HOW TO SAVE INCOME TAX IN INDIA WITH NO INVESTMENT!

This YouTube video (Nov 25, 2019) presents a practical conversation (Hindi) between Abhinav Saxena and Vineet Badruka aimed at startups and small businesses, explaining the three common registration forms in India — proprietorship, partnership (registered and unregistered), and private limited/LLP/OPC — with specific cost estimates, compliance burdens, and tax implications. Key recommendations: start as a proprietorship if you do not need funding or shareholders because setup and compliance costs are lowest; registered partnerships have higher stamp duty (~₹10,000) while unregistered agreements can be done on ₹1,000 stamp paper but are weaker legally; private limited setup costs ~₹15–20k and carries higher annual compliance (audit ~₹20k+), and companies face a flat corporate tax (illustrated as 25% leading to ~₹2.5 lakh tax on ₹10 lakh profit). GST registration is not compulsory until ~₹40 lakh turnover (except certain online sales).
Questions this video answers
Proprietorship, Partnership (registered or unregistered), and Private Limited (including OPC/LLP variants).
About ₹15,000–₹20,000 (includes legal fees, stamp duty, drafting and registration of MOA/AOA).
Approximately ₹10,000.
Around ₹1,000.
About ₹500 or even less.
बेस्ट बेस्ट क्या तरीके है जिससे आप पैसा बचा सकते हो। टैक्सेस में अगर आप स्टार्ट अप हो तो हे गाइस मेरा नाम है अब सकसेना मैं हूँ 1 सीरियल ऑनटरपिनरएकबिजनेस कोच और 1 ऑथर और मेरे साथ है.
म सी विनीत बद्रुका एंड मैं इंदौर में अपनी प्रैक्टिस करता हूँ and thanks for having me।
आल राइट सो बेसिकली हमने सोचा की क्यूँ न स्टार्टअप के लिए 1 ऐसी सीरीज बनाई जाए जिसमें उनको क्या बैक्सिममबैनिफिट मिल सकते हैं, कहा पे वो पैसा बचा सकते हैं और कहाँ से पैसा बना सकते हैं। इन सारी चीजों बात करें तो 10 स्पेशल सीरीज इसको सब्सक्राइब जरूर कर लेना लाइट। तो चलिए शुरू करते है और आखिरी तक इस वीडियो को देखना क्यूंकि यार बड़ी मेहनत से आये। ठीक है एफर्ट लगाये तो बहुत सारी इन्फॉर्मेशन लेकर आये। बहुत सारी ऐसी जानकारी जो शायद आपने कभी नहीं सुनी होगी। तो ध्यान से देखना आखिरी तक और आपके लिए 1 स्पेशल गेट भी आखिरी में लाइट। तो चलिए शुरू करते है सो सबसे पहले विनीत यार मैं ये समझना चाह रहा था कि कितने टाइप के बिजनेस के रजिस्ट्रेशन होते हैं। इंटरनल अगर हम बात करें तो कितने टाइप के सो अभिनव इन जनरल जो.
कॉमन प्रैक्टिस में होते हैं तो हम 3 तरीके से 1 स्टार्ट अप को रजिस्टर कर सकते हैं। पहला बीइंग ऐज प्रोपराइटरशिप फॉर्म के दूसरा बीइंग ऐज पार्टनरशिप फॉर्म। अगर आप मल्टीपल लोग हैं जो साथ में बिजनेस करना चाहते हैं एंड तीसरा बिंग कंपनी उसमें आ के पास प्राइवेट लिमिटेड। यह कंपनी आज प्राइवेट लिमिटेड और एज एन एल एल पी एंड वो उसमें डिपेंड करेगा। अगर आप 1 पर्सन है या 1 से ज्यादा पर्सन है। अगर आप अकेले हैं तो ज वन पर्सन कंपनी सेट अप कर सकते हैं जिससे बोलते हैं। अगर 1 से ज्यादा लोग हैं तो.
आज प्राइवेट लिमिटेड सी इस डिफ्रेंट देन.
