Understanding Investors Mindset | Cloud Kitchen | Venture Capitalist With Dr. Abhinav Saxena

This YouTube livestream (Hindi with some English) features an extended Q&A where investor Tushar Kansal and host Kushal discuss building cloud-kitchens, fundraising strategies, and investor expectations. The content gives practical pitch-deck guidance (concise slides covering problem, solution, traction, timeline, competitors, comparable success stories, and financial snapshot; avoid including valuation in the deck), routes to investors (direct outreach vs investment bankers/IBCs vs incubators/accelerators with 3–8% equity dilution), and concrete fundraising mechanics (target dilution ranges, valuation ranges for early-stage/seed, preferred investor protections and governance, and examples of investor misalignment risks). Operational advice for cloud kitchens (proof-of-concept with 2–3 kitchens, multi-brand strategy, focus on contracts and cash-flow visibility) and anecdotal stories about fundraising outcomes are included. Practical thresholds: desirable EBITDA margins (~20–25%+ for investor appeal), early valuation ranges (~₹15–22 crore for product-ready startups with some founder investment), seed/angel checks (~₹50 lakh upwards), and common dilution norms (15–25% in first round).
If you want i can intoduce myself.
Absolutely, that will be billion so team, can you check if you are live on you tube already all right so hello everyone and welcome to this special session। आज हमारे साथ हैं तुषार कंसल जो की इन्वेस्टर हैं और आज बहुत शॉर्ट नोटिस पे अभी रिसेंटली वी हैड कॉन्फ्रेंस जो 1 नेशनल लेवल की क्लाउड किचन पर कांफ्रेंस थी सो i गोट ओपोर्चुनिटी टू शेयर स्टेज वित तुषार जी, तो मैंने कहा कि वाट वी कैन ब्रिंग हिम टू आर चैनल तो आर ऑडियंस तो आर क्लाउड किचन कम्यनिटी एज वेल सो आज इनके साथ हम ये सेशन कर रहे है गाइस अगर आपके कोई केशंस हों तो वो भी हम लेंगे आखिरी में, लेकिन उससे पहले तो शार जी हैज समथिंग टू शेयर विद यू वेरी विच इज वेरी प्रीशियस फॉर ऑल ऑफ यू एंड ही विल बी शेयरिंग लॉट ऑफ स्टार्स एंड स्टफ रेलेटेड तो क्लाउड किचन एंड इनवेस्टेड प्वॉइंट ऑफ यू। आज शेयर करने की कोशिश करेंगे तो गाइस इससे पहले की हम लोग ये सेशन स्टार्ट करें मीन वाइल आप लोग बता सकते हो आप लोग कहाँ से ज्वाइन कर रहे हो तो अपने सिटी का नाम जरूर चैक में लिख दीजिए ओवर टू यू कुशाल जी मैंने बहुत ज्यादा डीटेल में नहीं बताया प्लीज आई वुड लाइक टू अंडरस्टाnड बैग्राउंड.
थैंक यू थैंक यू डॉक्टर so you know my presentation has litle wild details about me so with your permission, i would like to share my screen absolutely thank you so thank you everyone, who have joined i hope my speeds visible abino i.
Hope to speed absolutely visible.
So my company is constency ventes which is a advisory form into det ecutyandmergesan aquisition i also manager angel fund by the name safran first, which is you now network of around thirty acenizesome of them are dollar achnizeandothers are rupa nis this is about me in short i have a twenty year old experience post, mb in finance from dely university ive executive education from haverd business school and in the past twenty years in the corporate site have work for private equity practice and deloidtoantims of india s brand capital and also managed det at mp s india the russian company systemize india unit theres almost to end have milian dollar of date for the company was c the company called distribution logistic, which is on by the american fund gugnaipartments, but in my investment and start up joni। it is as young as six years old and i have invested in for companies and along with my angel investers we have invested in more than it deals these deals ar tech and non tech, but to be very far the fact is that a lot of them or technology base deals and we do have strong interest in food business you believe that india is the worlds third largest economy by prcesing power quality and its a consmtionled economy radrdenainvestment exports led economy so consmtion is very strong and thats why i c all evince very strongly focused on the indian conजmशion story, फूड forms लाजसटबॉस्किट ऑफ कंजमशन फॉर इंडियन फaमिलy and we really believe in the sector and we believe, there is a lot of value creation wic lies in the sector consistently from all time s to gm, this is about me, this is very brivsnapsortof, the people are alindwithemyangil network, anurag batra promoter of business world exचaंge for media rohit batani s the guy, who have relincsetup relincretail in india, is now with benetgolmenjogash had set up relinsports in india and in the last seven years, his been heading, the business of a six, the japanese company singapur as took to a revenue of almost tre, हंड्रेड मिलियन डॉलर्स rajesh jindal is finance director with amazon india and right now c f o with the amazon company, cloudtilthestandil prasar is the rithaidman of indigo lin oners the batias nd, he was m n c of the holding company of indigoin intrgloaरunchabdा is a pाrnrtसीpीmg manesegoelisacfo bayou the pament gate, which is owned by nasporseas you all would be nowingnaspors is the fund with sold alibaba state twenty five million dollars and they are very strong and big investers jitendra, jan x president finance vilsponanxgrup mr sonal kohli manage fifty milion dollars lala india gate fnd, he on the fund and deliver the best returns in india continues for three years, mir munish sabarvalisthe painirofbandbrand capital, which is earlier called privet tretiesso brand capital was finer बाई times of india and मुनीष जी was form part ऑफ it विराज चौहान इस चीफ कoम्यूनिकaशions officer with vebsिकo, अमित कुमार राजपूत फाउंडे gromoसोमवेंचर्स, विद चौhanadjbon दी नर ऑफ jaboमआशुअगrवाल cीriॉकपंडवेरी famous in the startup sogेtherइn, नॉर्थ पार्ट ऑफ इंडिया, now these main.
Sorry, sorry to int, but before go ahead i just want to address the ordienshaswel so guys jo log jin, how man if you re excited to learn a lot from mistr tushar tocar has just given his introduction and there s so much more value that is going to come in a way tocar the language mediam will be hindi in इंग्लिश कंबाइnड सो.
Im a up, नो ई लव हिंदी एंड आई थिंक इन हिंदी आलसो.
We keep the conversation on a litofnotddasyo tube पे भी लोट ऑफ़ people और ज्वानिंग सो गई कहा से ज्वाइन कर रहे हो? ई कैन सी मुंबई अहमदाबाद हैदराबाद जयपुर लोट ऑफ़ प्लेसिस पीपल आर ज्वाइनिंग सो थैंक यू सो मच फॉर ज्वाइनिंग ऑन वेरी शार्ट नोटिस आज तुषार कंसल जी हमारे साथ हैं और आज हम इन्वेस्टर का माइंडसेट भी समझने की कोशिश करेंगे और जो भी इन्वेस्टर से रिलेटेड क्वेश्चंस हो आपके अगर आप कम्युनिटी मेंबर हो तो कोने में डाल सकते हो यू ट्यूब पर देख रहे तो चैट में डाल देना 11 करके हम लास्ट में लेंगे सो ओवर टू यू कुशाल जी.
यह प्लीज थैंक यू डॉक्टर बिना यू प्लीज प्लीज कीप ऑन इंटरेप्टिंग मी बिकाज मेरा 1 स्लो चलता है तो यू नो आई जस्ट फ्लो लाइक गंगा माता की तरह चलता रहता है तो आप मुझे रोक लेना जहाँ पर भी आपको लगे फ्री इसमें जो मैंने प्रेजेंटेशन बनाई है इसमें डेटा थोड़ा सा काफी ज्यादा है। बट मैं इसको बहुत सिम्पल रखूंगा। हां जी बहुत सिम्पल रखूंगा जैसे वट इज द करेंट, फूड मार्केट, बेसिकली फूड मार्केट जो अभी है वो ब्रेकन मोटर रेस्टरांस की है और क्लाउड किचन्स की है। गोस्ट किचन्स भी कहते हैं जो विचार। 1 चीपर प्लेसेज कम रेंटल वाली जगहों पर जो फूड किचंस खुली हुई हैं दे आर ऑलसो कॉल्ड गोस्ट किचन बिकज वो पब्लिक को दिखती नहीं है और वो कम रेंटल वाली जगहों पर है। टेक्नोलॉजी बहुत यूज हो रही है बिलिंग किचन मैनेजमेंट इनवेंट्री कंट्रोल, वेयर, हाउस, सीएम, ऑनलाइन, ऑर्डर मोबाइल और लॉयल्टी प्रोग्राम्स एंड फीड बैक मैनेजमेंट जो मेंस टीम रेस्ट्राज हैं जिनको कोविड की वजह से बहुत नुकसान हुआ। लोग अब तो खैर बाहर दिखते हैं या डेली में तो बहुत भीड़ है। रेस्टरॉंज में बट इट स्टिल नोट बिजनेस हैज। यूजुअल तो दे हैव बीन कंसिडरिंग एंड मेनी हैव ओपन क्लाउड किचन की हाइस्टीट्रेस्ट्रॉ खोलेंगे उसका किराया कैसे मैनेज होगा तो उससे अच्छा डिलीवरी बेसिस पर आ जाओ और क्लाउड किचन मॉडल चलाओ इसमें 3 मॉडल्स रहते हैं क्लाउड किचन्स में इंडिपेंडेंट किचन मॉडल मतलब। 1 सिंगल ब्रांड जो डिजिटली चल रही हैं और ऊबर ई टाइप के एग्रीगेटर यूज करके डिलीवरी कर रही है। 1 या 2 फुट की ब्रांड्स हैं। इटालियन हो गया, स्पेनिश हो गया या मुगलई हो गया उसको इंडिपेंडेंट किचन मॉडल बोलते हैं। दूसरा है डिलीवरी ब्रांड मॉडल जिसमें.
जो.
डेटा हमारे पास आता है कस्टमर का, कस्टमर ने कितना टिकट साइज का फूट लिया, कितने रेगुलरली लिया, कौन सा कजीन खाना चाहता है इस डिस्ट्रीब्यूशन ट्रिवर मॉड्यूल लेकिन जो ब्रांड है वो जैसे जैसे डिमांड पिक होती है उस पर्टिकुलर की तो उसके हिसाब से बिल्ड होती जाती है। इसके अंदर हम डेटा अनालिसिस भी अगर यूज करें तो बहुत अच्छा इसमें आउटपुट निकाल सकता है और हमारी जो चॉइसेज है कौनसा कजिन को प्रमोट करना है किस प्राइस पॉइंट पर प्रमोट करना है उसको बहुत असिस्टेंस मिल सकती है अगर हम डेटा ले चॉइसिंग तीसरा है शेयर्ड क्लाउड किचन ये इसलिए पॉपुलर है कि इंफ्रास्ट्रक्चर कॉस्ट सिटीज के अंदर महंगी होती है और महंगी कॉस्ट को अगर शेयर करेंगे लार्ज स्पेस पे खोलेंगे टेन ट्वेंटी थाउजंड स्केयर फीट तो सभी को सस्ता पड़ेगा 20 से 30 ब्रांड्स इसमें चला सकते हैं। 1 साथ कुक्स जो है उनको शेयर कर सकते हैं जैसे कई कंपनीज ऑफर कर रही है। शेयर्ड क्लाउड किचेंस वो ये कहती है कि बस आप हमें अपना ब्रांड चलाओ और अपनी रेसिपी हमें दे। 2 हमारे कुक को ट्रेन करके हम इसको चला लेंगे तो इस टाइप का है ये करंट फूड मार्केट डॉ अvिनvritbeauटiful.
Pleas कैरिoनजीओके थैंक यू।
1.
मीनाल क्वेश्चनस पूछ रहे हैं गाईज डेफिनिटली क्वेश्चन जरूर पूछिये इन्वेस्टमेंट से रिलेटेड जो भी कोशन होंगे आखिरी में जरूर लेंगे। तुषार जी हमारे साथ हैं ऑलमोस्ट अभी हाफनर वनार के लिए सो मैक्सिमम सीखना चाहेंगे तुषार जी से जी प्लीज मैं.
