Vedic Vastu Shastra: The Deep Mystery of Ida and Pingala Nadi | Dr. Vaishali Gupta

Dr. Vaishali Gupta (Vastu expert and founder of Vedic Vastu Hub) explains the holistic nature of Vedic Vastu Shastra and its links to other Vedic sciences such as Jyotish, Ayurveda and Yoga. She maps the Ida (left nostril/left-side energy; moon/feminine/negative ions; associated with North & East house streams) and Pingala (right nostril/right-side energy; sun/masculine/positive ions; associated with South & West) nadis from human physiology onto a dwelling, arguing that houses should favour Ida (North/East) openings and restrict Pingala (South/West) entries to keep home energy positive and support successful intentions. The video concludes with an invitation to join her paid online community (Vedic Vastu Hub).
Questions this video answers
November 27, 2023.
500 rupees (bronze membership).
Chapters
वैदिक वास्तुशास्त्र 1 ऐसा प्राचीन शास्त्र है जो कि वास्तुशास्त्र को 1 बहुत ही होलिस्टिक और परिपूर्ण तरीके से लेके चलता है। ये तो हम सभी जानते हैं कि हमारे शास्त्रों की 1 विशेष बात होती है कि शास्त्र जो है हमारे वो हर 1 चीज को कभी 1 ही एंगल से नहीं देखते बल्कि वो 1 मल्टी डायमेंशनल वे में हर 1 दूसरे शास्त्र को साथ में लेते हुए 1 होलिस्टिक और परिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ते हैं। जैसे की अगर हम दर्शनशास्त्र की भी बात करें तो उसमें ज्योतिश शास्त्र भी आता है, वास्तु भी आता है, संगीत भी आता है, आयुर्वेद भी आता है। सभी चीजों को जो है वो साथ में लेकर चलता है और यही कारण है कि वैदिक वास्तु शास्त्र जो है वो सबसे जो है सशक्त शास्त्र माना गया है। हालांकि वैदिक वास्तु शास्त्र काफी हद तक ज्योतिश से भी संबंध रखता है लेकिन फिर भी वास्तु शास्त्र अपने आप में इतना स्ट्रोंग है। इतना 1 एबल 1 विद्या है कि अगर हम वास्तु शास्त्र को वैदिक तरीके से सही तरीके से प्रैक्टिस करें तो वो हमारे जीवन में बहुत ज्यादा पॉजिटिविटी, सकारात्मकता और 1 अच्छी ऊर्जा लेकर के आ सकता है। मैं अपने जो भी यूट्यूब विडियोज बनाती हूं उसमें मेरा यही प्रयास रहता है कि मैं आपको वैदिक वास्तु शास्त्र की गहराई में लेकर चलूं। नमस्कार मैं हूँ वास्तु एक्सपर्ट डॉक्टर वैशाली गुप्ता एंड आम, दी फाउंडर ऑफ द वैदिक वास्तु ह वैदिक वास्तु हब्बी जो मेरा ऑनलाइन प्लेटफार्म है। यह मैंने इसलिए फॉर्म किया है क्योंकि मैं चाहती हूं कि वैदिक वास्तु शास्त्र योगा आयुर्वेद की तरह घर घर तक पहुंचे और हमें इतनी नॉलेज मिले कि हम इसे जान कर के अपने घर को क्रेक कर सकें। आज भी आपके सामने वैदिक वास्तु शास्त्र का 1 बहुत ही इम्पोर्टेंट दृष्टिकोण जो है वो मैं लेकर के आई हूं और जैसा की मैंने