प्रॉपराइटर यस पी सी फॉर्म ऑफ़ कंपनी बट जहाँ 1 ही शेयर होल्डर होता है।
अरे वाह ये तो मुझे भी नहीं पता था तो भी वैरी हन। अमेजिंग सो अब बात करते हैं ये तो 3 कैटेगरी हो गयी, 1 प्रोपराइटर हो गयी, 1 पार्टनरशिप हो गयी और 1 प्राइवेट लिमिटेड हो गई। या एल एल बी बी क्यूंकी टैक्स वाइस तो दोनों सेम है सो अब बात करते हैं इनके बेनेफिट्स की और प्लस इनके एक्सपेंसिस की। क्यूंकी हर चीज फ्री नहीं हो और खासकर ये तो बिल्कुल फ्री नहीं है। तो तो शुरुआत करते हैं अगर तो प्राइवेट लिमिटेड शुरू करते हैं एंड देन प्रॉपर फिर आखिरी में आप रेकमेंडेशन भी बता सकते हैं। आपका क्या रेकमेंडेशन है प्लीज सो जैसा.
की मैंने बताया 1 बिजनेस को 3 तरीके से सेटअप किया जा सकता है बीइंग प्राइवेट लिमिटेड पार्टनरशिप और अप्रोपरेटरशिप। इसमें इनटरमसऑफइनिशियल सेटअप कॉस की बात करें तो ऑव्यसलीप्रावेटलिमिटेड इज द मोस्ट एक्सपेंसिव। इसमें आप मान के चलिए आपको कम से कम पंद्रह से 20 हजार का खर्चा आता है। इनक्लूड लीगल फीस, सैम, ड्यूटी, सी, एस की फीस, आपके, एम ए ओ जो लीगल डॉक्यूमेंट होते हैं उन सबको ड्राफ्ट करवाना रजिस्टर करवाना सो लगभग लगभग 20 हजार तक का आपको केवल 1 इनिशियल सेटअप कॉस्ट आ जाता है। वहीं अगर हम बात करें 1 पार्टनरशिप फर्म की तो उसके 2 तरीके होते हैं 1 होता है 1 रजिस्टर्ड पार्टनर्शिप एंड 1 होता है 1 अनरजिस्टरड पार्टनरशिप रजिस्ट्रेट पार्टनरशिप में आपको 1 रजिस्टर्ड डीड बनवाना पड़ता है जिसका स्टैमड्यूटी लगभग लगभग 10 हजार बैठता है सो उसके क्या.
12 या 2 से ज्यादा भी हो सकते हैं या 2 ही पार्टनर पार्टनर्शिप.
में कितने भी हो सकते हैं आप.
टू ट्वेंटी आप टू ट्वेंटी के सो उसके लिए खर्चा 10 हजार अगर आपको.
रजिस्टर करना हो और 1 अन रजिस्टर्ड फर्म पार्टनर्शिप भी होता है जिसके लिए आप 1000 रूपए के स्टाम्प पर 1 अपना पार्टनर्शिप अग्रीमेंट ड्राफ्ट करके उसके बिजनेस को स्टार्ट कर सकते है अग्रीमेंट के बेसिस पे आप अपना बैंक अकाउंट खोल सकते हैं आप 1 पैन ले सकते हैं ऑल द रजिस्ट्रेशन यूनिट फॉर एग्जाम्पल आपके नगर निगम लाइसेंसेस आपके what एव ड्रग लाइसेंस एस सी लेकिन द ओनली डिफ्रेंस बिटवीन अन रजिस्टर्ड एंड रजिस्टर्ड पार्टनरशिप इसकी 1 अनरजिस्टर्ड पार्टनरशिप को अगर कोर्ट में डिस्प्यूट होता है तो उस अन रजिस्टर्ड पार्टनरशिप का डॉक्यूमेंट मान्य नहीं होता दैट्स द बिग स डिफरेंस बिटवीन रजिस्टर्ड एंड अनरजिस्टरड पार्टनरशिप तो अक्ली परपोज सॉल्व.
नहीं हो रहा है बेसिकली हां अगर.
