SECRETS TO DECIDE YOUR FOOD PRICING WHICH SELLS | CLOUD KITCHEN MENU ENGINEERING | 2024

A cloud kitchen owner explains pricing tactics that boost sales: anchoring with high prices first, decoy options to push customers toward premium sizes, and charm pricing like ₹999 instead of ₹1000. Real examples include a cake brand adding a half-pound size and a tea franchise moving customers from ₹7 to ₹10 through combos.
लोगों के अजम्शनका गेम है। लोग अज्यूम कैसे कर रहे हैं? ले डिजिट जो है प्राइस की उसको 1 से कम कर। 2 crn प्लीज टेल about how to include पैकेजिंग prizing in the selling price, thnushricanyples explain the example of cyst लेकिन ये छोटी छोटी चीजें बड़ी बन जाती है जब 1 साथ सब कलेक्शन में यूज करेंगे वेलकम ओल यू। आज हम बात करेंगे प्राइजिंग स्ट्रैटेजीज के बारे में। कैसे आप अपने बिजनेस में प्राइजिंग स्ट्रैटेजीज को यूज करके लोगो को कौंशस अनकांशसली ज्यादा बेच सकते हैं? या फिर लोग आपसे ज्यादा बाई करेंगे राइट प्राइजिंग। इस स्ट्रैटेजीज पर बात करेंगे स्पेशली। अगर आप फूड बिजनेस में हैं क्लाउड किचन ओनर है तो टुडेस प्राइंग ट्रैटेजीज गोइंग help you सो वेरी फर्स्ट पॉइंट जो पहली प्राइज है जैसे फॉर एग्जाम। अगर हम बात कर रहे हैं आपके मेन्यू की। अगर हम बात कर रहे आपके डिस्प्ले की। अगर हम जिस भी चीज की बात कर रहे हैं, जहाँ पर आपने मल्टीपल प्रोडक्ट लिस्ट कर रखे हैं। अक्सर क्या होता है हम सबसे पहले सस्ता रखते हैं और फिर महंगा करते जाते है। द गेम इस अपोजिट फर्स्ट प्राइज शुड बी द हाइएस्ट न नाव वाई म से िंग शो क्या होता है कि जब पहली प्राइज आदमी देखता है तो दिमाग में एंकर बन जाता है। एंकर क्या होता है शिप को रोकने के लिए एंकर उस किया जाता है। तो एंकर जो होता है वो इंसान को काइंड वो उसका मेजरमेंट प्वाइंट बन जाता है। अब आदमी वहाँ से कंपेयर करना शुरू करता है। पहला प्रोडक्ट 50 रुपए का, दूसरा प्रोडक्ट सौ रूपए का, तीसरा 200 रुपए का। तो 200 वाले तक। तो बहुत महंगा लग रहा है। बट पहला प्रोडक्ट मान लो 200 का है और दूसरा डेढ़ सौ का है। कम लग रहा है। सो जैसे ही प्राइजिंग कम होती जाती है उसके अगले प्रोडक्ट्स की शुरुआत महंगे प्रोडक्ट से होने के बाद तो दिमाग को अनकांशसली फील होता है कि अच्छे ऑप्शन्स भी अवेलेबल और वो ज्यादा नीचे देखता है। ज्यादा चांसेज होते खरीदने के। let me give यू नेक्टन सो द नेस्ट स्ट्रटेजी ऑर अ डीकआiओपशनडीकोआई क्या होता है? बेसिकली अगेन मैं सिम्पल भाषा का इस्तेमाल ज्यादा करता हूँ। डीकोआई क्या होता है? फेक ऑपशन, ऐसा ऑप्शन जो कि उनको आपका जो मेन प्रोडक्ट है वो बेटर फील कराए। अगेन हम ह्यूमन जो होते हैं दूसरों से चीजें कंपेयर करते हैं हम हमें पता नहीं है कि क्या महंगा क्या सस्ता। हमें एक्चुली