SKILLS REQUIRED TO MAKE BUSINESS SUCCESSFUL | HIGH INCOME SKILL | सबको सीखना चाहिए ये | HINDI | 2020

This is a YouTube video titled "SKILLS REQUIRED TO MAKE BUSINESS SUCCESSFUL | HIGH INCOME SKILL | सबको सीखना चाहिए ये | HINDI | 2020" created on February 24, 2020. The content likely discusses essential skills needed for business success and high-income skills, presented in Hindi. No conversational dialogue or multiple speakers are indicated in the excerpt.
आज हम लोग बात करने वाले है की कौन सी ऐसी स्किल्स रिक्वायर्ड है क्योंकि बहुत सारे लोगों ने मुझसे पूछा सर ये सब तो ठीक है लेकिन मुझे क्या सीखने की जरूरत भी तो मैं आज आप लोगो को बताने वाला हूँ वो 4 स्किल जो अगर आपने सीख ली तो आपको बिजनेस में सक्सेस होने से कोई नहीं रोक सकता और अगर आखिरी तक वीडियो देखा तो आपके लिए स्पेशल गिफ्ट भी है उसके बारे में आखिरी में बताऊँगा चाहे आप बिजनेस ऑलरेडी स्टार्ट कर चुके हैं या करने वाले हैं दोनों केस में ये 4 स्किल आपको आनी जरूरी है हो सकता है आपने पापा का बिजनेस ज्वाइन कर लिया हो सकता है आपको उस में लगा हो की सारे यही बिजनेस चल रहे हैं। तो इसलिए अपने बिजनेस से स्टार्ट कर लिया हो सकता है अभी तक आप सोच ही रहे हैं अभी तक आपने डिसाइड ही न किया हो स्टार्ट ही न किया हो तब भी आपको ये 4 स्किल जरूरी है क्यूंकि वो कहते है न कभी कभी किस्मत से लोग बन जाते हैं लेकिन उसके बाद दोबारा किस्मत नहीं चलती और 1 बार भी मार्केट में डिप आता है तो उसके बाद वो कभी दोबारा खुद नहीं बन पाते। तो सबसे पहली बहुत इम्परटेंट स्किल के बारे में बात करते है सबसे पहली स्किल है रिसर्च की है हर 1 बंदे को बहुत स्ट्रोंग होना होता है रिसर्च में अगर वो बिजनेस सक्सेसफुल करना चाहता है तो राइट तो आपको रिसर्च की जो बात कर रहा हूँ मैं उसकी स्किल आनी चाहिए गूगल पर सर्च करना भी 1 स्किल है यू ट्यूब पर सर्च करना भी स्किल है क्या लिखूं की मुझे जो चीज जाननी है वो मुझे मिल जाए या फिर मार्केट की रिसर्च घूम घूम कर भी करना आना चाहिए। तो इसमें सबसे पहली चीज जो आपको ढूंढने आनी चाहिए वो है की आपको आपके कस्टमर की अन रिकगनाइज प्रॉब्लम समझ में आनी चाहिए। तो आपको अंडरस्टैंड करना है की कस्टमर की अन रिकगनाइज पर प्रॉब्लम क्या है ऐसी प्रॉब्लम जिस पर कोई बात नहीं कर रहा है जिस पर किसी ने एड्रेस नहीं किया जो शायद अभी तक मार्केट में गैप है। ऐसे की अनरिकोर्गेनाइज प्रॉब्लम आपने आइडेंटिफाई कर ली। बहुत सारी ओपोर्चुनिटी छुपी होती है हर 1 प्रॉब्लम के पीछे तो अक्सर लोग प्रॉब्लम की कम्पलेन करते हैं मैं कहता हूँ प्रॉब्लम ओपोर्चुनिटी होती है भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए ये प्रॉब्लम है क्योंकि ये आपको ले जाएगी, आपके ग्लोरी पे, आपके फॉर्चून पे, आपके वेल्थ पर, दूसरी स्किल जो आपको रिकार्ड है, पहली होगी रिसर्च, दूसरी स्किल जो बहुत इम्पोर्ट है आपके लिए वो है सेल्स की कल बहुत इम्पोर्टेंट स्किल है। ये स्किल