आपकी बहुत अच्छी दोस्ती है बचपन के दोस्त उसके साथ ही बिजनेस कर रहे हो तो यू कैन गो फॉर अं रजिस्टर्ड बट अगर आप 1 लीगल वर चाहते हो यू शुड डेफिनिटली गो फॉर.
RजिसTrtfm जानती है की ठीक है दोस्ती अलग बिजनेस अलग ठीक है के दोस्त हैं तो भी यार लीगल डॉक्यूमेंटेशन के साथ ही जाना है सो विनीत प्रोपराइटर शिप की अगर बात करें तो कितना.
खर्चा होता है सो 1 मामूली से प्रोपराइटरशिप सेट अप में यू कैन स्टार्ट बिजनेस फॉर आज लो आज फाइव हंड्रेड आपको केवल 1 शॉप्स स्टैब्लिशमेंट लाइसेंस जिसे गोमास्ता भी बोलते है वो लेना होता है एंड दैट्स आल यू नीड मतलब.
दैट्स नगर निगम वगैरह कुछ भी नहीं नोट कम सी तो मेरा झूठा नुकसान अपेरेंटली सो सो बेसिकली 5 सौ रुपए या उससे कम भी लगता है लीगल फीस तो कम ही होती है करवाने के बाद तक 5 सौ रूपए 500.
रुपए पर लिमिट कम ही हो जाता.
है वैसे कम में ही हो जाता है तो 500 रुपए से कम में आप अपनी कंपनी स्टार्ट कर सकते हो। और लोग कहते है कंपनी स्टार्ट करना बड़ी बात बिजनेस की बात हो रही है, यह बिजनेस की बात हो रही है कंपनी अक्सर प्राइवेट लिमिटेड को बोला जाता है तो कंपनी में बट बिजनेस की बात हो रही है बिजनेस स्टार्ट किया जा सकता है ओके सो मैं आपका 1 एक्सपर्ट का उन ओपिनियन समझना चाहता हूँ की क्यूँ और कौन सी कंपनी का रजिस्ट्रेशन 1 स्टार्ट अप जो अब भी शुरू कर रहा है। जिसके बाद शायद उतने पैसे भी नहीं है और वो दिमाग लगा रहा है कि मैं मार्केटिंग में ज्यादा पैसे लगाओ, बिजनेस में ज्यादा पैसा लगा रैदर। कंपनी के सौरी संविधान के नियमों के पालन करने में तो क्या रेकमेंड करोगे क्या बेस्ट वे होता है स्टार्ट करने.
के लिए आइ थिंक यह क्लीयर विनर है इसमें जो की है 1 प्रोपराइटरशिप फर्म अगर आपको 1 स्पेसिफिक पर्पस के लिए कंपनी बनानी है जैसे कि आपको फंड रेजिंग करनी है या आप 1 से कहीं ज्यादा लोग है जिनको आप शेयर्स देकर के 1 कंपनी बनाना चाहते हैं या 1 पार्टनरशिप में जिसमे आप मल्टीपल पार्टनर्स है जो साथ में बिजनेस करना चाहते हैं। अगर ऐसी सिचुएशन नहीं है तो इस नो ब्रेनर मेरी नजरों में कि आप 1 प्रोपराइटरशिप की तरह सेट अप करें बिकाज उसकी इनिशियल सेटअप पास बहुत कम है उसके टैक्स कम्प्लान सभी लीगल कम्प्लायंस फर्दर मैटर काफी ईजी है एंड उसमें आई वुड से आपको बहुत ज्यादा टैक्स बेनेफिट्स हैं जिसको हम आगे डिस्कस करेंगे.
