HOW MANUFACTURERS CAN RUN BUSINESS IN PRESENT TIMES? | HINDI | 2020

This is a YouTube video titled "HOW MANUFACTURERS CAN RUN BUSINESS IN PRESENT TIMES? | HINDI | 2020" featuring an interview conducted in Hindi with Rajesh Malhotra, a manufacturer and distributor in the hotel furniture industry. The discussion covers how businesses can adapt and manage challenges during the COVID-19 lockdown, focusing on positive mindset, daily routines, digital marketing strategies, and personal development. The interviewer and Rajesh Malhotra engage in a detailed conversation about business resilience, habit formation, and continuous learning in difficult times. The content is from May 2020 and provides practical advice for manufacturers and entrepreneurs navigating the pandemic environment.
वेलकम एवरीबॉडी सर का नाम है राजेश मनोत्रा जी ये मेनुफेक्चुरर है और ये जो फर्नीचर यूज होते हैं होटल इंडस्ट्री में उसके मैनुफेक्चरर डीलर डिस्ट्रीब्यूटर है। कंपनी का नाम मेट्रो लाइफ, मेट्रो प्लस लाइफ स्टाइल, मेट्रो प्लस लाइफ स्टाइल, आम सो सौरी, metro सो i want to welcome rages.
Sure, thank you avi rajesh malhotra my companies name is metro plus liveit, we are basically into hotl restrant bencodcafiteria for सो वी आर स्पेशलाइज न न न दिस फील्ड लास्ट ट्वेंटी यर्स मोस्ट ऑफ़ होटल इन इंडिया और ओवर.
क्लाइंट में जनमल समझना चाह रहा था कि आपके जैसा जो फैक्ट्री का ओनर भी है तो आपका काफी कुछ रिटेल पर डिपेंड करता है बिजनेस आप कैसे हैंडल कर रहे हैं लॉकडाउन सिचुएशन क्यूंकी मैं बहुत सारे बिजनेस ओनर से बात कर रहा था और कई बार लोग डिप्रेशन में चले जाते हैं मुझे पता है जो सक्सेसफुल लोग होते फील करते है।
Never negative everything in a positive, because every adveसityहaजसीड ऑफ you know an opportunity somewhere सो how i am preparing myself or after log down, because it will this will be categorised into two parts before kovid nineteen kovid ninteen that for certin गोइंग, तो यह बहुत सारी चीजें न चेंज होने वाली है। बहुत सारी चीजें हैं life is not going to be same again, if you can see we have started living of life in simplicity, and we have already simplified of r lives, we are not going anywhere you know we have just los the dिstriction day, s and time, लेकिन मेरी नजर में 1 बहुत बड़ा बढ़िया और 1 महत्वपूर्ण फेस है जिसको मैं यह मान के चलता हूँ ये लाइफ चेंजिंग फेस राजी जी, आपने बहुत.
सारी चीजों पर बात की इसकी जरुरत है सोचने की सही करने की, सो 11 करके बात करते है। पहली चीज किसी हमें जरुरत है की हम क्या सही करे है अपना.
