Vastu Tips by Dr. Vaishali Gupta.

Dr. Vaishali Gupta explains how to use Vastu symbols and door design to increase positive energy in your home. Place auspicious images like Om, Gaj-Lakshmi, or Ganesh above the entrance. Make your main door the largest in the house, two-panel, opening inward, and keep door counts even: 2, 4, or 6, never 10.
सिम्बल्स के बारे में भी थोड़ा बताए.
और स्पेशल सिम्बल जो है वो किसी भी एरिया की एनर्जी को काफी जो है एक्सपोनेंशियल ली इनक्रीस कर देते हैं और जो इन सिम्बल की एनर्जी होती है मलिका वो बोविस स्केल पर नापी जाती है और ऐसा कहा जाता है बोविस स्केल पर अगर हम नापे तो स्वास्थ्य की जो एनर्जी होती है वो कई हजार बोविस से ऊपर चली जाती है तो अगर हम यह जानना चाहें कि हमारे महाद्वार पर किस तरह के स्पेशियल सिंबल आने चाहिए तो सबसे पहले तो अपना जो सर्व मंगलकारी तोरण होता है उसको हम लगा सकते हैं साथ ही साथ हम स्वास्थ्य लगा सकते हैं, ओम का सिंबल लगा सकते हैं गज लक्ष्मी जो है उनकी पिक्चर लगा सकते हैं हमारे जो कुल देवता हैं उनकी पिक्चर लगा सकते हैं और हम अगर चाहे गाय और बछड़े की जो है अगर हम लगाना चाहे 1 छोटी सी मूर्ति या प्रतिमा वो भी महाद्वार पर लगाई जा सकती है और कई लोग जो है वो महाद्वार पर गणेश जी को भी लगना प्रेफर करते हैं तो गणेश जी को लगाते वक्त बस 1 ही ध्यान रखना चाहिए कि गणेश जी का जो पीठ है वो घर की तरफ नहीं होना चाहिए तो आगे अगर आप लगा रहे हैं आगे की तरफ घर में तो पीछे की तरफ भी उसको लगाएं जिससे कि किसी भी तरह की जो है वो नेगेटिविटी प्रोड्यूस न हो और ऐसे गणेश जी को भी लगाना फिर ठीक रहता है दरवाजों की कुल संख्या कितनी होनी चाहिए दरवाजों की जो संख्या है ये बहुत इम्पोटेंट है कि कितने नंबर ऑफ डोर जो है वो घर में होने चाहिए तो दरवाजे देते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि दरवाजे हमेशा ईवन नंबर में होने चाहिए कभी भी ओर्ड नंबर में नहीं होने चाहिए यानि कि सम जो है संख्या होनी चाहिए विषम नहीं होनी चाहिए और साथ ही साथ जो आपके नंबर ऑफ डोर्स हैं वो कभी जीरो से एंड नहीं करने चाहिए जैसे कि 10 दरवाजे हैं तो जीरो से एंड हो रहे हैं तो टेन डोर जो हैं वो नहीं होने चाहिए बट वैसे आपका नंबर जो है वो ईवन होना चाहिए टू फोर, सिक्स, से, टेन, वेल वैसे आपके दरवाजे हो सकते हैं तो अगर हम ऐसा करते हैं तो वास्तव के अनुसार उसको काफी शुभ माना जाता है.
काफी सारे ऐसे लोग हैं जो पुराने दरवाजों का भी प्रयोग करते हैं बिल्कुल क्या वो उचित है या नहीं आप.
बताए हैं जैसे होता है कई बार कि हमने नया घर बनाया है उसमें कुछ पुराने दरवाजे हमने लेकर के यूज कर ली तो वास्तु के अनुसार यह बिल्कुल भी ठीक नहीं है क्योंकि पुराने घर की जो एनर्जी है वो उसके वुड में उसके लकड़ी में जो है वो स्टोर्ड होती है और खासकर महाद्वार की हम यहाँ पर बात कर रहे है मेनडोर की बात कर रहे हैं तो कभी भी जो है वो पुराना दरवाजा ला कर के हमें अपने नए घर में नहीं लगाना चाहिए साथ ही साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका जो मेन डोर है, आपका जो महाद्वार है आप उसे कान्सटेंटली पॉलिशिंग कराते रहे, उसकी पेंटिंग करते रहे तो वो एनर्जी ठीक रहती है और 1 पॉजिटिविटी भी रहती है तो पुराना दरवाजा तो बिल्कुल भी नहीं लगाना चाहिए और नया दरवाजे का भी ध्यान रखना चाहिए कि वो टाइम टाइम से रेगुलरली उसकी पॉलिशिंग पेंटिंग होती रहती है।
कौन सी ऐसी खास बात है जिस पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
मेन डोर को लेकर के जहां तक हम बात कर रहे हैं महाद्वार के कुछ बस। यही इम्पॉर्टेंट नियम है कि महाद्वार का साइज सबसे बड़ा हो। महाद्वार जो है वो 2 पल्ले में बना हो। महाद्वार हमेशा अंदर की तरफ खुले महाद्वार खूबसूरत होना चाहिए उस पर कुछ न कुछ कार्विंग होनी चाहिए क्वॉलिटी ऑफ बोर्ड अच्छी होनी चाहिए और वहां पर कोई न कोई स्पेशल सिंबल जरूर लगा होना चाहिए।
चलते चलते 1 बार फिर से बता दें यदि आपके भी जहन में कोई प्रश्न है, कार्यक्रम से जुड़ी कोई क्वारीज है। आप इंस्टाग्राम, फेसबुक और यू ट्यूब के जरिए भी जुड़ सकते हैं। साथ ही साथ कार्यक्रम के अंत में वैशाली जी के ऑफिस का नंबर आएगा। आप उन नंबरों पर संपर्क करके भी विस्तार पूर्वक जानकारी ले सकते हैं। आज के इस खास कार्यक्रम में आप हमें दे जा, हम फिर हाजिर होंगे आपके जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान करने के लिए। विशाल जी, आज भी आपकी तमाम जानकारी के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। धन्यवाद।
नमस्कार थैंक यू वास्तु 1 साइंस है जिसके पास आपकी हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। डॉक्टर वैशाली गुप्ता से अपने घर, ऑफिस या फैक्ट्री की ऑनलाइन कंसल्टेंसी, मैप, मेकिंग या वास्तु विजिट के लिए स्क्रीन पर दिए गए नंबर पर कांटेक्ट करें या फिर आप हमें ईमेल भी कर सकते हैं।










