Burhanpur se ₹81 Lakhs Restaurant | 4 Brands from 1 Kitchen | Tier 3 Success Story | Abhinav Saxena

This chunk is a Hindi transcript of an interview where host Abhinav interviews Ankit Shah about growing a food business from a Tier-3 district (Burhanpur/Ghuranpur, MP). Ankit describes leaving an IT job, earlier work in construction, then launching a food outlet with an initial investment of ₹15 lakh. He discusses product-packaging, standardization, hiring, multi-branding from one kitchen, community support (Silver/Gold/Platinum memberships), and motivational lessons for entrepreneurs in small towns. The interview also cites concrete milestones (≈5,500 customers served) and reflects on personal growth, confidence, and resilience through COVID setbacks.
Questions this video answers
₹15,00,000 (fifteen lakh rupees).
About 5,500+ customers.
घुरानपुर (referred to alongside Burhanpur), Madhya Pradesh.
1 छोटा सा डिस्ट्रिक्ट है टीयर थ्री डिस्ट्रिक्ट है अक्सर लोग डाउट करते हैं टीयर थ्री डिस्ट्रिक्ट्स पर। और अंकित जी ने उस डिस्ट्रिक्ट से अपना बिजनेस स्टार्ट किया उनके ब्रांड हैं सेट से ठानी जो ओरिजनल ब्रांड था जिससे स्टार्ट किया, फिर स्वादिष्ट भोजन और ऐसे मल्टीपल ब्रांड्स उन्होंने किए और उस 1 किचन से उन्होंने आईटी वन लाख रूपीस का बिजनेस किया है। सो हाव, फील, वॉव, टाइप, वाव, इन चाइटबॉx्स। और अगर आप कम्यूनिटी के ऑलरेडी मेम्बर हैं क्लाउड किचन नेटवर्क के तो फैम भी लिख देना और साथ ही मुझे यह भी बताइए कहाँ कहाँ से ज्वाइन कर रहे है। मैं देखना चाहता हूँ ये वीडियोज कहाँ तक पहुँच रहे हैं। तो हो सकता है आप रिकॉर्डिंग देख रहे हूँ लेकिन शेयर जरूर करें और शुरू में बोल देता हूँ प्लीज हम सेलिब्रिटीज को, फिल्म स्टार्स को और क्रिकेट स्टार्स को और पॉलिटिशन को भी से फैनब्ाइनकरते उनके फैन हो जाते हैं। लेकिन मुझे लगता है की बिजनेस ओनर्स जो है जो लोगों के लिए जॉब क्रिएट करते हैं, जो लोगों को अच्छी क्वॉलिटी प्रोडक्ट्स देते हैं, सर्विस देते है उनको ऐक्चवली स्टार बनाना चाहिए वैसे ही 1 कोशिश है ये इंटरव्यू के माध्यम से। तो इस चैनल को सब्स्क्राइब नहीं किया हो। तो कर लेना इसे आने वाले बहुत सारे वीडियोज प्लाइनआपकेलिएइन फैक्ट राज के बाद बता रहा हूँ प्लानिंग तो ब्रिंग सम इंडस्ट्री एक्सपर्ट आलसो फॉर यू क्या आप चाहोगे किसी इंडस्ट्री एक्सपर्ट से भी सीखना अपने बिजनेस को कैसे ग्रो कर सकते हैं कैसे इम्प्रूव कर सकते हैं कमेंट करके बताओ किस टाइप के इनडसटएक्सपर्ट से सीखना चाहोगे मे बी सी के मे भी कोई और बिजनेस के आई लव तो ब्रिंग तो कमेंट करके बताना तो विल प्लाइंग समथिंग बट आज का सेशन आज का ये वीडियो फोकस रहेगा on the अचीवर ऑफ दिस माइलस्टोन जो हमारा हाल होता है 3 लाख से नाइनटी नाइन लेक्स का और अंकित शाह जी को मैं इनवाइट करना चाहूंगा सो अंकित शाह जी कoंगरaचuलेशion फॉर अचीविंग माइल ston.
कर सकते हैं येस थैंक्यू थैंक्यू सर थैंक्यू सो मच आपने मुझे इस स्टेज पर बुलाया बहुत मतलब 1 नया एनर्जी आ जाएगी इस इंटरव्यू के बाद मेरे अन्दर बहुत मजा आएगा सर फॉर शूर.
अभी रिसेंटली हमने इंदौर में इवेंट भी किया था तो अंकित जी ने आई वांट टू थैंक हिम एकदम सेल्फलेस होकर बिना कई बार होता है कस्टमर हम सोचते है की हमारे मतलब हमें क्या फायदा मिलेगा। अंकित जी ने सेल्फलेस होकर उस इवेंट में भी हमको बहुत ज्यादा सपोर्ट किया है व मैजिक क्रू ही सपोर्टेड स लाइक ब्रिलिंटलीजिसकी वजह से वो इवेंट बहुत अच्छा हो पाया है और शोर अंकित जी जितना आपने हेल्प उतना आपको भी हेल्प लोगों से मिली यस सर यस.
सर थैंक्यू सो मच आपने मैजिक क्रू का भी 1 चांस होता है वो भी आपने दिया वो भी बहुत में आपने सलेक्टेड लोगों को रखा था कि एक्चुवल में और आप लोगों ने मतलब चूस कैसे किया था की सारे लोग ऐसे थे की सब लोग हेल्पफुल थे 1 वो चोइस भी बहुत इम्पोर्टेंट होती है।
ऐब्सोलूटली सो ऑनसलीगिवरसरगेटरस। आप कभी भी किसी की हेल्प करने से पहले सोचते नहीं है और इसलिए आपको भी ये सारी चीजें मिलती है। सो थैंक यू अगेन फॉर बीइंग हर इंस्पायरिंग सो मेनी पीपल बहुत सारे लोग हैं आज जो छोटे शहर से देख रहे होंगे, गाइज अंकित जी घुरानपुर से हैं, एमपी में डिस्ट्रिक्ट है और वहाँ से इन्होंने अपना आउटलेट स्टार्ट करके ये माल्टो किया है अंकित मैं लेकिन आपसे यह पूछना चाहता हूँ की क्या आप हमेशा से फूड बिजनेस में थे या इससे पहले आपको कोई एक्सपीरियंस कोई आइडिया नहीं था फूड बिजनेस के बारे में और उसके बाद आपने स्टार्ट किया फ्रेश.