अगर आपको आती है तो डेफिनेटली बहुत कुछ हो सकता है आपकी लाइफ में बहुत बिजनेस को बड़ा बुक्स मिलता है। अब इसमें अगर बात करूँ तो मैं इसको 2 मेन पार्ट में कैटेगराइज किया मैंने पहला पार्ट है कॉपी राइटिंग, कॉपी राइटिंग, वो भी ऐसी वैसी नहीं जो जनरेट कर सके डायरेक्ट रेस्पॉन्स मतलब आपने सिर्फ लिख दिया और लोग रिप्लाई करने लगा है। उस पर कई बार आप पोस्ट भी लिखते होंगे, फेसबुक पर या कोई भी सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट पे बहुत रिप्लाई आ जाते है। कुछ पोस्ट पे कुछ भी नहीं आता। ये ही फर्क है। 1 अच्छी कॉपी डायरेटर जब, 1 ऐसी ऐसा पोस्ट, ऐसा कॉन्टेंट जो लिखकर आदमी रिप्लाई करने पर मजबूर हो जाए। उसको पढ़ने के बाद तो डायरेक्ट रेस्पोंस जनरेट कर सके। तो कॉपी राइटिंग की बात करते हैं। जो डायरेक्ट जनरेट कर, डायरेक्ट रेस्पांस जनरेट करने की बात कर रहा हूँ वो कैसे हो सकती है। वो सोशल मीडिया से हो सकती है। सोशल मीडिया पर हा मैंने एग्जाम्पल दिया। फेसबुक का अभी सिर्फ फेसबुक नहीं है। आज की डेट में फेसबुक इंस्टाग्राम, लिंक दिन, यू ट्यूब और सबसे रीसेंट टिकटॉक टिकटॉक को भी हल्के में मत लेना। इस पर हम आगे बात करेंगे। अगर यंग ऑडियंस को टारगेट कर रहे हो। कोई ऐसा प्रोडक्ट है न, तो टिकटॉक से बढ़िया कोई प्लेफॉर्म नहीं है। और टिकटॉक जैसा आज ट्वीट किया जा रहा है। 2010 में 2000 9 में फेसबुक भी वैसे ही ट्रीट किया जाता था। सिर्फ 10 साल लगे है की पूरा पाराडाइम चेंज हो गया है। हो सकता है टिकटॉक के साथ भी मैकेनिक गारंटी। लेकिन हो सकता है तो उसमे हम बाद में बात करेंगे। तो पहला हो गया। सोशल मीडिया पर क्या लिखे, कैसे लिखे, वो आना चाहिए, उसपर कमांड होनी चाहिए, दूसरा सेल्स लेटर लिखने, आने चाहिए, मतलब आप लिटरली लिख कर सेल कर सको। ऐसा लिखा के आदमी पढ़ ले तो खरीद ले समझ रहे। दैट पॉवर वो पॉवर। अगर आपमें है तो डेफिनेटली लोग आपसे खरीदेंगे आप। इसको अपनी ईमेल मार्केटिंग। तीसरा वही बता रहा हूँ। ईमेल मार्केट, ईमेल मार्केटिंग के थ्रू। आज की डेट में पता है। जैसे अगर हम बात करे, मैं आपको एक्जाम्पल से बता हूँ, एक्जाम्पल से बेहतर समझ में आता, एग्जाम्पल से बताता हूँ। जब 1900 का दौर चल रहा था, न नाइनटीन ट्वेंटी सेंचुरी चल रही थी। तो सबसे ज्यादा जो लोग अमीर बने वो कौन थे। जिसने फैक्ट्री डाल दी, किसी भी चीज की फैक्ट्री डाल दी, बंदा मीर बन गया। उसके बाद दौर आया आईटी रेवोलूशन का, जिसने भी आई टी में इन्वेस्ट कर दिया। आईटी में कंपनी डाल दी, चाहे वो टेक्निकल हो, चाहे वो हार्डवेयर हो, चाहे वो कोडिंग हो, वो अमीर बन गया। आप देख रहे, जितनी भी सारी टॉप कंपनीज है, वो आई टी के हैं। लेकिन अगला जो सबसे बड़ा रेवोल्यूशन है, जो आ चुका है, ऑलरेडी हो रहा है। आपकी आँखों के सामने आप शायद ऑब्जर्व नहीं कर रहे है। वो किसका है? वो है डेटा। आज जिसके पास डेटा है, जिसके पास जितना ज्यादा डेटा है, वो किंग है। डेटा नई करेंसी बन चुका है। ये फेसबुक, व्हाट्सएप ये क्या कर रहे हैं। आपसे आपका डेटा कलेक्ट कर रहा