Abhinav Saxena points out that Dubai Mall houses dozens of luxury brands like Dolce & Gabbana and Balenciaga side by side. Instead of competing, they thrive by drawing shared audiences who shop across multiple stores. Focus on expanding the market, not destroying rivals.
वाट कैन वी लर्न फ्रॉम दुबई में से हूँ दुबई मॉल में और 1 अमेजिंग चीज दिखाता हूँ मेरे पीछे दिख रहा है, यहाँ ब्रांड को पीछे दिख रहा है, पीछे है ना डोले गबाना, यहाँ पे बलेंशियागाऔरयहाँ पर साल सारे सिमिलर ब्रांड है, सारे लक्जरी ब्रांड से और सारे 1 ही जगह और कहा हम लगे रहते हैं कि कॉम्पिटिशन है, कॉम्पटिशन कॉम्पिटिशन है और 1 दुसरे को नीचे खींचने में लगे रहते हैं, 1 दुसरे के साथ मिल के काम नहीं करते है, वही माल बहुत बड़ा है लेकिन उसके बाद भी ये सारे ब्रांड सिमिलर ब्रांड होने के बाद भी सिमिलर प्रोडक्ट होने के बाद भी यू कैन सी वन सिंगल प्लेस दिस इस पॉवर ऑफ़ कोलाबरेशन एंड नोट कॉम्पिटिशन ये अपने आपको कॉम्पिटीटर्स की तरह नहीं देखते हैं, देख रहे है। कोलाबरेशन के तौर पर की जो भी ऑडियंस की है लग्जरी गो तो लग्जरी बैग सैंडल्स खरीदेगी वो सारी ऑडियंस 1 साथ 1 जगह पर आ जाएगी फिर 1 नहीं तो दूसरा दूसरा नहीं तो तीसरे पर खरीद की जाएगी। जाएगी ये होती है कोलाबरेटिव थिंकिंग की, कॉम्पिटिटिव थिंकिंग तो कॉम्पटिशन कॉम्पिटिशन बोलना बंद करो और इन सारे ब्रांड के बीच में और भी कितने नए ब्रांड्स आ सकते हैं और कितने ब्रांड का पोटेंशियल है उस पर फोकस करो।