सर फ्रैंकली देखा जाए तो मैं इससे पहले 1 आईटी प्रोफेशनल था मैंने एच पी हेवलेट पेगर में जॉब किया है। फिर उसके बाद मैं होमटाउन वापस आया थर्टी फोर मंस के जॉब के बाद होमटाउन वापस आया यहाँ पर कुछ नहीं समझा तो कंस्ट्रक्शन प्लस बिल्डिंग सप्लायर का काम किया। ओ काफी अच्छे से किया था, बहुत अच्छे लेवल पर किया अल्ट्राटेक मोयरा स्टील अपने यहाँ जो मोयरा स्टील अच्छा फेमस है सब चीजों का काम कर रा है कंपनी से सारे चीज का एक्चुवल प्रॉब्लम यह थी कि उसमें जो उधारी वाला धंधा है और मैं अकेला उस मैने उसको मैनेज नहीं कर रहा पा रहा था या तो सेज देख लो या तो फिर वसूली देख लो उस कारण से। फिर मैंने उस चीज को वाइंड अप करने का पूरा फुल मतलब फुल प्रूफ प्लान के साथ उसको वाइंड अप किया और मुझे फुड बिजनेस में बहुत पहले से जाना था पर कुछ पढाई में अच्छे होने के कारण और हर चीज में अच्छे होने के कारण माक्स अच्छे आते गए, इंजीनियरिंग करने चले गए, फिर उसके एमबीए या फिर ये सब करते करते करते जैसे डेस्टिनी चलती जा रही थी वैसी चलती जा रही। फिर फाइनली मैंने डिसाइड किया कि नहीं अब टाइम आ गया है, अब फूड इंडस्ट्री में जाना है। स्टार्टिंग में बिना सोचे कुछ समझे जैसा मन में प्लान आया वैसा डाल दिया, एकदम कच्चा सा कंस्ट्रक्शन 1 साथ ड्रीम प्रोजेक्ट टाइप में डाल दिया। पंद्रह लाख का, उसमें इन्वेस्टमेंट किया था स्टार्टिंग स्टार्टिंग इन्वेस्टमेंट पंद्रह लाख का किया था। काफी अच्छे लेवल पर करने की कोशिश करी बहुत अच्छे से कर.
सो वहाँ से। फिर फूड बिजनेस में आपकी एंट्री होती है सो लेट मी आस्क यू आपके ब्रांड्स के बारे में कुछ बताइए विदाउट बैग्राउंड पहले तो फूड बिजनेस में आना कैसे हुआ यही क्यों सोचा और मुझे यही ब्रांड क्यों सोचा दोनों चीज जानना.
चाहूँगा मैं आपसे काफी दिनों से ऐसा था कि फूड इंडस्ट्री में जाना है, मुझे तो होटल मैनेजमेंट भी करना था लेकिन नहीं कर पाया माक्स अच्छे होने के कारण कई बार ऐसा होता है की अच्छे होने से भी बहुत प्रॉब्लम होती है। तो वो मेरे साथ हुई थी, एवरेज स्टूडेंट रहता तो घरवाले भी अलग कर देते जाओ कोई मतलब ही तुम्हारा करके वैसे भी सर टू थाउजन्ड, एटीन में डाला था मैंने मेरा जो भी ज्वाइन था उसको टू थाउजंड, एटीन में डाला था स्टार्टिंग में बहुत अच्छा रिस्पांस मिला फिर बहुत मतलब आप बोले लास्ट डिप जो होता है वो इतना खतरनाक डिप आया था की हम लोग ने प्लान कर लिया था कि अब तो गए क्यूँकि ये इन्वेस्टमेंट भी कर लिया है, पुराना बिजनेस भी बंद कर लिया है, अब बस जो है अब ये है और इसमें भी कुछ हो नहीं रहा है। उसके सारे थे, न कोई सिस्टम था, न कोई प्लानिंग थी, बिना प्लानिंग के चले जा रहे थे, चले जा रहे थे, कुछ दिन तक वो चला और उसके बाद 1 ब्लास्ट जैसा सब खत्म हो गया, फिर कोरूना आ गया और और बहुत अच्छी चीज होती है एकदम बिल्कुल हो गया फिर सिर वो देखा क्या आप फुड बिजनेस में सक्सेसफुल बनना चाहते है, यस सर उसको उसी दिन ज्वाइन किया 3 घंटे का क्लास था ऐसा ऐसे ज्वाइन किया पॉवर कट हेडफोन लगा कर के सिर्फ सुना क्योंकि देखने के लिए जो बैटरी लगती थी उतनी बैटरी भी नहीं थी मेरे मोबाइल में उस टाइम पर, तो फिर भी सुना सुना सुना आखिरी में कुछ मुझे याद है सेवन परसेंट या 8 पर्सेंट बचा हुआ था और वो पेमेंट मोड था, तो मैं ये प्रे कर रहा था की यार ये मिस हो जाए मेरे से मतलब बैटरी ड्रेन न हो जाए और मैं नहीं कर पाऊं। तो टू थाउजंड ट्वेंटी वन मुझे याद है कहाँ बैठा था वो भी मुझे याद है कैसे किया था ज्वाइन करते ही इतना फोकस था, मुझे मालूम था की मुझे कुछ चाहिए और इस कोर्स से मुझे लग रहा था कि कुछ होगा और एक्चुवल में हुआ सर आपने जैसा जैसा गाइड करते गए उस टाइम पर हम लोगों ने हमारे प्रिप्रेशन पर ध्यान दिया, जो चीज लैग कर रही थी उसी चीज को सबसे ज्यादा ध्यान दिया, आपके कोर्सेस में भी दिया हुआ है कि आप पहले तो सबसे बेसिक चीज है उसको मतलब उसका जो फाउंडेशन है फाउंडेशन को स्ट्रॉंग करिए। तो फाउंडेशन पहले स्ट्रॉंग किया, फिर से कोरोना आया, जो सेकेंड कोरोना आया सिर उसके बाद फिर रुके नहीं, उसके बाद फिर गोल्ड मेंबरशिप लिया। उसमें गोल्ड मेंबरशिप तो मैंने 67 दिन मे ही कनवर्ट कर लिया था, सिल्वर के सारे कोर्सेज मेरे हो गए थे, इतना डेस्परेट था मैं काम करने के लिए, सब सिल्वर के भी कम्पलीट कर लिया, सब कुछ कर लिया था गोल्ड को भी फटाफट फटाफट करके फिर जैसे हर चीज लॉन्च करी आपने, फिर पैकेजिंग के बारे में बताया पैकेजिंग बहुत इम्पोर्टेंट होती है। तो हम लोगों ने क्या कहा था दाल बाटी का 1 पैकेज बनाया था ओके तो सिर उससे इतना फ्लो आया जैसे बोलते हैं की जो चीज अनएक्सपेक्टेड होती है वो चीज हम लोग इतना जान मतलब लोग हमको जानने लग जाते है उस चीज से की जैसे दाल बाटी हमारे एरिया में बिल्कुल ऐसा कॉमन चीज है ऐसा कोई यूनिक चीज नहीं है, लेकिन उसको पैकेजिंग जिस तरह से हमने करके दी थी और उसकी जो डिलीवरी हम लोग दे रहे थे। तो 11 दिन में जब 50, 50, 60, 60 प्लेट्स जा रही थी वो तो फिर ऐसा और उस टाइम पर वृंदावन मिश्रा जी है में मोटीवेशन आ रहा था कि वो बोल रहे है की हम इतने पार्सल दिन भर के देते देते मैंने उनको हराना है उनको हराना हेल्दी कॉम्पटन ने दे दे आदि ने तो न तो दे दू तो वो उस टाइम पर वन थाउजेंड का चल रहा था उनका की ऑन थाउजन्ड प्लेट्स जा रही है आपको याद होगा.
