Cloud Kitchen Business Model Decoded–How To Run A Successful Cloud Kitchen Business | Abhinav Saxena

This is a YouTube video titled "Cloud Kitchen Business Model Decoded–How To Run A Successful Cloud Kitchen Business | Abhinav Saxena" created on September 11, 2020. The content likely features Abhinav Saxena explaining the cloud kitchen business model and providing guidance on running a successful cloud kitchen business.
आज हम बात करेंगे क्लाउड किचन के बारे में। वह इस क्लाउड किचन और इसको डीटेल में डिकोड करेंगे क्या क्लाउड किचन प्रॉफिटेबल है इसकोविड के टाइम में जब केसेज बढ़ रहे हैं और केसेस अभी भी आ ही रहे हैं नए केसेज तो क्या लोग फिर भी हम खाना ऑर्डर कर रहे हैं। क्या शेफ होना जरूरी है क्लाउड किचन स्टार्ट करने के लिए क्या क्लाउड किचन सिर्फ मुंबई, दिल्ली, ने, बैंगलोर जैसे शहरों के लिए है। या फिर टी, टू, टीयर, थ्री सिटी में भी चल सकता है हेलो एवरीवन टू दिस स्पेशल सेशन। और आज हम बात करेंगे क्लाउड किचन के बारे में। वाट इस क्लाउड किचन और इसको डीटेल में डिकोड करेंगे ऑल राइट सो। आज हम बात करेंगे वाट इस क्लाउड किचन और खासकर बहुत सारे लोगों का सवाल रह जाता है मन में सारी चीजें समझने के बाद भी। लेकिन सिर कॉन्सेप्ट क्या है ओके सो इसको और डीटेल में जाकर समझेंगे ओके आल राइट ओके सो। सबसे पहले बात करेंगे कि वाट इस क्लाउड किचन और वट इस क्लाउड किचन समझने के लिए आज मैं किसी नॉलेज में नहीं जाऊंगा। मैं आपको 1 स्टोरी से बताता हूँ। सो स्टोरी है रिबल फूड्स की और रिबल फूड के फाउंडर जैदी बर्मन ने 1 सर्वे कराया था। लगभग 2014 के आसपास और सर्वे में उन्होंने अपने कस्टमर्स जो उनसे खाना ऑर्डर कर रहे थे। उनसे पूछा कि आपको पता हमारा स्टोर कहाँ है। पूणे से स्टार्ट हुआ था रिबल फुड और स्टार्टिंग में नाम जिसका फासोस जिसको आप फेमस ली जानते हैं। तो उन्होंने जब सर्वे कराया तो लगभग एटी पर्सेंट कस्टमर ने बोला कि हमें नहीं पता कि आप कहाँ से हैं, कहाँ ऑपरेट करते हो या कहाँ आपका सेंटर है। और तब उनको समझ में आया कि हम मेन लोकेशन पर बैठकर कर क्या रहे हैं। जब लोगों को पता ही नहीं है कि हमारा मेन सेंटर कहाँ है और मेन लोकेशन पर होने की वजह से, मेन मार्केट में होने की वजह से रेट हम 2 गुना, 3 गुना, 4 गुना तक दे रहे हैं। अगर ये 4 गुना रेट सेव होगा तो उसको कहीं यूज किया जा सकेगा। और यही बात स्टार्टिंग बनी रिबल फूट के लिए। जाने अनजाने में उन्होंने क्लाउड किचन की शुरुआत कर दी। इस तरीके से इंडिया में और काफी बड़े पैमाने पर उन्होंने शुरू किया और काफी तेजी से ग्रो किया। आज आप फासोस, बहरूज, बिरयानी, अवन, स्टोरी, स्वीट, ट्रूथ, ऐसे बहुत सारे ब्रांड सुनके जानते होंगे। इसके बाद जो सबसे बड़ी बात आती है कि क्या क्लाउड किचन प्रॉफिटेबल है और खासकर ऐसे समय जब लोग थोड़े से डरे हुए हैं। खाना मंगवाना चाहेंगे नहीं चाहेंगे। पता नहीं लोगो को तो सवाल आता है कि क्या क्लाउड किचन प्रॉफिटेबल है। ओके, तो इसको मैं आंसर करना चाहूँगा। अगेन एक्सपर्ट्स का कहना है मैं नही कह। रहूं एक्सपर्ट्स का कहना है कि 5 साल में इस इंडस्ट्री को कहा गया है। यह 5 गुना ग्रो करने वाली है और प्रॉफिटेबल क्यों न हो आप मुझे बताओ 1 रेस्टोरेंट होता है। 