Vaishali Gupta explains why ashrams feel so peaceful: Vedic architecture (Vastu Shastra) balances natural energies and lets prana flow freely. You can recreate that calm at home by controlling southwest and west energies, practicing sadhana regularly, and placing a sacred space in the east or northeast.
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जय गुरुदेव आप सभी जानते हैं कि अभी मेरा सारा वीडियोस जो है ना वो सब आश्रम सीरीज चल रहा है क्योंकि मैं आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल आश्रम बेंगलुरु में हूँ और आपने देखा है कि जब भी हम किसी आश्रम में आते हैं ऐसे शांत माहौल में हम आते हैं हमें लगता है कि जैसे हमारा जो मन है वो तो ऐसा क्यों होता है? एक आश्रम ऐसी जगह होती है जहाँ पे वास्तु शास्त्र नैचुरल वे में बैलेंसिंग में होता है। जिस तरह से एक आश्रम की फॉर्मेशन होती है, आप देखेंगे कि किसी भी आश्रम में आप जाएँ, वहाँ पे वैदिक वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन किया जाता है। साथ ही जिस तरह से वहाँ पे वो प्राणा फ्लो एकदम अनऑब्स्ट्रक्टेड होता है, जिसकी वजह से हमें इतना अच्छा लगता है। और मैं आपको बार-बार कहती हूँ, हमारे गुरुदेव भी हमेशा यही कहते हैं कि वो चाहते हैं कि हर घर एक आश्रम बन जाए। तो आपको क्या लगता है कि आपका घर एक आश्रम बन सकता है? बिल्कुल बन सकता है। अगर वेद साउथ और वेस्ट के एनर्जीज को थोड़ा सा कटेल करें, कंट्रोल करें, घर में साधना करें, ईस्ट नॉर्थ ईस्ट में मंदिर बनाएं, तो आप देखेंगे कि आपका घर भी आश्रम हो जाएगा, जहाँ पे आने वालों को विश्राम मिलेगा और उनका भी मन शांत होगा।