Vastu Tips for Dining Room | डायनिंग रूम के लिए वास्तु टिप्स | Dining Room Direction

Dr. Vaishali Gupta explains Vastu principles for dining rooms: position it in the East or Southeast, use square or rectangular tables instead of circular ones, and keep the space free of beams and negative talk. Pale yellow, beige, and light orange are the best colors for encouraging appetite and digestion.
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हेलो नमस्कार में वास्तु कस्पोटनस्ट्रॉलेज, डॉक्टर वैशाली गुप्ता आज मैं आपसे बात कर रही हूँ आपके घर के डाइनिंग रूम्स के बारे में डायनिंग रूम जो है वास्तु शास्त्र के अनुसार 1 बहुत इम्पोरटेंट एरिया होता है क्योंकि यहाँ पर बैठ कर हम अपना खाना खाते हैं और जब हम अच्छी एनर्जी में खाना खाते हैं तो वो हमारे हेल्थ और बाइटालिटी को इनक्रीस करता है। तो आइये जानते है की वास्तशास्त्र क्या ता है। डायनिंग रूम के बारे में सबसे पहले बात करते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार डायनिंग रूम की लोकेशन कहा पर होनी चाहिए लेकिन हम सब जानते हैं कि वास्तु शास्त्र कहता है कि हमारे किचन की लोकेशन साउथ ईस्ट या फिर नॉर्थ वेस्ट में होनी चाहिए। तो ये लाजमी सी बात है कि जो डायनिंग रूम है वो किचन के नजदीक होना चाहिए जिससे की वहाँ से खाना लाने में किचन से खाना सर्व करने में हमको आसानी हो। तो अब मैं आपको बताती हूं कि वास्तव क्या कहता है डाइनिंग रूम की लोकेशन के बारे में वास्तु शास्त्र के अनुसार डायनिंग रूम की सबसे अच्छी लोकेशन जो है वो ईस्ट डायरेक्शन की है अगर आपका किचन साउथ ईस्ट का है तो आप बड़ी आसानी से ईस्ट की जो है वो डाइनिंग टेबल रख सकते है और वो आपके किचन के नजदीक भी होगी। नंबर टू ईस्ट के अलावा साउथ ईस्ट के फोन में भी हम पर डायनिंग रूम बना सकते हैं क्योंकि साउथ ईस्ट जो है वो आधुनि का कौन होता है और यहाँ पर हमारे डाइजेशन अच्छा अच्छी होती है। अगर हम ईस्ट या साउथ स्ट में अपना डाइनिंग रूम नहीं दे पाते तो ऐज थर्ड ऑप्शन हम वेस्ट के जोन में भी अपना डाइनिंग रूम दे सकते हैं। अगर आपकी नॉर्थ वेस्ट की किचन है तो आप बिल्कुल वेस्ट के जोन में बड़ी आसानी से अपना डायनिंग रूम दे सकते हैं क्यूंकि वो आपके किचन की प्रॉबसिमिटी में होगा। अब ये जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार कहा पर डायनिंग रूम देना वर्जित है। वास्तु शास्त्र के अनुसार साउथ जोन में डाइनिंग रूम जो है वो हमको देना अवॉइड करना चाहिए एन सेम टाइम हमको नॉरटलीस्टमें भी अपना डाइनिंग रूम देना वाइट करना चाहिए। अब डाइनिंग रूम में जनरली जो डायनिंग टेबल होते है वो सिक्स चेयर्स वाले, डायनिंग टेबल होते हैं या एड चेयर्स वाले होते हैं। तो अब मैं आपको बताती हूं कि वास्तु के अनुसार घर के मुखिया को कौन सी है चेयरऑपिफाई करनी चाहिए। घर के जो मास्टर हैं घर के जो मुखिया है उनको बहुत चेयरऑपीफाई करनी चाहिए जो कि डायनिंग टेबल में साउथ वेस्ट की तरफ आ रही है और खाना खाते समय उनका जो फेस है वो नॉर्थ िस्ट या फिर ईस्ट की तरफ होना चाहिए। आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार डायनिंग रूम के कलर्स क्या होने चाहिए क्यूंकि हम यहाँ पर खाना खाते हैं हमको बहुत ही सूदिंग और क्लीजिंग कलर्स यहां पर रखने चाहिए। अगर हम वास्तु शास्त्र की माने तो हमको डाइनिंग रूम में क्लीन कलर्स लाइक जिलो