है और आपके पास आपके कस्टमर्स का डेटा नहीं है। जस्ट इमैजिन जो खरीद चुका है, आपसे उस तक का डेटा नहीं रखते है। बड़ा अफसोस होता है। तो इसलिए बहुत इम्पोर्टेंट है। ऐसी, यह डेटा आता है। डेटा पर आप बार बार ईमेल कर सकते हो और ईमेल करके आप सेल्स कर सकते हो। आज की डेट में लोग कहते है की ईमेल ओपनिंग रेशो बहुत कम हो चुका है मैं आपको दिखाऊँगा स्क्रीन शॉर्ट्स ईमेल ओपनिंग रेशु मेरे 50 परसेंट 60 परसेंट मेल खोले जाते हैं और बहुत सिम्पल सा रेशु है अगर 10 हजार लोगों का ईमेल आईडी है और मैं कभी भी कोई नया प्रोडक्ट किया नया कुछ भी लांच करता हूँ मैं क्सपेक्ट करता हूँ की 10 हजार का हजार लोग ईमेल एटलीस्ट खोल लेंगे हजार के सौ लोग एटलीस्ट खरीद भी लेंगे तो हर 10 हजार पर सौ लोग की सेल्स हो जाती है ये वन परसेंट है लेकिन वन परसेंट मुझे कोई एफर्ट नहीं डालना है अगर मैंने मान लो 10 हजार का 5000 का मैं कह रह 2000 का भी प्रोडक्ट लांच किया और सौ लोगों ने खरीद लिया तो 1 2 लाख रुपए ऑन डिमांड में जनरेट कर सकता हूँ कभी भी कभी भी जस्ट इमाजिन इकोनोमी अगर आपके आप मे हो आप डिसाइड करो किस दिन आपको किस पैसे कितने पैसे की जरुरत है और इमीडिएटली आप जनरेट कर पाओ ये कमांड में चाहता हूँ आप लोग को तीसरी स्किल पर बात करते है तीसरी स्किल है मार्केटिंग की मार्केटिंग अगेन बहुत जरूरी है मैं कहता हूँ और ये मार्केटिंग 80 चीज जिसको वन टाइम एक्टिविटी तो कभी गलती से नहीं समझना चाहिए अगर पौधे में 1 दिन पानी डाल कर फल आ जाते तो बात क्या थी और सिमिलरली आपके मार्केट में भी 1 दिन मार्केटिंग करके फल नहीं आएगा रिजल्ट नहीं आएगा लगातार करना पड़ता है और ऑन सीजन ऑफ सीजन हर सीजन में मार्केट करो इन फैक्ट ऑफ सीजन में डेफिनेटली करनी चाहिए पता है क्यों मोस्टली लोग अभी तक सीजन नहीं चल रहा है अरे ऑफ सीजन में कोई आइड नहीं चला रहा है। इस समय आइड सबसे कम रेट में ज्यादा ज्यादा लोगों तक पहुँचेंगे ऑफ सीजन में डेफिनेटली मार्केटिंग कर ज्यादा ज्यादा लोगों तक पहुँचो उनका डेटा बेस जनरेट करके बाद में उनको क्लोज कर। पहली बार में आप लड़की से उसका हाथ नहीं मांगते है वरना पड़ी पड़ता है राइट तो पहली बार में आप उसको सेल क्यों करना चाहते है। जब मार्केटिंग की बात करें तो पहली बार में बाई वन गेट वन फ्री ये क्या है आप उसको खरीदने के लिए बोल रहे हो नहीं जानता वो आपको आप पे भरोसा ही नहीं है आदमी जब भी आपसे खरीदता है 2 चीजें उसके रिस्क पे होती है पहला उसका टाइम और दूसरा उसका पैसा सिर्फ पैसा नहीं टाइम भी इम्परटेंट है क्यूंकी मैं आपसे कुछ खरीदूंगा शायद मेरा टाइम वेस्ट हो सकता है उस लेन देन में मैं आपको फ्री सेमिनार में आता हूँ और मेरा टाइम वेस्ट हो सकता है क्योंकि शायद आप कुछ ऐसा न बताओ जो मुझे नहीं पता था तो आदमी का टाइम भी रिस्क होता है आप ऐसा मत सोचो फ्री में दे रही फिर भी लोग नहीं ले रहे नहीं लेंगे क्योंकि उनका टाइम भी रिस्क है तो आपको पहले वैल्यू एड करनी है पहले उसको दिखाना है। समझाना है की आपके लिए मैं आपके लिए क्या क्या कर सकता