शुरुआत में कहा कि जो शास्त्र होते हैं चाहे वो वास्तु शास्त्र हो या कोई भी अन्य शास्त्र हो वो होलिस्टिक होते हैं तो वैसे ही वैदिक वास्तु शास्त्र जो है वो काफी हद तक योग शास्त्र से भी संबंध रखता है। तो आज के इस वीडियो को आप बहुत ध्यान से सुनिएगा क्योंकि आपको पता लगेगा कि जैसे 1 इंसान श्वास लेता है वैसे ही हमारा घर विश्वास लेता है और हमें कहाँ से जो है वो हवा को अंदर लेना है और कहा की हवा को ब्लॉक करना है ये आज के वीडियो में आपको बताने वाली हूं। आप में से कई लोग जो होंगे वो योग के एंथुजियास्ट होंगे, योग करते होंगे, प्राणायाम करते होंगे या वैसे भी जानकारी रखते होंगे तो आप यह समझते होंगे कि हमारा जो शरीर है इसके 2 भाग हैं, 1 हमारा लेफ्ट साइड है और 1 हमारा राइट साइड है वैसे ही हमारे ब्रेन के भी 2 पार्ट्स हैं लेफ्ट साइड है और राइट साइड है और वैसे ही हमारी जो नासिका है उसके भी 2 हिस्से हैं, 1 हमारा लेफ्ट साइड है और 1 हमारा राइट साइड है। हमारा जो लेफ्ट साइड है वो इडा नाडी को डिनोट करता है और जो हमारा राइट साइड है वो पिंगला नाडी को डिनोट करता है। अगर मैं, इडा और पिंगला की बात करूं तो इडा नाडी जो है वो नेगेटिव आयन को रेप्रेजेंट करती है और पिंगला नाडी जो है वो पॉजिटिव आयन को रेप्रेजेंट करती है। इडा नाडी जो है वो चंद्रमा से रिलेटेड होती है और ये फेमिनिन एनर्जी को जो है वो 1 तरीके से सिम्बुलाइज करती है। पिंगला जो हमारी नाडी है वो सन यानि की मैस्क्यूलिन एनर्जी को असेम्बलाइज करती है और ये 1 बेसिक फर्क इड़ा और पिंगला नाड़ी के बीच में है। जिन लोगों की इडा नाडी जो है यानि कि लेफ्ट नॉस्ट्रिल बहुत ज्यादा एक्टिवेटेड होती है उनका राइट ब्रेन चलता है यानि कि वो थोड़े भावुक होते हैं, कंपेशनेट होते हैं, आर्टिस्टिक होते हैं, मन से चलते हैं लेकिन जिनकी पिंगला नाडी एक्टिवेटेड होती है जो कि सूर्य की 11 बहुत ही हार्श और प्रैक्टिकल नाडी है उनका लेफ्ट ब्रेन एक्टिवेटेड होता है यानि कि लेफ्ट नॉस्ट्रिल राइट ब्रेन से रिलेटेड है और राइट नॉस्ट्रिल लेफ्ट ब्रेन से रिलेटेड है। तो अगर आप उन लोगों में से हैं जिनकी अधिकतर पिंगला नाड़ी काम करती है तो आप लॉजिकल होंगे, आप नैशनल होंगे, आप प्रैक्टिकल होंगे, इस तरह का आपका स्वभाव हो सकता है। इड़ा नाड़ी जो है क्योंकि वो चंद्रमा से संबंध रखती है तो रात्रि को डिनोट करती है। पिंगला नाडी जो है वो सूर्य से संबंध रखती है इसलिए वो डे टाइम को जो है वो डिनोट करती है। इड़ा नाड़ी जो है वो हमारे चित्त को नोट करती है, पिंगला नाडी जो है वो हमारे प्राणा को डिनोट करती है। तो कहने का अर्थ यह है कि हमारा ये जो शरीर है इसमें सब कांशस फील्ड भी है और कांशस फील्ड भी है। सब कांशस मन से रिलेटेड फेमिनाइन, वो आस्पेक्ट है इड़ा नाड़ी का और जो कांशस फील्ड ऑफ एक्शन है, वो जो एरिया है वो है पिंगला नाडी का, तो ये तो हमने बात करी अपने