प्लेजर डॉ वीना आपकी एनर्जी बहुत पॉजिटिव और बहुत अच्छी और है आपकी तो आपके साथ जब बात कोई टॉपिक पर होती है तो अंदर से मन कर रहा है। जितना समझा सकता हूँ।
समझा दू थैंक यू सो मच लॉट.
थैंयूTइसदबिजनेस मॉडल ऑफ क्लाउड किचन क्लाउड किचन हो गया कि हम 1 रेस्टरां के अलग अलग पार्ट्स को हम अलग अलग चीजों में ब्रेक करके उसको वर्क करें। जैसे कस्टमर एक्यूजेशन है। वो 1 डेटा लेड अप्रोच है जिसमें डिजिटल मार्केटिंग का यूज हो सकता है। उसमें फेसबुक से अगर कोई पेड पोस्ट कर रहा है तो वो ब्रांडिंग के लिए ज्यादा यूज होता है। लेकिन एट द सेम टाइम। अगर आपके लोकल एरिया में आप टार्गेटेड फेसबुक या इंस्टा या फिर ट्विटर तो खैर इतना नहीं बट। अगर आप लोकल हाइपर लोकल एडवरटाइजिंग कर रहे हो तो आपको बहुत अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। फूड प्रिपरेशन, लॉजिस्टिक्स और रेसिपी में न्यू ये 4 तरीके से हम क्लाउड किचन को ब्रेकडाउन कर सकते हैं। ज्यादातर ये देखा गया है कि लॉजिस्टिक्स में खुद का नेटवर्क आप तभी क्रिएट करते हो। जब आप 1 बहुत हेविली पॉपुलेटेड एरिया में रहते हो। जहां पर वेल डिफाइंड फूड चॉइस है तो इसमें इट मेक सेंस कि आप उसमें अपने ड्राइवर्स रखो अपनी फीड रखो नहीं तो आप थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स कंपनी को यूज करो। मैं आलदो यू नो वन ऑफ माई फ्रेंड्स, मनप्रीत सीरा हीज न डुबाई बट ही रीसेंटली सम क्लाउड किचन बिजनेस। तो वो कहता है। मुझे कि यार ट्वेंटी टू ट्वेंटी फाइव परसेंट या ट्वेंटी टू पर्सेंट में अगर स्विगी को दे रहा हूं। या तो मुझे दर्द होता है। मुझे दुख होता है कि मैं 600 रुपए का चिकन बेच रहा हूं और उसमें से डेढ़ सौ रुपये मेरको आगे देने पड़ रहे हैं। मुझे ये लगता है कि मैं छोटी सी किचन गर सपोज चला रहा हूं और आस पास बहुत अच्छी पॉपुलेशन है। तो मैं वो 25 परसेंट बचा लो। तो उसमें क्या है कि थोड़ा सा ग्रे एरिया यह है कि जब आप फूड भेज रहे हो सुरगी या जोमैटो से तो उसमें अपने फ्लायर्स डाल। 2 आप जो कस्टमर एक्विजेशन को है स्लोली आप कोशिश करो कि आपकी वेबसाइट या आपकी अपनी ऐप के थ्रू होए। अगर इसको आप हाइपर लोकल तरीके से करोगे। इसमें बहुत अच्छे मार्जिनस हैं। स्पेशली अगर आपका ब्रांड और आपका जो रेसिपी है वो चल निकला तो उसमें आपको ट्विकिंग करने की भी जरूरत हो सकती है। टाइम टू टाइम की। आप अपने टेस्ट बदला आप देखो की कस्टमर को क्या चीज नहीं पसंद आ रही। उसी तरह से इसमें जो 4 पीसी हैं क्लाउड किचन के लॉजिस्टिक्स पीस जैसे उबर इट्स ने सॉल्व कर दिया किया। उबर ईट्स से सौरी कस्टमर एकूजीशन ऊबर ईट्स ने सॉल्व कर दिया। वन क्लिक ने लॉजिस्टिक सॉल्व कर दिया। तो जो हाईस्पीड रेस्ट्राज हैं उनको अब ये देखना पड़ रहा है कि कोविद से पहले ज्यादा किराया देकर भी लोग चलाते थे। हाइस्ीटरेस्टरांड 1 एबियंस क्रिएट करते थे। लेकिन कोविद के बाद जिन लोगों की रीलएबोसिएशन अपने लैंड लॉड्स के साथ अच्छी नहीं चली तो उनको नुकसान लगा। अगर आपका लैंडलॉड इस बात को समझता है कि फूड बिजनेस में 5 से 6 महीने फ्रेश फूड सभी मेन्यू के सभी आइटम को रखना पड़ता है। चाहे बिजनेस धीरे धीरे पिक हो अगर वो आपको 6 महीने का समझता है धंधे को तो आपको रिलेक्सेशन टाइप से जो रिलीज रेंटल आप दे रहे हैं उसके अंदर आप इस चीज को फैक्टर न करके चलिए की 56 महीने लगते हैं और क्लाउड किचन के अन्दर अगर आप स्विगी जोमैटो यूज कर रहे हैं तो उसमें भी कस्टमर को 56 महीने लगते हैं आपकी लिस्टिंग को स्विगी के अंदर लिस्टिंग जो आपकी है उसको ढंग से पहचानने में, उसका ब्रांड रिकॉल जनरेट करने में, लॉयल्टी जनरेट करने में 56 महीने का टाइम लगता है। तो इस चीज का कैश फर्म जो आपका होगा चाहे वो हाई स्पीड रेस्टरां में है या फिर स्विगी जोमैटो पर है तो उस चीज को आप फैक्टर इन करके चले।
Right move absolutely absolutely by the way guys। if you are loving this conversation, which is happनिंग। और काफी ब्यूटिफुल प्रेजेंटेशन दे रहे हैं आज तुषारजी सो प्लीज लाइक लाइक आल सो कर देना ताकि we get इन अंडरस्टैंडिंग और फ्यूचर में ऐसे और भी सेशन किए जा सके जी प्लीज तो.
शादी थैंक यू सो ये प्रेजेंटेशन थोड़ी सी टैक्स हेवी दिख रही है लेकिन आप इसकी जो लिखी हुई बातें उसमें मत जाइए मैं आपको सिम्पली सबको एक्सप्लेन करना चाहूंगा कि 1 क्लाउड किचन बिजनेस खोलने में कौन से फैक्टर्स हैं सिम्पल तरीके से देखते हैं। 1 बार 1 कैश बन 5 से 6 महीने का हाथ भी होना चाहिए जो जो मेन्यू आप रखे आप लिमिटेड मैन्यू रखे लेकिन उसके फ्रैश आइटम्स रखे आपको 5 छे महीने रखने पड़ेंगे और जब आप डेटा एनालाइज कर रहे और मेरी क्या चीज दिखती है तो फिर आप फ्रैश आइटम्स को प्रॉपर्ली कंट्रोल कर पाओगे लोकेशन रियल स्टेट में बोलते हैं लोकेशन, लोकेशन, लोकेशन अभी साउथी स्ट एशिया में और कुछ 1 इंडियन कंपनी भी स्टार्ट अप मेरे पास आई थी वो ट्रक्स यूज कर रहे हैं क्लाउड किचन्स के लिए आप म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन से लाइसेंस लो और आप ट्रक को खड़ा कर। 2 और जो बेस्ट लोकेशन है वहाँ पर आप डेटा लैड भी आप अप्रोच रख सकते हो। पहले यहाँ पर ट्राई किया 3 महीने 1 ट्रक वहां पर ट्राई किया उसकी बेस्ट पोजीशनिंग, आपको वि टाइम पता चल जाएगी उसी तरह से हैं जी अभी.
इसी पर 1 क्वेश्चन आया था यू ट्यूब पर टास्क को पूछ रहे हैं कि क्या हम वैन में सेट अप कर सकते हैं तो आई होप आपको आंसर मिल गया होगा ऑलरेडी जी तो शाद जी प्लीज कंटिन्यू पैन में कर.
सकते हैं डेली जैसी सिटी में म्युनसिपल कॉरपोरेशन का ज्यादा रोल रहता है उसमें टीयर टू में इतना रोल शायद नहीं रहता होगा लेकिन अगर आप प्रॉपर अप्रूवल्स के साथ करे तो थोडा बेटर ही रहता है। मन की शांति से धंधा अच्छा होता है। जैसे हमारे रियल स्टेट में कहते है की जब आप डी वी सी फाइल मैप अप्रूव कराते हैं उस टाइम पूरी फाइट कर लो लेकिन जब मैप अप्रूव हो गया तो वैसे ही बनाना और शांति की जिंदगी.
तो तो गाइस मुझे पता है आप लोग वेट कर रहे होगे अबाउट इन्वेस्टमेंट आलसो लेकिन 1 ओवरव्यू लेते हुए चल रहे हैं। अबाउट द सेनारियो मार्केट सिनारियो और 1 इन्वेस्टर के पॉइंट व्यू को हम यहाँ पर समझ रहे हैं इसलिए तुषार जी इन चीजों को भी हाई लाइट कर रहे है तो प्लीज मेक नोट ध्यान से सुनना ये सारी चीजें बहुत ज्यादा गोल्डन इन्फॉर्मेशन है बाद वे कितने लोगो को अभी तक इनफॉर्मेशन वाव लग रही है कमेंट करके बताना वाओ ठीक है जी तुषार जी प्लीज कंटिन्यू राइट, मेन्यू.
रखे, ट्रेंड शेफ और कुक को रखे इको फ्रेंडली पैकेजिंग रखे तो उससे आपको आज कल लोगो को बहुत जो कोविद के बाद लोगों ने देखा कि वेदर इतना अच्छा हो गया लोगों को फर्स्ट हैंड एक्सपीरियंस है कि क्या पोलूशन है हमारी सिटीज में और इंडिया में वर्ल्ड की टॉप टेन पॉलिटी सिटीज वाली कंट्री है तो आप ईको फ्रेंडली पैकेजिंग मिलेगा आपको सॉफ्ट कॉर्नर ब्रांड रिकॉल चीज का मिलेगा उसी तरह से आप 1 ट्रस्टेड फूड डिलीवरी एप्लीकेशन के साथ जाएं क्योंकि 1 स्टडी रेडसियर कंसल्टिंग की है कि सेवेंटींथ मिनट तक फूड आपकी किचन से निकल जाना चाहिए और ट्वेंटी नाइन मिनट तक डिलीवर हो जाना चाहिए। तो वो स्टडी जो है वो ये कहती है कि आपको 1 अच्छा फूड डिलीवरी, एप्लीकेशन रखना, पड़ेगा अप्रूवल और एफएसएसएआई लाइसेंस के लिए आपको खर्च करना पड़ेगा डेटा ड्रिवन अप्रोच आप रखें वो आपके लिए बहुत बिकाज एवरीथिंग इज अ कॉस्ट आजकल मार्केटिंग भी कॉस्ट है वेस्टेज भी कॉस्ट है हर चीज 1 कॉस्ट है.
जी आई थिंक कुछ नेटवर्क चैलेंज आ रहे हैं तो शाहजी के साइड से एनीवेज जो अभी उन्होंने रेड सियर की 1 स्टडी के बारे में बात की ट्वेंटी नाइन मिनट की उनकी ही 1 और स्टडी है जो मैंने पास में शेयर भी किए की डोमिनोज ट्वेंटी सेवेंथ मिनट तक मेक शोर करता है कि फूड आपके टेबल पर हो और थर्टी सेवेंथ मिनट तक पीजा हर्ट मेक शोर करता था तो ये जो 10 मिनट का मार्जन था डिफ्रेंस था इसी में डोमिनोज जीत गए गेम इस मार्केट में.
