Transcript of a Hindi discussion (interview) with Dr. Vaishali Gupta about Vastu roles in business growth. She describes main directional zones (north, east, south, west) and sub-zones (northeast, northwest, southwest, southeast), linking each to business aspects such as money, career expansion, stability, legal risks, cash/liquidity and leadership. The clip also offers contact info for consultations.
शादी जी बहुत बहुत स्वागत है आपका बिल्कुल शादी जी हम बात करते हैं जिस तरह से हमारा कार्यक्रम का फोकस है बिजनेस के ऊपर की कैसे हम ग्रोथ कर सकते हैं वास्तु की भूमिका होती है तो वास्तु की जोन की बात करें तो वो कितने तरह के होते हैं और किस तरह से वो रिप्रेजेंटेट करते हैं नोट का क्या यहाँ पर वैल्यू है या नॉर्थ िस्ट का क्या वैल्यू है हम चाहेंगे कि आप.
दर्शकों को समझाए जी बिल्कुल देखिये वास्तव में 4 मुख्य दिशाएं होती है और 4 जो है वो सब डायरेक्शन होती है और नाइट हमारा ब्रह्म स्थान होता है जो हमारी मेन डायरेक्शन होती है वो नॉर्थ, ईस्ट, साउथ और वेस्ट होती है नॉर्थ को हम वास्तव में कुबेर स्थान कहते हैं और जैसा कि नाम बताता है कुबेर स्थान वो पैसे को डिनोट करता है ईस्ट हमारा इंद्र स्थान होता है और ये हमारे करियर और बिजनेस एक्सपेंशन को डिनोट करता है वेस्ट हमारा वरुण का स्थान होता है शनी का स्थान होता है ये बिजनेस में स्टेबिलिटी या आने वाली डिलेज को डिनोट करता है और साथ ही साथ जो हमारे सब जोन होते हैं जैसे नॉर्थ हिस्ट होता है साउथवेस्ट होता है तो नॉर्थईस्ट को वास्तव में इशान कोण कहा जाता है ये भी इनकमिंग मनी और ओवरॉल प्रोस्पेरिटी को डिनोट करता है नॉर्थवेस्ट यानि की वायु वय कोण यह अगर कट जाए तो आपको लीगल समस्याएं आ सकती है आपकी कंपनी में डिस्प्लॉयलिटी हो सकती है साउथ वेस्ट जोन जो होता है नृत्य कोण वो ओवरॉल स्टेबिलिटी और मुखिया को डिनोट करता है और साउथ हिस्ट यानी की अग्नि कौन हमारा कैश, लिक्विडिटी और लेडीज को डिनोट करता है तो ये मेन जो है हमारे वास्तव के जोन होते है वास्तु 1 साइंस.
है जिसके पास आपकी हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है डॉक्टर वैशाली गुप्ता से अपने घर, ऑफिस या फैक्ट्री की ऑनलाइन कंसल्टेंसी, मैप, मेकिंग या वास्तु विजिट के लिए स्क्रीन पर दिए गए नंबर्स पर कांटेक्ट करें।