1 रेस्टरां में क्या क्या होता है। 1 डायनिंग एरिया होता है, फिर 1 किचन एरिया होता है। वाशिम एरिया भी होता है। नाव डायनिंग एरिया में क्या होता है। अच्छा खासा इंटीरियर होता है उसपे एक्सपेंस भी अच्छा खासा होता है। कुछ लोग झूमे लगते हैं तो कुछ लोग एंटरटेनमेंट के कुछ पीसेस लगते हैं। तो कुछ लोग अलग अलग तरीके की चीजें करते हैं। उसको अच्छा खूबसूरत बनाने की कोशिश करते हैं। एमबीएस बहुत मैटर करता है यह नो सो ये एक्सपीरियंस जो डायनिंग में खर्चा होता है। जब आप क्लाउड किचन मॉडल पर जाते हो तो यह डायनिंग का पूरा पार्ट हट जाता है। सिर्फ और सिर्फ किचन का पार्ट को मान लो। आप 1 तरीके से क्लाउड किचन है तो अब डाइनिंग की जरुरत नहीं तो वेटर की जरुरत नहीं, वेटर की जरुरत नहीं तो एसी की जरूरत नहीं, एसी की जरूरत नहीं तो आपके कास्टिंग जो होती है वो काफी कम हो जाती है और सिर्फ किचन है जिसकी वजह से अब आपको मेन सिटी में रहने की जरुरत नहीं है। आपके टारगेट ऑडियंस अगले 5 से 7 किलोमीटर में भी अगर आपके रेडियस में आती है तो वहां तक आप डिलीवरी पहुंचा सकते हो। और जिसकी वजह से प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ जाती है। और इसलिए मेरा कहना है कि क्लाउड किचन इस समय चलाना काफी प्रॉफिटेबल है। ओके सो अगला सवाल जो सबसे ज्यादा आता है कि इस कोविड के टाइम में जब केसेज बढ़ रहे हैं और केसेस अभी भी आ रहे हैं नए केसेज। तो क्या लोग फिर भी हम खाना ऑर्डर कर रहे हैं। और ऑनलाइन डिलीवरी हो रही है। सो इसका मैं आंसर यह देना चाहूँगा कि अगेन जोमैटो की हम रिपोर्ट देख रहे थे। अभी जोमैटो ने रिपोर्ट रिलीज की तो जोमैटो के हिसाब से जो कहानी है वो बता रहा हूँ। होम डिलीवरी का जो पर्सेंटेज था इंडिया में खासकर एईटी परसेंट रिकवर कर गया। जितने ऑर्डर पहले हो रहे थे उसके ईटी पर्सेंट। अब होम डिलीवरी आने लग गए वापस से। लेकिन डाइनिंग का सिर्फ 10 परसेंट रिकवर किया है। तो खासकर जो लोग रेस्तरां चला रहे थे उनके लिए तो अभी भी चैलेंज बने हुए हैं। बट होम डिलीवरी। या फिर कहा जाए कि क्लाउड किचन पूरी तरीके से एटी परसेंट तो रिवाइव कर गया है। देखो ये रिवाइव परसेंटेज इतना ज्यादा क्यों हुआ। 2 फेक्टर पहला बाहर जाना लोगों ने कम कर दिया नोट। आउट खाना घर में बनाना भी शुरू कर दिया नो डाउट। लेकिन कब तक आदमी घर में खाना बनाएगा। मुझे बताओ। आज नहीं तो कल। अगर उसको खाना कुछ इंटरेस्टिंग खाना या बोर हो गया तो वो ऑर्डर करना चाहता है। और वो सारे लोग जो बाहर जाने के खाने के शौकीन थे, अब उनके पास बाहर जाकर खाने का ऑप्शन नहीं बचा। तो ऑप्शन क्या बचता है। चलो घर में अच्छा खाना मंगा लेते हैं। होम डाइनिंग इस दी