Vastu Tips For Study Room | Which Direction to Face While Studying

Dr. Vaishali Gupta shares Vastu rules for study rooms: face East, North-East, or North while studying, avoid South and West. Use pastel colors like light yellow or ivory, add green accents, and keep the room clutter-free and well-ventilated to boost concentration and grades.
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हेलो नमस्कार, मैं हूँ, वास्तु एक्सपर्ट स्टोलज, डॉक्टर, वैशाली गुप्ता, हमारी सबसे बड़ी वेल्थ हमारे चिल्टन होते हैं और हम चाहते हैं की वो अपने लाइफ में बहुत अच्छा परफॉर्म करें। आप जानते हैं इसमें वास्तु का भी हाथ है। अगर आप ये डिसाइड करे की हम वास्तु के अनुसार अपने बच्चों के स्टडी रूम को लोकेट करेंगे, वास्तव के अनुसार उनके स्टडी रूम का इंटीरियर्स करेंगे तो आपके बच्चों की नैचुरली जो कॉन्सेंट्रेशन है वो बहुत अच्छी हो सकती है। तो आज मैं अपने इस वीडियो में आपको स्टडी रूम के बारे में वो सारी चीजें। बताउंगी। जिनको की आप अगर बच्चों के स्टडी रूम में कारपोरेट करते हैं तो उनके एकेडेमिक रिजल्ट बहुत अच्छे आ सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं शुरुआत करते हैं इस चीज से कि वास्तु के अनुसार स्टडी रूम कहाँ लोकेट करना चाहिए और कहाँ लोकेट नहीं करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में ईस्ट को इंद्र स्थान कहा जाता है अबाउट नॉलेज संस्कार का स्थान कहा जाता है। इसी लिए ईस्ट यानि की पूर्व की दिशा में स्टडी रूम को लोकेट करना बहुत ही अच्छा माना जाता है। साथ ही अगर हम ईस्ट की दिशा में स्टडी रूम को लोकेट नहीं कर पाते तो हम नॉर्थ ईस्ट के जोन में यानि कि जो स्वयं भगवान का स्थान है वहाँ पर भी बच्चों के स्टडी रूम को लोकेट कर सकते हैं। यही नहीं जो बच्चों की पढ़ाई है, जो बच्चों की एजुकेशन है, कम्यूनिकेशन है, उनका जो फ्यूचर प्रोफेशन है, ये सब मर्करी प्लानेट से रूल होते हैं और मर्करी जो है वो लॉर्ड है नॉर्थ दिशा का। तो अगर आप नॉर्थ दिशा में भी स्टडी रूम देते है तो वहाँ पर भी वास्तु के अनुसार स्टडी रूम दिया जा सकता है। वास्तु शास्त्र में वेस्ट को जोन ऑफ़ गेम्स कहा जाता है। यहाँ पर भी हम बच्चों के स्टडी रूम को लोकेट कर सकते हैं। आइये बात करते हैं वो कौन से जोन है जहाँ पर हमको बच्चों का स्टडी रूम नहीं देना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे जोन है जहाँ पर बच्चों को टाइम स्पेंड नहीं करना चाहिए नंबर वन नॉर्थ का जोन यानि कि वायु बारकोड का जोन। ऐसा कहा जाता है कि ये चलायमान जोन होता है और यहां की जो एनर्जी है उसमें बहुत मूवमेंट होती है। अगर बच्चों के स्टडी रूम को नॉर्थवेस् जोन में दिया जाता है तो वो टिक कर के बैठ कर पढ़ नहीं पाते और ऐसा भी कहा जाता है कि उनके अंदर एंग्जाइटी, नर्वसनेस और बहुत ज्यादा बड़ी की टेंडेंसी बढ़ सकती है। इसलिए हर हाल में बच्चों के स्टडी रूम को नॉर्थवेस्ट में देना अवॉइड करें। साथ ही बच्चों को कभी भी साउथ और साउथवेस्ट का स्टडी रूम नहीं देना चलिए क्योंकि सिंक एनर्जी का जोन है और यहाँ बैठकर पढ़ने से बच्चों के एकेडेमिक रिजल्ट जो हैं वो डाउन आ सकते हैं और साथ ही उनमें गलत आदतें बढ़ सकती हैं। यही नहीं वो गलत फ्रेंड सर्कल में भी पढ़ सकते हैं और कुछ आदतें ऐसी जो है उनके जीवन में आ सकती है जो कि उनको पढ़ाई से दूर लेकर जा सकती है इसलिए बच्चों का स्टडी रूम साउथ और साउथ वेस्ट में देना भी अवॉइड करें तो ये तो हमने जान लिया कि बच्चों का जो स्टडी रूम है वो नॉर्थ या फिर ईस्ट, नॉर्थ ईस्ट या फिर वेस्ट की दिशा में हमें देना चाहिए आप ये जानते हैं की पढाई करते समय बच्चों की फेसिंग कहा होनी चाहिए पढाई करते समय बच्चों को जो फेस है वो प्रेफरबलीईस्ट या फिर नॉर्थ ईस्ट की तरफ होना चाहिए या फिर वो अपना फेस नॉर्थ की तरफ भी कर सकते हैं पढ़ते समय कभी भी बच्चों का जो फेस है वो साउथ या वेस्ट या फिर नॉर्थ वेस्ट की दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए ऐसा कहा जाता है कि अगर ईस्ट की दिशा की फेसिंग में बच्चे पढ़ाई करते हैं तो उनका हिबूकामकसएक्टिवेट है और उनकी रिटेंशन बेटर होती है साथ ही साथ उनके ग्रेड्स भी अच्छे आते हैं। 1 और चीज जो बहुत इम्पोर्टेंट है वो ये है कि बच्चों के स्टडी रूम का कलर कॉम्बिनेशन कैसा होना चाहिए कभी भी बच्चों के रूम में बहुत ज्यादा जारिंग कलर्स नहीं दें, बहुत ज्यादा रेज नहीं दे, बहुत ज्यादा ब्लैक नहीं दे डीप ब्लू कलर्स को भी अवॉइड करें आप अपने बच्चों के स्टडी रूम में पेस्टल कलर्स, लीजिये, आप लाइट येलो दे सकते हैं, आइब्रीवाइटदे सकते हैं और अगर आप चाहे तो बच्चों के रूम की नॉर्थ वाल को ग्रीन कलर भी कर सकते हैं जैसा मैंने पहले भी कहा कि जो ग्रीन कलर है वो मर्करी का कलर होता है और बच्चे की इंटेलिजेंस कम्यूनिकेशन कॉन्सेंट्रेशन सभी को इम्प्रूव करता है आप चाहें अगर आप 1 पूरे बॉल को ग्रीन नहीं करना चाहते या बच्चे पसंद नहीं करते कि उनके रूम की 1 बॉल ग्रीन हो तो आप कहीं ड्रेसेज में ग्रीन कलर ऐड कर सकते हैं आप चाहें तो कुछ जो है वो स्टडी रूम में ग्रीन कलर का टेबल क्लब दे सकते हैं, ग्रीन कलर का टेबल लैम्प दे सकते हैं इस तरह से कुछ ग्रीन चीजें आप उनके स्टडी रूम में ऐड कर सकते हैं 1 और बात का ध्यान रखें कि बच्चों का जो स्टडी रूम हैं वो कभी भी डार्क एंड डीन जी नहीं होना चाहिए वो नैचुरली वेल लेट और वेल वेंटिलेटेड होना चाहिए और बाकी आप अगर आर्टिफिशियल लाइटिंग भी अगर देते हैं तो बच्चों के रूम में येल्लो या फिर वॉन्ग