BIRTHDAY SPECIAL LIVE 2022 | THINGS NOBODY KNOW ABOUT ME

This YouTube live session (Birthday Special Live 2022) is a first-person, conversational video where the creator shares multiple personal stories and lesser-known facts. In this chunk the host is in Goa (Taj Exotica) with family and announces they will tell six personal stories — several childhood memories (e.g., as a 7-year-old in a fancy-dress competition they sold chana jor garam), school-exhibition and fair-stall anecdotes, travel/food recollections (traveled to Indore to eat Subway/Sev), and charity activity (claims roughly 20,000 INR donated this month and many childhood charity awards). The tone is informal, nostalgic, and candid.
बडे है तो बे स्पेशल लाइव कर रहे हैं छोटा सा yot्यuब पे मैने प्रोमिस किया था वे पर लाइव आयेंगे ऑल 2 मेरा बद्दे ऑलमोस्ट ओवर की तरफ है काफी अच्छा दिन रहा मैं इस समय गोवा में हूँ मेरी मॉम डाड के साथ साथ में है सो मेरे फादर हैं मेरी मॉम है सो अभी हम लोग हैं ताज एक्जोटिका में और काफी काफी इंट्रस्टिंग दिन रहा काफी कुछ किया हमने काफी सारे एडवेंचर काफी बीच में गए काफी 1 रिलैक्सिंग शूटिंग टाइम यू, नो यू, गेट, वर्क अप, इन बिजनेस और डेफिनिटली जो भी हम काम कर रहे हैं जितने भी लोगों को हम सब कर रहे वो जरूरी है लेकिन खुद को सर्व करना, अपनी फैमिली को भी थोड़ा टाइम स्पेंड करना, क्वालिटी टाइम देना जरूरी होता है वह बिली यही में अगेन हमारी कम्युनिटी है क्लाउड किचन नेटवर्क की और सब जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं। आई फॉलो what प्रीज ओके सो वेरी हैप्पी एंड वेरी बेस्ट की यह पॉचिडीमिलीआकी बहुत सारे विशय थैंक यू सो मच तो मैंने आज डिसाइड किया था कि आज ये लाइफ करेंगे 1 छोटा सा जिसमे आल बी शेयरिंग की क्या ऐसी चीजें हैं जो की मेरे बारे में लोग नहीं जानते कुछ सीक्रेट बारे सो कुछ स्टोरीज है जो मेरे पास से है बाद अगर मेरी आवाज क्लीयर आ रही है थोड़ा नॉइस रहा होगा आवाज क्लियर आ रही है तो 1 बार हाई लिख 2 चैट में ताकि मुझे पता चल जा सो हाँ मैं थोड़ा चलते हुए बात करूंगा ताकि थोड़ा सा आपको भी यूं मिले ये है ताजइग्जॉडीका गोआ का काफी अच्छा होटल है साउथ गोवा में अगर हो सके तो सो या कुछ स्टोरीज जरूर बता मैं शेयर करना चाहता है जो मैंने कभी किसी से शेयर नहीं किए है और जो लोग आज पहली बार सुन रहे हो सो सम रैली इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स स्टोरीज अभी मॉम डाइट के साथ बैठे थे तो बचपन की काफी सारी बातें निकल रही थी तो उसमें कुछ स्टोरीज ऐसी निकल आई कि मुझे भी पुरानी बचपन की बातें तो मैंने कहा आप से शेयर करूं जैसे फैंसी फेंसी फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन में कभी पार्टिसिपेट किया है फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन में ना फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन में यूजवल क्या होता है की हम ड्रेस करते हैं और और बस उतना ही काम होता है। राइट बट नहीं सो मैं सेकेंड क्लास में था, मेरी माम बता रही थी फैंसी ड्रेस कॉम्पिटिशन था और उसमे मैंने ड्रेस एप किया था ऐज चना जोर गरम वाला और मैंने चना चना जोर गरम सिर्फ दिखाया नहीं था ऐक्चवली सेल भी किया था सो आई मेड मनी फ्रॉम दैट में सेकंड क्लास में था जल सेवन