शायद हजार ऑर्डर्स पर है तो उनको.
हराने के लिए मैंने दाल बाटी का लॉन्च किया और अच्छा हुआ ऐसा हुआ कि संडे के दिन हमने लॉन्च किया वो हमको बहुत अलग असर पड़ गया। संडे के दिन बिजनेस जो दूसरा जो नॉर्मल रेगुलर बिजनेस है वो उसके डैमेज हो रहा था इतना ज्यादा वो उधर फोकस हो गया वाह फिर सिर उसको बिल्कुल कंट्रोल कर कर के होते होते होते उसे चीजें सारी सेटल हुई वह.
सुपरऑसम दैट्स वेरी इंस्पायरिंग सो सो गई कितने लोग आज जो इंटरव्यू देख रहे इंस्पायर फील कर रहे चाट में थोड़ा लिखते रहो 1 बार अंक को कंग्राचलेशनबोलेना और इस विडियो को लाइक कर 2 शेयर करो। ऐसे न सुनने की जरुरत है मैं को लग रहा है वो आईटी जॉब में है और ये सब बातें होती है करनी कोई पाता है तो दिखाओ जरा अंकित जी ने करके दिखाया क्यों नहीं कर सकते और अपने घर वापस आये और छोटे शहर में करके दिखाया तो कहीं भी किया जा सकता है। सो मुझे बताया अंकित कोर्स में जैसे आपने 1 पैकेजिंग हाईलाइट किया तो 23 और कोई आपको जो याद हो जिनसे आपके बिजनेस में ट्रांसफार्मेशन हुआ एकदम कायापलट हो गई जो पहले से चल रहा था और जो इसके बाद आपने चलाना शुरू किया जो भी आपने इ्लेमेडेशनकिया 23 चीजें आप शेयर करना चाहे तो ्टेंडरडाइजेशन.
सबसे अच्छा स्टेंडर्डाइजेशन सारी चीजों के लिए 1 ही ऑप्शन है। हम लोगो की इंडस्ट्री में किस्टेंडडाइजेशन होना जरूरी है आप खराब से खराब खाना खिलाओ लेकिन रोज खराब खाना खिलाओ, 1 दिन खराब खिला दिया, दूसरे दिन अच्छा खिला दिया यह बहुत ज्यादा असर करता है। अब खराब खिला रहो तो वो खराब चीज भी कई लोगो को पसंद आएगी लेकिन वो आपके पास आना चाहे नहीं मतलब मैं वैसा कह रहा हूँ सर जो बोल रहा हूँ मजाक कर रहे की आपको टेस्ट जो होता है वो कॉन्स्टेंट होना चाहिए। कंटेंट ने जब एक्सपेक्टेशन हो जाती है की इस टाइप का खाना खाना है तो मुझे उस जगह जाना है स्टैंडराइजेशन बहुत जरूरी है सिस्टम डेवलपमेंट बहुत जरूरी है। हम लोग मार्केटिंग कुछ भी नहीं करते थे, मार्केटिंग थोडी सी करना चालू करी उससे बहुत रेस्पोंस आना चालू हुआ तो मार्केटिंग करना चालू नही। तो हम पहले 1 फ्लैक्स लगा लिया, होर्डिंग लगा लिया जैसे छोटी सिटी में होता है 3025 सौ रुपए का खर्चा कर लिया हो गया मार्केटिंग को सर ने हो रहा कुछ नहीं रहा वो मार्केटिंग होती ही नहीं है देखा जाए तो वो तो सिर अपना जीएसटी में शो करने के लिए एक्सपेंस होता है और कुछ नहीं होता सिर फाईफाईफाइववाला सिस्टम आपका बहुत वर्क करता है। ऐसे ही हायरिंग हायरिंग जो स्टार्टिंग में हायरिंग करी थी शेफ लोगों को, जैसे हम लोगों ने ट्रेन किया न ट्रेंड शेफ लेने से बहुत प्रॉब्लम होती है। जैसे आपने भी कहा कि एकदम बिल्कुल बहुत बड़ा बड़ा शेफ ले लो, उनके हिसाब से चलता है, शेफ चला जाए तो अपना सिस्टम चला गया, वो नहीं होना चाहिए। सबसे सही सिस्टम यह है की हम लोग उस आदमी को हायर करो जिसको आगे सीखना है और वो भी सीखे, अपन भी सीखे उसके उससे ग्रोथ होगी।
वाह वाह सो सिस्टम स्टेडराइजेशन मार्केटिंग मल्टीपल थिंग साइकिल टोटली से देख पा रहे हैं कि मेहनत की अंकित जी ने, तो अगर आपको ऐसा लग रहा है कि अंकित जी कर सकते तो मैं भी कर सकता हूँ, हाँ भी और न भी नहीं क्यों क्योंकि आप उतनी मेहनत करने के लिए तैयार हो तो आप कर सकते हो। और हाँ क्यों? क्योंकि जी कर सकते है तो कोर्स कर सकते हो, शर्त है आप वो मेहनत करते हो तो ओके और अंकित जी बाद प्लैटनंमेंबर भी है तो आम नोट सें की अंकित जी ने कर लिया है तो हर कोई कर सकता है। बट हाँ अगर वो आप कमिटमेंट दिखाते हो और टाइम मनी इन्वेस्ट करते हो अपने ऊपर और एफर्ट डालते हो, कोर्स से नहीं कोर्सेज सीखते हो, अप्लाई करते हो। aबसोलूटलयूगेट दिस रिजल्ट सो अंकित मुझे ये बताओ की जो जॉब में था अंकित या जो इस बिजनेस से पहले अंकित था या जो बिजनेस में स्ट्रगल करने वाला अंकित था, तब से वो पूरे टाइम पीरियड से आज के अंक में क्या अंतर आप महसूस करते हो, क्या डिफ्रेंस आपने देखा है, पर्सनली मैं जान.
