Vastu Tips by Dr. Vaishali Gupta.

This is a short Hindi-language YouTube interview where Dr. Vaishali Gupta explains how spending time in specific Vastu directions affects personality and energy. She describes the South-East (Agni) zone as increasing energy, confidence, impulsiveness and potential anger when excessive; and the North-West (Vayu) zone as increasing movement, restlessness and mental instability (anxiety, depression) when excessive, but encouraging travel, experimentation and romance when balanced. The clip ends with contact information for Vastu consultations.
Chapters
साउथ ईस्ट में टाइम स्पेंड करने वाले लोग होते हैं उनकी पर्सनैलिटी कैसी होती है, साउथ ईस्ट डायरेक्शन है, पूजा वो एनर्जी की डायरेक्शन है, कॉन्फिडेंस की डायरेक्शन है। तो जो लोग साउथ ईस्ट यानि की अग्नि कोन में टाइम स्पेंड करते हैं जिनका ऑफिस अगनी कोन में होता है, घर की फेसिंग अग्नि कोन की होती है, महाद्वार अग्नी कौन का होता है, मास्टर बेडरूम अग्नि कौन का होता है। तो इस तरह के लोग हैं वो आपके अग्नि के स्थान पर बहुत ज्यादा समय बिता रहे हैं और अग्नि जो है वो हमारे जीवन में ऊर्जा को, हमारी वाइटैलिटी को नोट करती है तो ऐसे लोग जनरली काफी एनर्जेटिक होते हैं उनमें गुस्सा भी काफी हो सकता है थोड़ा एग्रेशन भी हो सकता है क्योंकि ये एनर्जी उनपे हमेशा हावी रहती है और कभी कभी ऐसे लोग जो होते हैं वो पूजा इम्पल्सिव डिसिजन भी ले लेते हैं उनका एनर्जी और एंथुजियाजम इतना हाय रहता है कि बिना सोचे समझे वो एकदम से कुछ स्टेप उठा लेते हैं तो साउथी की जो डायरेक्शन है वो इस तरह से आपकी पर्सनैलिटी पर प्रभाव डालती है कि आपकी एनर्जी को बढ़ा सकती है, आपके कॉन्फिडेंस को बढ़ा सकती है और यही एनर्जी अगर आउट ऑफ कंट्रोल हो जाए तो आप में गुस्सा बढ़ा सकती है आपके अंदर, एंगल और फ्रस्ट्रेशन बढ़ा सकती है इन सब चीजों को जो है वह बढ़ावा दे सकती है। अब वैशालीजी जानना चाहूंगी कि किसी की नॉर्थवेस् जोन अगर इंबैलेंस हो या बैलेंस हो तो उसका पर्सनैलिटी पर क्या प्रभाव पड़ता है। बिल्कुल पूजा नॉर्थ वेस्ट जोन जो होता है हमारे वास्तव में जैसा मैंने पहले बताया है वायु को नोट करता है वे का कोण होता है और नॉर्थवेस्ट जोन यानी कि जिसको वायुवेग कोण भी कहा जाता है ये हमारे लाइफ में मूवमेंट लेके आता है। तो अगर कोई आदमी ऐसे कोई पर्सन है जो कि नॉर्थवेस्ट जोन में बहुत टाइम स्पेंड करते हैं किसी भी वजह से, घर की फेसिंग की वजह से, महाद्वार की वजह से, ऑफिस की वजह से, अगर आप अपना जो अधिकतर पार्ट ऑफ द डे है वो नॉर्थवे जोन में बिता रहे हैं तो आपके अंदर जो वायु एलिमेंट है वह बहुत ज्यादा हाई हो जाता है ऐसे लोगों में जनरली मूवमेंट रहती है वह बैठे बैठे अपने पैर हिलाने लगते हैं, अपने हाथ हिलाने लगते हैं और नॉर्थवे जोन अगर बढ़ जाए तो एकदम से वो मतलब उनमें मूवमेंट बहुत ज्यादा आ जाती है आप देखेंगे कि अपना पैर हाथ उनका कॉन्सटेंटली हिल रहा है। ऐसे लोगों में जो है माइंड का इम्बैलेंस भी आ जाता है क्योंकि नॉर्थवेस्ट जोन जो है वो हमारे मन को यानि कि हमारे माइंड को नोट करता है और माइंड जो है वो चंद्रमा से रूल्ड है तो नॉर्थवेस्ट डायरेक्शन की अगर एनर्जी हाई हो जाए ऐसे लोग इमोशनली इंस्टेबल हो सकते हैं उनके अंदर डिप्रेशन आ सकता है एंग्जाइटी आ सकती है तो इस तरह का जो प्रभाव है वो जीवन पर पड़ सकता है वहीं अगर हमारा नॉर्थवेस्ट का जोन बैलेंस्ड होता है तो ऐसे लोग जो है वो ट्रेवल में इंटरेस्टेड रहते हैं वो नई नई चीजें ट्राई करना चाहते हैं तो डिपेंड करता है कि आपका जो वो जोन है वो वेल बैलेंस्ड है या फिर वो एक्सेस की तरफ जा रहा है। एक्सेस में जाएगा तो बहुत ज्यादा फ्लीक्रीहो जाएंगे, डिसिजन नहीं ले पाएंगे बात बात पे पलट जाएंगे, इमोशनल हो जाएंगे, डिप्रेस्ड हो जाएंगे, एंजाइटी उनमें आ जाएगी और वही जोन अगर वेल बैलेंस है और आप उसमें टाइम स्पेंड कर रहे हैं तो आप नई चीजें ट्राय करेंगे आप ट्रैवल करना चाहेंगे आपके अंदर रोमैंटिक एलिमेंट काफी हाई होगा। तो इस तरह से जो है वो आपके जीवन पर प्रभाव पड़ेगा।
वास्तु 1 साइंस है जिसके पास आपकी हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। डॉक्टर वैशाली गुप्ता से अपने घर, ऑफिस या फैक्ट्री की ऑनलाइन कंसल्टेंसी, मैप, मेकिंग या वास्तु विजिट के लिए स्क्रीन पर दिए गए नंबर पर कांटेक्ट करें या फिर आप हमें ईमेल भी कर सकते हैं।