सबसे पहले हमें यह देखना चाहिए की हमारे पास टाइम की कमी नहीं है। the first thing you should do in the morning is to make dali schedul। सुबह से लेकर अगर हम कुछ पर्टिकुलर चीजों को मेजर नहीं करेंगे तो we can not do it? how would anything is how we do everything us। यू people कैन have bisिकfnडa lets called savers have discus with you are bhot acca tecnica its starts from s a v e r s, if you just have to do something first thing in the morning, so you start with meditation and gratitude, then efirmisionthe वे यू वांट यू लाइफ टू बी इन आफ्टर लॉकडाउन and you a form it, you a form it, and you make not on how you want you life to be, then start working for it, then comes we stand for visualization। when you get up in the morning, they are different type of mood swing, or the people people get up in the good mood, some peple get up in the bag mod resonwhatsoever it may be उसके अन्दर 1 अपने सबसे बेहतरीन दिन, जिस तरह से आप गुजारने वाले हैं, उसको 2 से 5 मिनट की विजुलाइजेशन कीजिए जस् सी इट हैपनिंग वी जस्ट क्लोज योर आइस और कपडा मिनट 234 मिनट आप आँखें बंद करके आप सोचो की अगर मेरी जिंदगी का आज सबसे बेहतर दिन है तो वो किस तरह में उसको गुजारना चाहूँगा? तो 10 forces ridam basically to do the things, which you want to do as you want to do bad at exercise that people who are we don⁇twant to go out, they dont have the scope of some lon area, you can start with doing some strating, some pranayam in the balkne, maybe you just have to make yourself swet, may be twenty mint mint so that your mind is just open to do the things, then come you mean reading you should red book your परसनल development and on your business develpment so that those things can bring you close to your gol। आपको लक्ष्य निर्धारित करने में बड़ी आसानी हो और आपको नजदीक लेके आ सके वो उसके बाद आता है स्करबिंगस्क्राइबिंग मतलब जनलiंगwhatएवर थिंग टू यू हैव लर्न यू मेक जर्नल ऑफ द गोल्डन गेट ऑफ पॉइंट दैट यू कैन जुटलाइजडऔर यू कैन लरनिंग that यू can sedयूl डेली लाइफ सो, ये पूरा सेवर जो डेली करता हूँ आई डोंट आपने बताया कि आपके.
प्रोडक्ट्स जो है उसके लिए स्क्रिप्ट ने तैयार करवाई अपनी टीम से और वाइस ओवर आप करवा रहे हैं क्या है ये थोडा सा बता सकते हैं, क्या.
है ये 1 बहुत ही इम्पॉर्टेंट चीज है जो इ सजेस्टेड बाई माई डिजिटल कंसल्ट who is on my िटेnrशिपssi have to pay in? सो ही as o pa his peopl, थॉट वाई नॉट मेक बैटर यूटिलाइजेशन ऑफ वन यू हैव मोस्ट द टाइम बिकाज क्या होता है की जब आपका टाइम बहुत आपके पास हो तो बड़ी सारी चीजों का कंसोलेडेशन फेस आता है। अभी हम काम में फायर फार्टिंग में इतना बिजी रहते हैं की हम बहुत सारी चीजें नहीं कर पाते हैं तो सपोज अब आपको एग्जांपल देता हूँ जैसे मेरा 1 पर्टिकुलर प्रोडक्ट है, जैसे 1 आप कहीं स्विंग है गार्डन स्विंग है तो हम उसकी स्लाइड शो चलाते हैं और उसके बाद हम 1 स्क्रिप्ट तैयार करके स्टाफ को देते हैं कि हाऊ टू एंगेज कस्टमर, टैलिंग स्पेसिकेशन, टेक्निकल स्पेसिफिकेशन प्रोडक्ट स्पेसिफिकेशन। अबाउट दैट पर्टिकुलर मॉडल दैट शी इज डिस्कसिंग और वो सारी चीजें हम जब किसी को किसी पर्टिकुलर मॉडल के बारे में जानना होगा to instead of calling a custmer, she can send link of all type of swings with her or his woisover so that they can identify whatever they are looking for similarly, we have made approximately, thousand, videos and third of my i⁇mpitysureabout we are going to make another thousand so that विल बी a thing we are doing we are consolidating the project images। the again guys very important aspect, what happen? when somebody calls you from indore and he says i like calling you, but the thing is e i want to know what all you have done so instead of telling? what all we have done the projects in indore, we sen him link on his whatsapp and the link consist of all the major product that people updating also that we have derni indore with the name in the phone number, if the want so that they can see about what all we have done over there, what all type of things, we can customise for over people and then to keep them? engaging we ask them to call anyone and confirm about our credibility, so, this is one way of engaging our custmer and doing the automated task, because the task repeated, so it should be automated।
ऑडियंस से मैं कहना चाहूंगा कि देखो यार जो लोग करना चाहते है वो भी तरीका ढूंढ ही लेते हैं, जो नहीं करना चाहते है वो बहाना ढूंढ लेते हैं तो और चॉइस कम्प्लीटली और आप देख सकते हो 1 एग्जाम्पल आपके सामने है सरकी काफी सीनियर है और उसके बाद भी कोई रेस्टलेसनेस नहीं है सीखने के लिए कोई रेजिस्टेंस नहीं दिखता मुझे हमेशा ही फ्रंट इन लर्निंग आज भी तमाम कोर्सेस करते है हम लोग इन फैक्ट साथ सो अमेजिंग अमेजिंग जब भी सर से बात होती है तो काफी कुछ सीखने को मिलता है तो सिर में ये पूछना चाहूँगा अगर आज राजेश महलोत्रा जी जीरो पर होते और फ्रेश स्टार्ट करना चाहते तो क्या करते.