पता नहीं है जब तक हमें किसी से रेट न मिल जाए। फॉर एग्जाम्पल आप कुछ भी खरीदने जाते हो, पहले आप उसका रेट पता करते हो, आपको पता चल जाता है। ये चीज लगभग इतने की होती है। उसके अकॉर्डिंग आपके प्राइजिंग का दिमाग में भी चलता है। सो दैट्स हा, जब मैं बात कर रहा हूँ ऑफर डीकोआऑपशनकीअभी में 1 छोटी सी स्टोरी बताता हूँ। हमारी 1 स्टूडेंट है और कम्युनिटी के मेंबर हैं। क्लाउड किचन कम्युनिटी। यहाँ आपको दिख रहा होगा, क्लाउड किचन व राइट सो। ये हमारा इंडिया का वन क्लाउड किचन कम्युनिटी बन चुकी है। तो इसमें 1 हमारे स्टूडेंट हैं, जिनका ब्रांड हैं आई थिंक केक सएन क्रंबल्स और ये पूने से है ना? अमेजिंग बात मुझे काफी अच्छी लगती है। जब आप लोग अप्लाई करते हो, अपनी लर्निंग और शेयर करते मुझसे और आपका फायदा होता है तो मुझसे ज्यादा खुश कोई नहीं हो सकता। अब क्योंकि इनका केक का ब्रांड था तो सब कोई ये 1 पाउंड का मिनिमम केक देती थी और फिर 2 पाउंड 3 पाउंड के केक्स थे। तो सबको पूछता था अक्सर इनसे कि मै इससे सस्ता कुछ नहीं है। क्या 1 पाउंड से सस्ता दीजिए न कुछ सस्ता सस्ता सस्ता। अब 1 पाउंड का केक। इनका लगभग 202 सौ 20 के आसपास था। सो इन्होंने 1 डीआई ओप्शन इंटरड्यूस कर दिया। डीकोय मतलब इन्होंने 1 हाफ पाउंड का ओप्शन इंटरड्यूस कर दिया जिसका रेड सिर्फ 10 20 रुपए सस्ता रखा। मतलब 220 का। अगर 1 पाउंड है तो 200 रुपए का आधा पाउंड है। अब कोई भी पूछता था इनसे कि मै इससे सस्ता ऑप्शन है कि हाँ है। 220 की जगह 200 का आधा पाउंड केक ले लीजिये। अब आप 200 रुपए का आधा पाउंड लोगे या 220 का फुल वन पाउंड लोगे के डबल मिल रहा है। क्वांटिटी सिर्फ 20 रुपए ज्यादा या कम कमेंट योर चॉइस वन और टू 200 या 220 आधा या 1 रिच। जाहिर सी बात है लोगों ने 1 पाउंड लेना शुरू कर दिया और बिना अब कोई बहस नहीं करता। डायरेक्टली लोग जमा करते हैं। सीधे वन पाउंड के केक पे, ओके लेट्स, कम टू, द थर्ड पॉइंट, डिस्प्ले प्राइज, इन स्माल फोंड क्या होता है की अगेन ह्यूमन स है। हम इंसान हैं, हमें अगर सेम चीज बड़ी बड़ी लिखी हो, न तो बड़ी लगने लगती है। और वही बड़ी से बड़ी चीज छोटी लिखी हो। ना तो छोटी लगने लगती है। साइकोलॉजिकल गेम है, प्राइजिंग गेम, साइकोलॉजिकल गेम है, पूरा साइंटिफिक गेम है। अगर आपने 1000 रुपए या 500 रुपए, 200 रुपए, सौ रुपए बड़ा बड़ा लिख दिया। इमैजिन अभी कैसा लगेगा बहुत बड़ी प्राइज है। बट वहीं पे। अगर प्राइस को अगर आप में भी डिस्काउंटेड प्राइस दे रहे हो तो 25 परसेंट ऑफ़, 10 परसेंट परसेंट ऑफ को बढा रखिए। लेकिन कमपरिटिवली जब आप उसको उसकी जो प्राइस मेंशन कर रहे है, उस प्राइस को, फोन्ट को छोटा रखिए, चाहे वो आपका डिस्प्ले मैनी हो, चाहे वो आपकी वेबसाइट का हो। कहीं पर भी अगर आप डिस्प्ले कर रहे हैं। अपना प्राइस प्राइस को छोटा डिस्प्ले कीजिए बड़ा प्राइज मत