न्यू नॉर्मल नाव। and thats why पीपल आर स्टिल ऑर्डरिंग ऑनलाइन फूड। फिर अगला सवाल ये आता है कि ये तो मैं डिलीवरी रेस्टरेंट से भी करके इसको क्लाउड किचन बोल ही सकता हूं। न तो रेस्टरेंट से होम डिलीवरी करना और क्लाउड किचन बनाकर होम डिलीवरी करना डिफ्रेंट कैसे है। देखो ये डिफ्रेंट ऐसे है कि जब आप रेस्टोरेंट चलाते हो। जैसा मैंने अभी पहले बताया था की रेस्टरेंट के क्या क्या पार्ट होते हैं। रेस्टोरेंट में डायनिंग एरिया भी होता है, किचन एरिया भी होता है। तो ये जो सारे पार्ट मिलकर बनता है सो ये सारे पार्ट मिल के कास्टिंग भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। लेकिन जैसे ही आप क्लाउड किचिन में शिफ्ट होते हो आप डायनिंग एरिया को डिजॉल्व कर दे तो आपको जरूरत नहीं है उसकी और आपको मार्केट में रहने की भी जरुरत नहीं होती है। लगभग 5 से 6 किलोमीटर के दायरे में अगर आप होम डिलीवरी पहुंचा रहे हो तो आप अच्छे से क्लाउड किचन से कर सकते हो। और मार्केट में 56 किलोमीटर का एरिया काफी बड़ा होता है। किसी भी शेयर का ले लो आप स्टूडेंट को टारगेट करते हो, करना चाहते हो, आप कपल्स को टारगेट करना चाहते हो, आप ऑफिस वालों को टारगेट करना चाहते हो, आप मांओं को टारगेट करना चाहते हो, जिसके लिए भी आप खाना दे रहे हो। देखो लगभग 56 किलोमीटर में लगभग आई जाते हैं वो लोग तो इसकी वजह से आपको मेन मार्केट में रहने की जगह आप सस्ती जगह ले सकते हो, 2 गुना, 3 गुना, 4 गुना तक सस्ती पड़ सकती है आपको जगह। और ये डिफ्रेंस आ जाता है जब बात करते हैं रेस्टोरेंट से डिलीवरी करने की और क्लाउड किचन डिलीवरी की अगेन मेरी अभी रिसेंटली 1 स्टूडेंट बनी थी, मुंबई से 1 मैम थी। नाम तो मैं नहीं ले रहा लेकिन उन्होंने बोला सर हम 25 साल से क्लाउड किचन चला रहे हैं, 25 साल से क्लाउड किचन ये कैसे पॉसिबल है। इतने पहले तो कॉन्सेप्ट ही नहीं आया था। तो उन्होंने कहा सिर होम डिलीवरी कर रहे है। हम तो होम डिलीवरी मतलब क्लाउड किचन ही तो होता है सो इसलिए ये डी बंक करना चाहता था। ये मिथ को मैं क्योंकि सिर्फ घर से खाना भेजना। कई बार घर से भी लोग होम डिलीवरी करते हैं। इस कम्प्लीटली फाइन आप घर से भी होम डिलीवरी कर सकते हैं। लेकिन घर से होम डिलीवरी करने में आप उसको मल्टी ब्रांड नहीं बना पाते। क्योंकि गेम यही है। 1 रेस्टोरेंट से इमेजिन करो 10 रेस्टोरेंट चल रहे हैं, 1 रेस्टोरेंट से 10 रेस्टोरेंट चल रहे हैं। क्या ये पॉसिबल है। फिजिकली तो पॉसिबल नहीं है। लेकिन क्लाउड किचन की दुनिया में यह पॉसिबल है। रिबल फूड यही तो कर रहा है। यही मैजिक है जिसके बारे में न कोई अच्छे से समझ पा रहा है और न जो लोग समझ रहे हैं वो गेम कर जा रहे है। जो लोग नहीं समझ पा रहे है वो रह जा रहा है। रेस्टरेंट आप 1 ब्रांड चलाओगे तो 1 रेस्टरेंट से 1 रेस्टोरेंट भी चला सकते हो। मतलब 1 रेस्टोरेंट जितना ही सेल्स आएगा, 1 रेस्टोरेंट जितनी ही फ्रेंचाइज की फीस आएगी और 1 रेस्टुरेंट जितना ही वैलुएशन होगा। मतलब