के सो ना जब प्रॉपराइटर की बात आती है मैं क्यों ये सवाल पूछ रहा हूँ उसका 1 रीजन है अक्सर यह गलती मैं भी कर चुका हूँ तो ऐसा नहीं की अब मुझे नॉलेज हो गई है तो मैं यह बात कर पा रहा हूँ जब नॉलेज नहीं थी तो मैं भी यही गलतिया करता था हम सब से पहले किस में लगते हैं नहीं नहीं पहले तो कंपनी रजिस्ट्रेशन होना चाहिए 20 हजार का खर्चा पकड़ लिया फिर नहीं नहीं बड़ा सा होल्ड भले ही मेरे ऑफिस में कोई क्लाइंट भी नहीं आने वाला लेकिन होल्डिंग मुझको चाहिए फिर बिजनेस कार्ड तो होनी चाहिए भाई साब लोगो तो मेरा चाहिए ही चाहिए मेरी कंपनी को और वेबसाइट ऐसी नहीं हो सकती तो यार इसलिए मैं आप लोग को ये क्यों बता रहा हूँ डीटेलिंग क्यूंकि यार जब बात होती है बिजनेस स्टार्ट करने की सिर्फ शुरू कर 2 तो ये सबसे पहले बेचना शुरू करो 1 500 रूपए का रजिस्ट्रेशन लो लीगल वे में एंड उसके बाद डायरेक्ट सेल करना शुरू करो उसके बाद अगर सर्विस कंपनी है तो सेल कर दिया तो सर्विस दे सकते हो कोडक कंपनी तो भी सेल करना चाहिए पहले ताकि पैसा आ जाए एडवांस आ जाए और उसे आप प्रोडक्शन चालू कर पाओ तो कोशिश ये रखो की पहले पैसा आएगा फिर मैं लोगों पर जाऊंगा फिर मैं प्राइवेट लिमिटेड पर जाऊंगा फिर मैं इन कंपनी के पैन और जी एस टी को 40 लाख के लिमिट जी एस टी की भी राइट यह.
जब तक आप 40 लाख का टर्न और अचीव नहीं करते तब तक आपको जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना कंपलसरी नहीं है और.
सिर्फ ऑनलाइन गेम के लिए अगर ऑनलाइन आपको बिजनेस कुछ प्रोडक्ट बेचना है तब जी एस टी डे वन से रिकॉर्ड हो राइट राइट सो यार कहाँ लगे या दुनिया भर के पता मेरे पापा मुझसे पूछते हैं क्या करते क्या हो तुम ऐसा की लोगो को सुनते हैं या पसंद करते हैं उनको मैं सिम्पल सी लाइन में आंसर देता हूँ की मेरा काम है चीजों को सिंपल बनाना सिम्पली सीडी मास्टर आई कैन मेक थिंग्स सिम्पल पॉसिबल जितना सिम्पल हो सके तुम्हे दिक्कत न हो, कई बार लोग बिजनेस डालना है ऐसा लेकिन पहले पता चल जाए बिजनेस डलता कैसे तब डालेंगे मैं बता रहा हूँ ये वीडियो में ठीक है। अगर अच्छा लगा अभी तक तो प्लीज लाइक कमेंट कर देना। अभी आगे है, रुक नहीं रहे, खत्म नहीं हो रहा, कमेंट कर देना। और अपने जैसे या किसी ऐसे को जानते हो जो बिजनेस शुरू तो करना चाहता है लेकिन सिर्फ बातें करता रहता है, अभी करता नहीं है शुरू। और इसी सब चक्कर में वो यही बहाने देता है कि यार पता नहीं है न की बिजनेस रजिस्टर्ड कैसे करते है और ये कैसे करते है। उसको प्लीज यह वीडियो पहुँचाना और चाहे वो फ्रेंड, फैमिली, व्हाट्सप ग्रुप पर भी आपके हो सकता है। तो प्लीज उसको शेयर जरूर करना। हम लोगो की बड़ी मदद हो जाती है। जब आप लोग लाइट करते हो, कमेंट करते हो, शेयर करते हो यू ट्यूब का। और कुछ ऐसा है कि जितना ज्यादा लाइक कमेंट आते हैं उतना ज्यादा हमें यू ट्यूब खुद ही लोगों तक पहुँचाता है। तो थोड़ा हमको भी मिलता है। थैंक यू सो मच विनीत भाई। मान लेते है की मेरी कंपनी है जिसका टर्न ओवर 1 करोड़ से कम है। क्योंकि 1 करोड़ के ऊपर स्लैब चेंज हो जाता है और मोस्टली स्टार्ट अप्स का 1 करोड़ के अंदर ही खेलते हैं। मान लेते हैं। 