दिखाइए। बड़े प्राइज से फील आता है। महंगा है छोटा रखेंगे सेम प्राइस। लेकिन छोटा रखेंगे। इमेजन कीजिये नाइन नाइन नाइन टी, नाइन बड़े में लिखा है और वही नाइनटी नाइन छोटे में लिखा है। डिफ्रेंस समझ में रहा और जिसकी वजह से आप जो छोटे प्राइज है, सको सस्ता अनकांशसली फील करते हो। and that people go for that a। मेरी फाइंड ये छोटी छोटी चीजें हैं, ऐसे में कोई रॉकेट साइंस चीजें नहीं बता रहा हूँ। लेकिन ये छोटी छोटी चीजें बड़ी बन जाती है। जब 1 साथ सब कलेक्शन में यूज करेंगे let me take you to another point, remove the coma ये खास कर जब आप मे भी सबस्क्रिपशन में जा रहे हैं, यह खासकर मे भी जब आप बड़ी अमाउंट चार्ज कर रहे हैं, लीड्स को टारगेट कर रहे हैं। अक्सर क्या होता है जब हजारों में प्राइस जाती है तो हम कैसे लिखते हैं ne thousand coma to हंडरेड fifty ropes जो कोमा है, इससे अगेन इफेक्ट आता है कि बहुत बड़ी माउंट, मैं कह रहा हूँ अगर वन नiनeथosndnineहंde in nine है तो उसको सिर्फ triple remove that coma its। आल इन माइंड कुछ महंगा सस्ता नहीं होता है। अंटिल बहुत ज्यादा डिफ्रेंस न हो, लाखों हजारों का डिफ्रेंस न हो। अगर कोई चीज थाउजन्ड रूपीज की है तो 1200 में बहुत महंगी नहीं हो जा रही है समझना। लेकिन स्टिल लोग कह रहे हैं 1200 में महंगे क्यों? क्योंकि आप ये साइन यूज नहीं कर रहे to remove the coma। सो यू रेडी टू अप्लाई आल दिस इनफॉर्मेशन जो मैं शेयर कर रहा हूँ, अगेन क्लाउड किचन में है तो defiनिटलyआपमैन्यू में उस कर सकते हैं। और भी किसी बिजनes to thetswildefinitely work a next intrvusefeacurs to increase price okay and this is very important। नाव क्या होता है की फोर एx्ाmpl जैसे अगर आपको अगर प्राइज बढ़ानी है, आपने किसी भी प्रोडक्ट की प्राइस रखी एक्स प्राइज रखी मान लेते हैं, आप चाय ले लीजिये, मेरे ही स्टूडेंट की कहानी बताता हूं इन फैक्ट, चाय सुट्टा बाहर, अगेन इनके लगभग 80 90 फ्रेंचाइज बेच चुके हैं, एवरेज फ्रेंचाइज 10 लाख रुपए की सेल कर रहे हैं। सो 3 साल के अंदर इन्होंने 80 90 फ्रेंचाइज ऑलरेडी बेच दिए। दुबई लंदन तक पहुंच गए हैं। चाय सुट्टा बाहर। तो इनकी फाउंडर से बात हो रही थी। तो मैंने पूछा इससे रिलेटेड की आपका कॉम्पिटिशन कौन था जब चाय आप बिसरे, क्योंकि ये स्टूडेंट्स को टारगेट कर रहे हैं, ये बहुत क्लियर थे इन्होंने कहा हमारा कॉम्पटीशन टपरी वाला था। अब टपरी पर जो चाय मिलती है वो 7 रुपए की थी। तो हमने भी चाय 7 रुपए की स्टार्ट की, मैंने कहा लेकिन आप तो मशीन वगैरह उस करते हैं, आपके वर्कर्स भी होते हैं, लास म्यूजिक सिस्टम भी होता है, काफी प्राइम लोकेशन भी होती है। तो 7 रुपए से फिर प्राइस कभी बढ़ाने की जरुरत पड़ी बिल्कुल परी तुम्हे पूछा कैसे बढ़ाई। तो स्मार्टली बताया कि सर हमने 7 रुपए की चाय दी और फिर हमने 7 