बस जॉब के अंदर जॉब में तो जैसा हमारा फ्लोर मैनेजर और जैसा हमारा एरिया मैनेजर बोलता था हमको वैसा करना पड़ता था, ठीक है वहाँ से घर आ गए, घर आये, कंस्ट्रक्शन एरिया में गए, दिन भर 1 ही चेयर पर बैठे फ़ोन लगाया ऑर्डर लिया ये करा, वो करा। एक्सपोजर जीरो हम लोग बस पैसा आ रहा है, जा रहा है, आ रहा जा रहा है, आ रहा जा रहा कर रहे थे। इस इन्डस्ट्री के अन्दर सर हम लोग मतलब लोग हमको पहचानते है, आज मेरी सीटी भले छोटी है, लेकिन ये कंडीशन है की मैं कहीं जा कर के कहीं कुछ खड़ा हो जा। 6 लोग आ जाते है, भैया क्या हो गया मैंने बोला भाई साहब खड़े रहने 2 हमारा भी देश है, हम.
भी खड़े रह सकते है। तो ये जो सारा है आपने जो.
सारे ट्रांस जैसे की तरफ जाते जाते हैं, टाइम सारी चीजे आपके पास ऑटोमेटिकली आती है इससे कॉन्फिडेंस डेवलप होता है की हम लोग आगे और भी बड़ा कुछ कर सकते हैं। जैसे की स्टार्टिंग में क्या होता है की लॉन्चिंग के टाइम पर हम लोगों के पास उतना कॉन्फिडेंस नहीं होता है। जैसे जैसे आप लोगों का सेल बढ़ता जाता है, रिव्यूज अच्छे आते जाते है, कस्टमर अपने प्रोडक्ट को पसंद करता है, उसके बाद अपना जो कॉन्फिडेंस आता है वो बहुत अलग होता है। जैसे अभी मैं आपसे बात कर पा रहा, अभी 6 साल पहले नहीं कर पा रहा होता। उतना कॉन्फिडेंस नेता के सर ऐसी बात कैसे करूँ टू थाउजन्ड ट्वेंटी वन में अगर आप बोलते हैं कि मैं इंटरव्यू दे रहा हूँ तो मैं तो बोलता कुछ हो नहीं सकता, बोल नहीं सकता.
हूँ नहीं पूरी कायपलट देख सकते है की किस तरह से आपका कॉन्फिडेंस और स्माइल टोटल रिफ्लेक्टिंग दा। सो ब्यूटिफुल ऐज अ पर्सन मैं पर्सनली आपका ये भी जानना चाहता हूँ। कई बार हम बिजनेस तो स्टार्ट करते हैं, वे भी कोर्सेज भी देखते हैं लेकिन कोई दोस्त नहीं होते, हमारे तो इस कम्युनिटी का असर क्या रहा है। आपके ऊपर आई वान्ट टू अंडरस्टैंड क्योंकि वी नेवर से की कोर्सेज हैं। 10 इस मेंबरशिप जहाँ पर कोर्सेज साथ में इम्पलीमेंटेशन पूरी कमिटी भी मिलती है तो आई वांट टू। अंडरस्टैंड आपका क्या रहा है या सिर.
गोल्ड मेंबरशिप तक तो था कि हम लोग 1 दुसरे को जानते थे, ठीक है फैमिली थी लेकिन ऐसे थोड़ा थोड़ा दूरी थी हम लोगो के बीच में, जितने भी हमारे ग्रुप मेंबर्स थे हम लोगो के बीच में थोड़ी थोड़ी दूरी थी। जैसे जब से प्लैटिनम ज्वाइन किया वो एकदम ऐसा हो गया की हम लोग बस भाजूबाजीमें रहते है, पडोसी में है बस आपने मेसेज किया उधर से 4, 6 10 लोगों का रिप्लाय आ जायेगा हमको जो भी चाहिए वो फटाफट फटाफट हो जाता है सिर आप अब आप यहाँ तक आये तो मैं 1 छोटी बात बता दू। जैसे आये थे इंदौर में एफ बी आर जी तो सर टीम बिल्डिंग का जो कॉन्सेप्ट था वो आपने जिस तरह से उस गेम में खिलवाया हम लोगो को तो ये हमको ऐसा नहीं था कि हम लोग उनको जानते हैं, जानते अक्सर हरितवाल जी जो मेरे ग्रुप में थे हम लोगों ने उनको कभी देखा नहीं था, कुछ भी सुना नहीं था वो वो इसमें प्लेट ग्रुप में इतना इन्वॉल् उनके बारे में मुझे मालूम था मेरे बारे में, उनको ऐसा करते ऐसा होते होते सिर फैमिली हमारी बहुत बड़ी है जी आपको तो बस आपका डाउट क्या है, आपके मन में, आपको प्रॉब्लम क्या है ये सब उनसे शेयर करना है आपका सॉलूशन आपके साथ रेडीमेड रहेगा, विदिन टू आर्स, वह किसी भी तरीके का सॉलूशन रहे। सिर ये फैमिली की शक्ती है।
सर ब्यूटिफुल दैट इज पावर ऑफ़ कम्युनिटी.
एंड.
सिल्वर मेंबर्स ऑल्सो, गेट, कनेक्टेड, प्लैटन, पे, वो और क्लोजनेस आ जाती है बाय द जो लोग नहीं जानते हैं एफ बी आर के बारे में जो बात कर रहे हैं सो बेसिकली हमने ये 2 दिन का 1 बड़ा इवेंट किया था इंदौर में फ्यूचर में कुछ ऐसा होगा या आप चाहते हो तो कमेंट में लिख के बता ना तो मे भी वी कैन थिंक। अबाउट अभी स म नोट प्लानिंग नहीं.
सर शोली करना है सर 1 बार.
