CRAZY Marketing: Get More Than 100 Orders Per Day | Food Business | Hindi | Abhinav Saxena | 2025

Abhinav Saxena breaks down how to hit 100+ orders a day in a food business. He covers pricing strategy, building customer trust fast, and aggressive marketing tactics to scale quickly from launch.
आप में से कितने लोग हैं जो चाहते हैं कि जब आप फूड बिजनेस लॉन्च करें? पहले दिन पे इतने ऑर्डर्स आय की आपका कॉन्फिडेंस नेक्स लेवल पे ले जाए सो? लेट मी टेल यू होता क्या है की जब हम नया नया लांच करते है तो 2 चीजे होती है, या तो हम बहुत अंडर सेल कर देते हैं, बहुत ज्यादा डिस्काउंट देने की कोशिश करते हैं और देते ही रह जाते हैं, डिस्काउंट और सस्ता ब्रांड बना लेते हैं। यह तो बिल्कुल डिस्काउंट नहीं दे। तो हम बोलते हैं। हम तो टॉप लेवल, हम इसके नीचे सेल ही नहीं करते। अंडरस्टैंड द कॉनसेप्ट देर, इस कांसेप्ट कॉल फनल? इसके ऊपर मैंने पूरी बुक भी लिखी है। वायदे आर्ड ऑफ बिजनेस फनल। अगर मैं आपको बोलता हूँ की आपको 1 मंजिल चढना है, बिल्डिंग का 1 मंजिल चढ़ना, लेकिन बिना सीडी, बिना स्क्लेटर, बिना लिफ्ट, ईजी और टफ राइट कैसे चलेंगे 1 मंजिल भी। लेकिन अगर मैं आपको सीडियां दे दूं, मैं लिफ्ट दे दूं, मैं आपको एस्किलेटर दे दूं, 1 या 10 मंजिल चढ़ सकते हैं। सुनो इसी तरीके से जब आप लॉन्च करते आपके कस्टमर्स को भी वो सीडियों की जरूरत होती है। क्योंकी? अभी जब आपने नया नया लांच किया है, क्या आपको ट्रस्ट करते है? नहीं, अगर वो ट्रस्ट नहीं करते? आपको जानते नहीं, क्योंकि तो आपको वो समय या आपको वो पैसा ज्यादा देंगे या कम देंगे। क्योंकि वो ट्रस्ट नहीं करते। तो शुरू में कम करेंगे ना। आप चाहते हो कि अगर वो आपको ज्यादा समय या ज्यादा पैसा पे करे उसके लिए आपको क्या ऊपर लेकर जाना पड़ेगा। क्या बताता है हापर ट्रस्ट। अब ट्रस्ट कब बढ़ेगा जब आप उनको अच्छी क्वालिटी दोगे, जब अच्छी सर्विस दोगे, जब अच्छी पैकेजिंग दोगे, जब अच्छा टेस्ट दोगे, सब कुछ अच्छा दोगे। लेकिन जब तक वो पहली बार ट्राई ही नहीं करेंगे आपको तब तक पता कैसे चलेगा की आपकी क्वालिटी कैसी है। इसी लिए जब खास कर जो लोग लांच करने का प्लान कर रहे है। ऑलवेज प्लान क्रेजी ऑफ़ मार्केटिंग व इस क्रेजी ऑफर, क्रेजी ऑफर ऑफर जो क्रेजी हो पागल होगा। क्या बिना सोचे इसमें ऑफर निकाल दिया गया। जैसे हमारे 1 मेम्बर थे, उन्होंने अगेन आम नोट से हिंग की आपको ये करना चाहिए। मैं बस बता रहा हूँ। उन्होंने 1 हफ्ते तक 10 रुपए में पीजा सैल किया। सिर्फ 10 रूपए का पीजा। इतनी ज्यादा भीड़ लग गई। उनके आउटलेट के बाहर पुलिस को आना पड़ा था, ट्रैफिक पुलिस को आना पड़ा था भीड़ हटाने के लिए, जबकि गली में था, उनका छोटा सा आउटलेट और इतनी ज्यादा सड़क तक आ गई थी। लाइन ट्रैफिक इतना ज्यादा जाम हो गया था। लेकिन हुआ क्या? उनको दिन के ढाई सौ 300 ऑर्डर पहुँच गए, जो पहले कितने ऑर्डर थे, मुश्किल से 10 या 20 ऑर्डर चल रहे थे। तो जब ढाई सौ 300 ऑर्डर पहुँच गए। और उसके बाद उन्होंने बोला ये लॉन्च ऑफर है। इसके बाद यह बंद भी हो गया। ऐसा क्लियर? बोला यह सस्ता और पीजा नहीं है, ये लॉन्च ऑफर है। लॉन्च ऑफर बंद हुआ, ढाई