वाइट कलर की लाइटिंग देना प्रेपर करें अगर हम ज्यादा वाइट लाइट देते हैं, ट्यूबलाइट की लाइट देते हैं तो इससे बच्चों में डिप्रेशन जी टेंडेंसी आ सकती है 1 और चीज का ध्यान रखें जहां तक हो सके पढाई करते समय बच्चों की स्टडी टेबल को ऐसे न लगाएं कि वो किसी बाथरूम या किसी टॉयलेट की वाल से कॉमन आ जाए ऐसा करने से भी जो है वो स्टडी रूम में नेगेटिविटी बढ़ती है और बच्चों के जो रिजल्ट है वो एडवर्स भी अफेक्ट होने लगते हैं बच्चों के रूम में पढ़ाई की जो भी भारी बुक्स हैं या जो भी उनका भारी समान है उसको आप साउथवेस्ट के जोन में डिस्प्ले कर सकते हैं और बच्चों के रूम का ना ईस्ट जोन जो है उसको आप कमपैरिटिवली लाइट रखें ऐसा कहा जाता है कि साउथ वेस्ट जोन ऑफ स्किल्स यानी कि दक्षता और टैलेंट्स का जोन है और आप बच्चों के जिस भी स्किल को बढ़ाना चाहते हैं उससे रिलेटेड डॉर्टिकल को आप साउथवेस्ट में रखें अगर आप चाहते है कि आपके जो बच्चे हैं वो स्पोर्ट्स में अच्छे हों या गिटार अच्छा बजाएं तो आप कोई बॉल या फिर गिटार जो है वो साउथवेस्ट के जोन में रख सकते हैं इससे बच्चों की जो है वो दक्षता उस पर्टिकुलर फील्ड में बढने लगेगी 1 और बात का ध्यान रखें कि हमेशा अपने बच्चों की ईस्ट बॉल के ऊपर कुछ इंस्पिरेशनल कोर्ट्स लगाएं कुछ ऐसे कोर्ट्स कुछ ऐसे सेंड्स लगाएं जिसको पढके उनके अंदर मोटीवेशन आए जिसको देखकर के वो इंस्पायर हो और उनके जो रिजल्ट है वो और अच्छे आएं तो आज मैंने आपको बहुत सारी बातें बताई हैं स्टडी रूम के बारे में और जैसा मैं हमेशा कहती हूं इस बात का ध्यान जरूर रखें कि बच्चों का जो स्टडी रूम है वो क्लीन और क्लटर फ्री होना चाहिए उनका जो भी पुराना सामान है जो भी उनकी पुरानी बुक्स है आप उसको क्लियर कर दें और स्टडी रुम को हमेशा वेल ऑर्गेनाइज रखें क्योंकि अगर उनके कमरे में क्लटर होगा तो वहीं कलेक्टर जो है वो उनके माइंड में भी ट्रांसलेट करेगा और उनकी क्लैरिटी जो है वो कम होने लगेगी आपके बच्चे को जो है वो नर्वसनेस होती है या उनको 1 साल से पहले फोबिया घबराहट होती है तो आप रात के समय उनके रूम में गायत्री मंत्र भी प्ले कर सकते हैं ऐसा करने से भी उनकी कांशसनेस में शांति आती है और वो एग्जाम्स में बेटर रिजल्ट लेके आ पाते हैं इस बात का भी ध्यान रखे की पढाई करते समय कोई भी शर्त जिस जो है वो बच्चों की तरफ प्वाइंट न करे इससे भी जो है वो उनका कॉन्फिडेंस कम हो सकता है और पढाई में अकादमी में उनके जो रिजल्ट है वो हैंपर हो सकते हैं आज मैंने आपको बताया कि वास्तव के अनुसार आपके बच्चों का स्टडी रूम कैसा होना चाहिए अगर इससे रिलेटेड आपको कुछ भी सवाल है तो आप मुझे कमेंट सेक्शन में लिख के भेज सकते हैं आई होप यह वीडियो आपको अच्छा लगा थैंक यू फॉर लिस्टिंग टू मी एंड हैव नाइस डे।