सो, this is a फोटो आम शेयरिंग, this all the मemबrसprोकnint hndेdpeopl ओverआल और बहुत सारे लोगो ने सो अंकित जी का फोटो, पहले मैं शेयर करता हूँ अंकित जी गेडिंग अवॉर्ड for holi fan again, these are my grows, जिनको मैंने इनवाइट किया था। that even i always credit all my success to my grows। ये है वो सारे अवॉर्ड विनर्स डिफरेंट डिफरेंट अवॉर्ड्स के लिए cरtेरिाउन्होंने क्रॉस किया any awords superosमफीलं। सो असम सो अंकित जी लेट मी आस्क हूँ क्यूंकि आपका बैग्राउंड बिजनेस का नहीं था, न ही फूड बिजनेस का था, बिल्कुल भी नहीं था, कुकिंग आती थी आपको हंड्रेड परसेंट ओके कुकिंग आती थी सो जब पहली बार आपने ऑर्डर सर्व किया तो आपकी वो फीलिंग कैसी थी? फर्स्ट टाइम वो ऑर्डर सिर मुझे आज.
भी याद है, टू थाउजेंड एटीन दिसम्बर का टाइम था ओके जब फर्स्ट कस्टमर जब अंदर आया था 1 सरदार फैमिली थी। मैं उनको जानता हूँ सरदार फैमिली थी तो मुझे ऐसा लगा की पूरी फैमिली एक्चुवल में कार में बैठ कर के अपने यहाँ आई है। खाना खाने ये सर बहुत अलग फीलिंग होती है, फर्स्ट वाला ऑर्डर का जो फीलिंग होता है उसका कोई तोड़ नहीं है। और सेम जब पैकेजिंग डेवलप करने के बाद जो फर्स्ट पैकेज गया था, जो हम लोगों ने बॉक्स बॉक्सेस वाला पैकेजिंग किया था, पेपर, बैक्स, टिशू पेपर, फिर नाइट और फोक एंड ये सब सेट बना कर के जो फर्स्ट वाला पैकेजिंग किया था उसका फोटो है मेरे पास पर ढूंढना पड़ेगा बाकी है जरूर सब बहुत वो, बहुत अच्छी फीलिंग है।
सम और अभी लगभग मैं देख भी रहा था। आपने तकरीबन तकरीबन 5500 से ज्यादा लोगों को सर्व किया है। कैसा महसूस होता है इतने सारे लोगों को सर्व करके 1 क्वालिटी खाना सटेंडरडाइजवेमें हो, डो फील, अबाउट इट सिर मुझे।
हर कस्टमर के चेहरे पर जब वो जाता है न तब मुझे उसके चेहरे पर खुशी देखने का मन होता है। मैं खाना इसलिए खिलाता हूँ की जब वो रिटन जाए तो वो मेरे साथ खुश होके जाए। मेन मोटो ही वो है होता है कभी कुछ ऊपर नीचे होता है। वो तो सारा चीज है लेकिन नीयत जो है अन्दर की वो यही है की प्रॉपर डिलीवरी, प्रॉपर हर चीज होनी चाहिए जिसके कारण कस्टमर खुश होकर के.
घर जाए ब्यटीफुल ब्यूटिफुल ये फूड बिजनेस स्टार्ट करके और लोगों को सर्व करके आपके अन्दर कैसा बदलाव महसूस किया आपने आपके अन्दर क्या इम्पैक्ट पड़ा है।
सिर 34 इम्पैक्ट हुआ है फर्स्ट। तो मैं बताऊं कि इतने सारे लोगों से इंटरेक्शन करने के बाद अब किसी को भी देख कर के मैं बता सकता हूँ की ये परटिकलरव्यक्ति किस टाइप का होगा यह हमारे खाने को पसंद करेगा या नहीं पसंद करेगा। उसको सर्व करने से पहले हम लोगो को समझ में आ जाता है। इसकी रेटिंग तो भाईसाब आने ही वाली है। यह आदमी रेटिंग हमको देगा नहीं और देगा भी तो नेगेटिव देगा तो उसको अप्रोच करने का भी कोई सेंस नहीं बनता है। वैसे ही हायरिंग के अन्दर इतने सारे लोगों को रख लिया है और बाहर भेज दिया है की अब जैसे कोई इंटरव्यू के लिए आता है तो उससे पहले ही मैं बता देता हूँ कोई काम का नहीं है इसको लाओ ही मत अंदर तुम इंटरव्यू लेकर के अपना पंद्रह 20 मिनट वेस्ट करोगे ऐसा मैं टीम को पहले ही बोल दिया था। और टीम तो भी मानती नहीं है, उनका इंटरव्यू करती है, ऑर्गेनाइज करती है, करती है, फिर रात में मुझे बोलता है। सर आपने पहले बोल दिया था मैंने हमने सुनी नहीं तो ऐसा ये सारी चीजें सर और मुझे खुशी होती है। जैसे ऐसा नहीं है की खाना बना रहा है। इतना पढ़ लिख कर के खाना बना रहा ये कोई सर जिस दिन से किचन में जाकर काम करना चालू किया है, उसी दिन से सक्सेस मिली है। जब तक बार बार ऐसा बैठ रहे थे, काउंटर पर बैठ रहे थे, देख रहे थे ऑर्डर कैसे, हर ऑर्डर कैसे जा रहा है। सर कोई मतलब लोग पसंद भी नहीं कर रहे थे, हम लोगो को कोई वैल्यू भी नहीं थी, अभी सारी वैल्यू मिल रही है। चीज जितना हम लोग निकाल रहे, दे रहे है, उतनी हमको वैल्यू मिल रही है।
एबसोलूटलीऊपरऊपर ऐसी नहीं, अंदर जाना है, लेकिन अंदर रहना नहीं है, उसको सिस्टम डेवलप.
है, अंदर रहना नहीं है। लेकिन अंदर जाना जरूर बाल जरूर होना है।
ऑफ़कोर्स खाद गंदे करने, पड़ेंगे, हाथ गंदे.
करने पड़ेंगे सर जी वाह।
लेकिन अंकित जी, मैं यहाँ पूछना चाह रहा हूँ की आपके इनसाइड जो आलवेज बिलीव की पैसा इंपोर्टेंट नहीं है, ठीक है। एटी वन लाख रूप, जो भी हुआ वो साइड मैटर है। इस जर्नी में जो आप इंसान बन गए वो ज्यादा इमपोर्टंट है। तो ऐसे इंसान आपके अंदर क्या बदलाव आया। वो मैं जानना चाहता हूँ, आपकी फीलिंग कैसे आपका लेवल कैसे शिफ्ट हुआ सर.