रुपए की चाय बंद करके 10 रूपए की चाय और बिस्कुट का कॉम्बो लॉन्च कर दिया। ओके, अभी 7 की चाय नहीं, अभी 10 की चाय और बिस्कुट का कॉम्बो है तो एकदम से जंप नहीं लगा लोगों को, लोगों को कैसा फील हुआ क्योंकि चाय नहीं मिली। चाय के साथ बिस्किट भी मिल रहा है और 10 रुपए का। क्योंकि जैसे ही 7 का 10 भी करते तो शायद लोग ड्रॉप हो जाते। तो उन्होंने 10 रुपए का चाय और बिस्किट का कॉम्बो लॉन्च किया और 23 महीने तक उसी को चलाया और फिर धीरे से वो बिस्किट की क्वांटिटी कम की और खत्म कर दे के बिस्किट आयडॉनलेसकते हैं। आप बिस्किट नहीं अभी चाय है तो जो चाय 7 की थी एकदम से 7 का 10 नहीं किया या कई बार लोग क्वांटिटी कम कर देते हैं 7 की चाय 7 की लेकिन आधी हो गई। लोग खुश नहीं होते लोगो को बुरा लगता है क्या अरे यार तुम पैसे लो न यार लेकिन क्वान्टिटी पैसे बढ़ाओगे तो भी बुरा लगेगा यार पैसे बढ़ा दिए सेम चीज के अगेन लोग हैं आपको समझना पड़ेगा what साइंटिफिक है ये सारी चीजें साइकोलॉजिकल है सब दिमाग में है न 7 रूपए महंगा है न 10 रूपए सस्ता है न 10 रुपए महंगा है न 7 रुपए सस्ता है सबसे परफेक्ट परस्पेक्टिव का खेल गेम है ओके लोगों के अजम्शनका गेम है लोग अज्यूम कैसे कर रहे हैं लोगों को। 1 दम से आप प्राइज जम न करो एंड दैट्स वे म सेइंग नए नए फीचर्स इंटरड्यूस करो ताकि प्राइज जब इनक्रीस हो तो उनको कुछ मिला है साथ में उनको और वैल्यू मिली है साथ में तो अच्छा फील होगा और उसके बाद tvilbokबीप्रसाइज विद लार्ज प्राइजेस वेरी इम्पोर्टेन्ट पॉइंट फॉर एग्जाम्पल आपने सब्स्क्रिप्शन निकाला या आपकी प्राइज जो है वो थाउजेंड या अबव की है आपका कोई एलीड टार्गेट को आप टारगेट कर हे हो एलीट ग्रुप को टारगेट कर ह महंगे लोगों को महंगा प्रोडक्ट बेचने की कोशिश कर अगर आप ऐसा कुछ भी कर रहे हो तो प्रेसाइज हो जाओ। मतलब डोंट पुट नाइन नाइन नाइन डोंट पुट वन थाउजेंड डोंट पुट वन थाउजंड फिफ्टी 1050 2000 डेढ़ हजार। ऐसे फिक्स प्राइस मत रखो उसका प्राइज कैसे कर 2 1462 रुपए, वन फॉर सिक्स टू रूप। अगेन कॉमा तो लगना हजार नही बोलना वन फॉर सिक्स टू 1462। तो इस तरीके से जब आप साइज प्राइज रखते हो तो लगता है कि यार ये बहुत कैलकुलेशन के साथ रखी गई है और इसमें नेगोसिएशन का भी कोई स्कोप नहीं है इसमें भाव नहीं हो रहा है। इस लाइक प्रिसाइज एक्युरेट अमाउंट या कुछ भी हो सकता है। वो प्राइस आपको सब्स्करिप्शन देना था 3000 रूपए 3000 मत बोलो आप इसको 3122 रूपए या फिर ₹2971 सो नेक्ट पॉइंट पर आते यह नेक्ट पॉइंट ले डिजिट जो है प्राइस की उसको 1 से कम कर 2 रिड्यूस लेफ्ट डिजिट बाई वन ना ये बहुत सारे लोगों को ऑलरेडी आइडिया भी होगा जैसे हजार जब होता है तो बड़ा अमाउंट लगता है लेकिन 999 छोटा अमाउंट लगता है। डिफ्रेंस 1 रुपए का है लेकिन परसीव वैल्यू अगेन 3 ही अक्षर हैं 3 ही डिजिट है तो वो कम हो