कंपनी का जो कीमत लगाई जाती है बट इमैजिन अगर 1 किचन से आप किचन है तो कोई कोई आ तो रहा नहीं है। तो उसी किचन की इक्यूपमेंट, वही किचन का पूरा सेट, वही एरिया यूज करके आप मल्टीपल ऑर्डर्स जनरेट कर पा रहे हो, आप मल्टीपल ब्रांड जनरेट कर पा रहे हो और मल्टीपल ब्रांड। मतलब 1 ब्रांड था तो 1 ऑर्डर आ रहा था, 2 ब्रांड हो गए तो 2 गुना ऑर्डर आ गए, 3 ब्रांड हो गए तो 3 गुना ऑर्डर आ गए। तो गुना में बढ़ता चला जाता है। एंड ये स्केलिबिलिटी का जो फैक्टर है ये क्लाउड किचन को यूनिक बनाता है और इसलिए रेस्टरेंट या होम किचन से अलग बनता है। ओके शुरूआत करने के लिए आप घर से शुरू कर सकते हैं 30 40 हजार के बजट में ईजीली स्टार्ट किया जा सकता है। कम से कम मैं बता रहा हूँ 30 40 हजार बट उसमें भी मैं मार्केटिंग, वगैरह, पैकेजिंग, डिजाइनिंग सबका खर्चा लेकर चल रहा हूँ आपकी लर्निंग का भी। लेकिन अगर आप बात करें प्रोफेशनली अगर आपको स्टार्ट करना है तो लगभग 5 लाख रूपए से मैं रिकमेंड करता हूँ की आप स्टार्ट करे इसको लगभग 5 लाख रुपए इन्वेस्ट करे। ओके देखो खाने का बिजनेस वही स्टार्ट करता है जिसे खाने से प्यार होता है। अब सबसे इनटरसटगइंटरस्टिंग क्वेश्शन ते क्या शेफ होना जरूरी है क्लाउड किचन स्टार्ट करने के लिए क्योंकि ये थोड़ा सा मार्केट में मिट सी है। कुछ लोग जो शेफ हैं व वो क्लेम करते हैं कि उन्हीं का क्राइटेरिया वही कर सकते हैं। स्टार्ट देखो क्लाउड किचन भी बिजनेस है, हर बिजनेस की तरह क्लाउड किचन भी 1 बिजनेस है समझने की कोशिश करना और हर बिजनेस बिजनेस की तरह क्लाउड किचन में भी बहुत सारे पार्ट होते है जैसे किसी भी 1 नॉर्मल बिजनेस की बात करते हैं, समझते हैं बिजनेस के पिलर्स समझते हैं मार्केटिंग, सेल्स ऑपरेशन, एचआर, अकाउंटिंग मैनेजमेंट और आर एन डी। ये 7 और सिस्टम भी 1 हो सकता है। तो ये 7 से 8 पिलर मिलाकर 1 बिजनेस खड़ा होता है जिसमें से ऑपरेशन का 1 हिस्सा होता है खाना बनाना और जाहिर सी बात है खाने का बिजनेस है तो खाना बहुत इम्पोर्टेंट रोल प्ले करता है। और मैं मान के चल रहा हूँ कि या तो आपको खाना बनाना आता होगा नहीं तो आप किसी शेफ को हायर कर सकते हो नहीं तो किसी शेफ कंसल्टेंट को हायर कर सकते हो। आपके पास ये सारे ऑप्शन्स हैं तो ये मैं मान के चल रहा हूं। लेकिन इसके बाद भी कई लोग खाना बनाने के बड़े स्पेशलिस्ट होते हैं। सर आप 1 बार खा के तो देखना। और मैंने पिछले साल लगभग पूरे इंडिया भर टूर किया। इतने सारे सेशन किए बिजनेस ट्रेनिंग की। मैं लगभग 45 साल से बिजनेस सिखा रहा हूँ। बट सबसे ज्यादा मुझे दुख इस बात का हुआ कि जब मैं किसी शहर जाता था, मजा आता था इतना गजब के खाने हैं। हर शहर का इंडिया अपने आप में इतने देशों का कॉम्बिनेशन है 1 कंट्री कहना इसको गलत है मतलब। यह अपने आप में 20 30 कंट्री के बराबर है। हर सौ किलोमीटर पे तो आपका बोली बदल जाती है, स्वाद बदल जाता है, खाना बदल जाता है। दुख इस बात का हुआ कि इतनी टेस्टी खाने दूसरे राज्य छोड़ो दूसरे शहर