बिल्कुल जी आप बैक प्लीज है। 1 इसमें बहुत इम्पोटेंट चीज है लिजीइकॉनमी आजकल क्या है कि प्राइवेट जॉब्स मुश्किल हैं टफ हैं बेसिकली अच्छी सैलरी मिलती है तो कम एम्प्लॉय से काम लिया जाता है और उसमें हसबैंड भी वर्किंग वाइफ भी वर्किंग डबल इनकम तो है लेकिन टाइम नहीं है वो मेट्रो पकड़ के जाना पड़ रहा है कार चला के जाना पड़ रहा है तो उसको 1 लेजी इकॉनमी क्रिएट हो गई है उनको ब्रिकेट मोटर स्टोर में नहीं जाना उनको हर चीज चाहिए यार एमेजॉन पे ऑर्डर कर लो, जीजी पे ऑर्डर कर लो, जोमैटो पे ऑर्डर कर लो और हमारा टाइम और एफॉर्ड बचा लो। वो 1 ऐसा क्लास क्रिएट हो गया है ये सिटीज के अन्दर खासकर तो इस क्लास को आप टार्गेट अच्छी तरह करते हैं अच्छा क्लाउड किचन में सक्सेस मंत्रा क्या हो सकते हैं। रेस्टरां महंगा है क्लाउड किचन से सेटअप करने में क्यूंकि उसका जो केपेक्स है। कैपिटल एक्सपेंडेचर वो आपको अच्छे सूफा रखने पड़ेंगे, अच्छा एम्बिएंस देना पड़ेगा लाइट पे खर्च करना पड़ेगा। लेकिन क्लाउड किचन के अन्दर ओपेक्स ज्यादा है। ऑपरेटिंग एक्सपेटेशन यानी उसको चलाने में खर्चा ज्यादा आता है। क्योंकि डिलीवरी का खर्चा है, पैकेजिंग का खर्चा है। फास्ट टर्न, अराउंड टाइम्स और रेसिपी। आपकी हर बार भगवान करे, बहुत हाइजीन प्रोड्क्ट जाए। हर बार आप ऐसी प्लानिंग करके चलो। उसी तरह से जो कॉस्ट होती हैं, जो टिपिकल देखी है। क्लाउड किचन में, टेन परसेंट अराउंड पैकेजिंग पर जाता है। एग्रिगेटर सी ऑल 2 फिफ्टी टू थर्टी पर्सेंट है। बट ये। इसके अंदर मेडली साउथ, इस्ट एशिया और इंडिया तीनों का एवरेज तीनों का रेीजएक्चवलल, इंडिया में अराउंड ट्वेंटी, फाइव थर्टी परसेंट चेज। बिट हाई और डिजिटल स्पेस में कॉम्पिटिशन तो है ही ज्यादा। इसी तरह से जो कल आउट किचन हैं वो फोर टाइम ज्यादा बिजनेस कर सकता है। इस कंपेयर टू हाई स्पीड रेस्ट। लेकिन अगर टू प्वाइंट फाइव तक भी कर रहा है तो आप उसको अपना जो डिलीवरी रेडियस है वो बढ़ा के आप ज्यादा इसमें अलिंग कर सकते हैं।
ग्रेट.
हाऊ यू सी फ्यूचर ऑफ क्लाउड किशन इंडस्ट्री मेरे हिसाब से टेक्नोलॉजी की जो माहार्चहैडॉकॉम घूम आया उसके बाद टू थाजनएटआयाफिअकोविड आ गया। लेकिन टेक्नोलॉजी आगे भी बढ़ती जा रही है। वो आप टेक्नोलॉजी को जितना यूज करते हो। अब मेरे 1 क्लाइंट हैं, वो उनके बीपीओ इंडस्ट्री के क्लाइंट है। तो मैंने उनसे बोला आपका बीपीओ का जो पूरा सेटेलाइज सॉफ्टवेयर से मैनेज होता है। आप कैसे इसे कितना खर्चा करते हो तो ही गे ब्यूटीफुल एग्जाम्पल। उसने कहा आप हाई एंड स्ट्रीट ब्रैंड से आप अगर सॉफ्टवेयर खरीद के मैनेज करोगे तो आपका खर्चा बढ़ेगा। 1 अच्छी स्टार्टअप से उन्होंने सॉफ्टवेयर लिया हुआ है जो आगे बढ़ बढ़ के मैनेज करती है, सस्ते में डिलीवरी करती है और ट्वेंटी फाइव पर्सेंट ऑफ द कॉस्ट पे काम चल रहा है। क्या बात तो वो मतलब इस टाइप की। अगर आपके अपने धंधे के ऊपर पकड़ है तो आप इस टाइप के डिसीजन अच्छे ले सकते हो। इसी तरह से फ्यूचर टेक्नोलॉजी अडॉप्शन का है और हर चीज में टाइम सेविंग का है, हाइजीन का है बेटर फूड बेटर पैकेजिंग जो हाइस्पीड रेस्टोरेंट्स हैं उनका एम्बियंस 2 टाइप से मैंने देखा है। अगर आप थोडा यंस क्राउड को केटर करते हो तो लाउड म्यूजिक जैज थोड़ा शोर थोड़ा थोड़ा रॉकिंग स्टाइल में और अगर आप थोड़ा सा मिडल क्लास सौरी मिडल एज लोगों को करते हो तो इट हैज टू बी लिडल विड क्वाइट.
यही चीजें आपके लोगों में, आपके पैकेजिंग में। क्योंकि यहाँ क्लाउट किचिन की बात हो रही है तो यही चीजें हमारी यू नो इन अदर ब्रांड में बेसिकली झलकनी चाहिए की लाउड ब्रांड है। अगर यंगस्टर को टारगेट करता है और अगर एवरेज तो शायद बिल्कुल जी बिल्कुल.
इसमें 1 मेरेको एग्जाम्पल यूनिट इकनॉमिक्स का देना है कि पहले क्या था कि मार्केट शेयर ले लो, अब मार्केट शेयर। तो 1 टाइम पे वोडा ने लिया, वोडाफोन ने ने, आइडिया ने लिया, एयरटेल ने लिया, लेकिन वो सब लॉस पे ले रहे थे। अब चाहे वो वोडा और आइडिया मिला के इंडिया की नंबर वन टेलीकॉम कम कंपनी भी हो गई। लेकिन बिजनेस मॉडल तो लॉस वाला ही था। तो 40 करोड़ से 30 करोड़ के सब्स्क्राइबर्स आ गए। तो बेसिकली आप लॉ लॉस करके मार्केट शेयर लेते हो। वो मॉडल वी वर्ग। जब से वी वर्क का आईपीओ नीचे गया है तब से उसके बाद से इन्वेस्टर जो हैं उसको लाइक नहीं करता। वो कहता है मेरको कैश गजलिंग कैश बर्न वाले हैवी हाइपर लोकल हाई ऑपरेशन ऑपरेशनल कॉस्ट वाले बिजनेस मॉडल्स से वो थोड़ा डा दूर भागता है। वो यह कहता है कि मॉनिटाइजेशन करके दिखाओ मुझे मुझे ये दिखाऊं कि मैं कैसे। इसमें से हर यूनिट प्रॉफिटेबल दिखती है और इसको यूनिट इकॉनॉमिक्स बोलते हैं। और इस चीज का काफी आजकल जो इन्वेस्टर है इज वेरी कॉंशस। अबाउट दिस टाइम ब्यटफुलएडद सेम टाइम जो स्टार्ट अप को शुरू करेगी। तो शुरू में नैचुवअली इन्वेस्टमेंट ज्यादा रहती है। इस वजह से लॉस आता है। तो ब्रांडिंग कस्टमर एक्यूजिशन लॉयल पे तो खर्चा करना ही पड़ता है। बट एट द सेम टाइम आप जल्दी ब्रेकेबल करो। इस टाइप के मॉडल्स ब्रेकेबल के साथ आप रखोगे तो दे र बेटर for the invest। अब एज एन इन्वेस्टर वट द टर्न डाउनस एंड टर्न बस फॉर यू जो मेरे पास स्टाट पाके कहती हैं। तो शहर जी कि आप तो ये करते हो, इन्वेस्ट आपने उसमें किया हुआ है। तो मेरको इस वजह से मैं आपके पास मुझे लगता है की रिसर्च करके आये और मतलब ही नील्स बिजनेस मतलब कोई मेरे पास आये नैचुरली कोई साटपातियायऑलवेज गिफ टाइम बिकॉज इस इस माई जॉब तो थोड़ा सा इन्वेस्टमेंट थीसिस इन्वेस्टर की पता होनी चाहिए। सबकी वेबसाइट्स पर लिखी हुई है। क्या है कौन से सेक्टर में करते हैं स्टेट ऑफ इन्वेस्टमेंट, क्या है चेक साइज कितना देते हैं, पैसे कौन सी जोग्राफी में लाइक करते हैं। और सिंगल फाउंडर के लिए प्रॉब्लम तो नहीं है। क्योंकि कई इन्वेस्टर्स को सिंगल फाउंडर से प्रॉब्लम है। दूसरी बात आपको पता होना चाहिए कि वो इन्वेस्टर जो इन्वेस्टमेंट के लिए जो पीछे से पैसा रियूज किया हुआ है वो कौन से टाइप का पैसा है। अब जैसे फूड के अंदर इंडिया का लारजेस्ट फंड है राबो इक्विटी रामू के पास यूरोपियन मनी है, बहुत ही पेंशन फंड्स हैं, कुछ फिनेंशियल इंस्टीट्यूशंस हैं, वो पेशेंट्स बनी है मतलब उनको 5 साल, 7 साल, 8 साल पैसा उन्होंने दे रखा है। उनको तो 5 साल तो आसानी से कुछ नहीं पूछेंगे मेरा मतलब कुछ नहीं पूछेंगे मतलब ये नहीं है मतलब आपसे नैच्वली आपके टच में रहेंगे, आपको हेल्प करेंगे। बट पेशेंस है कि बिजनेस को ग्रो करने में टाइम लगता है। उसी तरह से अगर एच एन इस का पैसा है। अगर वो कंजर्वेटिव एचएन इस है। जैसे बिजनेस फैमिलीज इंडिया की हो गई तो वो 3 साल में उनको लगता है कि हमने काफी टाइम वेट कर लिया। अब हमें अपना इंटरनल रेट ऑफ टर्न, अपना आयर आर मिल जाना चाहिए। तो उसी में बैरियर्स टू एंट्री और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफ फूड के अंदर इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी मतलब इस टाइप की कोई ज्यादा होती नहीं है बट लेकिन डोमिनोज हो गया। या इस टाइप के जो ब्रैंड्स हैं इन्होंने अपना स्टाइल ऑफ प्रेजेंटेशन, अपनी ब्रैंडिंग और कई केसेज में अपनी रेसिपी भी पेटेंट करा रखी है। ब्यूटिफुल वो यूज हो सकती है। मेरको थोड़ा सा पर्सनली प्रॉब्लम होती है। जो 1 कल 1 स्टार्टअप वाले से बात हो रही थी तो उसने 10 फिनेंशियल जार्गन यूज कर दिए। 10 सेकंड के अन्दर वो मुझे लगा की वो बिजनेस समझाने के लिए फाइनेंशियल जार्गन। यूज नहीं कर रहा। वो समझाने के लिए बिजनेस यूज़ कर रहा है।
यह बहुत होता है। मैंने भी एक्सपीरियंस किया है सो तो.