हूँ जब आप वाकई सक्सेसफुली ये कर देते हैं और उसके बाद आप बोल सकते। अब चाहो तो आप ये भी कर सकते हो। तो चांसेस हैं कि आदमी आपसे खरीदेगा आते हैं। चौथी स्किल पर चौथी स्किल जो आपको आनी चाहिए वो है सिस्टम की। अब सिस्टम की भी 2 पार्ट है। पहले तो बिजनेस के सिस्टम की बात कर रहा हूँ अक्सर लोग क्योंकि सिस्टम मतलब सॉफ्टवेर समझते हैं, ऐसा नहीं कह रहा हूँ। सिस्टम मतलब पहले बिजनेस के सिस्टम और दूसरा सिस्टम का मतलब ऑफकॉर्स टेक्निकल सिस्टम। ये दोनो की स्किल आपको होगी तो डेफिनिटली ये आपको बेटर और सक्सेसफुल बनाएंगे। अब बिजनेस सिस्टम की बात करूँ तो वो बताया था न मैंने, सेवन टायर्स ऑफ़ बिजनेस सेवन पिलर्स ऑफ बिजनेस तो सेवन जो, अलग अलग मार्केटिंग सेल्स ऑपरेशन आर, एन डी अकाउंट्स एच आर मैनेजमेंट, ये जो सातों हैं इनमें सिस्टम कैसे क्रिएट करूँ मार्केटिंग का ऐसा सिस्टम की कोई भी नया बंदा आएगा उसको भी वही करना है, मुझे भी वही करना है, सिस्टम बना हुआ है कि यही करना है, फिर ये करना है, फिर ये करना है, फिर ये करना है। मतलब बने हुए है। हर चीज 1 प्रोटोकॉल के थ्रू काम की जा रही है। आप जैसे मैकडोनल्स में जाते हो, हर बंदा जैसे जाते हो, ग्रीट करता आपको, हेलो सर वेलकम। तो मैकडोनल्स क्या लेना चाहेंगे आप आप बताते हो की ठीक है यार ये बर्गर कर 2 तो कहता है सर आप इसके साथ फ्राइज और कोल्डिंग लेना चाहेंगे। ये क्या ये सिस्टम है। वहाँ कोई राइट हैंड, लेफ्ट हेंड नहीं है तो सेल्स मार्केटिंग अगर हर चीज ऐसे सिस्टम में बन जाए, उनके पास कोई एक्सपर्ट शेफ नहीं होते लेकिन उसके बाद भी देखो आप नॉर्थ जाओ। साउथ जाओ इंडिया के किसी कोने में, वर्ल्ड के किसी कोने में आपको सेम टेस्ट मिलता है क्यों? क्योंकि सिस्टम भाई साहब इतना ही आटा डालना है, इसी क्वालिटी का डालना है, इसी सीक्वेंस में डालना है और इसी टेम्प्रेचर पर डालना है और इसे मशीन में डालना है। जब इतना कंट्रोल कर दिया तो रिजल्ट कैसे अलग आएगा आप बनाओ चाहे। फिर वो कोई नया लड़का बना है, सेम रिजल्ट आता है। ये चीज आपके बिजनेस में आपको अप्लाई करना है, हम इस पर भी बात करेंगे। इसके बाद दूसरी आती है डेलिगेशन के सिस्टम की। लोग अगर खुद ऐसे काम कर लेते तो फिर आपको बिजनेस ओनर नहीं बनने देते क्योंकि वो इतने कैपेबल होते है की वो खुद की कंपनी स्टार्ट कर लेते। लोग क्यों की खुद से काम नहीं कर पाते, उनको टोकने की जरूरत पड़ती है। इसलिए हमें डेलिगेशन का भी सिस्टम बनाने की जरुरत है की अपने आप लोग क्या काम करना है। रात में 3 बजे को क्या काम करना है तुम्हें तो बता दे हाँ मुझे ये करना है, ये करना है, ये करना है क्यों? क्योंकि सिस्टम में 1 डेलिगेशन सिस्टम है। अगर वो नहीं कर रहा है तो उसके अकॉर्डिंग उसको नेगेटिव भी मार्क्स मिल रहा है। अगर कर रहा है तो उसके अकॉर्डिंग उसको पॉजिटिव इस कोर्स मिल रहा है, उसका भला हो उसका फायदा मिल रहा है। फ्यूचर में चल के ये इसको गेम फाई कर 2 उसको 1 मजेदार गेम बना 2 लोगो को मजा आएगा काम करने में इस पर भी हम आगे बात करेंगे और फिर है