में अवेलेबल नहीं क्यों। क्योंकि हमारी फूड की स्पेशलिटी है। हमारे यहाँ आकर सबसे ज्यादा वायरल फूड का कौनसा ब्रांड हुआ। मैगनोनल्ट्सडोमिनोस पीजा केएफसी सव्य हमारे खाने की कोई कमी थी या हमारे ओरिजनल खानों में कोई कमी दिया। इतने अमेजिंग खाने दे हमारे खुद के, लेकिन हम एक्सपैंड नहीं कर पाये। हम हमने बिजनेस साइड पर फोकस नहीं किया। देखो फूड साइड ऑफ़ बिजनेस साइड, जब दोनों मिलता है तब एक्च्वल सक्सेस मिलती है। कुछ सक्सेसफुल क्लाउड किचन ब्रांड्स की बात करता हूँ। मैं, ओके एंड देयर, आर, मनी, ऐक्चवली देखो सबके अलग अलग तरीके हैं। सक्सेसफुल होने के। क्लाउड किचन में बहुत सारे तरीके हैं सक्सेसफुल होने के। आपको चूस करना है आपका क्या तरीका। जैसे यम लेन का तरीका था कि उन्होंने 1 निश पकड़ा निश क्या होता है, स्पेशलिटी समझते हो न स्पेशल्टी। जिस चीज के लिए मैं आग बंद करूं। आपको याद करूं। आप याद आओ जैसे डोमिनोस को याद करते हैं तो क्या याद आता है। कमेंट करके बताना क्या याद आता है, मैकडॉनल्ड्स को याद करते हैं तो क्या याद आता है, सबवे को याद करते हैं तो क्या याद आता है। इन सब से 1 खाना जुडा हुआ है जो इनको याद करते ही सबसे पहले दिमाग में आता है। यह सुनो आपके ब्रांड को याद करते हैं। तो कौन सा खाना याद आता है? सवाल यह होता है या और यही क्वेश्चन का अगर आपने आंसर कर दिया। जैसे यम लेन ने पीजा को फोकस किया। रेबेल फूड के फासु का जो ब्रांड था वो पहले कंफ्यूज थे। वो पहले बहुत सारी चीजों की बात कर रहे थे। जिसकी वजह से क्या हुआ उनको बहुत ज्यादा सेल्स नहीं आ रही थी। मतलब वो उस तरह से ग्रो नहीं कर पा रहे थे जिस तरह से वो करना चाहते थे। फिर उन्होंने फोकस किया की नहीं हम सिर्फ रैप्स और रोल्स के लिए जाना जाना चाहते हैं। तो फासूस आज याद करोगे। तो रैप्स और रोल्स याद आयेंगे और बाकी अलग अलग चीजों के लिए उन्होंने अलग ब्रांड्स बना दिए। ऐसे ही 1 ब्रांड है समोसा पार्टी बैंगलोर से 1 करोड़ की फंडिंग हुई। अभी रिसेंटली 1 करोड़ समोसा बेच के समोसा बेच कर। 1 करोड़ की फंडिंग। फण्डिंग मतलब क्या होता है। जब कंपनी का 1 परसेंटेज इन्वेस्टर आप से खरीदता है, उसके बदले में आपको पैसा देता है ताकि आप कंपनी ग्रो कर पा। और मुझे लगता है 1 करोड़ के आसपास की अगर फंडिंग हुई है तो कंपनी का वैलुएशन लगभग 10 करोड़ का होगा। समोसा बेचने का ब्रांड 14 टाइप के समोसे ही समोसे बटर चिकन, समोसा बटर पनीर। समोसा, नूडल, समोसा मुह में पानी आ रहा है। इस टाइप के मतलब समोसा के साथ घाटी भी नहीं सिर्फ। समोसा एडऑन में चाय और 1 आद स्नेक्स डाल दिया। लेकिन मेजर फोकस समोसे पर रखा। यही मलिन ने किया। तो 1 तरीका ये होता है कि सुपर स्पेशलिस्ट बन के फिर 1 तरीका होता है जो रुबेल फूड्स ने किया। जैसे मैंने बताया न फासूस हो गया रैपसन रोल्स के लिए, फिर उनका हो गया बहरूज बिरयानी सिर्फ बिरयानी के लिए, स्वीट ट्रूथ हो गया मीठे के लिए, डिजर्ट के लिए और इसी तरह अवन स्टोरी हो गया पीजा के लिए। जो भी बिग