Vedic Vastu Shastra is the Most Scientific Shastra By Expert Dr Vaishali Gupta

Dr. Vaishali Gupta explains the scientific principles behind Vedic Vastu Shastra and how it affects your home and life. She compares traditional and scientific approaches to the ancient practice and promotes her 13-day masterclass on the subject.
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आजकल बहुत जगह से देखने को मिलता है कि वास्तु शास्त्री बोलते हैं कि हम साइंटिफिक वास्तुशास्त्र प्रैक्टिस कर रहे हैं। वी आर, नौट, इंटु, ट्रेडिशनल वास्तु या फिर हम पारंपरिक शास्त्र प्रैक्टिस नहीं कर रहे हैं। बट मैं ये नहीं समझ पाती कि पारंपरिक शास्त्र में और जो साइंटिफिक शास्त्र है उसमें फर्क क्या है। क्योंकि मेरे अनुसार जो है हमारे शास्त्रों से ज्यादा, हमारे शास्त्रों के ज्ञान से ज्यादा साइंटिफिक कुछ भी नहीं है। हो सकता है कि हमारे जो 18 महारिशी हैं उन्होंने इन्ही साइंटिफिक प्रिंसिपल्स को किसी माइथोलॉजिकल या स्पिरिचुअल वे में प्रेजेंट किया हो क्योंकि उस टाइम पे यह साइंस के कांसेप्ट है किसी को पता नहीं था। लेकिन आप देखेंगे कि वही जो प्राचीन कांसेप्ट जो हमारे महारिशियों ने श्रुति और स्मृति के द्वारा जो है वो आगे बढ़ाए और जिस ज्ञान को उन्होंने मेडिटेशन के स्टेट्स में जो है, डाउनलोड किया या प्राप्त क किया वही प्रिंसिपल्स आज जो है वो साइंस को अलग अलग नाम से प्रूव कर रहा है। अब देखिये कितनी बार बात होती है, आपने भी सुना होगा जियोपैथिक स्ट्रेस की बात होती है हार्टमैन और करी ग्रिड लाइन्स की बात होती है जो कि हम फुल प्वाइंट्स होते हैं, हम फुल एनर्जी होती है जो कि हमारी वेलबिंग को अफेक्ट करती हैं। लेकिन हमारे जो महारिशियों ने आज से हजारों हजारों साल पहले सूत्रों की बात करी है। या आप देखिये कि जो मर्म स्थान बताए हैं या जो एनर्जी लाइंस सू सतराज बताए हैं या वंशज बताए हैं, ये और कुछ भी नहीं है, जो नाड़ियां हैं यह कुछ भी नहीं है। यह वही हार्टमैन और करी ग्रेड लाइंस है जिसको कि आज साइंस इन टर्म्स के साथ एक्सप्लेन कर रहा है। तो आप देख सकते हैं कि जो उनकी वाणी थी वो हंड्रेड वन परसेंट साइंटिफिक थी, बट उसको एक्सप्लेन करने का तरीका अलग था। और आप कॉमन प्रैक्टिस में भी देखेंगे कि हमारे जो बड़े बुजुर्ग हैं वो हमेशा कहते थे, हमारे जो दादी थी या हमारे जो मदर हैं अगर वो थोड़े पुराने टाइम के हैं तो कहते थे कि कभी भी नॉर्थ में सर रख के नहीं सोना। हमेशा कहते थे कि उत्तर में जो है वो शव का सर रखा जाता है और ये वो 1 प्राचीन वास्तु का सिद्धांत ही है जो उन्होंने भी पीडी दर पीडी जो है वो अपने पैरेंट से और अपने ग्रैंड पैरेंट से इन्हेरिट किया लेकिन इसके पीछे भी साइंटिफिक रीजनिंग है। आप देखिये जो और्थहैवो 1 बहुत बड़ा मैगनेट है उसका 1 नॉर्थ प पोल और साउथ पोल है एंड सिमिलरली और बॉडी इज आलसो बैंकनेट हमारा शरीर भी 1 चुम्बक है, हमारा सर हमारा नॉर्थ पोल है और हमारे जो पैर हैं वो हमारा साउथ पोल हैं। तो अब सोचिए की अगर आप अपने सर को यानि कि अपने नॉर्थ पोल को अर्थ के नॉर्थ पोल की तरफ करके सोएंगे तो ऑवियसली जैसा की। हम सब जानते है कि लाइक पोल्स रिपेलीचादरकीजो सिमिलर पोल्स होते हैं उनमें 1 दूसरे में रिपल्शन होता है हमारा नॉर्थ पोल जब अर्थ के नॉर्थ पोल से लाइन होगा तो रिपल्शन के कारण जो है वो ब्लड फ्लो डिस्टर्ब होगा क्योंकि हमारे ब्लड में भी आयरन कंटेंट होता है और वो जो ब्लड है अगर वो आपके रिपल्शन वे में फ्लो करेगा रिपेर्ट वे में फ्लो करेगा तो आपका जो ब्रेन है आपका जो मस्तिष्क है उसको प्रॉपर वे में ब्लड नहीं मिल पाएगा और आप जब सुबह सोकर उठेंगे तो आप बिल्कुल भी रेस्टिट फील नहीं करेंगे आपको लगेगा ही नहीं कि आपको ठीक से नींद आई और लोंग टर्म अगर आप ऐसे करेंगे तो ये आपके सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है। तो दिस