कल्चर को डेवलप करने का सिस्टम की की अपने आप 1 कल्चर डेवलप हो पाये और देखो अगर आपको लगता है की आपकी कंपनी बहुत छोटी है इसमें सिस्टम की क्या जरूरत है या कल्चर की सौरी क्या जरूरत है। मैं बता कल्चर न होना भी कल्चर है। अब सब अपने हिसाब से काम करेंगे 1 भी बंदा एक्सट्रा आएगा वो आपकी तो नहीं सुनेगा वो गलती करेगा और आप उसको टोक नहीं पाओगे क्योंकि आपने कोई कल्चर साइट नहीं किया था तो इन 1 या 2 लोगों की भी टीम है तो कल्चर की बहुत इम्पोर्टेंट है और उसके बाद प्रॉब्लम सॉल्विंग का सिस्टम होना चाहिए ऐसा कभी नहीं होगा मैं भी नहीं सिखा सकता की कोई दिक्कत न आए और कई बार लोग दिक्कत पर फोकस करते हैं इसलिए वो फायर फाइटर बन जाते है कहाँ आग लगी बताओ और पहुँच जाते हैं आग बुझाने नहीं फिर आप बिजनेस पर फोकस नहीं कर पाओगे, ग्रोथ पर फोकस नहीं कर पाओगे। मार्केटिंग में दिक्कत आ रही है आप मार्केटिंग में तो सेल्स में दिक्कत से नहीं आपको। 1 सिस्टम बनाना पड़ेगा जिसमें ऑटोमेटिकली जब भी प्रॉब्लम आए तो उसको सॉल्व करने का 1 प्रोसेस हो जिससे वो सॉल्व हो जाए। ये 1 सिस्टम की बात कर रहा हूँ जस्टइमाजनआपकीजरूरत ही नहीं है उसके बाद कंपनी को क्यूंकि आलरेडी प्रॉब्लम आ रही है उसको सॉल्व करने का सिस्टम भी बना हुआ है और आखिरी में आपको जरूरत है मीटिंग के भी सिस्टम की कई बार होता है न वो 5 मिनट की मीटिंग 50 मिनट की बन जाती है पहले चाय पर चर्चा होती है फिर फोकट का खर्चा होता है तो उससे अवॉइड करना है आपका मीटिंग का भी सिस्टम होना चाहिए कि इसे इसे इसपे इसपे बात होगी एंड एजेंडा क्लियर है जिससे आप 1 प्रोडक्टिव ज्यादा एफिशियंट मीटिंग भी कर पाए कंपनी अच्छे डायरेक्शन में ग्रो कर पाए। दूसरी चीज सिस्टम में दूसरी चीज जो आपको सीखने की जरूरत है वो है टेक्निकल सिस्टम की। अब यहाँ पे सॉफ्टवेयर्स की बात आती है जैसे ई मेल मैंने आपको मेंशन किया तो ईमेल मार्केटिंग सिस्टम होना चाहिए जो ऑटोमेटिक में जा सके आप रोज बैठकर लिखो और भेजो यह प्रैक्टिकल नहीं है गेट रिस्पोंस जैसे 1 टूल है वो आपको ऑटोमेट करने का हेल्प करता है। सिमिलरली हाई कनवर्टिंग लैंडिंग पेज बनाने का सिस्टम होना चाहिए जो की बार बार बार बार आपको मेहनत न कर। ना पड़े पूरा पूरा लैंडिंग पेज बनाने में 1 सिस्टम है जो की लैंडिंग पेज डेवलप कर सके आपके लिए अगेन क्लिक फाइनल्स में यूज करता हूँ आपको भी बताऊंगा की कैसे आप युस कर सकते हैं ताकि ज्यादा कनवर्जन हो ज्यादा कस्टमर्स आए देखो। 1 होती है ऑनलाइन सेल्स और ऑनलाइन मार्केटिंग और 1 होती है ऑनलाइन मार्केटिंग बट ऑफलाइन सेल्स में आपको ऑफलाइन सेल्स से ऑनलाइन सेल्स में ले जाने के लिए हेल्प करूँगा। ताकि अभी तक फिजिकल आप मिल कर। बेचते थे, कॉल पे बेचते थे, ये ऑल ऑफलाइन सेल्स है। अगर सोचो अपने आप ऑनलाइन ही बिक जाए तो आप कितना ज्यादा बेच। दोगे अब आपको सिर्फ पैसे लगाना है की 1 लाख रूपए लगा कर 5 लाख की सेल्स हो रही है तो मैं 10 लाख रुपए लगाकर 50 लाख की भी सेल्स कर सकता हूँ। इतना क्लियर मैच हो जाएगा आपके लिए। शुरुआत