है bसiclलीeveरyथिंग वैज एंटिसिपेटेड इसमें यह नहीं की मैं जीरो पे आ जाता केन अगर मैं कल पे होता तो i could have that about the opportuniti that coming रइटनावजैसेअभी आज की डेट में है सो मेनी ग्रुप आलसो but we डूइंग आवर बिजनेस बिजनेस राइट नाव तो ऑपोरचunitis मेडिकल इक्यूपमेंट इम्पोर्ट की इन्फ्रा किड्स की तो आलरेडी प्लेस सम ऑर्डर्स इन मतलब चाइना आलसो। फोर 2 23 अगर मुझे मेरे पास कुछ भी नहीं है आई हैव कॉन्टैक्ट तो मुझे अपने उन कॉन्टैक्ट से म ग थिंगस deliver एट माई प्रोमिस रिट ना आलसो विदाउट स्पैनिंग मनी न वो तो सारा बेसिकली लेकिन मुझे इस सुख अगर मैं जीरो स्टार्ट करना होता तो मैं सबसे पहले प्रोक्रेस्टिनेशन को मैं खत्म करता विद एक्शन ओके और मुझे यह पता होता कि कहाँ कहाँ मेरे सोर्सेज है जो की मैं अपने आइडिएशन से गेन करता उनसे में आइडिया जनरेट करता और देन आई विल पुट सम ऑफ़ द टास्क टू द एक्शन जिसके अन्दर मेरी एक्सपर्टीज सेल्स आया तो मैं अपने अन्दर ही ट्रेडिंग स्टार्ट करता अगर मेरे पास जीरो भी नहीं होता तो पहली में बुक रीडिंग कभी नहीं छोड़ता मैंने चीज बड़ी अच्छी सीखी है अगर आपके पास 1 पैसा भी नहीं है आपके पास तो आपको एक्सरसाइज और बुक रीडिंग 2 चीजें है जिंदगी में कभी नहीं छोड़नी चाहिए ये आपको कुछ कुछ डेली गोल्डन नगेट्स दे के जाएगी जाएगी और अगर मैं जीरो पे हूँ मेरी जो नॉलेज है उसे दोबारा आइकन जब जिसके पास कुछ भी नहीं होता तो उसके पास ग्रोथ का सबसे ज्यादा चांस होता.
है अगेन सौरी मैंने लास्ट बोला था 1 सवाल और बहुत इम्पोर्टेंट है ये थोड़ा पर्सनल सवाल है मेरे लिए पर्सनल है आंसर देने के लिए पर्सनल नहीं है मेरे लिए पर्सनल है मेरा सवाल आपसे यह है उन लोगो के लिए मैं अपने फैमिली मेंबर्स के भी इसमें काउंटिंग कर रहा हूँ। कई बार अक्सर उम्र के साथ जड़ता आ जाती है। आप कुछ इसको मैं चाहूँगा आप प्योरली हिंदी में जवाब दे। ताकि मेरे फैमली अक्सर उम्र के साथ जड़ता आ जाती है। हम कुछ नया नहीं सीखना चाहते हैं, हम 1 बिजनेस में हैं तो हम इससे ज्यादा कुछ नहीं सोचेंगे या फिर नया कैसे करे हमने जीवन भर यही किया है। अब इस उम्र में जाकर करेंगे इस टाइप भी बहुत सारे डायलॉग सुनने को मिलते हैं। उनके लिए आप क्या एडवाइज देना चाहेंगे ज्योंकी रजिस्टेंट बहुत ज्यादा लर्निंग को लेकर कुछ नया नहीं सीखा।
