This is a Hindi-language interview with Dr. Vaishali Gupta (Vastu expert) focused on experiential Vastu and the importance of a flat's surroundings. Dr. Gupta emphasizes that experiential visits (industrial, commercial, residential over ~10 years) reveal remedies not always found in books and that a flat's immediate surroundings (clubhouse, swimming pool, courts, gardens, adjacent towers) strongly affect occupants' finance and health. Examples given: a swimming pool to the north supports incoming money/finance; a pool in the south-east may cause health issues for the woman of the house; south-west should be 'heavy' (built-up) while a heavy tower in the north-east or a completely open south-west behind a tower can produce harmful effects. The video closes with a consultancy/contact call-to-action.
वैशाली जी बहुत बहुत स्वागत है। आपका नमस्कार नमस्कार वैशाली जी, जब आप हमें कोई रेमिडीज बताते है या फिर कोई उपाय बताती है तो 1 विशेष बात हमने देखी है की जो आप भी उपाय बताते है वो कहीं और सुनने को नहीं मिलते है, वो बेहतरीन होते हैं, यूनिक होते हैं जी, वास्तविकता में इसका क्या कारण है।
आप हमें बताए जी बिल्कुल देखिये मालिका सुनकर बड़ा अच्छा लगता है। आपने जो बात बताई जी जी और ऐक्चवली क्या कि वास्तु जो हम किताबों में पढ़ते हैं या जो अपने गुरुओं से सीखते हैं वो तो बहुत इम्पोर्टेंट है ही है, लेकिन आप जो एक्सपीरियंशल वास्तु से सीखते हैं वो सबसे इम्पोटेंट है, मुझे पिछले 10 साल से जो है मैं वास्तु की विजिट कर रही हूं, इंडस्ट्रियल विजिट करती हूं, मैं कमर्शियल विजिट करती हूं, रेजिडेंशल विजिट करती हूं, इंडिया में करती हूँ, बाहर करती हूँ। तो 1 आदमी को जो एक्सपीरियंस जो बताता है वो कोई और चीज नहीं बता पाती वाले जी, आपसे मैं प्रिंटिंग.
और यंत्रों के विषय में भी जरूर जानूंगी। लेकिन क्यूंकि हमारी चर्चा चल रही है फल को लेकर। 1 विशेष बात जो मैं आपसे पूछना चाहता हूँ की फ्लैट में सराउंडिंग का अपना क्या महत्व होता है, क्या असर डालता है।
आप हमें बताए बिल्कुल देखिये जो सोसाइटी होती है उसमें आदमी राउंड में ही रहता है, इंडिपेंडेंट ली तो रहता ही नहीं है। तो तो फ्लैट्स जो है उसमें सराउंडिंग बहुत इम्परटेंट होती है, बहुत मैटर करती है। आपका जो फ्लैट है वो किसी 1 पर्टिकुलर टावर में होता है और 1 पर्टिकुलर फेसिंग में होता है। तो आपके फ्लैट की सराउंडिंग क्या है आपके टावर की सराउंडिंग क्या है यह वास्तव में काफी इम्परटेंट है। अब सराउंडिंग में किसी भी सोसाइटी में उनका क्लब हाउस आता है, उनका सुमिंग फूल आता है, उनके बैडमिंटन कोर्ट आते हैं, उनके अंडरग्राउंड वाटर बॉडीज आते हैं, गार्डन आते हैं। तो ये कहां पर कौन सी चीज आपके फ्लैट के रेस्पेक्ट में आ रही है ये बहुत इम्पोर्टेंट है। मान लीजिए आपका फ्लैट कई ऐसी जगह पर है, ऐसे टावर में हैं जहां पर सराउंडिंग में नॉर्थ में सुमिंग पुल है अगर ऐसा है तो आपको बहुत अच्छे फिनांस मिलेंगे। आपके घर में जो इनकमिंग मनी है उसका फ्लो अच्छा बना रहेगा। मान लीजिये आपका जो स्वीमिंग पुल है वो साउथ हीस्ट में आ रहा है तो हो सकता है कि आपकी जो घर की लेडी है उनको हेल्थ इशू आने शुरू हो जाए या कोई कोर्ट की प्रॉब्लम हो जाए। तो जो सराउंडिंग है बहुत इम्पोर्टेंट है साथ ही साथ आपका जो टावर है उसके साउथवेस्ट में क्या आ रहा है। जैसे वास्तु शास्त्र में कहा जाता है कि आपका जो साउथवेस्ट है वो भारी होना चाहिए लेकिन अगर आपके टावर के पीछे कोई और टावर नहीं आ रहा और वो पूरा खुला हुआ है या नॉर्थ ईस्ट जो कि आपका लाइट और लोड फ्री होना चाहिए वहां पर अगर कोई बहुत हैवी टावर आ रहा है तो उसका जो दुष्ट प्रभाव है वो आपके अपार्टमेंट के वास्तव में पड़ेगा तो डेफिनेटली आपका जो फ्लैट है उसकी जो सराउंडिंग्स हैं वो बहुत इम्पोर्टेंट है, वो बहुत मैटर करती है और किसी भी फ्लैट का वस्तु देखते समय हमें इन चीजों को डेफिनिटली मद्देनजर रखना चाहिए।
1 साइंस है जिसके पास आपकी हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है। डॉक्टर वैशाली गुप्ता से अपने घर, ऑफिस या फैक्ट्री की ऑनलाइन कंसल्टेंसी, मैप, मेकिंग या वास्तु विजिट के लिए स्क्रीन पर दिए गए नंबर्स पर कांटेक्ट करें।