मैं बहुत कॉन्फिडेंट फील करता हूँ। अब ओके ऐसा लगता है की हम लोग तो इलर चला रहे है, तो ऐसा लगता है की हाँ ऐसे खड़े, ऐसे चलाना नहीं तो क्या होता है। ऐसा डल फीलिंग आता है अपने पसंद का काम में सक्सेस होने के बाद जो फीलिंग आती है जैसे बोले बचपन में अपने माँ पैरेंट बोलते है की सीधा चलो, तुम झुक कर के मत चलो। तो बाकी सारे बिजनेस में क्या होता है की या तो सिर्फ पैसा पैसा पैसा होता है, या तो फिर लॉस लॉस लॉस होता है। यहाँ दोनो चीजे है, हम लोगो को सक्सेस भी मिल रही है, फेम भी मिल रहा है, तो इससे अच्छा तो कुछ हो ही नहीं सकता है.
ब्यटीफुल कॉन्फिडेंट फील करते है, ब्याटfुlनीएवरी बिजनेस हैज जर्नी ऑफ़ डाउन, लेकिन म शोर जब डाउन आए तो आप अकेला न फील करो। एंड दैट्स वाय, दिस family that s the कम्यूनिटी प्लेस, वेरी, इमपोरटेंट रोल और आपके फैमिली का नजरिया कुछ चेंज हुआ है, पहले से बेटर हुआ है, वाट हैज बीन, योर फैमिली और रेस्पांस।
अबाउट दिस सर स्टार्टिंग में तो फैमिली को कोई ब भरोसा नहीं था कि ये वाला बिजनेस चला पाएगा, क्योंकि पहले 1 और कर चुका था, अब वो रीजन कोई भी हो, बिजनेस बंद होना, मतलब फैलियर रीजन चाहे जो भी हो उससे कोई सेंस नहीं होता। इस टाइम पर भी यही था, फिर कोरोना आ गया, कोरोना ने तो बिल्कुल कुछ छोड़ा ही नहीं था, इंसान न्यू बिजनेस वालों के लिए तो कुछ भी नहीं था। जितनी हम लोगों की सेविंग थी उतनी तो हम लोगो को दे देना पड़ रही थी। हमारे स्टाफ को क्यूंकि वो भूखे मर रहे थे उनके पास खाने के लिए नहीं था उस टाइम पर ये कंडीशन आ गई थी। आप तो आपके घरवाले आपको खिला देंगे, जैसा भी रोल उनका क्या होगा। तो पूरा पूरा दिया जितना था सब कुछ दे दिया था, कोई भी प्रीपेड नहीं था उस कोर्स उस लॉकडाउन के लिए कोई भी प्रीपेड नहीं था।
लेकिन वही जैसे सारे लोग उससे डर गए और पीछे हट गए और कभी वापस नहीं आये। और वहाँ पे आपने बाउंस बैक किया है, आपने फाइट बैक किया एंड यू आर हैर दिस इंटरव्यू सो दैट कोरोना.
मेरे लिए बहुत ज्यादा लकी प्रूव हुआ है वह हर किसी के लिए कुछ भी हुआ होगा। सर मेरे पास कोरोना बहुत लकी प्रूव हुआ है उसके आने से मेरे मतलब सारे जो कंसेप्ट थे वो सारे क्लियर हो गए। काम तो करना पड़ेगा, सक्सेस तो लेना ही पड़ेगा नहीं तो आप तो खा लोगे तो क्या कुछ भी मजदूरी करके खा लोगे। लेकिन आपके जो डिपेंडेंट लोग उनका क्या होगा। आपको काम तो करना ही पड़ेगा। तो सिर वो जो चीज सिस्टम डेवलपमेंट और टाइम मिला सर आपका कोर्स देखने अभी फिलहाल में देखना चाहूं तो मैं नहीं देख पाऊँगा क्यूंकि मेरे पास है ही नहीं समय उतना दिन भर बैठ कर के उस टाइम तो क्या मैंने तो कोई समझा तो 2233 बार 33 बार देखा तब पूरा 1 बुरा रिविजन पूरा कर लिया था उसका पूरा नोट बना लिए। ये जो टाइम होता है टाइम जो है वो भी कोरुना नहीं दिया.
देखने नजरिया। और इसी लिए कहते हैं सिचुएशन सबके लिए से हुई थी लेकिन किसी ने उसको नेगेटिव ली लिया अपने पॉजिटिवली लिया डिफरेंट। और रही बात टाइम निकालने की तो जो हमको करना है उसके लिए थोड़ा टाइम निकाल ही लेते है। और अंकित जी बोल रहे हैं ये सब बातें। लेकिन आपको बता दूँ अभी बी स्टार्टेड समथिंग जिसमें में सेलेक्टिव 45 लोगों के साथ काम कर रहा हूँ। बहुत हाई प्रीमियम प्रोडक्ट है अंकित जी व फर्स्ट जिन्होंने पेमेन्ट भी स्टार्ट कर दिया है। आलरेडी स्टार्टेड डाइट अंदर बहुत मेहनत करते बताते नहीं बार टी सी बात अच्छा मुझे बताइए फिनिशर आप बने उससे अभी ए टी वन लाख रूपीस की जर्नी आपने की तो फिनिशर जब आपने ब्रांड लांच किया था और ए टी वन लाख में टॉप थ्री थिंगस जो काम की शुरू करने से इस लेवल तक.
पहुँचने में सो फर्स्ट फुट क्वॉलिटी एज इट इज मेंटेन इस में जिस दिन फर्स्ट डे फिनिशर बनने के बाद लॉन्च किया उस दिन से जो मेंटेन है क्वॉलिटी सारी ऐज इट इज मेंटेन चीज देख कर समझ आ जाती है की अपना प्रोडक्ट है नहीं प्रोडक्ट पर इतना भरोसा होना चाहिए ये हमारा है नहीं है हम लोगो की आँखों पे पट्टी बांध दे तो हमारा प्रोडक्ट नही पहचाने। तो फिर कोई सेंसी प्रोडक्ट को बनाने में तो सबसे मतलब मेन जो हुआ वो ये चीज हुई है।
फूड क्वालिटी ने पैकेजिंग पैकेज पैकेजिंग ऐसी.
होनी चाहिए की आपके आपके जो भी मिस है या फिर आपके जो भी टार्गेट कस्टमर्स है उन लोगो तक बेस्ट पहुँचनी चाहिए।
ओके पैकेजिंग शुड बी बेस्ट नेट, सिर.
