HOW TO CREATE HIGH-PERFORMANCE TEAM | CREATE BEST TEAM FOR YOUR COMPANY | HINDI | 2020

Good teams are built, not found. Hire for attitude over skill: look for high energy, mission-first thinking, supportiveness, personal responsibility, value alignment, and willingness to learn. Skill matters only for specialized roles.
आज फिर से होंगे आपके सवाल और मेरे जवाब ये सेगमेंट मेरा फेवरेट बन चुका है क्योंकि इतने सारे कोश्चन आ रहे हैं। अब लोगों को इंटरेस्ट आ रहा है, लोग पूछ रहे हैं तो आंसर देने में भी मजा आ रहा है। आज के सवाल है की ई वांट टू मेक गुड टीम, कैन यू प्लीज टेल मी हाउ टू गेट गुड टीम, अच्छी टीम कैसे मिलेगी आंसर बहुत डिटेल में दिया है एक्चुली अगर आपको इससे रिलेटेड कोई भी प्रॉब्लम होगी तो आंसर जरूर मिलेगा आपको और आखिरी तक देखा तो 1 गिफ्ट भी आपके लिए तो सवाल है। समीर गुप्ता जी का सवाल पूछा उन्होंने की आई वांट टू मेक अ गुड टीम, कैन यू प्लीज टेल मी हाउ टू गेट गुड टीम, अच्छी टीम, कैसे मिलेगी सॉरी टू से समीर जी बात अच्छी टीम कभी नहीं मिलेगी क्यूँ क्यूंकि अच्छी टीम बनानी पड़ती है, लाइट स्काट बनानी पड़ती है। अच्छी टीम कभी नहीं मिलेगी और बनाये कैसे अगर उसकी बात करें हायर कैसे करें अच्छी टीम को बिल्ड कैसे करें डेवलप से करें तो देखो। 1 आदमी में 3 चीजें आपको देखनी है, पहली चीज आपको देखनी है स्किल जो यूजवललीलोगदेखते हैं। हाँ भाई ये काम की जरुरत है, यह काम आता है, गुड नहीं आता है गुड और उसको टेस्ट भी आप सीधे कर सकते हो, कोई बोल रहा है उसको फोटोशॉप आता है फोर एग्जाम्पल आप कहोगे भाई चला के दिखा चला लिया तो आता है, नहीं चलाया तो नहीं आता है। दूसरी चीज होती है नॉलेज। अब नॉलेज के केस में भी आप क्या कहोगे आप पूछोगे उससे की भाई रीटेल की नॉलेज है है। 2 सवाल पूछोगे इंडस्ट्री के बता दिए तो सही है नहीं बताया तो नहीं है। तो इन दोनों चीजों को पहचानना काफी आसान होता है। लेकिन फिर तीसरी चीज होती है एटिट्यूड एटिट्यूड को फिगर आउट करना पहचानना मेंट होता है। मैं तो कहता हूँ की हायरिंग जो होनी चाहिए वो एटिट्यूड के बेसिस ने मैं नाइंटी फाइव परसेंट एटिट्यूड ही देखता हूँ। 5 परसेंट स्किल और नॉलेज से मतलब होता है। अटल कोई एकदम एकदम ही गया बीता न हो तब तक मुझे कोई दिक्कत नहीं है। उसमे सिर्फ एटिट्यूड सही है, उसका बिहेवियर सही है सिखा में उसको कुछ भी दूंगा एनी विच वेज जो वो सीख के आया है वो मेरे शायद ही काम आएगा, क्यूंकि मेरी स्पेशलाइजेशन थोड़ी सी है। जब हमारे बिजनेस की बात करें तो थोड़ा स्पेशलिस्ट काम चाहिए होता है और ये