तो क्या सिखाएगा मुझे देखिए आपकी बात बिल्कुल ठीक है। 1 एज के बाद आकर लोग टाइप कास्ट हो जाते है यानि की जड़ जाते हैं। यू कैन चेंज बट हमें ये ध्यान रखना है। कभी भी किसी को चेंज करने की कोशिश नहीं करना है, कभी भी किसी हैबिट को चेंज करने की कोशिश नहीं करना है। हमेशा उसके सामने 1 उससे बेटर हैबिट का पैटर्न क्रिएट करना है हम जब 1 क्योंकि मैंने अभी कैसे बताया लोग इंस्टेंट ग्रैटिफिकेशन चाहिए होता है। लोग कोई मेहनत करके बहुत देर तक रिजल्ट की वेट नहीं करना चाहते। क्योंकि उनको लगता है कि कंपाउंड इफेक्ट चक्रवर्ती इफेक्ट जिसको कहते हैं हम जब 1 काम करते हैं और कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं तो हमें लगता है कुछ भी नहीं हो रहा छोड़ देते है। लेकिन उनको यह नहीं पता होता की कंपाउंड इफेक्ट इनिशियल इस इनविजिबल वो अंदर खाते कंपाउंड इफेक्ट जो काम कर रहा होता है। अबाउट मेकिंग ऑफ़ गुड हैबिट्स। एव्री सिंगल डे रोज मर्रा के हिसाब से हम लोग 1 चेंज को एक्सेप्ट करते हैं। अगर पहली बार तो आप कह हे वो एक्सेप्ट नहीं करना चाहते तो उसके लिए सिर्फ ये है कि उनको एक्सेप्ट तब करेंगे वो जब उनको 1 चेंज फेवरेबल नजर आएगा, बदलाव फेवरेबल नजर आएगा। अब उनको बदलाव फेवरेबल नजर आने के लिए आपको 2 चीजों को कंपेयर करके दिखाना पड़ेगा। सिचुएशन a और सिचुएशन भी आज की डेट में हम कुछ नहीं कर रही है, बदलाव को एक्सेप्ट नहीं कर रहे है तो हमारी यह स्थिति है। तो ये स्थिति ऐसे ही रहेगी चाहे कुछ भी कर लो। लेकिन अगर हम लोग बदलाव को कुछ अच्छे बदलावों को एक्सेप्ट करते है तो हो सकता है यह 50 परसेंट हमारी स्थिति को सुधारे या 20 परसेंट या 10 परसेंट। लेकिन जीरो ऐसी तो बेटर ही आप निकलोगे। यह पक्की बात है, हम अगर कुछ नहीं करेंगे तो ये तो पक्का है की हमे कुछ नहीं मिलेगा। लेकिन ये जरूर है की अगर हम कुछ उठाते हैं प्रोसेस को इनिशिएट करते हैं तो चाहे 10 पैसे बेटर हो या पंद्रह परसेंट बेटर हो। हम कहते हैं की रोज अपने आप को 11 प्रस बेटर करते रहो। जो दृढ़ता है न एकदम खत्म मत कीजिए आप की उनको सिर्फ 1 चीज 1 नगलिजेबलस्मालस्टुपिट स्ट को खत्म कर 1 ही छोटी बाकी करते रहो। यह छोटी चीज न करो। 1 किताब के 10 पन्ने पढ़ लो या 1 पन्ने पढ़ लो जिसके लिए उनको बिल्कुल इतराज न हो। साल के बाद अगर वो 11 परसेंट भी चेंज होते गए तो वो साढे 36 परसेंट बैटर बन के निकलेंगे पिछली बार तो हम कभी भी इम्पोज न करे और इन्फ्लुएंस न करने की कोशिश करें। हम उनको न एजुकेट भी न करने की कोशिश करें। हम उनको एंगेज करने की कोशिश न करे, उनके इमोशन्स को एक्सेप्ट करें क्योंकि हम तो अपनी चीजें इम्पॉस करने की कोशिश कर रहे हैं न हम उनको फेवरेबल बता के उनको बड़ा बता कर और उनसे अपने बारे में सलाह लें। कभी भी क्या होता है की पीपल डोंट डिस्ट्रॉय व दे। क्रिएट लोग उस चीज को कभी भी डिस्ट्राय नहीं करते जिसको वो खुद बनाते है। तो ऐसे उनसे पूछिए कि सर अगर