Vedic Vastu The Real Vastu By Expert Dr Vaishali Gupta

Dr. Vaishali Gupta traces Vedic Vastu Shastra back to the Vedas, Mahabharata, and Ramayana, explaining how ancient principles like directions, panchabhutas, and brahmasthan differ from modern vastu practice. Core concepts remain valid for contemporary buildings when properly adapted.
Chapters
वैदिक वास्तुशास्त्र कंटेम्ट वास्तुशास्त्र से काफी अलग है और जैसे कि नाम है वैदिक वास्तु शास्त्र तो ऑवियसली इसमें वेदों का ज्ञान है, शास्त्रों का ज्ञान है और अगर हम वास्तु शास्त्र की बात करें तो कई लोग हैं जो कि सोचते हैं कि क्या ये सच में इतना एंशियंट शास्त्र है। तो यहाँ बताना चाहूंगी मैं कि वास्तुशास्त्र का जो पहला वर्णन है वह ऋग्वेद में दिया गया है एंड इन फैक्ट महाभारत और रामायण में भी कुछ ऐसे कहीं कहीं पर ऐसे साइटेशन हैं जहां पर पता लगता है कि वहां उस समय पे जो बिल्डिंग बनती थी वो भी वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार बनती थी। इन फैक्ट वैदिक वास्तु शास्त्र जो है वो बहुत ही सिंपल है और मुझे लगता है कि अब जो है वो सबके अपने वर्जन में वास्तुशास्त्र थोड़ा सा कॉम्प्लीकेट हो गया है बट अगर हम वैदिक पद्धति से चले तो बहुत ही पॉवरफुल और बहुत ही सिंपल तो अप्लाई ये शास्त्र है इन फैक्ट वैदिक वास्तु शास्त्र जो है ये 2 पार्ट्स में हम देखें तो बंटा हुआ है नंबर वन, इज दी संघिता एंड नंबर टू इज द सिद्धांत संहिता की। अगर हम बात करें तो ये वो सारे टेक्स्ट हैं, सारे स्क्रिप्चर्स हैं, सारे वो ग्रंथ हैं या वो शास्त्र हैं जिसमें कि वास्तुशास्त्र का उसकी जो वैदिक पद्धति है उसका वर्णन दिया गया है और वास्तु के अपने ग्रंथ भी हैं जैसे मयमतम है, मानसार है, समरंगन सूत्रधार है, विश्वकर्मा प्रकाश है, पराजित परीक्षा है। तो जो भी वैदिक पद्धति को जानते हैं वो इन सब शास्त्रों को जानते हैं और इनमें जो है वास्तुशास्त्र का जो जो साइंस है इसको बहुत इसका जो गुढ़ ज्ञान है, लोकों के माध्यम से दिया गया है। एंड ये तो हो गया संगिता पाठ और सिद्धांत यानि की फिलोसॉफी ऑफ वास्तु शास्त्र तो ये सिद्धांत जो हैं ये उन 18 महारिशियों की वाणी है जो कि हमारे ग्रंथों में दी गई है और हमारे जो 18 महारिशी है इन्होंने इस सारे ज्ञान को बहुत ही अटेंडेड स्टेट्स ऑफ कांशसनेस में यानि कि जब वो गहरे ध्यान में थे, मेडिटेशन के स्टेट्स में थे तो 1 तरीके से उन्होंने इस ज्ञान को डाउनलोड किया था और उस स्थिति में उनको यह ज्ञान प्राप्त हुआ था और श्रुति और स्मृति के माध्यम से पीडी दर पीडी जो है यह ज्ञान आगे चला है और जैसे मैंने बोला कि ये सिद्धांत और संगीता 1 पार्ट है लेकिन वास्तु शास्त्र जो है जो वैदिक पद्धति से हम चलते हैं तो यह बहुत ही सिंपल है और इन फैक्ट मुझे ऐसा लगता है कि आज के जो मॉडल डे वास्तु कंसल्टेंट हैं उनका दायित्व है कि वो इस एंशियंट विज्डम को मॉडन एनवायरमेंट के लिए इसको कैसे जो है वो कस्टमाइज करके प्रेजेंट करते हैं। देखिये बात मैं मानती हूं कि अभी जो मॉडन डे स्ट्रक्चर बन रहे हैं और जिस तरह के कंस्ट्रक्शन टेकनीक्स यूज हो रहे हैं और जिस तरह के अपार्टमेंट आ गए हैं वो पहले नहीं था लेकिन बहुत सारी चीजें हैं जो कि ग्रंथों में दी गई है जो आज भी थोड़ा सा ट्वीक होके, कस्टमाइज होके, जो हैं वो लागू की जा सकती है। दिशाएं तो वही हैं, डायरेक्शन वहीं रहेंगी, एलिमेंटल बैलेंस वही रहेगा। आपके जो कलर्स हैं उनको जो हम यूज करते हैं, जोन्स को संदन करने के लिए, वो भी सेम रहेंगे, हमारे पंच तत्व सेम रहेंगे, उनका बैलेंस जैसे बताया एलिमेंटल बैलेंस रहेगा। तो आप चाहे किसी अपार्टमेंट में रहते हों या आप किसी कोठी या बंगले में रहते हो, आपकी जो 8 दिशाएं हैं, वो