नेक्स्ट ये सारा जो भी सिस्टम डेवलप है जैसे की हम लोगो का डायनिग भी है, डिलीवरी भी है, एंड पिग स्विगी जोमैटो से प्लेटफार्म पर भी है तो सारी जो भी है। 1 टाइप का जाना चाहिए था तब कई जगहों पर क्या होता है कि डायनिग का सिस्टम अलग होता है, आपका डिलीवरी का सिस्टम अलग होता है, कुछ टेशनकरदेतेहैउसमे से क्वांटिटी में चोरी कर लेते हैं। हम तो इतना खिलाया था यहाँ तो इतना कम कर दिया तो सिर वो सारी चीजें मेंटेन करके रखना पड़ती है.
वह और और आपने 1 ही किचिन से मल्टीपल, ब्रांड भी स्टार्ट किए उसके बारे में कुछ बताइए प्लीज सर फर्स्ट.
तो सेट के सेठानी जब चालू किया था तो जैसा चल रहा था, कोई डिलीवरी नहीं, कोई पिक अप नहीं, कुछ नहीं, कुछ नहीं बस आरे लोग खाना खिला रहे, घर भेजे क्लास ज्वाइन किया तब मालूम पड़ा पेट पूजा नामक कोई वस्तु होती है ओके इस दुनिया में है इसको भी हम लोग ले सकते हैं, पेट पूजा लिया फिर मालूम पड़ा की मल्टीपल ब्रैंड्स कर सकते है। उससे बहुत अच्छा लगा की थाली हम लोग हमारे से नहीं चला पा रहे थे, थाली इंटरड्यूस की थाली अच्छे से चल रही है। अभी हमने उनको और कौसली खाली कर लिए है जो पैकेजिंग में और ज्यादा कौसली कर लिया ताकि जिससे फूड क्वालिटी मेनटेंट है फुड ग्रेड मतलब जो डायरेक्ट माइक्रो में जा करके गर्म हो जाए। इस टाइप की हमारी डाली है, उसकी कास्टिंग है हैवी लेकिन वो कस्टमर के पास बहुत अच्छे से जाती है, कस्टमर उससे हैप्पी भी है सर थर्ड हमने क्या किया जैसे सब्जी पूरी तो सब्जी पूरी जो चीज होती है वो इंसान बुलवाना चाहता है, बारिश आई जैसी बारिश से बोलता है की सब्जी बुरी ऑर्डर कर देते है तो सब्जी बुरी आ जाती है, तो गरम गरम सब्जी पुरी उनके पास पहुंच जा रही है जब तक की उनकी वाइफ बना है जब तक इनके पास सब्जी बुरी हाथ में आ जाती है, कोई भी ऑर्डर करता है ऐसा कर करके सिर काम किया.
सुपर सो गाईज आई होप यू आर लर्निंग अगर आप कुछ सीख रहे हो आज इस इंटरव्यू से और कैसे अंकित जी ने मल्टीपल ब्रांड के सिस्टम पर काम किया, अपनी मार्केटिंग पर काम किया, टाइप लर्निंग और लाइक नहीं किया। बहुत सारे लोग देख तो रहे हैं लेकिन करे लाइक कर दे, वीडियो को सबस्क्राइब भी करके बेल नोटिफिकेशन दबा दें क्योंकि आगे ऐसे बहुत सारे और भी हम वीडियोज प्लान कर रहे हैं। अगर मैंने स्टार्टिंग में पूछा था आप चाहते हो की इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के साथ भी हम कुछ करें और भी लोगों को लेकर आए तो सजेस्ट करना हमको की इनके साथ विशू कोलाबरेट, टायर ब्रिंग, फॉर यू ताकि आप ज्यादा ज्यादा सीख सके। अंकित आपने बहुत इंस्पायर किया है यार आन्सी। आपने बहुत अच्छा काम किया है एंड जो लेवल आपने अचीव किया है अब इसके ऊपर ही जाना है। अब पीछे नहीं देखना। अब नेक्स्ट गोल है आप करोड़ क्लब के तो पास ही हो तो मैं करोड़ क्लब क्या ही बोलूं बट अब आपका नेक्ट गोल है टेन करोड़ क्लब ठीक है सो लेट्स अचीव द टेन करोड़ क्लब बायदे लोग नहीं जानते है तो ये माइलस्टोन से अलग अलग हॉल फेम होता है फिर करोड़ क्लब होता है जिसकी आप ये वाली ट्राफी देख सकते हो। ये पीछे जो रखिये टेन करोड़ क्लब होता है उसके भी अगेन अवॉर्ड मिलता है। आपको सो आई होप यू आर इंस्पायर्ड सो अंक जी मैं जानना चाहता हूँ स्पेसिफिकली सिल्वर मेंबरशिप से तो आप स्टार्ट कर ही पाये। आपने डेढ़ साल लगाया प्लैटन ज्वाइन करने के लिए देख रहा था सो म शोर की सिल्वर में आपको कुछ एक्सपीरियंस रहा होगा, प्लेट ऐसी कुछ अलग एक्सपीरियंस होगा तो 3 चीजें आप हाइलाइट कर सकते हो। प्लेटिनम में आने के बाद आपको बहुत ज्यादा क्या रिजल्ट रहा है क्या डिफ्रेंस आपने फील किया और जो आपने डिसीजन लिया। प्लाट का सही था नहीं था, क्या.
था बताओ थोड़ा सर प्लैटिनम का डिफ्रेंस बहुत ज्यादा ही पड़ता है प्लेटिनम में जो हमारे पास फैमिली आती है वो सारी एकदम बिल्कुल कई लोगों ने नाइनटी पर्सेंट लोगों ने कुछ न कुछ अचीव किया रहता है उस फैमिली में तो हम लोगो को ऐसा लगता है बहुत सारी चीजें सीखने के लिए प्लैटिनम के अन्दर जैसे कोर्सेज तो नो डाउट, हाई लेवल के है, नेक्सट लेवल के है, सारी चीजें है सिर जो एडेड एडवांटेज आपने दिया है हमको की 1 कम्युनिटी दी है प्लेटिनम कोलेबरेशन कम्युनिटी पर हमारे से ऊपर वाले भी लोग है, हमारे से नीचे वाले लोग भी हैं लेकिन जो जितने भी हमारे साथ वाले जो भी लोग हैं वो सारे लोग हेल्प भी करने को तैयार है और सीखने भी तैयार है। तो सिर गिवर्स आर रिसीवर्स वाले कॉन्सेप्ट पर हम लोगो का पूरा फैमिली चलता है। प्लैटिनम फैमिली.