अवन आइटम होते हैं उसके लिए स्क्रीन पर लिंक आपको दिख रहा होगा। मैं इसको एडजेस्ट कर देता हूँ इस लिंक को जाकर टाइप करके एंटर दबाइएगा 1 लैंडिंग पे जाएगा। ये मास्टर क्लास होती है इसमें और मैं डीटेल में जाऊंगा क्योंकि अभी तो मेरे पास टाइम लिमिटेड है तो में लिमिटेड चीजें बता रहा हूँ इसमें और डीटेल में जाऊंगा। ओके सो जब इस लिंक पर रजिस्टर कर दोगे नाम, ईमेल आईडी नंबर सिम्पल डीटेल से ये फ्री में कर रहा हूँ लगभग मिनी वर्क शॉप समझना इसको देर से 2 घंटे की 1 बार आपने इसको फॉर्म फिल कर दिया तो यहाँ आकर टाइप कर देना। दन ओके सो टाइप डन। अगर यह आपने कंप्लीट कर दिया है तो नाव लेट मी टेक यू टू नेक्ट प्वॉइंट एंड विच इज बहुत इम्पोर्टेंट सवाल है। यह भी अक्सर आता है कि क्या क्लाउड किचन मुंबई, दिल्ली, पुणे, बैंगलोर जैसे शहरों के लिए या फिर टीयर टू टीयर थ्री सिटी में भी चल सकता है। और अगेन पता है क्या मैं हमेशा एग्जाम्पल्स के साथ सिखाना पसंद करता हूँ। क्यूंकि शायद मैं गलत हो सकता हूँ। मैं भी इंसान हूँ गलत कोई भी हो सकता है लेकिन एग्जाम्पल गलत नहीं होते। अगर मार्केट में कोई कर पा रहा है तो मतलब कुछ तो बात है और यही करके दिखाया। बिग स्पून के फाउंडर ने तो बिग स्पून को अभी रिसेंटली। फंडिंग मिली टोटल फंडिंग 2 मिलियन डॉलर्स के उठा चुके हैं। मतलब 14 करोड़ रुपए की फंडिंग, 14 करोड़ की फंडिंग मतलब आप समझ लो। इनकी कंपनी का वैल्युएशन तकरीबन तकरीबन 50 करोड़ के आस पास तो इजली पहुंच गया होगा। जहां तक मुझे लगता है अगेन नंबर रिवील नहीं होते तो एग्जैक्ट ली बोला नहीं जा सकता है। लेकिन क्योंकि मेरा नो बैकग्राउंड रहा है फण्डिंग मैंने भी काफी इन्वेस्टर्स के बीच में रहा हूँ। मैं और आईटी कंपनी चलाई है तो मेरा बैग्राउंड ऐसा है जिसकी वजह से मैं बता पा रहा हूँ कि मतलब क्या न्यूज के अकॉर्डिंग कितना लगभग फंडिंग और क्या कंपनी का साइज होगा। लेकिन इससे ये क्लियर होता है कि टीयर टू सिटी अमदाबाद से इन्होंने स्टार्ट किया और यह फोकस ही टीयर टू सिटीज कर रहे नेक्स्ट, ये इंदौर आ रहे हैं, भोपाल जा रहे हैं। और इस तरीके के सिटीज में ये एक्सपैंड कर रे। मतलब टी एल टू मेन फोकस रखा है। क्योंकि इनका कहना था। इनसे पूछा भी गया कि टी एल टू क्यों। इनका कहना था कि दिल्ली में 5 किलोमीटर जो बंदे को जाना पड़ेगा, डिलीवरी देने, उसको जितना टाइम लगेगा पहुंचने में टी एल टू सिटी में उससे कम टाइम में पहुंच जाएगा क्योंकि ट्रैफिक कम होत क्योंकि शहर लिमिटेड होता है तो डिलीवरी बॉयस की भी कम जरूरत पड़ती है। और 1 सेंटर काफी है। पूरे पूरे शहर को कवर करने के लिए बड़े शहरों में अगर आप जाओगे। टीयर वन सिटीज में तो मुंबई, दिल्ली, यहां पर हमको कम से कम 234 सेंटर बनाने पड़ते हैं। ताकि डिलीवरी इजीली हो पाए। बट यहाँ पे। जब टीयर टू सिटीज की बात हो रही है तो वहां पर 1 सेंटर से भी अच्छा काम किया जा सकता है या 2 सेंटर मैक्सिमम चलते हैं। अगले क्वेश्शन पर वाट इज बेटर क्लाउड किचन शुरू