ये मतलब ये कोई इन्वेस्टर भी कोई ऊपर से तो करके आया नहीं है उसने भी सेम एजुकेशन सिस्टम से ही करके मतलब आप सिम्पल तरीके से भी अपने धंधे को समझा सकते हो। बहुत ज्यादा उसको कॉम्प्लीकेट करने से इन्वेस्टर का वैसे ही मेंटल बैनेट बहुत कम होता है। दिन में 20 से 40 देख आते हैं तो वो जितने इजीली समझता है तो उसको मेंटल रिलीफ मिलता है। बहुत शांति फील करता है तो तो वो अच्छा है। बाकी कुछ 1 टर्म शीट होपर्स बोलता हूँ मैं लोगों को 1 जगह से टर्मशीट निकलती है तो वो दूसरे को दिखाने लगते हैं कि हमारे पास तो टर्म शीट है। इस स्ट्रैटेजी को मैं गलत नहीं मानता। फ्रैंकली स्पीकिंग मेरे कुछ क्लाइंट्स थे, मैंने उनके साथ किए लेकिन उसका बेनिफिट भी हुआ है। क्लाइंट्स को बट द सेम टाइम इन्वेस्ट को यह नहीं लगना चाहिए कि यू.
आर ई थिंक म्यूट हो गया। तुषारजी सौरी ardal absolutely ardiblebytतुषाी सोरी टो nटरiptआपमीनवाइल ये जो बेसिक टर्म्स टर्म शीट थोड़ा सा एक्सप्लेन भी करते चलेंगे जी प्लीज।
तो मैं ये कह रहा था की इन्वेस्टर को यह नहीं लगना चाहिए की आप जैसे सब्जी खरीदते हैं और नेगोशिएट करते है वैसे कर रहे हो। आप उसको पोलाइटली बोल सकते हो। हमारा राउंड 7 करोड़ का है साढ़े 34 की टर्म शीट है तो हम 3 और देख रहे है। यह सॉफ्ट कमिटमेंट है या हार्ड कमिटमेंट है। वेरी टॉम तो वो है इसमें टर्म शीट क्या होती है कि इन्वेस्टर बहुत सारे इनफैक्ट मैंने। इसमें 1 पूरी स्लाइट बना रखी है टर्मशीट एक्सप्लेन करने के लिए। तो बेसिकली इन्वेस्टर किस तरीके से इन्वेस्ट करेगा प्रेफरेंस शेयर लेगा, डिवेंचर लेगा या प्लेन इक्यूटी लेगा किस वैलुएशन पे लेगा। उसकी कौन सी टर्म्स कंडीशंस होंगी जो इक्यूटी इन्वेस्टमेंट के साथ आएंगी उसका एग्जिट जो होगा। तो उसमें किस तरीके से जो स्टेप बाय टेप क्लोज होते हैं वो मैं भी एक्सप्लेन करता हूँ। लाइट जवाब में न.
सो गाईज बेसिकली टर्म शीट। आसान शब्दों में आप ऐसे समझ सकते हो कि जो भी आपका नेगोसिएशन हुआ है उसकी क्या टर्म्स और कंडीशन है। उसका पूरा बेसिक डॉक्यूमेंट इसी के बेसिस पर डिसाइड होता है कि क्या इन्वेस्टमेंट हो रहा है और आपकी कंपनी का वैल्युएशन क्या है। और अगेन गाई जो लोग नए ज्वाइन किए उनको मैं जस्ट 1 बार रिव्यू कर दे रहा हूँ तुषार कंसल जी हमारे साथ और ये 1 सीजन इन्वेस्टर में कह सकता हूँ। मल्टीपल करो ऑलरेडी खुद इनवेस्ट कर चुके हैं। और अच्छा खासा इंटर नेटवर्क है। ओवर ऑल नेटवर्क का तो मैं स्टीमेट नहीं लगा सकता। बट इम शूर इट इन मल्टीपल कोर्स अगेन सो ही हैर। एंड ही टॉकिंग। अबाउट इन्वेस्टर माइंडसेट, क्लाउड किचन मार्केट इन साइट और 1 इन्वेस्टर का पर्स्पेक्टिव आज आपको जानने को मिल रहा है। इन टर्म्स ऑफ़ क्लाउड किचन वेयर थिंग्स आर मूविंग किधर जा रही है। चीजें सो बहुत मजा आ रहा है। एंड इफ यू आर। आलसो इन जॉइन दिस तो लाइक कर देना। अगर यू ट्यूब पे हो और अगर जूम पर देख रहे हैं जो क्लाउड किचन कम्युनिटी मेंबर्स हैं तो प्लीज डू शेयर की। अगर आपके कोई क्वेश्शन हो तो चैट में जरूर करा दीजियेगा। ओवर डू यू तुषारजी प्लीज कंटिन्यू थैंक.
यू थैंक यू आप। जब आप इन्वेस्टमेंट ढूंढना शुरू करते हैं तो किन चीजों का ख्याल रखे। मोटा माटी आपका इंटरनेट पर प्रेजेंस होना चाहिए। गूगल पे नाम टाइप करे, डॉक्टर अविनाश सक्सेना पहले टेन और पहले ट्वंटी। जो मेरे को रिजल्ट आएंगे उससे आगे बतलब नहीं है। आजकल उससे ज्यादा आगे कोई जाता भी नहीं है। गूगल रिजल्ट बहुत एकुरेट हो गया है। वो आपके बारे में कुछ ऐसा बताना चाहिए जो सामने वाले को क्लियर हो जाए। कि यार हां ये बंदा ये है, ये है, यह करता है। अगर आप टॉप टेन ट्वंटी गूगल पे नहीं कर पाए तो कम से कम अपनी वेबसाइट की इतनी। अच्छी आपकी थोड़ी एक्सप्लनेटरी होनी चाहिए। दूसरा आपके हाथ में 1 पिजरे बिजनेस प्लान होना चाहिए, 1 फाइनेंशियल मॉडल जिसे कहते हैं बेसिकली 5 साल की प्रोजेक्शंस या 3 साल की प्रोजेक्शंस। कैसे आप पैसा बनाओगे। कोई एक्सेल देखकर समझ जाए तो यूनिट इकोनॉमिक्स तो है ही। बाकी कौन सी प्रॉब्लम आप सॉल्व सॉल्व कर रहे हो अपने स्टार्टअप आइडिया से वो आप अच्छी तरह सिंपल। वर्ड्स में बताइए आप, एंजलिस जैसे नेटवर्क पर लिस्ट कर सकते हैं। लिंकडिन अगर आप इन्वेस्टर को रीच आउट कर रहे हैं तो इन्वेस्टर ने जिस टार्टअप में पैसा डाला है उसके फाउंडर के थ्रू रीच आउट करिए। वो बेस्ट होता है इन्वेस्टर को वैलिडेशन से मिलता है। अगर आप डायरेक्टली जा रहे हो तो आप लिंकडिन पे पर्सनलाइज्ड इनवाइट भेजिए जिसमें आप 4 लाइनें अपने बारे में बताइए कि मैं ऐसे ऐसे कर रहा हूँ और मैं आपके थ्रू कनेक्ट करना चाहता हूँ। आप इनक्यूबेटर्स एक्सेलेटर्स के पास भी जा सकते हैं जो काफी हैं। 2 टाइप के होते हैं। ये 1 कॉलेज के असोसिएटेड होते हैं जो मोस्टली सुडेंट्स के लिए होते हैं। दूसरे वाले इंफ्रास्ट्रक्चर और नॉन इंफ्रास्टरक्चर वाले होते हैं। 1 होते हैं इंफ्रास्टरक्चर वाले जो आपको को वर्किंग स्पेस भी देंगे। 1 साल के लिए फ्री देंगे। साथ में वाईफाई आपको। सीए की सर्विस चाहिए, सीएस की चाहिए और लीगल की चाहिए तो उनके टाइप्स होते हैं और दूसरे होते हैं नॉन इंफ्रास्ट्रक्चर वाले। वर्चुअल जो बेसिकली आपको मेंटरिंग देते हैं, आपको बिजनेस कनेक्ट्स देते हैं, मैनेजमेंट मेंटरिंग देते हैं और आपको मोटिवेशनल सपोर्ट देते हैं। दूसरा आप। को इन्वेस्टमेंट किसिस पता होनी चाहिए। इन्वेस्टर की वो मैं बार बार सॉरी बोल रहा हूँ। मेरा पर्पस यही है कि इन्वेस्टर बहुत जल्दी फुटऑफहोजाता है और जहाँ पे 345 इन्वेस्टर्स से हम नो सुन लेते हैं हमारा कॉन्फिडेंस डाउन होना शुरू हो जाता है और हमें लगता है ये इनवेस्टर पता नही कहाँ से उतर गया है तो तो वो 1 पैनिक सिचुएशन हो जाती है फिर उससे हमारी वैलुएशन भी इफेक्ट हो सकती है। कल को हम गलत डिसीजन ले ले। ये है अब 1 स्टार्टप टर्मशीट कैसे रीड करनी है। ये मेरा बहुत ही फेवरेट टॉपिक है मैं इसके ऊपर जितने क्वेश्चंस हो आम वेरी हैप्पी तो आंसर अभी वेंडीज 1 रेस्टरां था मैं साइबर हब में उस टू गो देर। इतना अच्छा इंडियन टेस्ट का उनके पास आइटम्स थे। इतनी अच्छी उनकी आउटलेट थी बंद करने पड़े बिकॉज ऑफ कोविड। अब उन्होंने टू फिफ्टी क्लाउड किचन रेबल फूड्स के साथ वासूस वालों के साथ लगा रहे हैं। साथ में वन फिफ्टी ब्रेक मोटर का भी प्लान है। तो दिस शोज की क्लाउड किचन मॉडल स्टिल, गोइंग स्ट्रॉंग और फूड 1 ऐसी चीज है जो जबसे हुमानिटी है तबसे है तो ये बिजनेस एवर ग्रीन है और इंडिया में तो आल 2 बेग फैमिली थोड़ा इन हाउस कुकिंग ज्यादा प्रेफर करती है। बट एस कंपेयर टो साउथ िस्ट एशिया जापान, फसल ट्रंप बट। फिर भी बाहर खाने का ट्रेंड पॉजिटिव ही है और अच्छी ग्रोथ पर है तो 1 टर्म शीट में क्या देखना चाहिए। 1 होता है बाइंडिंग टर्म शीट या नॉन बाइंडिंग बाइंडिंग टर्म शीट। मतलब यह है कि आज मैं साइन करके दे रहा हूं बाइंडिंग टर्म शीट कल को ड्यू डिलिजेंस कराऊंगा उसमें से कुछ एडवर्ड्स या उल्टा निकल गया कंपनी का उससे वैलुएशन शायद कम में ऑफर करूंगा। लेकिन तब भी मैं इन्वेस्ट जरूर नॉन बाइंडिंग। बाद में कुछ उल्टा सीधा निकला आम फ्री टू लीव, मैं लास्ट डे जो साइन करनी होगी डील उस दिन भी निकल सकता हूँ। उस तरह से टर्म शीट के अन्दर वैलुएशन कौन सी वैलुएशन में मैं आ रहा हूँ कितना अमाउंट डालूंगा कितना पर्सेटेज देख लूंगा। उसमें अलग अलग टाइप के क्लॉजेज होते हैं। कई बार होता है कि वैलुएशन पे बात नहीं बन रही है तो इन्वेस्टर क्या करता है। वो कहता है मैं प्लेन वनीला इक्विटी ले लूंगा, मैं कनवर्टेबल प्रेफ्रेंस शेयर या कनवर्टेबल डिवेंचर ले लेता हूँ। मोस्टली कनवर्टेबल प्रेफरेंस शेयर लेता है उसमें क्या होता है प्रेफरेंस शेयर फ्यूचर में कनवर्ट होगा। इक्विटी के अंदर एटर, सर्टन फॉर्मूला और वो फॉर्मूला टर्म शीट में डाल देते हैं कि सपोज 1 साल बाद जितना भी एबिडडाऑपरेटिंग प्रॉफेट कंपनी का होगा उसके सपोज फाइव, टाइम फिफ्टीन, टाइम फिफ्टीन टाइम पे हम उससे कंपनी की वैलुएशन आ जाएगी। उस वैलुएशन में मेरा प्रेफरेंस शेयर इक्विटी में कनवर्ट हो जाएगा।
और दूसरा तरीका सोरी तुषारजी यहाँ आप। 1 कंपनी का वैल्युएशन कैसे होता है उसका 1 बेसिक स्ट्रक्चर थोड़ा समझा सकते हैं। कली मेन ऑडियंस के लिए ताकि सबको यहाँ पर समझ में आना चाहिए। कंपनी का वैलुएशन होता कैसे है? परसेंटेज और स्टेक के बेसिस पर पैसे कैसे डिसाइड होते हैं प्लीज।