99 लाख 99 हजार 999 रुपए का टर्नओवर हुआ है। टर्न ओवर है और गिरी सी रालत में हर स्टार्ट अप 10 परसेंट तो कमाता ही है। और स्टार्ट अप किया जो इन पंद्रह 20 पर्सेंट और 50 परसेंट न कमाया। लेकिन फिर भी मैं प्रॉफिट मिनिमम से मिनिमम लेके चल रहा हूँ। 10 पर्सेंट का मार्जिन पर बिन करता है। मतलब लगभग 9 लाख 99 हज़ार 999 रुपए का 10 लाख रफली फिगर हिसाब करने में आपको भी आसानी होता तो 10 लाख रुपए का मुझे प्रॉफिट हुआ। 1 करोड़ से थोड़ा सा कम का मेरा डन ओवर था। अब अगर मैं प्राइवेट लिमिटेड रजिस्टर करूँ तो मेरा टैक्स कितना बनता है।
प्राइवेट लिमिटेड पर इंडिया में अक्टूबर 2019 के बाद से कई स्लैब्स लगते हैं जिसमें आपका इफेक्टिव रेट ऑफ टैक्स 17 परसेंट से लेकर 35 परसेंट तक होता है। बट 1 नॉर्मल कंपनी के लिए जो नॉन मैनुफैक्चरिंग बिजनेस में है हम मान के चल सकते हैं। 25 परसेंट का स्लैब जो लगता है तो 1 10 लाख रुपए के प्रॉफिट पर आप ढाई लाख रुपए टैक्स भरेंगे.
ढाई लाख रुपए का टैक्स भरना पड़ता है। अगर 1 करोड़ के अन्दर खेल रहे है तो डिपेंड करता है। अगर मार्जिन पर प्रॉफिट ज्यादा है तो और टैक्स बढ़ेगा लेकिन ढाई लाख पूरा भरना पड़ेगा।
हाँ और ये ढाई लाख कैसे आरा है भी 1 बार क्लियर कर दू। आपके नेट प्रॉफिट का फ्लैट 25 परसेंट लगता है।
आपको अच्छा जी समझ रहे तो ढाई लाख रुपए टैक्स मुझे तो नहीं भरना है। अभी देखो ठीक है ढाई लाख की मार्केटिंग कर सकता हूँ यार मेरा दिमाग उस डायरेक्शन में जाता है तो मैं समझना चाहता हूँ की यार मुझे इसको नहीं भरना है और मुझे प्राइवेट लिमिटेड में खर्चा हो रहा है। ऑर्डिट का इसका उसका महीने साल का.
भी खर्चा होता है।
ऑडिट है प्राइवेट लिमिटेड।
अगर आपने साल भर कुछ भी नहीं किया। सिर्फ 1 कंपनी चालू रखी, आपको कम से कम 20 हजार रुपए का खर्चा आ ही जाता है। सारी फाइलिंग में एनविल पेपर वर्क में आपका। ऑडिट जो कंपलसरी होता है, वो करवाने में। सो 1 नॉन एग्जिस्ट गवर्नमेंट कंपनी को भी 20 हजार का खर्चा आनेवली है।