सो thats super सो गाइज अगर आप सीखना चाहते हो इसके बारे में और डीटेल में तो आप क्या कर सकते हो पलटन के बारे में जो बता रहे अंक डायरेक्टली आप ज्वाइन नहीं कर सकते हो अनफॉर्चुनेटली लेकिन आप कम्युनिटी का पार्ट अगर हो तो फिर आपके पास ऑप्शन रहता है तो पहले तो कम्युनिटी के पार्ट कैसे बन सकते हो उसके बारे में 2 घंटे का 1 मास्टर क्लास करता हूं आपको बहुत कुछ सिखाएंगे भी फुड बिजनेस में कैसे आप अचीव कर सकते हो और ऐसे आपका मेरी अंक जी तरह फ्यूचर में आप भी गेम कर सको। तो चाहो तो नीचे लिंक दे दिया है यह 2 घंटे की मास्टर क्लास के लिए रजिस्टर्ड कर लेना अगर सीरियस हो तो ही करना अगर टाइम पास देख रहे हो मत करना यह आपके लिए नहीं है काम नहीं करेगा लेकिन अगर आप कमिटी का पार्ट बनते हो, प्लेन का भी ऑप्शन मिलेगा जो आलरेडी पार्ट है लुक फॉर ऑप्शन आपके पास खुले प्लैटन का गो, इन ग्रैबिट अभी के लिए प्लैटन नॉट एलिजिबल सो इस नॉट ओपन सो। जब अपडेट होगा तो वे लेट न। अच्छा 1 और चीज से से ठानी आपका इंस्टाग्राम वगैरह पर भी लिस्टेड है राइट येस सर तो जाओ थोड़ा सा अंकित जी के ब्रांड को प्यार पहुंचा 2 इंस्टाग्राम पे जाओ, फॉलो करो शो सम देर बहुत ज्यादा परेशान मत करना बिजनेस में सक्सेसफुल कैसे होते हैं। अगेन अंकित जी, इज नॉट कोच ही देयर टू हेल्प यू आप व कम्युनिटी के अन्दर अंकित जी, मिलेंगे उनसे कनेक्ट कर सकते हो। ब्रांड पर जाकर सिर प्यार देना कोशनी बरसात मत करना है। अच्छा अंकित जी आज बहुत सारे लोग देख रहे हैं इस इंटरव्यू को जो की में भी जॉब में है में भी छोटे शहर से है और सोचते है यहाँ से क्या ही चलेगा यह लगता है की यार बहुत करोड़ रूपए लगेंगे, अगर हमको इतना ऊपर जाना है या बहुत लाखों रूपए लगेंगे, 50 लाख लगेगा, पचहतर लाख लगेगा, मेरे ख्याल से आपने शुरू किया था पंद्रह लाख रूपए में पंद्रह लाख में स्टार्ट करके ऑलरेडी टी ला चुके हैं। और अभी तो जस्ट स्टार्टिंग है अब इसको नेक्ट फेस ले जा रहे हैं। अंकित जी बी का रिबूट मोड में चल रहे है और इसको थोड़ा सा और गेर अप कर रहे हैं, इम्प्रूव कर रहे हैं अपने इंटीरियर ऑल और उसके बाद उसको लेकर जायेंगे और बेटर लेवल पे सो आंखे जी क्या मेसेज देना चाहोगे ऐसे लोग जो की सोच रहे हैं शायद उनसे हो पाएगा नहीं हो पाएगा, उनको हिम्मत नहीं आ रही है तो व विल यू सी टू सिर।
अगर फुड इंडस्ट्री का पैशन है कुछ करना चाह रहे तो लागत कहीं नहीं लगती है आप फिफ्टी थाउजेंड में भी आपका किचन चालू कर सकते है कुछ भी नहीं लगता है किचन चालू करने के लिए सिर्फ 1 सर्व करने का 1 पैशन होनी चाहिए, सर्व करने की नीयत होनी चाहिए। जैसे ही आपके पास सर्व करने की नीयत आती है तो आपका बिल्कुल सेटअप हो सकता है और अच्छी नीयत से काम करेंगे तो सब अच्छा ही खिलाएंगे और अच्छा खाने चलाएंगे तो अच्छा रिस्पांस आएगा इंटेंट सही.
और आप भी सक्सेसफुल बन सकते है। अगर नीयत अच्छी है और आप सीखने के लिए तैयार हो तो सो सो सो थैंक यू सो मच। अंकित जी आज काफी मजा आया आपसे बात करके और कुछ इंटरव्यू ऐसे होते है जिसके लिए मैं भी इंतेज़ार कर रहा हो तो ये उनमे से 1 इंटरव्यू था और बाकी जो फैमिली मेंबर्स है अगर आपका भी 3 लाख से ज्यादा बिजनेस हो गया आप चाहते है ऐसा इंटरव्यू हो तो फॉर्म भर देना। वो फॉर्म के बारे में मैं ट्यूजडे इनर सर्किल में बताता हूँ आपके पास में भी वैसे दिया हुआ है लिंक है सो थैंक यू सो मच अंकित जी फॉर गिविंग योर टाइम और इंस्पायर करने के लिए इतने सारे लोगों को जाकर प्यार दिखाओ अंकित जी के अगेन इंस्टाग्राम पे और अगर आप सीखना चाहते हो मुझसे तो इन कमेंट्स में देख लेना पहला लिंक जो है वो मास्टर क्लास पर लेकर आएगा आपको ये 2 घंटे का लाइव सेशन होता है 2 घंटे। अगर अपनी सक्सेस के लिए निकाल सकते हो तो आपको मैं रास्ता बता सकता हूँ कि आगे कैसे आपको हेल्प मिलेगी और अगर आपको लगता है की मेरे साथ सीख के काम करना है तो उसका भी ऑप्शन मिलेगा इन द एंड और ज्वाइन कर सकते हो। हमारे कम्युनिटी जिसका नाम है क्लाउड किचन नेटवर्क सो थैंक यू सो मच सब्स्क्राइब कर देना, बैल नोटिफिकेशन दबा देना। जल्दी ही मैं कुछ नए टॉपिक्स पर बहुत अच्छे अच्छे वीडियोज लाने वाला हूँ। जो लोग पैसा कमाना चाहते हैं और वो भी फूड बिजनेस से। डेफिनिटली यू आर गोइंग तो लव एट ओके थैंक यू ब बाय टेक कर।
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