कलर या फिर बीज और थोड़ा सा ऑरेंज कलर भी हम यूज कर सकते हैं साथ ही हम येल्लो कलर भी यूज कर सकते हैं क्योंकि ये सब धुनी के कलर्स हैं हमारे जहर अधनी को बढ़ाते हैं और हमारी जो डाइजेश उसको ये बेटर करते हैं तो जहां तक हो सके अपने डायनिंग रूम में इन्हीं को आप प्रेफर करें। यह भी कहा जाता है कि अगर डाइनिंग रूम में हम कुछ एपिटाइजिंग पिक्चर्स लगाते हैं, कुछ फ्रूट्स की लगाते हैं, इस टाइप के कुछ डेली लगाते हैं तो उससे हमारी पेटाइट बढ़ती है कई बार ऐसा होता है की हमारे घर में से बच्चे होते हैं जो कभी ठीक से खाना नहीं चाहते तो वास्तव में कहा जाता है की अगर हम अपने गाडी ग्रूप में ऐपेटाइजिंग पिक्चर्स लगते हैं तार इनक्रीज दी ऐपेटाइट ऑफ चिलर एंड ऑफ कॉस हेल्थ पिकल्स मच बेटर। 1 और चीज जो बहुत इमपोर्टंट है वो ये है कि गाइनिक टेबल की शेप कैसी होनी चाहिए वास्तव के अनुसार हमारे डाइनिंग टेबल की जो शेप है वो हमेशा वटाइगर या स्क्वैयर होनी चाहिए जहां तक हो सके 1 सर्किय डाइनिंग टेबल को अवॉइड करें। बिकॉज दैट टाइट टेबल ऑफर लीज तो आर्ग्यूमेंट एंड वी आर नॉट एबल टू कम टू एनी कंक्लूजन इन फैक्ट। वास्तव में तो ये भी कहा जाता है कि जब आप डायनिग टेबल पर बैठ कर के अपना जो है वो खाना खा रहे होते हैं, अपना लंच या डिनर ले रहे होते हैं तो उस टाइम पे आपको कोई भी नेगेटिव बातें नहीं करनी चाहिए क्योंकि जब हम खाना खाते समय कुछ भी नेगेटिव बातें बोलते हैं तो वो हमारे कॉन्सेसनेस में अंदर तक चले जाते हैं इनफैक्ट जब आप खाना खाते हैं या आप पानी पीते हैं तो आप बहुत ही पॉजिटिव और शुद्ध भाव के साथ खाना खाएं और ये इमेजिन करें कि ये जो खाना हमारे अंदर जा रहा है यह हमको हीलिंग हेल्थ और वाइटैलिटी दे रहा है तो डायनिंग टेबल पर कभी भी कोई निगेटिव टॉपिक्स न लाए कोई भी आरडीमेंटन करें। 1 और चीज जिस काम को ध्यान रखना चाहिए आज कल हम सब लोग टेक्नोलॉजिकली साली हो गए हैं और सब लोग जो है सोशल मीडिया पर रहते हैं लेकिन इस बात का ध्यान दे कि जब आप डायनिंग टेबल पर बैठे होते हैं और सबके साथ खाना खा रहे होते हैं तो उस टाइम पर अपने गैजेट्स का, अपने फोन्स का, इन सब का यूसेज करना अवॉइड करें। 1 और बात जिसको कि हमको ध्यान में रखना चाहिए वो ये है कि डायनिंग टेबल को कभी भी बीम के नीचे न बनाएं कभी कभी ऐसा होता है कि बीन के नीचे स्पेस होती है और हम वहाँ पर अपनी डायलिंग टेबल रख लेते हैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि यह हमारे तो बहुत सारे हेल्थ प्रॉब्लम्स दे सकता है। 1 सेम टाइम कई बार ऐसा होता है कि हम डायनिंग रूम को या अपने डायनिंग टेबल को टॉयलेट के बहुत नजदीक रख देते हैं जैसे कि सामने से टॉयलेट का दरवाजा खुलता है और वहाँ पर डायनिंग टेबल रखी हो तो इस बात का भी आप ध्यान दे आप या तो वहाँ पर कोई विजुअल वारियर क्रिएट करे या फिर डायनिंग रूम को ऐसी जगह पर ना लोकेट करें क्योंकि वो हमारे डायनिंग रिया की नेगेटिविटी को इनक्रीज कर सकता है। तो आज मैंने आपको बताया कि वास्तु शास्त्र के अनुसार आपका डाइनिंग रूम कैसा होना चाहिए, किस तरह के कलर्स होने चाहिए? कैसे आपके डायनिंग टेबल की शेप होनी चाहिए, किस दौर में आपको उसे लोकेट करना चाहिए, कैसे कलर्स यूज करने चाहिए? तो आप जरूर सब चीजों को अपने डाइनिंग रूम में फॉलो करें एंड आई होप वीडियो आपको अच्छा लगा। आल कम बैक, विद मूल, इंफॉर्मेशन लाइक दिस वास्तु जिदें थैंक्यू नहारनाइजसे cautocoat।