यार देखो ये न, ऐसे लोग मुझे बहुत पसंद होता है। क्यूंकि 2 ईमानदारी वाली बात बोली, क्यूंकि ये जो खर्चा बोल रहे हैं, ये ही लेते है। क्यूकी सीएस के पाक ज्यादा पैसा थोड़ा पार्ट थोड़ा पार्ट 20 वाला पार्ट, पूरा पैसा नहीं। लेकिन उसके बाद भी ये क्या रिकमेंड कर रहे हैं। प्राइवेट लिमिटेड मत करो। क्योंकि कंपनी अगर बहुत प्रॉफिटेबल नहीं है, करोड़ से ऊपर का धन नहीं है, यह फंड नहीं उठाने जा रहे हो। तो प्राइवेट लिमिटेड क्यूँ करना है उसका परपज तो क्लियर रखो वरना क्यों जस्ती का पैसा चुका रहे। वैसे बहुत सारे सोर्स आ ही रहा है। पैसा सो बेटर है की आप के बेनिफिट के लिए। इसलिए बजा जा, प्राइवेट लिमिटेड नहीं, प्रोपराइटर से शुरू करे राइट। ओके सो, जैसा आपने सुना या थैंक यू सो, मच सी विनीत आप आये और इतनी सारी चीजें आपने इंफॉर्मेशन दी जो हमारे स्टार्ट अप। क्योंकि मेरे इस चैनल के पीछे ऑब्जेक्टिव यह है की ज्यादा से ज्यादा लोगों को एनलाइटमेंट हो। पता चले की कैसे वो जल्दी से जल्दी स्टार्ट कर सकते हैं, कम से कम पैसे में और ज्यादा ज्यादा पैसे बचा भी सकते हैं। वि वारिस मोड्स तो उसमे आपने कॉन्ट्रिब्यूट किया, थैंक रुको रुको रुको रुको। यह वीडियो अभी खत्म नहीं हुआ, यह सिर्फ पहला पार्ट था। इसके बाद पूरा क्सप्ले किया विनीत ने। अगले पार्ट में की कैसे वो कहानी चल रही थी। न 99 लाख 99 हजार 999। अगर तक टर्न ओवर है तो ढाई लाख का टैक्स भरना पड़ता है। 10 परसेंट मार्जिन पर अगर सोचो मैं कह रह ढाई लाख छोडो जीरो टैक्स भरना पड़े। तो क्या कर सकते हो उसके बारे में। ये विनीत ने बनाया बताया अगले वीडियो में तो देखना मत भूलना। अगर ये विडियो पूरा देख लिया। नहीं देखा नहीं इस वीडियो का कोई प्वाइंट मिस हो गया। जाओ फिर से देखो रिवाइज करो पेन कॉपी लेकर बैठ के देख रहे न। वीडियो क्यूँकी प्वाइंट्स बहुत इमपरटंटहमिसमत करना। और चैनल सब्सक्राइब नहीं कर रहो यार देख रहे हो, जा रहे हो। और इस चक्कर में कई महीनों बाद आपको ये वीडियो मिलते हैं। प्लीज अभी टालो मत कल करे, सो, आज कर, आज करे सो। अब जल्दी से सब्सक्राइब बटन क्लिक करके इसको शेयर करो। ऐसे लोगों से जो ऑलरेडी बिजनेस में है, जो टैक्स बचाना चाहते हैं, जो मुझे इतना सरप्राइज है। कई बार लोग ऐसा बोलते है की पता तो तना टैक्स भर देते हैं। अरे भाई साहब, अगर वो टैक्स के आप हॉलीडे ट्रिप कर लेते, अगर वो टैक्स के आप कोई भी काम कर लेते, अपने बिजनेस में ही लगा देते तो शायद और ज्यादा कमाते और ज्यादा टैक्स के लिए एलिजिबल होते और फिर शायद आप देते। गवर्नमेंट को तो देखो। टैक्स की चोरी नहीं सिखा रहे है, जेनविन तरीका बता रहे है, लीगल तरीका बता रहे है, जिससे ऐक्चवली लोग टैक्स बचा रहे है। तो आप क्यों नहीं बचा रहे। स्मार्ट बनो। हार्ड वर्क नहीं स्मार्ट वर्क पर जा उसी के बारे में बाते तो सबस्क्राइब कर लेना। सही लोगों तक पहुंचाना मेरी जिम्मेदारी नहीं है, क्योंकि मैं आपके लिए लगा हुआ हूँ। कॉन्टेंट अच्छे से अच्छा लाने में तो थोडा सा आपका बनता है। इस कॉन्टेंट को अच्छे लोगों तक पहुँचाने में मेरा सहयोग करना दैट्स। आल मिलते है अगले वीडियो में बा।
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