शरीर की और कैसे ये 2 नाडिया जो है अगर ये बैलेंस में एक्टिवेटेड हो जाए तब जो चालू हो जाती है या जो एकदम क्रिया में आ जाती है वो होती है हमारी सुषमना नाड़ी सुषमना नाड़ी जो होती है वो हमको ऊपर कॉस्मो से कनेक्ट करने में हेल्प करती है। तो अब आप सोच रहे होंगे कि ये सारी बातें जो मैंने आपको मनुष्य के शरीर के बारे में बताई है कि किस प्रकार से जो है हमारे घर के वास्तु से कंसर्ड है वैल इसलिए वीडियो बहुत ज्यादा इंटरस्टिंग है और आप इस वीडियो को आखिर तक ध्यान से देखिएगा वैदिक वास्तु शास्त्र में यह हमारे शास्त्रों में फॉर दैट। मैटर किसी भी चीज को निर्जीव नहीं माना जाता। आप देखेंगे छोटे बच्चे जो होते है वो चंद्रमा को भी मामा कह के एड्रेस करते हैं यानी कि हर 1 चीज को चाहे वो चंद्र हो सूर्य को हम देवता बोलते हैं, पृथ्वी को हम जो है वो माता बोलते हैं। किसी भी चीज को निर्जीव नहीं माना जाता और ये माना जाता है कि एवरी थिंग इज एक्टीवेटेड विद अ सम काइंड ऑफ लाइफ एनर्जी। तो जब हर चीज जो है वो संसार में लाइफ एनर्जी से एक्टिवेट होती है तो ऐसा कैसे हो सकता है कि हमारा जो घर है और उसके अंदर की जो बॉडीड एनर्जी है वो निर्जीव हमारा जो घर है उसको भी वैदिक वास्तु शास्त्र में 1 सजीव जो है वो जीव माना गया है और इसका रेप्रेजेंटेशन किया जाता है जो वास्तु पुरुष की बॉडी आपने अक्सर देखी होगी जिसको कि हम प्लॉट लेवल पर दिखाते हैं जिस तरह से हमारे शरीर में 2 नाड़ियां होती हैं वैसे ही हमारे घर में भी 2 तरफ से एनर्जी आती है 1 जो है वो ईडा एनर्जी होती है और 1 जो है वो पिंगला एनर्जी होती है ईड़ा एनर्जी जो है वो चन्द्रमा मूल स्ट्रीम्स को डिनोट करती है जो कि ठंडी होती है और हमारे घर में पॉजिटिविटी लेकर के आते हैं यहां तक कहा जाता है कि अगर आपकी इडा नाडी चल रही हो उस समय पर अगर आप कोई शुभ कार्य करते हैं और वो सही समय है शुभ कार्य करने का जब आपकी इडा नाडी एक्टिवेटेड हो क्योंकि वो जो संकल्प है वो हमेशा फलीभूत होता है तो जब भी आपकी ईडा पॉजिटिव नाडी चलती है तो पॉजिटिव रिजल्ट आते हैं तो हमें अपने घर में भी तो देखना होगा कि ईडा एनर्जी जो है वो किस तरफ से आती है और कैसे हम उसे अपने घर में वेलकम कर सकते हैं वेल लेट्स मी टेल यू कि, ईडा एनर्जी जो है वो नॉर्थ और ईस्ट साइड से हमारे घर में रेप्रेजेंट होती है और जो भी पॉजिटिविटी नॉर्थ, ईस्ट नॉर्थ, ईस्ट ईवन फॉर दैट मैटर नॉर्थवेस्ट जो कि चंद्रमा का स्थान है अगर हम उसे अपने घर में वेलकम करते हैं तो हमारे घर की जो पॉजिटिविटी है वो हाई रहती है एंड ऑन द कान्ट्री जो पिंगला स्ट्रीम है, जो पिंग ग्लास सूर्य की जो हार्श क्रुअल किरणे हैं वो हमारे घर में प्रवेश करते हैं साउथ वेस्ट साउथवेस्ट यानी के नैरत्यिकोण और अग्निकोण की तरफ से तो बहुत ही सिंपल सी बात है कि वास्तुशास्त्र के अनुसार अगर हम वेदों को मानें और योगशास्त्र के अनुसार