तो वैलुएशन 1 ऐसी चीज है जिसका नाम बहुत लाइमलाइट में है। बिकाज हम देखते हैं एमेजोन 1 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट कैप से 2 ट्रिलियन डॉलर की हो गई। डेढ़ साल के अंदर 1 ट्रिलियन डॉलर की, 2 ट्रिलियन डॉलर की हो गई। मतलब विश्वास नहीं होता। कई बार तो नैचुरली फाउंडर को भी लगता है कि मेर को कहीं नुकसान न हो जाए। मैं अच्छी वैलुएशन पे डील करूँ। वैलुएशन 45 तरीके से होती है। एबिटा यानि अर्निंग बिफोर इंट्रेस टैक्सेशन डेप्रिसिएशन एन मोरिटाइजेशन जिसको हम 1 तरह से ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी कह सकते हैं। जनरली उसके मल्टीपल पे होती है तो उसका मल्टीपल वैसे स्टार्ट अप्स के केस में रिवेन्यू मल्टीपल पे होती है। फोर टाइम्स रेवेन्यू, टू टाइम्स रिवेन्यू, थ्री टाइम्स रिवेन्यू, एबेटा टेन टाइम्स बेटा, फिफ्टीन टाइम्स बेटा। तो आपके जैसी कोई सिमिलर कंपनी स्टॉक मार्केट में लिस्टेड है आप उसकी रिसर्च रिपोर्ट जो रिसर्च हाउसेस की रिसर्च रिपोर्ट उठा लो उसपे आपको कंपनी की कितनी मार्केट कैप यानी कितनी वैलुएशन चल रही है वो दिख गई और उसकी प्रोजेक्शंस भी होती है। अच्छी कंपनीज की 1 साल आगे की आप, उसकी 1 साल आगे की रेवेन्यू और एवेडा उठा लो और उसकी मार्केट कैप आपको पता है कितने की वैलुएशन चल रही है। उससे आपका मल्टीपल निकल गया। फाइव टाइम रेवेन्यू पर चल रहा है, स्टॉक पंद्रह टाइम एबिडडापे चल रहा है। स्टॉक वो मल्टीपल को आप अपने वन ईयर फॉरवर्ड फिगर्स पर लगा दे। 2 आपका 1 साल बाद क्या रिवेन्यू होगा, 1 साल बाद का बेटा होगा। आपका जो प्रोजेक्शन है उसपर आप वो फार्मूला लगा। 2 उससे आपकी वन यर फॉरवर्ड की वैलुएशन निकल जाएगी। उसमें आप इन्वेस्टर आपको बोले कि यार ये तो 1 साल आगे का है। तो आप उसको ये बोल सकते हो कि अभी मेरा पर मंथ प्रॉफिट सोरी, पर मंथ रिवेन्यू और पर मंथ एबिलिटी इतना चल रहा है तो उसके हिसाब से मैं 1 साल बाद इतना करी लूंगा। तो इन्वेस्टर फिर ज्यादा कुछ बोलने लायक रहता नहीं है। इट इज अ वेरी फंडामेंटल ड्रिवन वैलुएशन दूसरा तरीका होता है। डिस्काउंटेड कैश फ्लो बेसिकली जो बड़ी कंपनीज हैं उनके 5 साल के हम प्रोजेक्शन्स बना लेते हैं कि 5 साल इतना रेवेन्यू करेंगी, इतना एबिटा निकालेंगी और इतना वो इंट्रेस दे देंगी। लोन पे जैसे भी है लेकिन हमारे 5 साल के कैश फ्लोस क्या होंगे। जो कंपनी के पास कैश आ रहा है उस 5 साल का कैश फ्लो ले लेते हैं। उसके 5 साल के आगे हम यह मानते हैं कि 1 पर्सेंट पर ही चलेगी। कंपनी वन पर्सेंट ग्रोथ पर ही चलेगी। उससे हमारे पास 1 टर्मिनल वैल्यू आ जाती है। इन दोनों कैशफ्लो उसको हम आज की डेट पे उसकी वैल्यू निकाल लेते हैं। उसको कॉस्ट ऑफ कैपिटल से डिवाइड करे की कैपिटल कितनी महंगी है मार्केट में तो उस हिसाब से हम कर लेते हैं तो डिस्काउंटेड कैशफ्लो से 1 फ्यूचरिस्टिक ड्रिवन वैलुएशन आ जाती है। हमारे पास की ज्यादातर मैं 1 अंदर की फार्मूला बताता हूँ। आपको कोई अच्छा इन्वेस्टर मिल रहा हो आप अगर वैलुएशन पर बात न बन रही हो तो 2 तरीके से आप कर सकते हो 1 उसको बोलो की कनवर्टेबल ले ले और वन ईयर फॉरवर्ड की कंपनी की परफॉर्मेंस से लिंक कर दे उसको या फिर दूसरा आप इसको.
समझाएंगे यह जो पहला पॉइंट आपने बोला थोड़ा सा आसान शब्दों में जी मतलब.
आप ही कहो मैं 1 साल में 10 करोड़ का टोन ओवर करूँगा और 2 करोड़ का बेटा करूंगा और तू मुझे टेन टाइम्स एबिटा का फार्मूला लगा 2 और कनवर्टेबल प्रेफरेंस शेयर दे 2 तो वो 1 साल बाद अब जो भी परफॉर्मेंस की आएगी उसपर 10 टेन टाइम्स बेटा जो भी आपका बेटा आएगा उसपर टेन टाइम्स और मल्टीपल लग के उस वैलुएशन पर उसकी इक्वटी कनवर्ट हो जाएगी प्रेफरेंस शेयर से इक्विटी में आ.
जाएगा बेसिकली में 10 करोड़ का रेवेन्यू करने वाला हूं 2 करोड़ का बेटा होगा तो 2 करोड़ इनटू टेन टाइम्स.
मतलब करोड़ फिफ्टीन जो भी फॉर्मुला डिसाइड.
हुआ है तो टेन फिफ्टीन की प्रोक्स करके उसका 20 करोड़ का वैलुएशन कर दिया और गाइज जो लोग समझना चाहते हैं की वैलुएशन बेसिकली जो होती है वो कैसे वर्क करती है तो अगर 20 करोड़ का वैलुएशन है और आपने किसी से लेट से 2 करोड़ रुपए की फंडिंग उठाई तो आपको कंपनी का टेन पर्सेंट शेयर देना 1 आसान शब्दों में अगर समझाऊं तो करे दिस इस द प्रोसेस वैलुएशन वर्क्स या गर आपको.
लगता है कि आपका नुकसान न हो जाए तो आप उसको ये भी कह सकते हो जो भी मेरा अगले राउंड फंडिंग का होगा जो वैलुएशन उसपर लगेगी उसके ट्वेंटी परसेंट डिस्काउंट पर जो करंट इन्वेस्टर है उसकी मैं प्रेफरेंस शेयर को इक्विटी में कनवर्ट कर दूं उसको आप आज वो इन्वेस्ट कर रहे हैं ज्यादा रिस्क ले रहा है तो उसको ट्वेंटी परसेंट का डिस्काउंट का बेनिफिट अगले राउंड में जो भी वैलुएशन लगेगी उसका 20 परसेंट डिस्काउंट पर इसका प्रेफरेंस शेयर इक्विटी में कनवर्ट हो जा और तीसरे तरीके डीसीएफ हो गई। तो कई मैंने देखे हैं स्टार्ट फाउंडर्स वो ये कहते हैं बॉस हमें तो यह वैलुएशन चाहिए अब आपको अगर जस्टिफाई करनी है तो हम इसको डीसीएल बेस पे वैलुएशन निकाल के आपको जस्टिफाई कर देते हैं लेकिन जो इन्वेस्टर हैं वो भी इन चीजों में पूरा नॉलेजेबल होता है तो मोस्टली आपको कहीं न कहीं फंडामेंटल बेसिस पे एबिटडा या रेवेन्यू के मल्टीपल की सपोर्ट देनी पड़ती है वैल्यूएशन प्योर डीसीएफ में कई बार जैसे मेरे पास 1 कंपनी आई थी अच्छे लोग थे बहुत अच्छी कंपनी थी रिलिजियस प्रोडक्ट्स बना रहे थे लेकिन वो डीसीएफ बेसिस पर 5 सौ 600 करोड़ की वैलुएशन मांग रहे थे तो नैचुरली वो इन्वेस्टर को समझ में नहीं आती कि 33 लाख का रेवेन्यू है और 500 करोड़ की वैलुएशन है वो फिर गड़बड़ हो जाती है उसमें.
तो गाइस जो लोग अभी रिसेंटली ज्वाइन कर रहे हैं हमें लेट मी जस्ट क्विकली रीकैप तो शाह जी के साथ बात हो रही है.
तो.
इन्वेस्टर है सीजन वेस्टर है मल्टीपल करो खुद के भी इनवेस्ट किए हैं इनके एंजल एंजल ग्रुप भी है जिसमें मल्टीपल कोर्स अगेन इन्वेस्टमेंट आलरेडी हो चुके हैं। आज इनसे डीटेल में बात हो रही है इन्वेस्टर प्वॉइंट ऑफ व्यू से क्लाउड किचन का 1 अंडरस्टैंडिंग डेवलप कर रहे है। हम लोग और माइंस समझने की कोशिश कर रहे हैं। 1 कुछ चीजें हेवी भी लग सकती है जस्ट बी वि स और जितना लेन बेन लैंग्वेज में हो सकता है उतना तुषार जी पूरा एफर्ट डाल रहे है समझाने की अगर फिर भी कोई डाउट हो तो आखिरी में आप में पूछ सकते हो कोश्शनआंसरहमलेंगे जरूर सो तुषार जी बिफोर बी कंटिन्यू यह डी सी एफ आप थोड़ा सा एक्सप्लेन कर सकते हैं।
क्या बीसीएफ मतलब देखो सर रिवेन्यू से क्या फर्क पड़ता है मतलब 1 कंपनी रेवेन्यू कर रही है एंडर तो डे उसके बाद खर्चे भी हैं तो वो पैसा उसके हाथ में तो नहीं आ रहा न। हाथ में कैश फ्लो आता है। अगर कंपनी मेरा 10 करोड़ का रेवेन्यू करके डेढ़ 2 करोड़ का कैश मेरे पास धंदे में आ रहा है। मेरको कैश से मतलब है। अब मैं 5 साल की प्रोजेक्शन बना लेता हूँ कि मेरा 5 साल में कितना कैश आएगा और उसके बाद मैं मान लेता हूँ कि चलो फिर कंपनी 1 परसेंट ग्रोथ पर चलेगी तो उससे 1 फिगर भी आ जाती है कैश की उन दोनो फिगर्स को मैं आज की वैल्यू उस कैश की क्या हुई वो मैं निकाल लेता हूँ और वो मैं कैसे निकालता हूँ कॉस्ट ऑफ कैपिटल कंसीडर इंडिया में लोन के ऊपर 12 पर्सेंट इंटरेस्ट है तो वो 1 कॉस्ट ऑफ डेट है और मार्केट में स्टॉक मार्केट में साल का इतना रिटर्न लार्ज कैप कंपनी देती है स्टॉक में तो वो कॉस्ट ऑफ कैपिटल है तो उसके बेसिस पर मैं उस कैश की आज की वैल्यू निकाल लेता हूं उसको डिस्काउंटेड कैश फ्लो बोलते हैं उसमें कंपनी को पर डेट कितना है वो भी मैटर करता है बिकॉज उससे कैश फ्लो इम्पैक्ट होता है और आपने फर्दर कितनी इन्वेस्टमेंट्स करी कैश डाला वो भी मैटर करता है क्योंकि वो कैश सिस्टम से बाहर जा रहा है तो वो नेगेटिव होके जा रहा है तो 1 तरह से काफी रियलिस्टिक फिगर आ जाती है तो बस लेकिन वो ही है कि प्योरली डीसीएफ इन्वेस्टर इतना मानता नहीं है क्योंकि उसको क्योंकि कई बार उल्टा सीधा डीसीएफ यू नो निकल जाता है जैसे आज आपकी 30 लाख का टोनर है आपकी प्रोजेक्शन आपने बना लिए अगले साल पंद्रह करोड़ उसके आगे 200 करोड़ तो वो रियलिस्टिक नहीं है न उस रेवेन्यू को अचीव करने में आपको खर्चा भी तो करना पड़ेगा वो भी तो प्रॉपर्ली डालो तो तो इसलिए इन्वेस्टर को समझ में आ जाता है रेशो उससे कैलकुलेट करके कि डीसीएफ कितना जजमेंट लग रहा है नहीं लग र। लेकिन अगर आप वनियर फॉरवर्ड एबिटडा और रेवेन्यू मल्टीपल पर चल रहे हो तो वो तो रिजनेबल है। दूसरा तरीका क्या है कि जैसे स्टॉक मार्केट की अपने कंपनी से अपनी को कंपेयर करके मल्टीपल निकाल लिया उसी तरह से आपकी जैसी कंपनी का मार्केट में कोई ट्रांजेक्शन हुआ हो, वेंचर कैपिटल हुई हो या प्राइवेट कुटी हुई हो। उस कंपनी की डील किस वैलुएशन पर हुई थी, उस कंपनी का रेवेन्यू कितना था, एबिटा कितना था उससे वो मल्टीपल निकल जाता है ट्रांजेक्शन मल्टीपल उस ट्रांजेक्शन मल्टीपल को आप अपनी रिवन्यू रेबिटा लगा लो। वो इस टाइप से वैलुएशन होती है हमारे.