यूजलीमार्केटम लोगों को आता नहीं है। अब मैं समझता हूँ कुछ लोगों के दिमाग में ये कोशिश होगा की भाई अगर सर्जरी के लिए डॉक्टर हायर करना है तो मैं आटिट्यूड के लिए तो नहीं करूँगा मैं स्किल और नॉलेज के लिए करूँगा। बिल्कुल सही है। लेकिन क्या आप ऐसे डॉक्टर को नहीं प्रिफर करेंगे जो स्कूल नॉलेज आता हो लेकिन साथ में एटिट्यूड भी अच्छा हो। मैं उसी की बात कर रह हूँ। तो कुछ अगर स्पेशलाइज्ड काम है जिसके लिए आपको स्किल और नॉलेज की जरुरत है ही है तो डेफिनेटली आप हायर कर सकते हूँ। मेरे केस में स्किल और नॉलेज उतनी रिक्वायरमेंट नहीं है। क्यूंकि मैं सिखा सकता हूँ वैसे ट्रेनिंग के प्रोफेशन में हो तो आई नो हाऊ टू ट्रेन पीपल दैट्स वाई मेरे केस में जो रिक्वायरमेंट होती है दैट फॉर एटिट्यूड, एटिट्यूड और बिहेवियर सही होना चाहिए। अब इसमें भी मैं कुछ प्वाइंट दे देता हूं। आपको इन प्वाइंट के बेसिस पर अगर आपने हायर किया तो डेफिनेटली 1 सही बंदा हायर करेंगे और इससे 1 सही टीम बन पाएगी। सबसे पहली चीज जो हायरिंग में हम देखते हैं वो है हाई एनर्जी, जिसकी एनर्जी नहीं वो मेरी फील्ड में मेरे काम का तो नहीं होता है। और मैक्सिमम चीजों में एनर्जी चाहिए होती है। चाहे वो मैं कह रहा हूँ। हो सकता है सेल्स का भी काम नहीं है, मार्केटिंग का भी काम नहीं है वो, हो सकता है ऑपरेशन का कोई बैकेट का काम है लेकिन उसमे भी एनर्जी चाहिए मुझे अगर कोई बहुत ही ज्यादा है, चाहे वो वीडियो रिकॉर्ड क्यों न कर रहा हो। लेकिन अगर हाई एनर्जी नहीं होगी, मजा नहीं आएगा तो मुझे सबसे पहले रिक्वायरमेंट होती है। हाई एनर्जी देखो। क्या आपके भी प्रोफेशन में हाई एनर्जी रिक्वायरमेंट है? दूसरा प्वाइंट में चेक करता हूँ सब ऑर्डिनेशन का मतलब क्या आदमी खुद को पहले रखता है या मिशन को पहले रखता है? यूज़वली कंपनी में कैसा होता है? आदमी खुद के बारे में पहले सोचता है, फिर टीम के बारे में। अगर वक्त मिले तो और उसके बाद कंपनी या मिशन के बारे में सोचता है। जबकि होना इसका उल्टा चाहिए। सबसे पहले आती है कंपनी, पहले आता है मिशन, दूसरे नंबर पर आता है टीम और तीसरे नंबर पर आते है आप खुद इंडिविजुअल, तीसरी चीज देखता हूँ, सपोर्टिव सपोर्टिव होना चाहिए। बंदा देखो खुद जीत गए तो ठीक, लेकिन कोई और जीत गया, किसी और ने बेटर परफॉर्म कर दिया तो जलन आ गयी। मुझे ऐसे लोग नहीं चाहिए। मैं बहुत ज्यादा फोकस रहता हूँ। देखो थोड़ा बहुत कॉम्पिटेटिव होता है आदमी। वो चलेगा और होना भी चाहिए नमक जीतना। लेकिन अगर किसी के जीतने पर आपको बुरा लगने लग जाए, आप उसकी 4 जगह बुराई करने लग जाओ, आप उसको लाइक पुलिंग करने लग जाओ। फिर