Vedic Vastu and yoga share ancient roots. When you wake, check which nostril is active by holding your hand under your nose, then place the matching foot on the floor first. Do the same before leaving home to align your personal energy with cosmic energy.
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यह बहुत कम लोग जानते हैं कि वैदिक वास्तु शास्त्र जो है उसकी उत्पत्ति योग शास्त्र से हुई है और योग शास्त्र क्या है आपके सास यानि की आपके श्वास। क्या आप जानते हैं कि जैसे कॉस्मिक प्रेत ब्रह्माण में चल रही है वैसे ही आपकी भी पर्सनल ब्रेट चल रही है। 1 बहुत ही इम्पोटेंट टिप में देने वाली हूँ आपको वैदिक वस्त्र शास्त्र और योग शास्त्र की जिसको अप्लाई करके आप अपने सारे कार्य को सिद्ध कर सकते हैं। हल्के में मत लीजियेगा। ध्यान से सुनिएगा आपको क्या करना है कि जब आप सुबह शो करके उठते हैं तो अपने नाक के नीचे हाथ रखिये और 1 जेल करते हुए महसूस कीजिये की आपका कौन सा नॉस्ट्रिल एक्टिव है। अगर आपका आपकी ईरा नारी एक्टिवेटेड है तो उसी पैर को यानि लेफ्ट पैर को बिस्तर से पहले नीचे रखे। ये तो हो गई टिप नंबर वन लेकिन जब आप बाहर संसार में जाते हैं तो ये भी तो आप चाहते हैं की आपके सारे कार्य बने तो अपने घर की दहलीज से बाहर कदम रखने से पहले 1 बार फिर अपने नाक के नीचे हाथ रखिये और देखिये आपकी कौन सी स्टिल सल रही है। अगर आपकी पिंगला यानि की राइट नोस्टील चल रही है तो उसी पैर को बाहर निकालिए अपने दहलीज से और फिर अपने कार्य को करने के लिए निकालिए और देखिये की आपके सारे कार्य जो है वो सिद्ध होने लगेंगे। तो कितनी सिम्पल सी टिप है न और हमारे शास्त्रों से, वैदिक वास्तु शास्त्र से इंस्पायर्ड है तो हमें कोई छोटी छोटी मॉडल टिप्स करने से पहले आपको नहीं लगता कि पहले अपने शास्त्रों के ज्ञान को फॉलो करना चाहिए अगर हाँ तो लिखिये नीचे वास्तु कमेंट सेक्शन में जिससे मैं आपको और ऐसे वैदिक वास्तु पद्धति के टिप्स देते रहो। इस रील को सेव कीजिये, मेरे चैनल को सब्सक्राइब कीजिये और इस इम्पॉर्टेंट कॉलेज को अपने फ्रेंड्स फैमिली के साथ जरूर शेयर कीजिए।