तो आगे चले बिलकुल आगे चलते है। तो गाइस ये जो सेगमेंट था जिसमें इतने सारे ऑप्शन बता रहे थे। तो 4 जी ये बेसिकली किस किस तरीके से वैलुएशन होती है कि आपकी कंपनी कितने रूपए की है। ये हम कैसे अज्यूम करेंगे क्यूंकी सिर्फ यूजवल लोगो को लगता है की अगर इतना रेविन् होगा, इतना प्रॉफिट होगा तो हमारी कंपनी होगी इस तरह से नहीं काम करता तो उसी के कई कॉम्प्लेक्शन है कुछ 34 ऑलमोस्ट 5 वेज तो शाजी ने अभी शेयर किए हमसे अगेन नही समझ मे आया तो फिर से करके देखना सेशन विल गेट बेटर ंडरस्टांडिंग कुछ चैक में 1 मेसेज आ रहे हैं आई वुड लव टू टेक आगे बढ़ने से पहले सनी तुतेजा लिख रहे हैं की प्लीज सिर मेक सेप्रेट कोर्स फॉर आlthiसइtविल help योर क्लाउड किचन स्टूडेंट तो सेट डेफिनिटली सनी जी, आई सी वाट वी कैन डू on this a कपल ऑफ़ पीपल आर आस्किंग तुषार जी की जैसे सबसे पहला इन्वेस्टमेंट सबसे टफ होता है ऐसा माना जाता है सो 1 बार आपका इन्वेस्टमेंट अगर आपको मिलता है तो चांसेज आर की बाकी दूसरे इनवेस्टर्स फिर आने में इंट्रस्टेड रहता है तो पहले इन्वेस्टमेंट के लिए इफ यू कैन शो थ्रो सम लाइट ऑन इन्वेस्टर्स क्या देखते हैं। अगर खासकर क्लाउड किचन में कोई है तो क्या चांसेस बनते हैं जिससे इन्वेस्टमेंट के लिए इन्वेस्टर इंटरेस्टेड भी होगा फॉरगेट की इन्वेस्टमेंट मिल जाए, इंटरेस्टेड भी बने सो कैन यू शो थ्रो सम लाइट.
ऑन, दैट विल बी ग्रेड जी सो देखो। आप 3 चीजें हैं मोटी मोटी जो फर्स्ट टाइम इन्वेस्टमेंट में है जी 1 तो प्रोडक्ट मार्केट फिट, 1 फाउंडर मार्केट फिट और तीसरा नैचुरली मार्केट साइज होना चाहिए जिसमें आप परफॉर्म कर रहे है मतलब प्रोडक्ट मार्केट फिट मतलब आपने 1 क्लच किचन सक्सेसफुली चलाकर दिखाई हुई है और आपको अपना धंदा समझ में आता है और आपको दूसरा इन्वेस्टर को बता सकते हो इतना पैसा डालके फाइव क्स ग्रोथ दिख रही है मुझे और ये रेंटल्स हैं, ये लोकेशन्स हैं, इनपे खोलूंगा स्ट्रेट ग्रोथ आ रही है तो वो पैसा डाल देगा आपके अन्दर थोडा सा शुरू का जितना अली इन्वेस्टमेंट होगा उतना वो फाउंडर देखके होता है पैसा फाउंडर क्यों लग रहा है आप कितने क्लियर हो आप कितने इंटेग्रिटी भी दिख रही हैं कि यू नो धंदे में डालोगे मर्सिडीज नहीं खरीद लोगे तो 1 बहुत फेमस फंड गाय मतलब जो इतना सारी दुनिया जानती है। मैं उसके साथ बैठा था तो वो उसने मेरे को बोला की यार कई फाउंडर तो मर्सिडीज लेके बैठे हैं तो वो भी इन्वेस्टर को लगता है कि वो भी किसी और का फैसला लेकर बैठा है राइट उसको वापिस करना है तो वो है और तीसरा मतलब मार्केट में वो होनी चाहिए दम होना चाहिए जैसे अभी आप बोलो आजकल के टाइम में रियल स्टेट मार्केट में किसी इन्वेस्टर को तो डर लगता है की इतस बायर्स मार्केट इतनी चीजें ऑप्शन्स अवेलेबल हैं, बायर्स काम है.
वो है सो प्रोडक्ट फाउंडर, एन मार्केट है प्रोडक्ट फाउंडर एंड.
मार्केट 3 चीजें हैं और आपको थोडा सा क्लैरिटी होनी चाहिए आप कितना पैसा लगा के क्या अचीव करना चाहते हैं.
प्रोडक्ट की तो आपने बहुत अच्छे से समझा दिया की प्रोडक्ट आपने आलरेडी इस्टैब्लिश करके दिखा दिया है। रेवेन्यू अच्छा है परफेक्ट सही जा रहे है फाउंडर पे थोडा सा लाइट डालेंगे क्या क्या देखते हैं पर्सन लाइक इंटिग्रिटी आपने मेंशन जरूर किया था अप्रोच यू एस फाउंडर आप क्या देखते हो और सिंगल फाउंडर भी ना रहे थे अवॉइड.
नाम ले सकता हूँ 1 फाउंडर ऐसी.
में मिला था बस बिन्दा सिर अछा.
नहीं मैं उसकी तारीफ करूँगा और मैंने फर्स्ट डे उस को उठते, वक्त बोला तेरी इनवेस्टमेंट जरूर हो मतलब वो हर चीज नंबर्स को समझाता मतलब आप उससे कोई क्वेश्चन पूछ लो बॉस ही इलेक्ट्रिक मार्केट है इलेक्ट्रिक वेहिकल मोबिलिटी मार्केट है, वो कहेगा देख भाई इतने का आ रहा है, इतना मेरा खर्चा हो रहा है ये देखो ये अपना पेपर पे धंदा निकाल के समझा देता था और वो 1 घंटे तक यही करता रहा नंबर्स नंबर्स और मैंने कहा यार इसकी भी होगी तो किसकी होगी और उसकी.
फंडिंग हो गई क्या बात है तो.
मतलब क्लैरिटी होनी चाहिए आपके अंदर क्लैरिटी है और आपको पता है इस नो अबाउट यू एन मी इट अबाउट धंदा। तो आप धंदा दिखा 2 करके कैसे कागज समझ में हम थोड़ा मार्केट से पता करेंगे की आप जो फिगर ठीक है या नहीं और आप ऑलरेडी 1 सेडिटरप्रॉफिटेबली चला रहे हो और क्या चाहिए है.
जो ऑडियंस सुन रही है और कम्युनिटी मेंबर्स वो तो जानते हैं कितना ब्रिलियंट प्वाइंट अभी जो आपने मेंशन किया है वो है मतलब यहाँ पर भी इस इनिशिएटिव के थ्रू हम लोग यही कोशिश करते हैं कि किसी पर डिपेंडेंट मत रहो, आई रिकमेंड की। जैसे कई बार लोग शेफ शेफ कंसल्टेंसी या इस टाइप में भी जाते हैं। तो आई रिकमेंडेट आप कंट्रोल होना चाहिए? आपके बिजनेस पर आपको समझ में आना चाहिए, आपका धंधा क्या है, आप डिसाइड करो की खाना क्या बनवाना है उसमें वो हेल्प कर सकते है, बट ऐसा मत करो की आप सामने वाले में डाल 2 फिर आगे की जर्मनी पूरी ब्लॉक हो जाएगी क्यूकी हर जगह आपको वही चाहिए होगा, सो बहुत अमेजिंग बातें आप शेयर कर दे तुषारजी गाईज अभी भी लाइक नहीं किया है तो कर देना और चैट में जो लोग कम्युनिटी मेंबर्स देख रहे हैं प्लीज टाइप अमेजिंग अगर आपको वाकई अमेजिंग लग रहा हो, आज का सेशन थोड़ा सा डिफरेंट टाइप का सेशन है, बहुत प्रैक्टिकल लर्निंग पर बात हो रही है तो शाह जी 1 सीजन इन्वेस्टर है। और इसलिए मैंने उनसे बड़ी रिक्वेस्ट की थी, क्यूंकी सिर तो बहुत फॉर्मल है। मैंने कहा यहाँ फॉर्मल नहीं है.
डॉक्टर अभी प्लीज स्टील फ्री टू कॉल मी एनी डे आइम ऑलवेज अवेलेबल फॉर, थैंक.