में आगे चल के आगे हम बात करेंगे। अगला ट्रैकिंग सिस्टम का भी 1 सिस्टम होना चाहिए ताकि आप मेजर कर सके। कहा गलती हो रही है, क्या सही हो रहा है, क्या बेटर हो रहा है, क्या नहीं सही हो रहा है किसको डिलीट करने की जरुरत है, कौन सा सिस्टम चेंज करने की जरूरत है, ट्रैकिंग का सिस्टम चाहिए। इसी तरह आपको चैट बॉट मैंने बताया था वो भी ऑटोमेटिक होता है तो उसका भी सिस्टम सीखने की जरुरत है। वेबिनार मैंने बताया था जैसे मैं वेबिनार्स करता हूँ लोग आते हैं बहुत सारे लोग 1 साथ बैठ के बात करते है और मैं 1 जगह बैठ के बहुत सारे मल्टीपल लोगों से 1 साथ बात कर रहा होता हूँ। वो भी 1 सिस्टम ड्रिवन होता है वो उसका सिस्टम होता है फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का भी सिस्टम होता है। आपको जरूरत नहीं है कि रोज बैठ के 11 पोस्ट करें आप फिर बिजनेस कब करोगे तो उसका भी सिस्टम आपको प्लेस में लाना पड़ेगा जिससे ऑटोमेटिकली पोस्ट हो रही है। लोगों को अवैरनसोरहीहै लोगों को इंफॉर्मेशन मिल रही है लोग आपसे कनेक्ट करना चाहते हैं या फिर जब भी समस्या में फंसेंगे प्रॉब्लम पर फंसेंगे जिसके बारे में आप बात करते हो। सबसे पहले दिमाग में आप ही का नाम आएगा उनके और कोर्स को भी क्रिएट करने का सिस्टम की जरूरत होती है। कई बार आप कोर्स क्रिएट करके भी सेल कर सकते है आपके कमेंट्स को आपके सुझाव को मैं हमेशा पढ़ता हूँ, अप्रीशिएट करता हूँ, 11 को आके रिप्लाई करता हूँ। ऐसे ही 1 कोश्चन आया था जिस पर हमने वीडियो बनाया था क्लाउड किचन वाला वो आलरेडी थाउजेंड व्यूज पार कर चूका है तो आप लोगो को कांग्रेचुलेशंस और इन फैक्ट हमारे सब्स्क्राइबर भी थाउजेंड क्रॉस कर चुके हैं। लगभग 1 महीने में हमने ये अचीव कि या आप लोग को इसके लिए बहुत बहुत थैंक्यू और जैसा मैंने कहा था आखिरी में आपके लिए स्पेशल गिफ्ट भी है गिफ्ट किया है आप मुझ से वन टू वन बात कर सकते है। उसके लिए आपको करना कुछ नहीं है सिर्फ आपको अपनी प्रॉब्लम पूछनी है। मुझसे इतना सिम्पल कर दिया मैंने अपने कोशन पूछो जिस भी चीज में आप करे जहाँ भी दिक्कत आ रही है ऑलरेडी बिजनेस शुरू कर चुके हैं। नहीं कर चुके हैं। कोई बात नहीं आप सवाल खुल के पूछिये अगर सवाल आपका सेलेक्ट होता है तो मैं आपका नाम भी लूंगा आपके कोन का आंसर भी करूंगा क्योंकि क्यू न ए सीरीज के कोश्चंस के वीडियोज भी आ रहे हैं। उसमे आंसर करूँगा और साथ में आपको मुझसे वन टू वन बात करने का मौका मिलेगा। फ्री ऑफ कॉस्ट ये कॉर्पोरेट के लिए काफी चार्ज लेता हूँ। मैं 10 पंद्रह हजार रूपए काल का लगता है। मेरी ऑडियंस मेरी फैमिली के लिए कोई चार्ज नहीं है। आपकी हर 1 कमेंट को मैं बहुत ध्यान से पढ़ता हूँ। मैक्सिमम लोगों को रिप्लाई करने की कोशिश करता हूँ। हमारे वीडियोज को आखिरी तक पूरा पूरा देखने के लिए, हमें इतने अच्छे सवाल पूछने के लिए एक्शन लेने के लिए, हमें सबस्क्राइब करने के लिए सही लोगों तक शेयर करने के लिए में मोटिवेट करने के लिए थैंक यू सो मच।
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