नहीं चलेगा आप जीते। अच्छा कोई और जीता और अच्छा मिल के सेलिब्रेट करो स्पोर्ट्स मैन शिप होनी चाहिए। तो सपोर्टिव ने में बहुत ज्यादा देखता हूँ। टीम में होनी चाहिए दूस सुरों को जीतने देना। इसमें लगती है पॉवर इसमें लगता है वो सेल्फलेसनेस। तो ये चीज बड़ी इम्पोर्टेंट है, इसलिए मेरी अगला प्वॉइंट है। पर्सनल रेस्पोंसिबिलिटी लेना, गलती हो गयी समय में पीछे जाकर बदल तो नहीं सकते तो क्या करें? जस्टिफाई करेंगे, आरजू करेंगे, सही साबित करेंगे अपने आप को। अगर ऐसा आदमी हो तो मैं बहुत दूर रहता हूँ। उससे मुझे चाहिए की या गलती हो गयी समय में पीछे जाकर। सही नहीं कर सकते तो आगे सही कर लो पीछे मत जाओ। अब क्या सही कर सकते हो? वो बताओ मेरी कैसे मदद चाहिए। वो बताओ बट आगे बढ़ो गर। कोई बंदा मुझे एक्सक्यूज देते हुए दिखे। पहले तो बहाना मार रहा है, दूसरा जस्टिफाई कर रहा है, तीसरा आर कर रहा है। तो भाई थैंक यू सो मच, मुझे बहुत इम्पोर्टेंट है की पर्सनल रेस्पॉंसिबिलिटी ले आदमी, ठीक है, मेरी गलती थी, मैं तो इन फैक्ट यह भी कहता हूँ, मान लो एग्जाम्पल कोई इवेंट हमारे बहुत सारे इवेंट होते हैं और कोई वैकेंट का बंदा है जिसका कोई काम नही सिर्फ। इवेंट का मैनेज करने का कम था। लेकिन इवेंट अगर अच्छा नहीं हुआ तो वो भी अपनी रेस्पांसिबिलिटी लेता है, ये वाली बात है, उसका कोई लेना देना नहीं था। लेकिन फिर भी ऐसा टीम वो जिम्मेदार अपने आप को समझता है, वो जिम्मेदार लेता है और वो दिमाग लगाता है, हेल्प करता है, जितनी कर सकता है कि अगली बार यह गलती न हो, अगली बार यह और सक्सेसफुल हो तो ये बहुत इम्परटेंट है। अगला बहुत इम्परटेंट प्वाइंट है कितनी कंपनीज में इस प्वाइंट की मैंने कंसीडर ही किया था, जिस वजह से मेरी कंपनी बंद हो गई। बहुत इम्पोटेंट प्वाइंट है। अगला पॉइंट क्या है वैल्यू मैच, वैल्यू मैच होना बहुत जरूरी है। मेरी इन फैक्ट पिछली जो कंपनी थी, कुछ सब कंपनी में भी मेरी वैल्यूज अलग थी। मैं बहुत ही डेडिकेटेड रहता हूँ, सीखने के लिए कुछ नया है, सीखना एक्सपेरिमेंट नहीं करना है, चलो चलके सीख लेते हैं, मेरे पार्टनर्स नहीं, सीखने को तैयार थे, ऐसे में आप लम्बा नहीं चल पाते। ऐसे में आज नहीं तो कल वो चीजें टूटी जाती है। वही हुआ हमारे साथ भी तो चीजें सप्रेट हो जाती है। तो वैल्यूज मैच करनी चाहिए। जिन चीजों में आप बिलीव करते हो। अगर मैं पर्सनल डेवलपमेंट में बिलीव करता हूँ, कोचिंग में बिलीव करता हूँ, जो चीज मुझे नहीं आती, उसको बेटर है, सीखने में बिलीव करता हूँ और मेरा पार्टनर नहीं करता न, तो ये बन नहीं पाएगी कहानी हो सकता है, उसको कुछ आता नहीं है। वो चलेगा मैंने