Dr. Vaishali Gupta introduces five core principles of Vedic Vastu Shastra: philosophy and scripture, a holistic approach incorporating planets and elements, three foundational pillars, the concept of direction plus time, and ritual as integral practice. She invites you to a free webinar on December 23rd at 7:30 PM.
Questions this video answers
Dec 23th, 2023 at 7:30PM (per video title).
Dr. Vaishali Gupta, Vastu expert and founder of the Vedic Vastu Hub.
Five principles.
Yes — the speaker calls it a free (no-cost) webinar and describes it as limited-seat.
Chapters
आजकल की मोडनडेकीवास्तुशास्त्र की प्रैक्टिस कहीं न कहीं वैदिक प्रिंसिपल से विहीन यानी की डिवाइड होती जा रही है जिसकी वजह से इस शास्त्र की क्रेडिबिलिटी इफेक्ट हो सकती है। वैदिक वास्तु शास्त्र 5 प्रिंसिपल्स पर आधारित है नंबर वन, सिद्धांत और संहिता। किसी भी सब्जेक्ट की फिलोसॉफी को सिद्धांत कहा जाता है और उससे रिलेटेड, स्क्रिप्चर्स, ट सूत्रास को संघिता कहा जाता है। नंबर टू होलिस्टिक यानि की परिपूर्ण, वैदिक वास्तु शास्त्र की अप्रोच होलिस्टिक है और यह ग्रह, दिशा, तत्व, देवता और ऊर्जा पांचों को साथ में लेके चलता है। नंबर थ्री, द, त्र, स्थम्ब और वैदिक वास्तु शास्त्र, भोग, ध्यम, सुख, दर्शम और रम्म। ये वैदिक वास्तु शास्त्र के 3 स्तंभ हैं। किसी भी भवन में या किसी भी स्पेस में होने चाहिए नंबर फोर, दी कांसेप्ट ऑफ दिक काल यानि कि डिरेक्शन और समय का समागम, द स्पेस एंड टाइम, कॉं्टिन्यूम एंड नंबर फाइव लास्ट बट नॉर्थ लिस्ट, द रिचुरिस्टिक आस्पेक्ट ऑफ वैदिक वास्तुशास्त्र। यानि कि किसी भी संकल्प को फलीभूत करने के लिए जो अनुष्ठान यूज किए जाते हैं वो भी वैदिक वास्तु शास्त्र का 1 बहुत ही इंपॉर्टेंट और इनसेपरेबल पार्ट है। हाय मैं हूं वास्तु एक्सपर्ट डॉक्टर, वैशाली गुप्ता नाम, दी फाउंडर ऑफ द वैदिक वास्तु हप। वैदिक वास्तु। हब की फॉर्मेशन मेरे ने इसलिए करी है क्योंकि मैं वैदिक वास्तु शास्त्र की नॉलेज को, उसकी जो अवेयरनेस है उसको अपने ऑनलाइन कोर्सेज और वीकली वेबिनार के माध्यम से घर घर तक पहुंचाना चाहती हूं और इसी के बारे में और गहराई से बताने के लिए मैं लेकर आ रही हूं अपना एकदम निशुल्क फ्री ऑफ कॉस्ट वेबिनार जिसको ज्वाइन करके आप वैदिक वास्तु शास्त्र की गहराई और उसके पावर को समझ सकते हैं। जान सकते हैं कि ये शास्त्र कितना प्राचीन, कितना पारंपरिक, कितना परिपूर्ण और कितना सशक्त है। तो अगर आप भी इस नॉलेज से रिजोनेट करते हैं। अगर आप भी वैदिक वास्तु शास्त्र में रुचि रखते हैं तो मेरे इस वेबिनार को निचे दिए गए लिंक से क्लिक करके तुरंत ज्वाइन करें ये जो वेबिनार है यह बहुत ही लिमिटेड टाइम ऑफर है और इसमें जो सीट्स हैं वो रिजर्वड होंगी तो बिना ज्यादा समय गवाए, बिना क्लिक करे और अपनी सीट को रिजर्व करें मुझे आपका इंतजार रहेगा।