Vastu Tips For Marriage Hall - सही दिशा में होना चाहिए विवाह का मंडप - BY DR. Vaishali Gupta

A Hindi YouTube video by Dr. Vaishali Gupta offering Vastu Shastra-based recommendations for choosing and arranging a marriage or banquet hall to promote harmony in married life. Key guidance: place the wedding mandap in the North‑East; locate the sacred fire (havan/Agni) in the South‑East; make the mandap square with wooden or bamboo posts decorated with flowers/banana leaves; position the bride/groom stage in the West or South‑West with the couple facing East or North‑East during rituals; arrange dining toward the East and have cooking/caterer area in the South‑West; perform the bride's vidai (departure) toward the North‑West. Advice also covers hall shape (rectangular/square), right‑angled corners, and main entry preferably from East or North.
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हेलो नमस्कार, मैं हूँ वास्तविक स्टॉले डॉक्टर वैशाली गुप्ता ये तो हम सभी जानते हैं कि आजकल शादियों का सीजन चल रहा है और हमारे हिंदू शास्त्र में शादी को यानि कि विवाह को 1 बहुत ही पवित्र बंधन माना जाता है शादी के समय हम कोशिश करते हैं कि हिंदू और शास्त्र के हिसाब से हम जहाँ तक हो सके या जिस भी रिलीजन से हम बिलोंग करते हैं हम चाहते हैं कि उसके रिजुअल्स को हम कम्प्लीटली फॉलो करें। अब सोचिए अगर हम अपना मैरिज हॉल चूज करते वक्त या अपना बैंकेट हॉल चूज करते वक्त अगर वास्तु के नियमों का पालन करे तो ये रिश्ता हमारे जीवन में कितनी पवित्रता, कितना सौहार्द, कितना प्रेम और कितनी हारमनी लेके आ सकता है तो आज अपने इस वीडियो में मैं आपको कुछ खास टिप्स देने वाली हूं कि अगर आपकी शादी है या आपके घर में किसी की शादी है तो आप मैरेज हॉल हो या बैंकेट हाल को अपने मैरिज के वेन्यू को चूज करते समय, डिजाइन करते समय किन खास चीजों का ध्यान रखें जिससे कि वो वास्तु के अनुसार पॉजिटिव हो और आपके जीवन में अच्छे रिजल्ट्स लेकर आए सबसे पहले हम बात करते हैं कि जो विवाह का मंडप है वो वास्तु के अनुसार कहां पर लोकेट होना चाहिए वास्तु शास्त्र के अनुसार नॉर्थ हीस्ट यानी की शान कोन को बहुत ही पवित्र माना जाता है और कहा जाता है कि ये स्वयं सोम देव यानि कि शिव जी का स्थान है 1 शादी को अच्छे से चलाने के लिए अगर माँ पार्वती और शिव जी की ब्लेसिंग मिल जाए तो इससे बड़ा क्या हो सकता है तो इस बात का ध्यान दे की आपका जो शादी का मतलब है वो आपके हाल के अगर नॉर्थ ईस्ट में स्थापित होगा तो उसे वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है ये तो हम सभी जानते है की अग्नि जो है उसकी हम 7 फेरे लेते हैं और अग्नि का जो कुंड है उसकी भी लोकेशन वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत ही इम्पोर्टेंट होती है तो जिस अग्नि के आस पास हम 7 फेरे लेते हैं वो अग्नि जो है वो हमारे मंडप के साउथ ईस्ट की तरफ होनी चाहिए ये तो मैं अपने कई वीडियोज में बता चुकी हूँ कि साउथ ईस्ट यानी की दक्षिण पूर्व को वास्तु शास्त्र में अग्नि का स्थान माना जाता है और अगर हम यहाँ पर अवनी को प्लेस करते हैं और इसके चारों तरफ फेरे लेते हैं तो इससे भी हमारे जीवन में बहुत सौहार् हमारे मैरिटल रिलेशनशिप में बहुत ज्यादा हार्ड मनी रहती है। 