ईयर ओल्ड 7 साल का था जहाँ पर सब अलग अलग कैरेक्टर्स बनके आया था। मैं चना जोर गरम वाला बन का था और बच्चों को 55 रुपए का उस जमाने में बेचा था। यह नाइन्टीन नाइनटी सेवन की बात है है इसी के आसपास की बात है। सो काफी इंट्रस्टिंग था या थैंक यू सो मच फॉर योर विशेष गाईज अब बहुत सारी विशेष और भी जगह आई तो लव डेट अभी मैं मॉम डाइट के साथ आया हूँ। गोवा गोवा में हम लोग हैं साउथ गोआ में ताज एक्जोटिका बेनोलिम बीच पे है यहाँ प्राइवेट बीच भी था। मैंने कुछ स्टोरीज शेयर की इंस्टागाम पर देखा मैं अभी बता रहा हूं कुछ ऐसी स्टोरीज जो शायद लोग नहीं जानते मेरे बारे में सो आम शेयरिंग couple of them जैसे जो मेरे खासकर कम्युनिटी में मेंबर से क्लाउड किचन नेटवर्क दे नो की मैं चैरिटी पर बहुत इन्फरसाइज करता हूँ, चैरिटी बहुत बात करता हूँ चैरिटी के लिए बड़ा इंस्पायर भी करता हूँ बाय द इस मंथ बदे मंत मैंने ऑलरेडी लगभग ट्वेंटी थाउजन्ड रुपीज की चैरिटी कर दी है आप लोगो ने भी अगर कर दी तो कमेटी मेंबर हैं तो क्युन में मिलना बताना कितना चैरिटी किया और नहीं की हो तो प्लीज जिस भी कैपसिटी में कर सकते हो जरूर करना इससे रिलेटेड 1 स्टोरी बताता हूँ सो बचपन में याद होगा हेल्पेज इंडिया करके रहता था अक्सर बाद में लाइट कम है यहाँ पर रात का समय है तो सोरी for that बट आई होप आपको व्यू अच्छा मिल रहा होगा ये ताज होटल का है एx्जॉडीकाअभी पूरा दिन हो गया यहाँ पे तो मैंने कहा रात में लाइव करते हैं। 1 बार तो बचपन में जो हेल्पेज इंडिया होता था हेल्पेज इंडिया में, वैसे तुम्हें बहुत पढने में एवरेज स्टूडेंट था तो मुझे कभी कोई सर्टिफिकेट या अवॉर्ड नहीं मिले थे लेकिन मुझे सबसे ज्यादा सर्टिफिकेट मिले अवॉर्ड मिले होते सबसे ज्यादा चैरिटी करने बचपन में and i गॉट सो मेनी चारिटी अवॉर्ड्स इस रैली nice सr्tiफिकेटमतलब मेरी क्लास में एटलीस्ट मेरा सबसे आईएस था हर साल और मुझे कभी अजीब नहीं लगा बुरा नहीं लगा चैरिटी के लिए किसी के भला करने के लिए पैसे मांगने में एंड एव या प्रीटी गुड डे कन से चलो सो। ये हो गई स्टोरी नंबर टू मैं आज आपको ऐसे ही अपनी 6 स्टोरीज बताऊंगा ठीक है जो शायद ही आप लोगो ने कभी सुनी होगी मेरे मूह से बद्ध है कुछ स्पेशल करते है है और आम जस्ट शेरिंग this स्टोरीस if o लाइकिंग दिस तो 1 नीचे लाइक दबा। 2 मुझे अच्छा लगेगा पता चलेगा कि आप लोगो को ऐसी चीजें अच्छी लगती हैं। थैंक यू शुरूती थैंक यू मांशु, थैंक यू ऑल ऑफ यू जितने भी लोग विशेष लिख रहे हैं वैसे बहुत प्यारा होटल है पूल टेबल वगैरह भी रखी है और काफी सारे गेम्स हैं लॉन टेनिस गोल्फ भी है यहां पर फुटबॉल क्रिकेट और ह्यूमन साइज चेस भी है वो मुझे काफी इंट्रस्टिंग लगा ऐसी आर्टिस्टिक चीजें काफी अच्छी लगती है। सो सॉरी number थ्री ये मेरे थोड़े और बचपन की आइ बीन ऑलवेज अ पर्सन जो कि ऑन द फेस रहता है जो लोग मुझे जानते हैं मुझे जानते हैं ये बात सो मैं ज्यादा घुमा फिरा के बात नहीं करना पसंद करता और सीधे अगर कुछ जैसा है वैसा बोल देता हूँ। हाँ लेकिन बचपन में कोई फिल्टर भी नहीं था जो होना चाहिए। 