Abhinav Saxena explains why restaurants are ditching massive generic menus for smaller, specialty-focused ones. He cites a 2022 report showing 24% of Indians who order out identify as vegan, and recommends curating menus down to 20-30 items built on authentic recipes and health-conscious options.
Chapters
जेनरिक मेन्यू और डेट यानी वो टाइम गया जब लोग 50 60 सौ मेन्यू टम रखते थे मेन्यू में ज्यादातर लोग यही सोच कर रखते है की कुछ न कुछ न कोई ऑर्डर कर लेगा बट वो टाइम अब जा चुका है 2026 स्पेशलिटी का दौर है यूएस में तो मैं देख रहा हूँ की कस्टमर बहुत ज्यादा हेल्थ कांशस हो चुके हैं, जगह जगह आउटलेट में वीगन का साइन होता है, ग्लूटेन फ्री का साइन होता है धीरे धीरे ये सब ट्रेंड में है और इंडिया में भी यह ग्रोथ पर है 2 हज़ार 22 की रिपोर्ट है मेरे पास जो बताती है ट्वेंटी फोर परसेंट ऑफ़ इंडियन पॉपुलेशन जो बाहर ऑर्डर करती है वो वीगन आइडेंटिफाई करके ही ऑर्डर करते हैं और ये ह्यूज नंबर्स हैं और इंडिया में 1 और ट्रेन आ रहा है लोग ऑथेंटिक फूड चाहते है तो अगर आप ऑथेंटिक मसाले दादी नानी के हाथ के कल्चरल रेसिपीज को ज्यादा इंटरड्यूस करते हो तो पीपल थ्राइव प्रैक्टिकल एक्शन स्टेप मेनू को निश् करो 20 से 30 आइटम पे ही मेजर फोकस करो हेल्दी फूड ऑप्शन को हाईलाइट करो।