करना सही ऑप्शन रहेगा या फिर फ्रेंचाइजी के लिए जाना सही ऑप्शन रहेगा। ओके और कोश्चन बहुत अच्छा है क्योंकि बहुत सारे लोग फ्रेंचाइज के लिए जाना चाहते हैं जिसमें कोई बुराई नहीं है और बहुत सारे लोग खुद का स्टार्ट करना चाहते हैं जिसमें थोड़ी मेहनत जरूर है लेकिन उसके भी फायदे देखो दोनों के अपने फायदे और नुकसान है। मैं बताता हूँ कैसे सो अगर आप सारी सो। अगर आप खुद का क्लाउड किचन स्टार्ट करते हो तो नो डाउट। शुरुआत में बहुत मेहनत करनी पड़ेगी। हर 1 छोटी छोटी डीटेल समझनी पड़ेगी खाना सिर्फ बनाना काफी नहीं है। आपको बिजनेस साइड भी सीखना पड़ेगा और तब ऐक्चवली आप ऐसा बिजनेस खड़ा कर सकते हो जिससे आप बड़ा पैसा कमा पाओ। मैं बात कर रहा हूँ, कुछ हजारों या लाखों की नहीं। मैं बात कर रहा हूँ। इन करोड़ों तक पहुँच सकते हो। मैं सिखाता हूँ आपने मेरे कोर्सेज भी है। कोर्स क्या है, कैसे है वो सारे मास्टर क्लास में मिलेंगे मास्टर क्लास के लिए आपने साइन अप कर लिया है। वहाँ आओ पहले समझो अगर लगे आपके लिए है तब आगे बढ़ो। मैं ऐसे कोर्स कोर्स कोर्स पिच नहीं करना चाहता। मेरे लिए इम्पोर्टेंट है आपका ओपन होना। आपका कुछ नया सीखना। अगर आपको सीख मिल रही है कुछ नहीं। और आपको लगता है ये आपके लिए है। तब और सिर्फ। तब आपको आगे बढ़ना चाहिए। अदरवाइज यह आपके लिए नहीं है, यह सबके लिए है भी नहीं। सुना मेरे कुछ। जब मेरे स्टूडेंट्स आते हैं तो जब मैं सिखाता हूं बजटिंग तो साल भर में पोटेंशियल है। ए टी थ्री लाख और कम से कम लेकर चलता हूँ। मैं जो इनकम होगी, टी थ्री लाख रूपीस का प्रॉफिट कमाने का रेवेन्यू नहीं बोल रहा हूँ। ध्यान देना रेवेन्यू क्या होता है। हजार रुपए का खाना बेचा तो हजार रुपए रेवेन्यू हजार में से 5 सौ रुपए का प्रॉफिट हुआ। जेब में जो पैसा आया वो हो गया। प्रॉफिट में बात कर रहा हूँ ए टी थ्री लाख रूपीस तक की प्रॉफिट की। लेकिन करना वैसे पड़ेगा। जैसे मैं बता रह। अगर सिंगल ब्रांड से आपने किया या जैसे टेक्निकली टिपिकल ली। लोग करते हैं और जो गलतियां करते है वो आपने की। तो मैंने हिसाब लगाया था। लगभग 17 महीने लग रहे थे पहला प्रॉफिट की बूंद देखने के मतलब लिटरली पैसा ज्यादा भी नहीं था और 17 महीने बाद जाकर कोई भी हालत में पहला प्रॉफिट आ सकता है। ये जो लिंक मैंने आपसे शेयर की थी इस मास्टर क्लास में आओगे तो मैं आपको 18 स्टेप बताऊंगा लाउड। किचन को जीरो से लेकर अर्श से लेकर फर्श फर्श से लेकर अर्श तक ले जाने का पूरा फार्मूला बताऊंगा सो खासकर आखिरी के 2 जब आप सुनोगे तो आपका दिमाग लोन हो जाएगा में आओगे तो समझ में आएगा क्या बात कर रह हूँ खैर तो लाइसेंस उसमें भी थर्ड स्टेप पे आता है 18 में से भी थर्ड स्टेप पे आता है थैंक यू सो मच तो बात समझ में आई हो तो लाइक कर देना अगले सेशन में और जल्दी करने की कोशिश करूँगा सो शेयर कर देना लोगों तक भी पहुंचाने में हेल्प करना मिलेंगे संडे को भी लाइफ। ब बाय टेक केयर।
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