current planetary positions.
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हेलो, मैं नमस्कार, मैं हूं वास्तविक स्पॉट स्टलेज डॉक्टर वेशाली गुप्ता। जब मैं किसी इंडस्ट्री, कमर्शियल या रेजिडेंशल प्रिमाइज का वास्तु विजिट करती हूं मैं उसके घर के ओनर के, फैक्ट्री के जो ओनर हैं, बॉस हैं, जो मुखिया हैं उनकी फैक्ट्री वास्तु करते समय हमेशा उनका जोतिश जो है वो कंसिडरेशन में लेती हूं। मुझसे कई बार मेरे क्लाइंट से पूछते हैं कि मैं क्या ज्योतिश और वास्तु के बीच में कोई संबंध है? जी हां बिल्कुल संबंध है। और अगर आप वास्तु करते समय ज्योतिश को यानि कि पत्री को कंसिडरेशन में लेते हैं तो उससे जो आपके रिजल्ट से वो और ज्यादा पॉजिटिव आ सकते हैं और बहुत ही जल्दी अच्छे रिजल्ट आ सकते हैं। इसके पीछे कारण यह है कि वास्तु शास्त्र में हर 1 दिशा का 1 रूलिंग प्लेनेट होता है और हर दिशा जो है वो 1 स्वामी गृह से रूल होती है। साउथ के जो स्वामी ग्रह है वो मंगल है, नॉर्थ के जो स्वामी ग्रह है वो मर्करी है, वेस्ट के जो लोड हैं वो सैटर्न हैं, ईस्ट के जो है वो सन हैं, नॉर्थ ईस्ट के जुपिटर हैं। नॉर्थ वेस्ट पर मूल विराजमान है, साउथ वेस्ट और राहु विराजमान है और इसी तरह साउथ इस्ट के ऊपर शुक्र ग्रह का जो है वो रूल है तो आप देखेंगे कि हर 1 दिशा के ऊपर जो है वो 1 रूलिंग प्लेनेट बैठा हुआ है और इन प्लानेट की जो प्लेसमेंट है वो हमारे पत्री में अलग अलग तरह से होती है। जब भी हम किसी प्रेमाइस का वास्तु करते हैं और हम दिशाओं को चेक करते हैं तो दशा और ग्रहों को भी चेक करना बहुत इम्पोर्टेंट है। अगर आप कहीं पर भी साउथ की फेसिंग की प्रेमाइस ले रहे हैं तो ये देखना बहुत जरूरी है कि आपकी पत्री में आपका मंगल कैसा है। अगर आप कोई नया घर लेने जा रहे हैं जिसकी एंट्री जो है वो नॉर्थ की तरफ से है ये देखना बहुत जरूरी है कि आपके पत्री में नॉर्थ की रूलिंग प्लेनेट यानि की मरकरी की लोकेशन कैसी है। अगर आप कोई काम शुरू करने जा रहे हैं तो इंडस्ट्री डालने जा रहे हैं और किसी दिशा में आप अपने बैठने का स्थान बना रहे हैं, अपना ऑफिस बना रहे हैं तो भी यह देखना जरूरी है कि उस दिशा के स्वामी ग्रह की प्लेसमेंट आपके पत्री में कैसे है तो 1 शार्ट में अपने वीडियो में आपको यही बताना चाहूंगी कि क्यूंकि हर डायरेक्शन के ऊपर 1 रूलिंग प्लेनेट है। इसी लिए कम्प्लीट रेमेडी करने के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है कि वास्तु शास्त्र के साथ साथ जो पत्री है मुखिया के जो ओनर की पत्री है उसे भी कंसिडरेशन में लिया जाए सारे कोरस्पोंडिंग प्लानेट की प्लेसमेंट चेक की जाए और उसके बाद ही वास्तु का जो है वो कुछ आगे हमें काम करना चाहिए साथ ही साथ अगर हम वास्तु करते समय प्लानेट को कंसीडरेशन में लेते हैं तो हम अगर किसी प्लानेट का उपाय करते हैं तो उस दिशा में भी बेटरमेंट डालती है यानि कि अगर आप जो है वो सूर्य का उपाय करेंगे तो आपकी ईस्ट दिशा भी एनर्जाइज होने लगेगी। क्योंकि सूर्य देवता जो है वो ईस्ट डायरेक्शन को रूल करते हैं। इसलिए संपूर्ण रिजल्ट पाने के लिए होलिस्टिक सलूशन पाने के लिए हमेशा ऐसे वास्तु विशेषज्ञ को कंसल्ट करें जो कि आपकी पत्नी और वास्तु दोनों को कंसिडरेशन में लेके आपको। जो है वो सोलूशंस और जनरीज बताए। थैंक यू सो मच, for, लिstiगटोमीऐn hापीनइसडay।










