Transcript excerpt of a Hindi-language YouTube video where Dr. Vaishali Gupta (Vastu consultant) answers viewer questions about Vastu defects and remedies. She explains her approach: identify and remove root causes for major ‘Vastu mahadosh’ (serious defects), and use remedial (non-structural) measures for minor defects or when clients can’t do construction changes (e.g., renters or constrained finances). She also explains that in multi-flat buildings flats facing different directions (north vs south) can have different Vastu compliance and different effects. The video offers online consultancy and contact for home/office/factory visits and map-based services.
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जी, साली जी, आप तोड़ फोड़ की बात करती है या नहीं ये भी आप विस्तार पर ब। जी बिल्कुल देखिये, मैं काफी विजिट कर चुकी हूँ। बहुत सारे लोग जानते हैं कि मेरा काम करने का तरीका यही है कि सबसे पहले मैं करती हूं कि जो भी समस्या है उसको जड़ से निकाला जाए। बिल्कुल अगर आपके घर में किसी प्रकार का वास्तु महादोष है तो मैं यही चाहूंगी कि मैं अपने क्लाइंट को पहले यह समझाऊं कि इसको जो है वो जड़ से निकालना इम्पोटेंट है। क्योंकि 1 बार उनको समझ में आ जाता है कि इतना बड़ा महादोष है जी, वो खुद भी उसको करने में हेजीटेंट नहीं होते। लेकिन अगर आप कुछ ऐसे समस्या में है जो कि बहुत माइनर दोष है या फिर जिसको हम रेमिडी करेक्ट कर सकते हैं या फिर आपकी स्थिति ऐसी नहीं है कि आप किसी रेंटल अपार्टमेंट में हैं या फिनेंशियल इतने कैपेबल नहीं है कि आप कंस्ट्रक्शन चेंजेस कर सकें, तो रेमिडियली भी हम उसको सेवेंटी टू एटी परसेंट करेक्ट कर सकते हैं। पर ये डिपेंड इस बात पर करता है कि वास्तु का दोष है कि महादोष है कि छोटी मोटी कोई प्रॉब्लम है उसका इम्पैक्ट आपके लाइफ में क्या पढ़ रहा है? तो मैं कोशिश करती हूं कि मैं बड़ी ऑनेसलीऔरएककैंडडेट पिक्चर है, वो अपने लाइन्स को दूं। एंड रेमेडीज तो डेफिनेटली ही है बिल्कुल। क्योंकि आप कारणों को जानना बेहतर समझते हैं। व्यक्ति पहले कारणों को जाने पर निश्कर्ष तक पहुंचे। अगर वो खुद कन्विंस हो जाते हैं इस बात के लिए कि हां, ये बहुत बड़ा दोष है जी। तो फिर वो खुद ही उसमें आगे स्टेप लेके भी रह के कर लेते जी। वैशाली जी। 1 बार व्यक्ति ने किसी ने मकान लिया, उसमें 4 फ्लैट्स बने हुए हैं, 2 नॉर्थ में हैं और 2 साउथ में नॉर्थ वाले बिक गए हैं। तो क्या साउथ डायरेक्शन ठीक रहेगी या नहीं यह भी आप हमें बताए। बिल्कुल। कई बार ऐसा होता है कि हमसे लोग पूछते हैं कि अरे 1 ही फ्लोर है उसपर सारे फ्लैट्स हैं तो सबका वास्तव तो सिमिलर होना चाहिए। ऐसा नहीं है क्योंकि आपने देखा है अपार्टमेंट में 1 फ्लोर है उसमें अगर 4 या 2 या 6 फ्लैट्स हैं तो जनरली वो 1 लाइन में नहीं होते, वो आमने सामने की तरफ होते हैं। तो जैसा कि बताया कि या तो 2 नॉर्थ होंगे तो ऑबवियसली, 2 साउथ होंगे। तो ऐसा नहीं है कि 1 ही फ्लोर पे। जितने फ्लैट्स हैं उनका वास्तु सेम रहेगा। वो दिशा के ऊपर डिपेंड करता है। जनरली ऐसा होता है कि कुछ फ्लैट्स कम्पलीटली कम्प्लायंट होते हैं और कुछ फ्लैट्स कम्प्लीटली वास्तु नॉन कंप्लायंट होते हैं। तो जैसा आपने बताया नॉर्थ और साउथ के फ्लॉज से, सौरी फ्लैट से। तो नॉर्थ के जो फ्लैट्स हैं, जो साउथ के फ्लैट्स, उनका जो वास्तु लॉजिकल इम्पैक्ट है वो कम्प्लीटली डिफ्रेंट होगा। 1 साइंस है जिसके पास आपकी हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। डॉक्टर वैशाली गुप्ता से अपने घर, ऑफिस या फैक्ट्री की ऑनलाइन, कंसल्टेंसी, मैप, मेकिंग या वास्तु विजिट के लिए स्क्रीन पर दिए गए नंबर पर कांटेक्ट करें।