होंगी ही होंगी, उन 8 दिशाओं को गार्ड करने वाले जो अष्टदिकपाल हैं, वो भी होंगे ही होंगे, हर 1 घर का ब्रह्म स्थान जो है वो एग्जिस्ट करेगा देवता, पद जो होंगे, वो भी आपके घर में होंगे, पंच तत्त्व जो हैं वो भी डिनोट होंगे, अग्नि होगी, कहीं जल होगा, आपका पृथ्वी तत्व होगा, वायु होगा, काश होगा। तो ये जो मूलभूत आधार है, वास्तु शास्त्र के, ये सेम है। और ये हमेशा रहेंगे। और ये कह देना कि वैदिक वास्तु शास्त्र की जो पद्धति है वो आउटडेटेड है या आज के टाइप में एप्लीकेबल है। मुझे लगता है ऐसा नहीं है। इनफैक्ट आज के जो वास्तु एक्सपर्ट हैं, उनको इंटेलीजेंट कोशेंट और इमोशनल कोशन के साथ, मुझे लगता है कि हमारे पास 1 अडेप्टिबिलिटी कोश भी होना चाहिए कि उस इंस्टेंट शास्त्र को हम इस मॉडर्न एनवायरमेंट में अप्लाई कर सके। इन फैक्ट मेरा जो ऑनलाइन टीचिंग प्लेटफार्म है, वैदिक वास्तु हब, उसमें मैंने। यही जो है, सिखाने की कोशिश करी है कि वेदों के उस गुण ज्ञान को हम कैसे सिंपल वे में मॉडल लिविंग में अप्लाई कर सकते हैं। और मैंने अपने एक्सपीरियंस में देखा है कि जब इन वैदिक पद्धतियों को, इनके अनुसार जब आप रेमिडीज करते हैं तो इसका जो असर आपके क्लाइंट के जीवन में होता है, वो एक्सपोनेंशियल होता है। और ये जितनी भी रेमेडीज है, ये हमेशा अभिमंत्रित हो करके रिचुअल्स के साथ जो हैं, लगाई जाती हैं। तो जो रेमेडी है वो तो प्राण प्रतिष्ठित होती ही है, साथ ही साथ रिचुअल्स का इस्तेमाल होने की वजह से, अनुष्ठानों का इस्तेमाल होने की वजह से, जिस स्पेस में वो लगाए जा रहे हैं, वो पूरी स्पेस भी क्लेंज होती है। और मेरे जिन भी क्लाइंट्स के यहां ये वैदिक रेमिडीज लगती हैं, वो हमेशा मुझे कहते हैं कि जब हमारे घर में यह अनुष्ठान हुआ, जब यह यंत्र स्थापित हुए तो हमें ऐसा लगा कि हमारे घर में पॉजिटिव एनर्जी का न बिल्कुल एकदम संचार हो गया है। एकदम से दर ज गश ऑफ पॉजिटिव एनर्जी। तो इन फैक्ट आप में से काफी लोग जो ये वीडियो सुन रहे हैं, एंड आप ओनर्स होंगे, अपने घरों के, आप बंगलोज में रहते होंगे, फ्लैट्स या अपार्टमेंट में रहते होंगे, यू कुड भी स्टेयिंग इन फार्म हाउसेज पेंट। हाउसेज, तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि वैदिक वास्तुशास्त्र कैसे काम करता है? आपके घर की दिशाएं कैसी हैं? एनर्जीज कैसी है? आपके घर का, जो ऊर्जा का पैटन है, वो कैसा है? रात सिक है, सातवें है, तामसिक है, आप लिथार्जी फील करते हैं कि आप एथुजियाजम फील करते हैं। आपके अंदर लेजीनेस है कि आपके अंदर एलर्टनेस हैं, आप जॉयफुल रहते हैं कि आप डिप्रेस्ड लो फील करते हैं तो ये आपके घर की एनर्जी से डिफाइन होता है जो कि हम रात से तामसिक और सात्विक कैटेगरी में बांटते हैं। तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि आपके घर की एनर्जी कैसी है अपने घर के वास्तु को अंडरस्टैंड करना चाहते हैं तो मैं 1 ऐसा बहुत ही 1 सिंपल एंड बहुत ही इम्पैक्टफुल, 3 दिन का मास्टर क्लास लाइफ मास्टर क्लास लेकर के आ रही हूं जिसमें कि जो हमारे सबसे इम्पोर्टेंट फेसेट्स ऑफ लाइफ है नंबर वन फाइनेंस, नंबर टू रिलेशनशिप्स और नंबर थ्री हमारी हेल्थ इन तीनों को आप अपने घर का वास्तु करेक्ट करके कैसे ठीक कर सकते हैं ये मैं अपने 3 दिन के लाइव मास्टर क्लास में बताने वाली हूं। तो अगर आप भी अपने घर को समझने में उसके वास्तु को जानने में इंटरेस्टेड हैं वो आपकी लाइफ में कैसे रिजल्ट ला रहे हैं इसको अगर आप जानने में इंटरेस्टेड हैं तो आप मेरे 3 दिन के लाइव मास्टर क्लास को अटेंड कर सकते हैं एंड इन फैक्ट इस वीडियो के एंड में जो है वो लाइफ मास्टर क्लास का लिंक भी दिया है एंड यू कैन जस्ट गो ंड क्लिक ऑन दैट एंड उस लिंक को क्लिक करके आप मेरे वर्क शॉप का पार्ट बन सकते हैं।