चलें तो अगर हम अपने घर में नॉर्थ और ईस्ट की तरफ विंडोज और ओपनिंग ज्यादा देते हैं और साउथ और वेस्ट की तरफ जो कि पिंग्लासट्रीम्स का एंट्री पॉइंट है वहां पर ब्लॉक और हैवी रखते हैं तो हमारे घर की जो एनर्जी है वो ओवरॉल पॉजिटिव रहती है और इडा एनर्जी का जो है वो सरप्लस होने की वजह से कॉस्मिक सरप्लस होने की वजह से हम जो भी अच्छे संकल्प लेते हैं वो हमारे फलीभूत होते हैं तो 1 बार आप जो है वो अपने घर में जरा दृष्टि डालकर देखिये कि आपका जो घर है वो उसमें कौन सी नारी एक्टिवेटेड है आपके घर की जो ईडा स्ट्रीम्स है यानी कि जो नॉर्थ ईस्ट और नॉर्थ वेस्ट की तरफ से आ रही हैं वो एनर्जी आपके घर में आ पा रही है या फिर वो ब्लॉक है या फिर आपके घर में जो साउथ और वेस्ट के एनर्जीज हैं या साउथ िस्ट के एनर्जीज हैं वो बहुत ज्यादा प्रबल है और वो आपके घर पर हावी हैं क्योंकि ये समझने वाली बात है कि जैसी ऊर्जा हमारे घर में होगी वैसा ही स्वभाव हमारे घर का बन जाएगा और वैसे ही गुण जो हैं वो गृह स्वामी रहने वालों के अंदर आने लगेंगे। यहाँ मैं आपको यह भी बताना चाहूंगी कि जो नॉर्थ है हमारी जो उत्तर की दिशा है वो हमारे जैविक एनर्जी का स्त्रोत है और जो ईस्ट की साइड है वो हमारी प्राणिक एनर्जी का स्त्रोत है और ये दोनों ऊर्जाएं जो हैं ये ईडा स्ट्रीम्स कॉन्ट्रीब्यूट करती है तो इस बात का ध्यान रखे। आम शोर। आज के वीडियो को देखने के बाद आपको यह क्लैरिटी आ गई होगी कि हमे जो है वो मूड स्ट्रीम यानी कि इड़ा स्ट्रीम्स को अपने घर में जो है वो ओपनिंग्स के थ्रू एंट्री देनी है और जो पिंगला स्ट्रीम है जो कि साउथ और वेस्ट की एनर्जी है उसको अपने घर में ब्लॉक करना है। इस वीडियो को अप्लाई करके आप भी अपने घर की ओपनिंग को चेक कीजिए और अपने घर के एनर्जी बैलेंस को करेक्ट कीजिए सो आई होप। ये आज जो मैंने आपको वैदिक वास्तु शास्त्र और योग शास्त्र का संबंध बताया है ये आपको अच्छा लगा और इन फैक्ट। अगर आप उन लोगों में से हैं जो कि वैदिक वास्तु शास्त्र को जानने में रुचि रखते हैं, यह समझने में रुचि रखते हैं कि आज के मॉडर्न डे लिविंग के हिसाब से कैसे हम वैदिक वास्तु शास्त्र की नॉलेज को अपने जीवन में उतार सकते हैं। तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं क्योंकि आप ज्वाइन कर सकते हैं मेरी ऑनलाइन कम्युनिटी वैदिक वास्तु हप जहां पे वास्तुशास्त्र के वैदिक दृष्टिकोण को मैं अपने कोर्सेज वेबिनार्स और अपने मीटर्स के माध्यम से समझाती हूं और इस जर्नी का पार्ट बनने के लिए अगर आप वैदिक वास्तु हब ज्वाइन करना चाहते हैं वैदिक वास्तु शास्त्र को अपने घर के लिए सीखना चाहते हैं या 1 प्रैक्टिशनर बनने के लिए सीखना चाहते हैं तो नीचे जो दिया गया लिंक है आप उसे क्लिक कर सकते हैं और ओनली फाइव हंड्रेड रुपीज में आप ब्रांज मेंबरशिप को ज्वाइन करके इस कम्युनिटी का पार्ट बन सकते हैं।