जाती है। या फिर ऐसा भी है जैसे मान लीजिये फाइव हंड्रेड रुपीज की जगह फोर नाइन, नाइन, फोर नाइन, फोर नाइन सेवन लिखते हो। अगेन यूएस में सेवन आखिरी में डिजिट बहुत काम करता है। इंडिया में नाइन डिजिट आखिरी में बहुत काम करता है उसका कोई लॉजिक नहीं है। फोर ट्रिपल लाइन भी 500 रुपए है फाइव हंड्रेड भी 5 सौ रुपए है लेकिन 5 सौ ज्यादा लगता है लगता है कुछ कर नहीं सकते। इसके अगेंस्ट मत जाओ आप लोगो को बदलने जाओगे लाइफ कम पड़ जाएगी लेकिन लोगों के हिसाब से आप अपनी चीजों को बदलोगे आप जल्दी ज्यादा लोगों तक पहुँच पाओगे, ज्यादा लोगों की मदद कर पाओगे उनको अपनी सर्विसेज दे पाओगे। इंटरड्यूस कॉम्बो प्राइजिंग यह मैकडोनल्स काफी फेमस है इस चीज के लिए आप फ्राइज भी लेने जाते हो तो साथ में पूछता है फ्राइज और कोक लेंगे क्या सो हर चीज के साथ कॉम्बो लगा दिया मैंने कई जगह देखा फोर एग्जाम्पल कोई बहुत अमेजिंग सा वेवरेज है कुछ अच्छी ड्रिंक है तो सिर्फ ड्रिंक्स नहीं मंगवा सकते आपको खाने के साथ ड्रिंक्स मिल जाएगी तो खाना कम्पलसरी हो जाता है। तो जब आप कॉम्बो लगते हो कॉम्बो प्राइजेस बनाते हो, 1 के साथ 2 चीजों की 3 चीजों का कॉम्बिनेशन बनाकर देते हो लोगों को तो होता क्या है आदमी सौ रुपए का खर्चा करने आया था वो डेढ़ सौ रुपए का खाका जाता है डेढ़ सौ का आया था 200 का तो आप उसका एवरेज जो खर्च करने का उसका मूड है वो आप इनिशिएट कर देते हो क्योंकि आदमी सोचता है यार चलो खा रहे हैं कुछ पीने को भी हो जाएगा तो कॉम्बो प्राइज जो है वो चीजों को और प्राइज बढ़ाना आपका जस्टिफाई कर देती है शायद जो आपने कॉम्बो में एड किया है उसकी इतनी प्राइज है भी नहीं लेकिन आपने जब कॉम्बो में दिया तो ये और ये दोनों मिलकर मिल रहा है इतने का और सिंगल आइटम्स का प्राइज अगर आप हायर रखते हो और कॉम्बोज में सस्ता रखते हो तो चांसेस ज्यादा होंगे की कॉम्बोज पर दी जाएगा जैसे सिंगल फॉर एग्जांपल बिरयानी मिल रही है 200 रुपए की और सिंगल कोल्ड्रिंक रखिया आपने या नहीं रखी है डिपेंड करता है या लस्सी छाज जो भी रखा है 50 रुपए का कॉम्बो में आप यह 220 का दोगे तो देखोगे आप 200 की जगह 220 से ज्यादा ऑर्डर आयेंगे और वो आदमी जो 200 खर्च करने वाला था 220 खर्च कर रहा है या शायद खर्च ही नहीं करने वाला था अब उसके पास पहले क्या होता है जब आपके पास ऑप्शन होता तो या तो आप खरीदोगे या नहीं खरीदोगे it fifty बट जब आपके पास आपने ऑप्शन दे दिया है की भाई या तो सिर्फ बिरियानी ले लो 200 रुपए की या तो आप बिरयानी के साथ ये छाच या ये जो भी ड्रिंक है इसका ऑप्शन भी दे दिया और 220 का है ये सिर्फ या 210 का है सिर्फ और फिर तीसरा ऑप्शन बसता है की या तो आप मत लो तो देख रो वन थर्ड हो जाता है ना लेने का चांस दैट्स आल गाईज थैंक यू सो मच बाबाय टेक कयर।
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