यू सो मच सर सो यहाँ पर, इसलिए तुषार जी बहुत ही फ्रैं होके, बहुत ही आराम से, बहुत ही एकदम आसान भाषा में सारी चीजें समझा रहे हैं। 1 इन्वेस्टर के पॉइंट ऑफ व्यू बता रहे हैं और ग्राउंड रियलिटी पे बात कर रहे है की प्रोडक्ट सही होना चाहिए, फाउंडर में दम होना चाहिए, इंटरनल, गेम स्ट्रोंग होना चाहिए आपका और मार्केट फिट होना चाहिए। मतलब जो प्रोडक्ट कर हे है ऐसा न हो की वो लाइक खरीदने वाली सॉल हो गए। तो आप कैसे बेचोगे।
तो ओवर टू, यू तो मेरे साथ हुआ था मेट्रिक्स पार्टनर्स के साथ। हमलोग 1 फार्मर सैस की डील डिस्कस कर रहे थे। ओके तो वो सैस वाला इतना अच्छा प्रोडक्ट बना के बैठा था। टू फिफ्टी डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास इंस्टॉल्ड था उसका प्रोडक्ट जो खुद फाउंडर्स थे उनमें से 1 सॉफ्टबैंक कंपनी से आया हुआ था जी, उनके पास 1 फेस था इन्वेस्टर को ले जाने के लिए। उसके बाद भी वहीं पे जो नंबर्स बोलता रहा। तो जो मैट्रिक्स वाला था उसने पेपर पर लिखा रिवर्स कैलकुलेट किया कि ये तो मार्केट साइज भी 5, 6000 करोड़ का है। हम तो 50 हजार करोड़ से कम मार्केट साइज में घुसते ही नहीं। वो टोटल एड्रेसबल मार्केट बोलते हैं। उसको टैम निकाल लिया उसने। तो फूड में तो ऐसा इशू नहीं है। तो अनलिमिटेड मार्केट है। मतलब इस वेरी कंजमशन ट्रेवल कॉनoमीतो। इसमें टर्म शीट के अन्दर 1 ईसॉप्स होती है कि आप अच्छा टैलेंट चाहते हो इनक्लूड करना। लेकिन आप उतनी सैलरी नहीं दे सकते। तो आप उनको सैलरी देने के बजाय ईसॉपदेदेते हो। एम्प्लॉई स्टॉक ऑप्शन प्लान। इसका मतलब यह है कि थोड़े थोड़े इक्विटी शेयर्स भी सैलरी के साथ एम्प्लॉयर को मिलते रहेंगे। 1 साल, 2 साल, 3 साल में वेस्टिंग होती है, मतलब 1 साल एम्प्लॉय काम करेगा तो इतने शेयर्स मिलेंगे, 2 साल करेगा तो इतने मिलेंगे। इस वैलुएशन पर मिलेंगे तो एम्प्लॉई को ये लगता है कि मैं कंपनी का पार्ट हूं, मेरे इसमें शेयर्स हैं। कल को शेयर्स में बेचूंगा तो जितनी सैलरी कम मिली उससे बहुत ज्यादा फायदा ओ ने कितने ओईसॉफबांटे और वो एम्प्लॉयज कितना फायदा हुआ। और ऊबर के जो पुराने एम्प्लॉयज है। अली बाबा के जो पुराने है वो इसॉप की वजह से मिलिनेयर्स बन गए। तो तीसरा यह है कि कुछ कंडीशंस प्रेसिडेंट और कंडीशन सब्सीक्वेंट टर्म शीट में होती है। कंडीशन प्रेसिडेंट मतलब आपने जो इंफॉर्मेशन दिए है वो ट्रू है, फैक्चुअल है, वो आपसे लिखा के साइन कर लेते हैं, सीपी की तरह कंडीशन प्रेसिडेंट की तरह टर्मशीट में कंडीशन सब्सिकोइड मतलब। इन्वेस्टमेंट करने के बाद आप उसको प्रॉपरली, उस पैसे को जैसे आपने रिप्रेजेंट किया है, वैसे डालोगे बिजनेस के अंदर तरह से वोटिंग राइट्स। जब मैं शेयर्स खरीदूंगा तो शेयर्स के साथ वोटिंग राइट। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के अंदर वोटिंग राइट भी मेरे पास आता है। कई किसिस में इन्वेस्टर सीट भी मांगता है। बोर्ड में मुझे 4 बोर्ड मेंबर्स में से 1 बोर्ड मेंबर मिला होगा। उसी तरह से रिजर्व मैटर्स होते हैं कि हम लिख देते हैं टर्म शीट के अंदर ये चीजें अगर कंपनी करेगी तो इन्वेस्टर का राइट अप्रूवल लेना जरूरी है। जैसे कि कोई बड़ा एसेट बेचेगी, पता चला 24 बिल्डिंग भेज दी कंपनी ने, उसके बाद मर्जर्जएनएक्रेजिशंस करेगी। अगर कोई कंपनी खरीद रही है या बेच रही है सब्सिडी। इस टाइप की चीजें वो रिजर्व मैटर्स में, फिर इन्फोराइट्स होती है कि मेरे को हर महीने कंपनी की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की डीटेल आएगी, मेरे पास क्वाटरली ऑडिटेड रिपोर्ट, आएगी साल की ऑडिटेड रिपोर्ट, आएगी एंड सो, आड। फाउंडर वेस्टिंग। मतलब यह होता है कि मैंने फाउंडर देखके पैसा लगाया है। कल को फाउंडर कहता है मैं छोड़ रहा हूं, कंपनी अपना स्टेक बेच रहा हूं। तो इन्वेस्टर ने पहले से साइन करा रखा होता है टर्म शीट में कि अगर फाउंडर जाएगा तो उसकी इक्विटी बेचने का राइट इन्वेस्टर के पास है, उसको फाउंडर वेस्टिंग बोलते हैं। इसी तरह से लिक्विडेशन प्रेफ्रेंस मतलब कि जो शेयर इन्वेस्टर की है, अगर फ्यूचर में कोई एग्जिट मिल रही है, शेयर्स की, कोई नया इन्वेस्टर आ रहा है तो इन्वेस्टर के जो शेयर्स हैं उनको ज्यादा राइट होता है कि वो बेचे नेक्स्ट राउंड में और उसको वैलुएशन बेनिफिट भी मिला होता है कई केसेस में जैसे की यहाँ पर एग्जाम्पल लिखा हुआ है 5 फाइव हंड्रेड थाउजन्ड डॉलर्स का की मेरे इन्वेस्टर के पास 5, 5 लाख डॉलर्स के प्रेफ्रेंटशेयर्स है, 5 लाख डॉलर्स के प्लेन इक्वटी है तो उसको ये टर्म शीट पे लिखा होता है कि सपोज की जो प्रेफरेंस शेयर है इन्वेस्टर के वो ज्यादा वैल्यू में बिकेंगे, वो टू एक्स वैल्यू पर बिकेंगे और जो प्लेन वनीला हैं वो कॉपी इस टाइप की चीजें इन्वेस्टर आपसे प्रपोज कर सकता है। नैकच्वलली आपके ऊपर है, आप उसको एक्सेप्ट करो नहीं करो। तो आम जस्ट गिविंग इन एग्जाम्पल की इस टाइप के क्लॉज होते हैं। बहुत इम्पोर्टेंट है ड्रैग लॉग, टैगलॉमक्लॉजड्रैग लॉंग मतलब होता है। फाउंडर अगर अपने सब सौरी मैं इन्वेस्टर हूँ, मेरे पास 25 पर्सेंट इक्यूटी है, मेरको 1 फिफ्टी वन पर्सेंट इक्विटी का वायर मिल रहा है तो मैं फाउंडर की 26 पर्सेंट इक्यूटी, खींच के 25, प्लस 26, 51 पर्सेंट करके बेच सकता हूँ। तो नैचुवअली वो वैलुएशन पे राइट होता है। फाउंडर का की उस वैल्यू में वो बेचना चाहता है या नहीं। लेकिन ये राइट मेरे पास कम शीट में होता है उसी तरह से टैग लॉंग होता है। फाउंडर अपने शेयर बेच रहा है तो मेरे पास राइट है कि मैं भी अपने शेयर उसके शेयर के साथ बेचू टैग लॉग कर जाओ उसके। तो इसलिए ये टैग लॉग होता है उसी तरह से राइट ऑफ फर्स्ट फ्यूजर होता है। फ्यूचर में कंपनी नए शेयर शूट कर रही है, नया वेस्टल आ रही है। तो मैं कंपनी को कहता हूं मेरे पास राइट ऑफ फर्स्ट यूजल है। सबसे पहले यह शेयर म मुझे ऑफर करो जो मैं एग्जिस्टिंग इन्वेस्टर हूँ, मैं इसको खरीद लेता हूँ। फ्यूचर ांड में बाकी ऑप्शन स्कूल मैंने समझा दिया। ईसॉप्स ोते एम्प्लॉय, स्टॉक ऑप्शन पैंड पंद्रह, से 25 पर्सेंट इक्विटी कंपनी की एम्प्लॉय के लिए रखी होती है तो लेकिन वो परफॉर्मेंस लिंक होती है। एम्प्लॉय परफॉर्म करें 1 साल अच्छा परफॉर्म करे शेयर ले ले, 2 साल अच्छा परफॉर्म करें शेयर ले ले। तो इस टाइप से वो होती है।
अच्छा तुषार जी यहाँ पर 1 सवाल मैं पूछना चाहूँगा इसी स्लाइड से रिलेटेड है एग्जिट प्लान, जो होता है सो ऑडियंस। पहले एग्जिट प्लान बेसिकली आप इन्वेस्ट इनवेस्टर के तौर पर आ रहे है तो आपको मैं मेकर कैसे करूँगा की आप पैसा कमाकर जाऊ तो एग्जिट प्लान बताना होता है। तो तुषार जी एग्जिट प्लान को इन्वेस्टर पॉजिटिवली लेते हैं या नहीं लेते हैं। क्योंकि मैंने दोनों राय सुनी है। आपका जानना चाहता हूँ मैं की देवनसी दिमाग में.
एग्जिट इंडिया में सबसे बड़ा पेन पॉइंट है इन्वेस्टर है शेयर्स लेकर बैठे रहते हैं मेरे पास फंड वाले आते हैं हमारी 12 इन्वेस्टर कंपनीज है कहीं पर तो एग्जिट दिला, 2 मतलब वो 2 इन्वेस्टर बैठते हैं आपस में अपनी अपनी ब्रोशर खोलते हैं मेरी ये 12 कंपनी तेरी ये पंद्रह कंपनी तू मेरी कंपनी में डाल मैं तेरी कंपनी में डालता हूँ क्यूंकि एग्जिट मिली नहीं किसी को भी क्योंकि आईपीओ माार्केट बहुत मुश्किल है इंडिया के यहाँ पर। महीने में 4 आईपीओ आते हैं चाइना में, हफ्ते में 4 आईपीओ ऐसे आते हैं कि 4 बिलियन लेयर्स क्रिएट हो जाता है। थोड़ा सा आईपीओ मार्केट यहाँ की मुश्किल है, उसके रीजन है टेक्निकल रीजन्स में नहीं जाऊंगा। थोड़ा सा मुश्किल मार्केट है आईपीओ की जैसे एग्जिट में हम कौन से प्रोसेस डालते हैं। शीट में पहला क्लॉज इन्वेस्टर डालता है की 1 आईपीओ आएगा कंपनी का 5 साल के अन्दर अब वो मोस्टली केसेस में नहीं आता क्योंकि सभी के रूल्स हैं कि 3 साल तक कंपनी प्रॉफिटेबल होनी चाहिए तभी आईपी आएगा अब स्टार्टअप्स तो कैश बंद कर रही होती है तो 3 साल तक प्रॉफिट नहीं होता। उनका दूसरी तरफ सेबी का रूल है कि 50 पर्सेंट आप शेयर्स इंस्टीट्यूशन को बेच सकते हो लेकिन 50 परसेंट रिटेल यानि 1 1 लाख की लिमिट वाले लोगों को बेचने और वो 50 परसेंट का इशू सब्स्क्राइब करने में मुश्किल आ जाती है। बीमार एमजीएफ का रिटेल पोशन सबस्क्राइब नहीं हुआ था उसका शेयर आईपीओ आया ही नहीं डिवॉल्व कर गया। उसके बाद बेचारा आज तक नहीं ला पाया। आईपी इतना बदनाम हो गया तो आईपीओ थोडा डिफिकल्ट है सेकेंड क्लॉज हम यह डालते हैं कि थर्ड पार्टी वैलुएशन वैलुअर अपॉइंट रहेगा और थर्ड पार्टी इन्वेस्टर को एग्जिस्टिंग इनवेस्टर के शेयर भेज दिए जाएंगे और उसको जो इंटरनल रेट रेट ऑफ रिटर्न आय रहा रहे हैं 20 25 परसेंट का वो उसको मिल जाएगा। अगर वो पॉसिबल नहीं होता तो थर्ड क्लॉज डला होता है टर्म शीट में की कंपनी बायबैक कर लेगी। इन्वेस्टर के शेयर्स अब आपको सुन के हैरानी होगी रिलायंस अपने खुद के शेयर खरीदता है मार्केट से और अपनी ट्रेजरी में उनको बोलता है ट्रेजरी शेयर्स। अपने ही शेयर्स में ट्रेडिंग अलाउड होती है उनको ट्रेजरी शेयर्स बोलते हैं तो कंपनी खरीद लेगी। चौथी ऑप्शन होती है कंपनी न तो जो फाउंडर है वो खरीद लेगा। बहुत केसिस में फाउंडर नहीं खरीदता कोई किसी को एक्कूटीदूदूसरे की खरीदने के लिए फोर्स नहीं कर सकता बिकज इक्यूटी की जो इनहेरेंट नेचर है वह रिस्क कैपिटल यानि सामने वाला रिस्क लेकर घुस आया तो आप उसको बाय लॉ फोर्स नहीं कर सकते। लेकिन टर्म शीट्स में लिखा होता है कि फाउंडर इतना, आयर और मैंने कुछ केसेस देखे हैं। कंपनी के फाउंडर ने प्रॉपर आरआर देके इन्वेस्टर को एग्जिट दिया तो और पांचवी ऑप्शन वो ही है कि फ्यूचर राउंड्स में डायल्यूशन करते चलो ब्रांड कैपिटल जो है टाइम्स ऑफ इंडिया का 830 कंपनीज में इन्वेस्टमेंट्स हैं 420 या 425 कंपनीज में एग्जिट लिया हुआ है। अब आप सोचोगे फिफ्टी परसेंट कंपनीज की एग्जिट मतलब क्या परफॉर्मेंस है लेकिन वो फ्यूचर राउंड में एग्जिट कर देते है उनकी स्ट्रैटजी है की इंडिया में प्रॉपर एग्जिट मुश्किल है अगले राउंड में भेजते चलो तो वो उस टाइप सी है.