इज, वेरी, वेरी, स्ट्रोंग, साइंटिफिक, रीजनिंग, बिहाइंड, वाई, यू, शुड, नोट, कीप, योर, हेड, टू, वर्ड्स ऐसे बहुत सारे एग्जामपल हैं इन फैक्ट वास्तु शास्त्र में जितने भी रूम्स डिसाइड किए जाते हैं जो प्लेसमेंट डिसाइड की जाती है व सूर्य के मूवमेंट के आधार पर की जाती है जब सन अर्ली मॉर्निंग जो रेस होती है जो आपकी इस से नॉर्थ से सन की जो रेज आती है उसमें अल्ट्रा वायलेट कम्पोजीशन होता है एंड जब सन आगे मूव करता है इससे वेस्ट मूव करता है साउथ से होते हुए तो सन की जो कम्पोजीशन है उसकी जो रेस है वो इन्फ्रा डेट की तरह होने लगती है। तो 1 जो है कुछ पार्ट जो है वो सन के स्पेक्ट्रम का बेनिफिशियल हैं, कुछ पार्ट जो है वो सन के स्पेक्ट्रम का हम फुल है, कुछ पार्ट जो है वो सात्विक और प्राणिक एनर्जी को जो है डिनोट करता है और कुछ पार्ट जो है वो तामसिक एनर्जी या की थोड़ी भारी एनर्जी हो जाती है जिसको हम इड़ा और पिंगला स्ट्रीम्स भी कहते हैं जो आगे मैं कुछ वीडियोज में विस्तार में बताउंगी तो इसी के बेसिस पे जो है वो रूम्स की प्लेसमेंट डिसाइड की जाती है। जब आपको अर्ली मॉर्निंग हाय प्राणा चाहिए होता है और 1 पॉजिटिव एनर्जी चाहिए होती है तो वहां पे हम ईस्ट में अपने सारे पूजा रूम्स देते हैं या फिर अपना स्नान घर देते हैं नॉट योर टॉयलेट पर स्नान घर देते हैं जिससे कि आप फ्रेश फील करें जब साउथ ईस्ट में सन आता है तो सन के जो कॉम्पोजिशन होती है वो ऐसी हार्श होती है कि हमारे खाने में जितने भी जम्स हैं उसको वकील कर सकती है इसलिए साउथ ईस्ट में हम अपना जो है वो अग्नि यानि किचन का स्थान देते हैं और जब तक सन सेट होने लगता है तो उसकी रेस कुछ ऐसी होती है कि वो तमस को बढ़ाने लगती है और इसी लिए साउथवेस्ट और वेस्ट में जो है वो हमारे बेडरूम्स बताए जाते हैं स्पेशली मास्टर के जिससे कि तामसिक जोन में जो है उनको अच्छे से नींद आए तो ये हम नहीं कह सकते कि वैदिक वास्तु शास्त्र है जो पारंपरिक शास्त्र है वो साइंटिफिक नहीं है बल्कि मैं ये कहूंगी कि उससे ज्यादा कुछ भी साइंटिफिक नहीं है और अगर उन प्रिंसिपल्स को हा जगह हम मॉडल वे में अप्लाई करके यूज करें तो वो हमारी लाइफ में 1 ऐसा एक्सपोनेंशियल असर ला सकते हैं जो कि हम भी इमेजिन नहीं कर सकते इन फैक्ट मैं तो यह कहती हूं कि थोडा सा अपने घर के बारे में, अपने वास्तु के बारे में जो बेसिक्स है वो सबको पता होना चाहिए और इसी जो है 1 थॉट प्रोसेस के ऊपर मैंने अपने जो 20 साल का एक्सपीरियंस है जो मैंने इतने सालों तक जो पारंपरिक शास्त्र की प्रैक्टिस करी है उसके बेसिस पर मैंने बहुत ही सिम्पल 13 दिन का अपना मास्टर क्लास डिजाइन किया है और इस 3 दिन के मास्टर क्लास में मैं हर 1 को इनवाइट करती हूं जो भी अपार्टमेंट में रहते हैं घर में रहते हैं, रेंट पे रहते हैं, अपने घर में रहते हैं, आप जो है ओनर है आप या फिर आप रेंट पे हैं, गृह स्वामी हैं या घर की गृहणी हैं जैसे भी जो भी अपने घर के बारे में जानना चाहता है और ये जानना चाहता है कि कैसे वास्तव में आपके घर के वास्तुव में आपके फाइनेंसेज का आपके, हेल्थ का आपके, रिलेशनशिप की जो है वो ग्रोथ का बेटरमेंट का रहस्य छुपा हुआ है उनको जो है उनके लिए मैं यह मास्टर क्लास लेकर आई हूं और इन फैक्ट अभी जो लोग ये वीडियो सुन रहे हैं अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपका घर आपसे क्या कहता है आपके घर की एनर्जी आपको जीवन में कहाँ लेकर जा रही हैं आपके घर की एनर्जी आपके बिहेवियर को कैसे जो है डायरेक्टली इंडायरेक्टली एफेक्ट कर रही है और कैसे वो एक्शन जो हैं फाइनली आपका 1 भाग्य आपके डेस्टिनी फॉर्म कर रहे हैं तो उन सब चीजों को अगर आप भी जानना चाहते हैं तो यह 3 दिन का मेरा बहुत ही इंटरस्टिंग और बहुत ही इनफॉर्मेटिव 1 मास्टर क्लास होने वाला है और इसका लिंक जो है वो नीचे डिस्क्रिप्शन में दिया है तो इसको आप ज्वाइन कर सकते हैं और आप भी जो है अपने घर के वास्तु को अपने घर की वास्तु हेल्थ को समझ सकते हैं।