1 थोड़ा सा मुह पर फिल्टर होना जरूरी मम्मी बताती हैं। यह बात मेरे बचपन की मैं एलकेजी में था। मैं क्लास में बैठा हुआ था। सो मेरी प्रिंसिपल जो थी मेरा स्कूल का नाम आजमगढ में स्कूल था। टाइनी टॉस उसमें में पढ़ता था। सो मेरी प्रिंसिपल थी। वो 1 दिन क्लास में आई कुछ कुछ इंस्ट्रक्शन दिए चली अगले दिन क्लास में फिर आयेंगे कुछ कुछ इंस्ट्रक्शन दिए उन्होंने कहा कोई डाउट मैंने हार है। मैंने कहा बोलो बेटा। मैंने कहा 1 चीज पूछनी थी आपसे पूछा आपके पास दूसरी साड़ी में आप रोज रोज सेम साड़ी पहन के आ जाते आई नो इट्स वेरी चाइल्डिश बट मैं तादीतेलकेजीमे एंड प्रिंसिपल ने भी काफी मजाक में लिया और उन्होंने सेम साड़ी 2 बार पहनी थी और मैंने वो चीज नोटिस कर ली तो आई फॉर डीटेल कर सकते है लेकिन जो भी दिखता है मतलब बोल देता हूँ मतलब कुछ नहीं समझ में आता जमता तो आई जस्ट स on fests who s o इंट्रस्टिंग लग रहा है यार should i continu कमेंट करके बता loving this just loving it। मैं ऐसे यूज्वली कमी करता हूं im not much of a party peसfuलीसाइलेंस में ज्यादा स्पेंड करना पसंद करता हूँ। आज भी हम लोग इसलिए दे आर साउथ goa क्योंकि यहां पे इट्स वेरी पीसफुल बहुत ही शूटिंग था। मोम के लिए भी पहली बार ऐसा एक्सपीरियंस था कि बहुत ही पीसफुल तरीके से वो आज तक गोआ नहीं आये थे। तो उनके लिए फर्स्ट टाइम गोआ बीच का एकपीरियंस ओबीसी ताज एकजोटिका तो the a वेरी happy सो कपल ऑफ स्टोरीज में शेयर कर रहा हूँ। आज परदे पे मैं आज टोटल 6 स्टोरीज बताने वाला हूँ जो शायद मैक्सिम नहीं जानते मेरे बारे में 3 स्टोरी बता दी। let me share to more the सोरी सो मल्टी मैनेजमेंट इस समथिंग जो कि पता मुझे लगता है हर स्कूल में रिकगनाइज भी करना चाहिए। इसका कुछ प्रोसेस होना चाहिए कि आपको वैल्यू भी मिले अगर आपके पास स्किल हो। क्योंकि लाइफ में अब ओवरऑल अगर देखा जाए। लाइफ में जिन लोगों के पास मल्टी मैनेजमेंट स्किल होती है उनके सक्सेसफुल होने के चांसेज भी ज्यादा होते हैं। मैं ऐसा ही कैरा सिर्फ वही लोग होते हैं सब हो सकते हैं, लेकिन उन लोगो के चांसेज थोड़े ज्यादा होते हैं। प्लस मल्टी मैनेजमेंट स्किल वाला इंसान यूजी विल बी विल हैव। मनी पैसे की दिक्कत तो नहीं होती। सो यह कोई स्टोरी नहीं है। लेकिन हाँ, मुझे जहां तक याद आता है, मेरे स्कूल में जोतिनिगेतन स्कूल है, मेरा आज मैं वहाँ से हो सो। मेरे स्कूल में कैसा हो ता था। 1 साल फेट होती थी, 1 साल एग्जीबीशन होती थी, 1 साल एनुलफक्शनहोताथा, फिर अगले साल फेट होती थी, फिर एनल फंक्शन, फिर सॉरी फॉर, दैट सो इस तरह लुक पे चलता था तो हर साल फेट नहीं होती थी, हर साल एग्जीब्यूशननी होती थी तो हर साल कुछ न कुछ नया होता था। और तो मुझे याद है आई वाज इन सिक्स क्लास जब हमारे कॉलेज में एग्जीबिशन हुई एग्जीबीशन में यह एग्जीबीशन में चलो रूम तक भी चलते हैं भी काफी लेट हो गया है। सो आम जस शेयरिंग सम स्टोरी तो एग्जीबीशन में कैसा होता था कि टीचर्स को जिम्मेदारी दी जाती थी कि आपको एग्जीबीशन लगानी है राइट एंड। जब भी मुझे ऐसी कोई एग्जीबिशन के लिए यूजवली जब टीचर्स होते थे तो उनका कैसा होता था कि वो जस्ती बच्चों को पकड़ते थे कि बेटा तू लगाएगा। मेरी एग्जीबीशन इस टाइप का रहता था। वे मेरे साथ ऐसा रहता था कि जो भी टीचर जब भी पूछती थी, कौन एग्जीबीशन लगाएगा। मेरा हाथ हमेशा खड़ा होता था। आम सौरी मैं अभी लॉबी से जा रहा हूँ तो थोड़ा अंधेरा यहाँ पर बात ठीक है यार यहाँ पर न बहुत लंबे लंबे गैलरीज है और तब जाकर रूम अच्छा है। काफी प्यारी पीसफुल आप देख सकते हो शांत अंधेरा थैंक यू जानवी, थैंक यू आल फ्यू फॉर विशेस सो मैं स्टोरी बताता हूँ टीचर्स अक्सर टीचर्स अक्सर बच्चों को पकड़ा करती थी। ये मेरा इंटेंशन रहता था कि जितनी मैं