सौ 300 लोगों ने ऑर्डर नहीं दिया। बाद मे लेकिन स्टिल वो ढाई सौ 300 की जगह सौ ऑर्डर आने लगे। लेकिन पहले तो 5 10 ऑर्डर पे थे जिसको वो 300 लेकर गये। लेकिन ऑफर बंद करने के बाद भी वो सौ पर निकल गया है। जिसकी वजह से ओवरॉल लोगों ने टेस्ट कर लिया। ये पीजा के लिए मैं सौ रूपए भी दे दूंगा, मैं 200 रूपए भी दे दूंगा। इसकी 10 रूपए वैल्यू ही नहीं है। ये तो इतना टेस्टी है। बट मैंने टेस्ट कर पाया, इससे क्या किया, ट्रस्ट गेन किया, ट्रेस गेन किया तो पैसा ज्यादा चार्ज कर पाए। 1 और स्टूडेंट है। उन्होंने थाली लॉन्च की। इसी तरह थर्टी रुपीस की थाली लांच की। जिस थाली में 2 रोटी, चावल, सब्जी, दाल पापड़, थोड़ा सा रायता दही टाइप्स था। फिर 1 डिसाइड रख दी और सौफ भी साथ में दे रहे थे। 30 रूपए की थाली लेकिन धीरे धीरे उसको 40 का किया, 50 का किया, 60 का किया, 70 का किया। अभी वो डेढ़ सौ रुपए की थाली जाती है। लेकिन उससे हुआ क्या। जब 30 रुपए की थाली लॉन्च हुई थी तो डे वन पे मतलब। शुरुआत से ही उनको 304 सौ थाली के ऑर्डर आने लगे। क्या होता है जब ऑर्डर नहीं आते। पहले दिन आप लॉन्च किए ऑर्डर ही नहीं आये। हाथ ठंडे पड़ जाते हैं कि कुछ गलत कर दिया क्या या फिर आप ऑफर तो निकालते लेकिन उसकी मार्केटिंग नहीं करते। डिप्रेशन आ जाता है। एकदम से टेंशन आ जाती है। आप बुरा फील करते हो। ये फीलिंग नहीं होनी चाहिए। शुरुआत में शुरू में आप इसको मार्केटिंग कॉस समझो। लेकिन अगर ये कर लिया और धीरे धीरे बढ़ा कर डेढ़ सौ रूपए लेकर मुश्किल से 1 से डेढ़ महीने के अन्दर। लेकिन इतना कस्टमर बेस बना लिया था उन्होंने कि कोई डिपेंडेंसी की जरूरत नहीं, एग्रीगेटर्स पे, कोई जरुरत नहीं। जो माइट पर डिपेंड आराम से वो ऑर्डर कर पा रहे थे। क्यों? क्योंकि कस्टमर का डेटा बेस इतना ज्यादा था। और कस्टमर को धीरे धीरे सीढ़ियों के ऊपर लेकर गए। तो आप 10 मंजिल तक भी पहुंचा दोगे तो कोई माइंड नहीं करेगा। बस शर्ते क्वॉलिटी अच्छी दे रहे हो। 30 रुपए में भी उन्होंने कॉस्ट समझी अपनी मार्केटिंग की और क्वालिटी वही एवं क्लास दी। ऐसा नहीं कॉम्प्रमाइज किया है। आप से मेरा रिकमेंडेशन है। प्राइस। अगर आप कम कर रहे हैं तो सेम क्वांटिटी देने की जरुरत नहीं है। आप मिनी मेल निकाल सकते हो, क्या छोटी थाली निकाल सकते, क्या छोटा मील निकाल सकते हो, छोटी बिरियानी निकाल सकते हो, क्या कम मोमो का पैकेज निकाल सकते हो। क्या वर्क आउट ओन योर कॉस्ट ताकि आपके कॉस्ट कम से कम रखते हुए आप इस मार्केटिंग कर पाओ। जिससे कस्टमर अभी कमाने है। अभी प्रॉफिट नहीं है। अभी शुरू में कस्टमर कमा लो। ये आपने पहले सौ कस्टमर कमा लिए है। उसके बाद धीरे धीरे प्राइस बढ़ाना शुरू कर। 2 इसको आपको जो रियल प्राइस हे वहाँ तक ले जा सकते। लेकिन इससे क्या होगा। आपको डिप्रेशन नहीं होगा। तो जो खास कल लांच करने वाले है आप लोगो के लिए सजेशन है स्टार्ट वि क्रेजी ऑफ मार्केटिंग और उसके बाद धीरे धीरे उसको बढ़ाते जाना है और ध्यान रखना गोल क्या है गोल प्रॉफिट कमाना नहीं है, शुरू में गोल है कस्टमर कमाना god it was this helpful टाइप हैल्पफुल in the coments blog।
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