कहा न स्किल, नॉलेज नही है। मैं सिखा सकता हूँ बट अगर उसका एटिट्यूड नहीं है, सीखने वाला अगर उसका एटिट्यूड नहीं है, कोंचेबल होने का तो फिर नहीं चल सकता। और आखिरी प्वाइंट में देखता हूँ, डिजायर है की नहीं, उसमे सीखने की डिजायर है की नहीं, उसमे लर्न करने की भूख है की नहीं। वो सीखने के लिए और सीखना मतलब सिर्फ कोर्सेज या कोर्स से से सीखने की बात नहीं कर रहा हूँ, कर कर सीखने की बात कर रहा हूँ। कई बार ऐसा होता है, सिचुएशन होती है की जब मान लो, वो कहते है न हैण्ड, डर्टी करने पड़ते है, चेहरे उठा कर रखनी पड़ती है। और उस समय अगर कोई ऐसा दिखा रहा होता है। नहीं सर मेरा तो काम ये नहीं है, मेरा काम तो सिर्फ यही है। तो भाई तू वही काम कर, तू यहाँ नहीं टिक पाएगा तो यहाँ से जा। जब बात आती है एक्शन लेने की, तो पूरी टीम 1 हो कर काम करे, पूरी टीम सीखने के लिए तैयार रहे, पूरी टीम अपने हाथ गंदे के लिए करने के लिए तैयार रहे। कोई काम छोटा न समझे, कोई काम बड़ा न समझे। सब जो कर सकता है, जो रेस्पॉंसिबिलिटी ले सकता है वो रेस्पॉंसिबिलिटी लेकर काम करे। ऐसी ही टीम बननी चाहिए। मैं ये 6 चीजें बहुत ज्यादा ध्यान से देखता हूँ, अगर ये 6 चीजें हैं फिर कुछ भी नहीं आता, आप मेरी कंपनी में अप्लाई भी करोगे न आइल, हेल्प यू टू, गेट, जॉब और मैं खुले आम बोलता हूँ साफ़ साफ़ बोलता हूँ मेरी कंपनी में मैं गारंटी नहीं कर सकता की बहुत भयंकर इनकम होगी लेकिन बहुत अच्छे। अगर ऑं्टरपेनर बनना चाहते हो तो ऑन्टरपेनरजो कुछ भी अपनी लाइफ में जिसको भी आइडियल समझता हूँ जैसा बनना चाहते हो। न ये जरूर है की मेरे साथ जो भी जुड़ता है वो वैसा बन के निकालता है और उसे ऐसा बनने में जो मदद हो पाएगी, मुझसे जो भी कुछ मैं कर पाऊंगा, मैं हंड्रेड परसेंट करने की पूरी कोशिश करता हूँ। और जैसा मैंने कहा था की आखिर में आपके लिए गिफ्ट है, गिफ्ट बहुत सिम्पल है, आपको भी ऐसे ही कोई अगर सवाल है। आपके बिजनेस से रिलेटेड तो प्लीज कमेंट में पूछिएगा सवाल अगर सिलेक्ट होता है, वाकई अच्छा सवाल हुआ जिसका आंसर दिया जा सकता है। विवेक सवाल मत पूछिये स्पेसिफिक सवाल पूछिए तो मैं उसका आंसर भी दूंगा, आपका नाम भी लूंगा और आपको वन टू वन मुझसे बात करने का मौका मिलेगा, फ्री ऑफ कॉस, मेरी टीम आपको कॉन्टैक्ट करेगी और फिर हमारी बात होगी। आपकी हर 1 कमेंट को मैं बहुत ध्यान से पढ़ने वाला हूँ, हर 1 कोश्चन को बहुत ध्यान से समझने वाला हूँ। तो प्लीज को शेयर जरूर करें और सब्सक्राइब करके बेल। नोटिफिकेशन को हिट करके हमें मोटीवेट करने के लिए थैंक यू सो मच।
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