एग्जीबीशन लगा सकूं तो मेरी हर एग्जीबीशन में कम से कम 57 अलग अलग सब्जेक्ट्स की वो डिस्प्ले लगता था। सो मैं मेरा स्पोर्ट्स में, हिस्ट्री में, स्ट्री में, जोग्राफी में, अलग अलग सब्जेक्ट्स में मेरा कुछ न कुछ लगा होता। and i use to love that, तो ये बड़ी intersting story and इसी तरह जो फेट होती थी फेट जिसमें स्टॉल लगते हैं और जिसमें आप पैसे कमाते हो, आप लोग में से भी किसी ने लगाई होगी कभी बचपन में, हाय आरोन, थैंक यू सो मच है बस मैं शेयर कर रहा हूं ऐसे कुछ स्टोरीज मेरे बारे में जो बहुत लोगों को शायद ना पता हूँ। सो आप लोगो ने, किसी ने अगर कुछ स्टोरीज लगाई, वो फेट्स लगाई हूं जिसमें स्टॉल लगाते हैं, चार्ट की गेम्स की बच्चे आते थे, खेलते थे, पैसे देते थे, कुपंस देते थे, जो वो खरीदते थे स्कूल के काउंटर से तो मतलब मेरा अच्छा खासा कलेक्शन हो जाता था। यूजल मोर दैन what वट आई एंटिसिपेटेड अगर मतलब कई बार ऐसा भी होता था कि पूल का सबसे बडा colection मेरा that use to be fun हैप्पी बड्डे टू यू हैप्पी टू सो अभी मैं रूम में आ गया टी tank पापा आवाज कम sorry for it हमारा रूम है बहुत ही प्यारा सा के any se guys i think ये hotel की trp all right। सो थोड़ा लेते हैं सो just gid moment गाईज फिर मैं आये स्टोरी कंटिन्यू कर रहा हूँ you can jst एचबीडी all right we simple मॉमडैड के साथ केक कटिंग कैमरा दान कर देता है अलललराiट गाडी आगे epीबडेtो apko ye s simple sweets थैंक यू कैमरा चेंज कर लेते हैं सो गाइज कैसी लगी मेरी स्टोरीज विल यू लव दम चलो की कटिंग भी होगी आपके सामने। i hope you loved it सो मैंने 40 टोरीज बता दी दी 2 फटाफट और बताता मैंने promis बहुत बड़ा फूडी राउंड देखो में फूड बिजनेस में हूँ फूड बिजनेस लोगों की हेल्प कर रहा हूँ तो its ऑvioसdसटttऑv्यस कितना बड़ा फूड में बता दा कॉलेज के टाइम की बात है, जब मैं अन भी नहीं कर रहा था। बहुत ज्यादा पैसे नहीं थे कुछ कॉम्पटीशन जी जात के थोड़े बहुत पैसे इकट्ठे करके। 1 बार ऐसा हुआ था कि मैं इंदौर में रह रहा था और इंदौर से पूरा गया था बस पकड़ के, क्योंकि और कुछ साधन के लिए पैसे नहीं थे। एकदम लोकल जनरल वाली बस पकड़ा और रात भर ट्रैवल किया सुबह पहुंचा सुबे पहुँच के। मैंने सर्वे खाया और फिर दिन में सबवे खाया और फिर पैक कराया सर्वे से। और मैं बस पकड़ के। वापस आ गया में साउंड लिटल वर्ड फूड और सबवे क्यों क्योंकि पूरे एमपी में जहाँ पर मैं था मध्य प्रदेश में, वहाँ पर कोई सर्वे ही नहीं था। सो आई वेंट टू, वेंट टू, पूरे, स्पेशली सिर्फ सब्देखानेकेलिए बहुत पुरानी बात है, लेकिन इतना क्रेज फूडीगाजबपैसेनीं तब की बात कर रहा हूँ। मैं सब खाया खाएंगे और मैं वापस आ गया दैट वाज, वन और फार्मेल्टीज। मुझे कभी पसंद नहीं रही। सो आई, ट्राई टू, कट, टू, द चेज डायरेक्टली। इसके लिए भी 1 बचपन की कहानी में ले जाता। मम्मी काफी शेयर करती हैं, सो क्या होता था कि कभी कोई कुछ ऑफर करता था खाने तो मैं अक्सर खा लिया करता था, भाई दिया है तो खा लो तो सीधा हिसाब दिमाग नहीं लगाता। और हुआ यह कि मम्मी ने देखा कि तो कुछ भी खा लेता है कोई ये तो मैनर्स नहीं होते। तो मैनर्स के लिए। मम्मी ने से कहा की बेटा कोई जब तक 12 बार नहीं पूछ ले तब तक नहीं खाना चाहिए। मैंने कहा ठीक है 12 बार पूछेगा तब खा लेंगे। तो मैं अपने बगल में आंटी थी उनके जाकर।
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