1 और चीज जिसको हमें ध्यान में देना है वो ये है कि हमारा जो मंडप है वो चौकोर होना चाहिए हमारे शास्त्रों के अनुसार अगर हम अपने मंडप को चौकोर बनाते हैं तो वो हमारे रिश्ते में हारमनी और प्यार लेकर आता है और साथ ही साथ उसके जो 4 डंडे होते हैं वो लकड़ी के या फिर बांस के होने चाहिए इस हवन के मंडप तो कभी भी मेटल में बनवाना ना प्रसव करे बिकॉज लकड़ी को हमारे शास्त्र में शुभ माना जाता है साथ ही साथ और ज्यादा पवित्र कल आने के लिए आप इन बांस को या जो लकड़ी के खम्बे हैं उनको फूलों से या फिर केलों के पत्तों से डेकोरेट कर सकते हैं क्योंकि केले को भी वास्तु शास्त्र में बहुत ही शुभ माना जाता है। अब हम बात करते हैं कि दुला और दुल्हन जिस स्टेज पर बैठते हैं उस टेज की लोकेशन क्या होनी चाहिए। अगर हम वास्तु शास्त्र की माने तो दुल्ह और दुलन जिस स्टेज पर बैठते हैं उसकी लोकेशन वेस्ट या फिर साउथ वेस्ट की तरफ होनी चाहिए और स्टेज पर बैठते समय दुलह दुलन की जो अपनी फेसिंग हैं वो ईस्ट नॉर्थ या नॉर्थ ईस्ट की होनी चाहिए। ऐसा करना भी वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है और अगर आप अपने बैंकेट हॉल में ये अचीव कर सके तो ये बहुत ही अच्छे रिजल्ट्स लेके आता है। जिस समय दुला दुलन शादी के समय पूजा कर रहे होते हैं फेरे से पहले जब वो पंडितों से मंत्र सुन रहे होते हैं तो इस बात का भी ध्यान रखें कि दुला और दुलहन की मंत्र सुनते समय और पूजा करते समय जो फेसिंग है वो प्रिफरेबली ईस्ट की होनी चाहिए। ईस्ट को वास्तु शास्त्र में इंद्र स्थान माना जाता है और ये रिश्तों में मिठास लेके आता है। साथ ही अगर हम ईस्ट की फेसिंग नहीं कर पाते हैं तो इस बात का ध्यान दें कि पूजा के समय दूल्हे और दुल्हन की जो फेसिंग है वो सामने नॉर्थ ईस्ट की तरफ भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर हम शादी की बात करते हैं तो खाने की जो प्लेसमेंट है वो भी बहुत इंपॉर्टेंट है। अपने खाने का जो अरेंजमेंट है वो आप ईस्ट की तरफ करें। इस बात का ध्यान दे की आपके जितने विजिटर्स है वो खड़े होके न खाए और ाम से बैठकर खाएं। अगर आपने शादी के लिए कोई बड़ा सा लोन बुक किया है या बड़ा सा गार्डन बुक किया है और आपने कुछ वहां पर केटरिंग के लिए हलवाइयों को जो है बुलाया है जो वहीं बैठकर खाना बना रहे हैं तो इस बात का ध्यान दे की उन हलवाइयों की कुक्स जो लोकेशन है वो उस मैरेज वेन्यू में साउथ िस्ट की तरफ होनी चाहिए। ऐसा करने से जो खाना है वो बहुत स्वादिष्ट बनता है और वास्तु के अनुसार वो खाना सही जोन में बनता है। आइए अब बात करते हैं शादी के 1 बहुत इम्पोर्टेंट मोमेंट की जो कि है लड़की की विदाई अगर हम वास्तु शास्त्र की मानें तो हमारी जो लड़की है जो बेटी है उसकी विदाई नॉर्थ वेस्ट की तरफ से होनी चाहिए। नॉर्थवेस्ट को वास्तुशास्त्र में वायु कोण माना जाता है और जब हम अपनी बेटी की विदाई नॉर्थ वेस्ट जोन की तरफ से करते हैं रिचुअल वहां पे करते हैं तो उनकी जो शादी है वो बहुत ही अच्छी चलती है और शादी में बहुत प्रेम और हारमनी भी बनी रहती है। अगर आप इतनी बातों का ध्यान रख रहे हैं तो इस बात का भी ध्यान रखें कि जो भी मैरिज या बैंकेट हॉल आप चूज कर रहे हैं वो हो सके तो रिकटैंगूलर यानि की चौकोर आकार में हो उसके सारे कोने जो है वो राइट डैंगल्स मे हो और साथ ही साथ उसकी जो एंट्री है वो ईस्ट या नॉर्थ ही से हो। इसमें से काफी सारी चीजें ऐसी हो सकती है जो कि कर पाना संभव हो और कुछ 1 चीज ऐसी भी हो सकती है जिसको हम फॉलो नहीं कर पाए लेकिन फिर भी अगर हम इसमें से ए से नाइंटी पर्सेंट वास्तु के टिप्स भी फॉलो करते हैं तो ये जो शादी होगी इसका माहौल बहुत ही पॉजिटिव होगा और आगे दूल्हा और दुलहन की लाइफ भी काफी अच्छी रहेगी। सो आई होप यह वीडियो आपको अच्छा लगा। थैंक यू सो मच फर लिस्निंग टोनी।