हमें इन चीजों को थोड़ा सा बेहतर और करना है जो की ये काम करने से बेहतर अपने आप होगा ही होगा। तो क्या आप उसको थोड़ा सा 5, 7, 10 मिनट समय देना पसंद करेंगे। इसका परपस क्या है हमें उनके धीरे धीरे धीरे धीरे हैब्रिट ग्रेट करनी है इमिजेटली तो 1 का अगर 2 पाने पर भी लिए और इम्प्लीमेंट के तो कुछ नहीं होगा। लेकिन अगर आप समझिए 2 महीने तक या 30 दिन तक भी वो चीज रेगुलर करते गए, स्मॉल स्पिट चेंज करते गए तो ड्रास्टिकली चेंजेस आ जायेगा उनकी लाइफ के अन्दर और वो हैबिट को एडैप्ट कर लेंगे। जब एडैप्ट कर लेंगे तो वो काम ईजी लगने लग जाएगा, जब लग जाएगा तो वो काम बंद बार बार करता है, जब बार बार करता है तो वो अच्छा लगने लग जाता है, जब अच्छा लगने लग जाता तो उसकी हैबिट बन जाती है। और यही तो हम बनाना चाहते हैं। 1 जड़ता सी छोड़ कर, नई हैबिट को एक्सेप्ट करना और उसको फॉलो करना और उसके ऊपर काम करना। बट स्लोली यू शुड गिव टाइम ठीक.
है सर बहुत से गोल्डन नगेट्स मिल गए। अच्छा सर ये कंसिस्टेंसी के लिए कुछ 1 मेरे खुद के लिए मांग रहा हूँ कंसिस्टेंसी लाइक करते हैं। लेकिन लगातार करने में बहुत दिक्कत आती है। 1 बार करने में कोई दिक्कत नहीं मैंने।
आपको बताया न सबसे जरूरी चीज है सुबह सुबह उस चीज को सिड्यूल करो हमारी जो मानव की कम है मानव हम बड़े कामचोर लोग आयेंगे, लोग क्यूँ है हम लोग प्रोक्स करते है, हम लोग कोई चीज लिखते नहीं है को चीज लिखते नहीं है वो करना पड़ जाएगा। हम कहते है की यार आज मैं 4 काम कर लूंगा, अरे गरीब तो लिखते नहीं लिख भी ले तो पता नहीं टाइम बाउंड कमिटमेंट के साथ करेंगे नहीं करेंगे लेकिन हम सेड्यूल करें 10 से साढे 10 बजे में ये काम करूंगा करूंगा 12 से 2 में ये काम करूंगा करूँगा फिर उसके आगे लिख ले या तो मैं करूँगा या अपने कॉलेज से कराऊँगा या मैं गूगल से हेल्प लूंगा वो भी एक्शन प्वाइंट आप लिखिये क्यूँकी अगर समझ कुछ दिन नहीं कर पाए किसी वजह से तो अगले दिन जब पन्ना खोलेंगे नया शेड्यूल बनायेंगे तो पिछले जो काम रह गए हैं उनको आगे लेके आना ही पड़ेगा न आपको लेकिन आपने अगर 1 दिन काम भूल गया और वो नहीं किया और शिड्यूल भी नहीं किया और मेजर भी नहीं किया तो वो कभी भी नहीं होगा कम हो 2 मिनट के बाद याद आये तो आपको थोड़ा अपने ऊपर जिंदगी होगी इसलिए स्केजुलिंग बहुत जरूरी चीज है चाहे वो न हो शो में से 1 कम हो लेकिन लिखना जरूर है लिखना बहुत जरुरी है जब लिखने की हैबिट बन जाएगी न तो सारे काम अपने होने लग जाएगी राइट शिडी.
मेजर थैंक यू सो मच सर थैंक.
यू फॉर बीन थैंक यू थैंक यू एवरीवन थैंक यू।
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