टाइम्स ऑफ इंडिया का एक्सीलेटर भी अक्सर.
करता है हैं उनका वो शेयर्स मैनेजमेंट वो ये है कि अपनी अपनी शेयर एग्जिट करते चलो। ये है.
L to guys just to review, what we have spोकnटलनाओ। सो, आज हमारे साथ बाय तुषार आज इन्वेस्टमेंट इन्वेस्टर हैं ये कुछ सीजन करोड़ रुपए इन्वेस्ट कर रखे हैं इनके एंजेल फंड से और आज हम लोग डिस्कशन कर रहे हैं और डीटेल में डिस्कशन कर रहे है। तो देखो आप क्या क्या चीजें इससे सीख सकते हो। 1 बार मेरी फिर से देखना है.
बस ये लास्ट लाइट थी, फटाफट सब कुछ आई होप बहुत स्पीड से नहीं एक्सप्लेन कर दिया बट अभी किसी को भी कोई questins happy to take perfect.
Perfect, so, you can stop s lite sharing, now so guys, i take all the। कवोsioंसइन्वेस्टर से रिलेटेड इन्वेस्टर के माइंडसेट से रिलेटेड आप 2 ज्ञान में मत जाना, यहाँ प्रैक्टिकल बातें हो रही है तो आप तो ये सोचो की आज आप फायदा कैसे ले सकते हो आगे बढ़ने के लिए और उससे रिलेटेड जो आपको दिक्कतें आ रही है वो सवाल पूछो थोड़ा सा प्रैक्टिकल बात करेंगे के कमाक्षी कम्प्लीटली फाइन कुछ लोगो के लिए थोडा हैवी हो सकता है इट्स कम्प्लीटली फाइन हो सकता है आज आपको जरूरत भी न हो इन्वेस्टमेंट की बाय द वे पहला कोशशनतोयहीमैं लेना चाहूँगा इन फैक्ट पवन जी ने पूछा ये सवाल की किस स्टेज पर हम पहुँचे तब हम फंडिंग के लिए जाएं एट लीस्ट जी.
ये बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है और जिसने भी पूछा उनको बहुत समाज इस चीज की कि जितना जल्दी आप डायल्यूट करते हो उतना कई बार इतना डायल्यूट करने की स्टेट स्टेट में आ जाते हो कि आपका खुद का इंट्रेस्ट खत्म हो जाता है तो आप बहुत जल्दी डायल्यूट करोगे तो आप ही का नुकसान है लेकिन इसमें भी देखो आजकल हर कोई एंजल इन्वेस्टर है आजकल बिल्डर भी एंजल इन्वेस्टर है, सीएक्सओ भी एंजल इन्वेस्टर है, आजकल हाउसवाइफ भी एंजल इन्वेस्टर है तो अगर कोई इन्वेस्टर आपके साथ अलाइंड है उसको आप आपका विजन और उसका विजन मैच करता है तो आपको अच्छी वायलेशन पर कई बार मिल जाती है शुरू में इक्विटी इन्वेस्टमेंट जैसे मैं आपको, बताऊं 1, कंपनी, डेली, साउड। डेडली की कंपनी है। उन्होंने वेडिंग्स डॉट इन से कॉपी किया था। अपना बिजनेस मॉडल सेवन पर्सेंट इक्विटी डायल्यूट करके वन पाइंट टू करोड़ उठा लिए थे। आइडिया स्टेज तो ऐसे जुली होता नहीं है। इतनी अच्छी डील मिलती नहीं है। शुरू में आप थोड़ा सा प्रोडक्ट मार्केट फिट पीएमएफ करके, उसके बाद एम वी पी मिनिमम वायबल प्रोडक्ट बना के। उसके बाद आप ट्रैक्शन करके दिखाओ। जहाँ पे भी आपका 50 लाख 1 करोड़ से ऊपर का टर्नओवर है तो आपको इन्वेस्टर विजिबिलिटी और बेटर डील आपको मिलने स्टार्ट हो जाएगी।
बिलियन सो गाईज आपने समझ लिया। सो बेसिकली। सबसे पहले तो ये समझ लो की आइडिया लेवल पर बात नहीं करनी है। पहले लॉन्च करना है, सीखना है, सीखना है, लॉन्च करना है। इस्टरवाइजस्टप पूरा सिस्टम ड्रिवन लॉन्च करिए उसको प्रॉफिटेबल बनाने की कोशिश और उसके बाद जब यू हैव नंबर्स कमिंग, इन तभी आप किसी को दिखा पाओगे न नंबर सही नहीं होंगे तो बात कैसे होगी?
वेरी इम्पॉर्टेंट मैं आपको 1 चीज डॉ अभिनव सिमिलर टाइप की। जैसे कंपनी साउट डेली की। मैंने आपको बताई 7 पर्सेंट इक्विटी देके वन प्वाइंट टू लेके बैठी थी। हाँ जी, बहुत स्वीट डील मिली हुई थी उसको। जी हा, इसी टाइप की 1 कंपनी बैंक बैंगलोर से आई थी, बिल्कुल सेम बिजनेस, मॉडल से एवरीथिंग। उन्होंने थर्टी सिक्स लैक्स देके लेके, थर्टी सिक्स परसेंट कुटी दी हुई थी। ओके, तो मतलब बहुत अली स्टेट में कुछ भरोसा नहीं है। मतलब कैसे आप थोड़ा सा आप स्टैब्लिश करके चलो।
ज्यादा तर तो ये कंपनी सक्सीड कर पाएंगे, वैसे ही है।
देखो, ऐसा है ब्लू ओशन मार्केट इंडिया। अगर आप वेडिंग और टेन टाइप का धंदा कर रहे तो देखो बैंक्विट हॉल्स कितनी सिटीज हैं, इतने बैंककुटहॉल्स हैं, फ्लावर बिजनेस है वेडिंग मार्केट के अंदर एग्रिगेट करने को। इतना कुछ है कि दर इस अ लॉट ऑफ स्पेस, फॉर अ लॉट ऑफ प्लेयर्स। लेकिन आप टॉप थ्री में, एंड में बचोगे नहीं बचोगे। वो आपको एक्सपैंड करने के लिए आपको कैश भी चाहिए। कैसे आप इन्वेस्टर मैनेज करते हो और उसके ऊपर टीम कैसे अपनी मैनेज करते हो, उसके ऊपर डिपेंड करते है।
परफेक्ट सो अगेन। इसी से रिलेटेड उजुल जी का भी कोशन था। इट आस्किंग की प्रूफ और कॉंसेप्ट इम्पोरटेंट है क्या रेसपांड करने के लिए। तो यू गॉट योर आंसर लाइक नंबर्स की अगर बात करें तो ये 1 और क्वेश्चन पूछ रहे हैं कितने नंबर्स तक हम पहुँचे लाइक रेवेन्यू की बात कर लेते है फ्लैट। और यहाँ फूड बिजनेस की बात सदर रही है। मार्जिन प्रॉफिट मार्जिन की अगर बात करें तो 10 से 20 परसेंट मैक्स है। तो अगर नंबर की बात करें तो कितने रेवेन्यू के बाद फिर हमें फंडिंग के बारे में सोचना चाहिए, यह अप्रोच करना शुरू करना चाहिए।
मिनिमम 50 लाख आप करो तो आपको आपका बेनिफिट है।
ओके परफेक्ट सो गाईज यू नो द नंबर्स ना। और अब इससे रिलेटेड ही क्वेशन में अगला पूछना चाहूँगा की। 50 लाख का रेवन्यू हो गया, 1 करोड़ का रेवन्यू हो गया। अब कैसे में अप्रोच कर सकता हूँ। इन्वेस्टर्स को। आपको तो मैं डीटेल्स डाल दूंगा अप्रोच करने की तो गाईज जो भी लोग लाइव देख रहे हैं प्लीज नीचे चेकआउट कर सकते हो डीटेल्स होंगी नहीं तो आप डायरेक्टली जा के लिंकडिन पर अप्रोच कर सकते हो तुषार कैंसिल जी को अदर दिन डायट तुषार जी व वुड सजेस्ट कैसे अप्रोच किया जा सकता है इन्वेस्टर आप।
1 आप 1 सिम्पल सा, ट्वेल्थ, स्लाइट का टेंड, फ्लाइट का मैक्सिमम, फोर्टीन, स्लाइट का आप 1 पिच डेक बनाओ जिसके अन्दर आप शुरू में अपनी इन्फॉर्मेशन डालो की कौन सी प्रॉब्लम को सॉल्व कर रहे हो सेकेंड उसका सलूशन कौन सा है आपके पास तीसरा अभी तक क्या अचीव किया है आपने टाइमलाइन डालो आपके कम्पेटिटर कौन है। 1 उसपे डालो आपके कम्पेरेबल कंपनीज जिन्होंने सक्सेस हासिल करी है उसके ऊपर कुछ डालो और लास्ट में फाइनेंशियल का थोड़ा स्नैपशॉट डालो कि हम अगले 3 या 5 साल में यह धंदा करने वाले हैं इसके लिए हमें यह पैसा चाहिए और वैल्युएशन पर आप मत डालो पिजडे के अंदर उसको छोड़। 2 जब आपके पास 34 टॉमशीआयेंगी तब आप डिसाइड करना कौनसी लेनी है और इन्वेस्टर को आप 2 तरीके से मिल सकते हो या तो आईबीसी के थ्रू इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के रू मिल सकते हो नहीं तो आप डायरेक्टली मिल सकते हो अगर आपको लगता है डायरेक्टली 50 सौ इन्वेस्टर से टाइम लगता है तो आप आईबीसी की हेल्प ले लो अगर आप बहुत आइडिया स्टेज पे काम कर रहे हो तो आप इनक्यूबेटर या एक्सिलिरेटर के पास जाओ उसमें आप थोड़ी इक्विटी डायलेशन होती है 3 से 8 पर्सेंट डायलेशन होती है मोस्टली 4 या 5 पर्सेंट में इनक्यूबेटर एक्सेलेटर मिल जाता है आपको उसमें क्या होता है कि आपको कंपेरिबल कंपनी से सीखने को जल्दी मिल जाएगा कि मैं यह करना चाह रहा हूँ इसी टाइप की ये कंपनी ऐसे चल रही है उसकी नॉलेज आपको पूरी मिलती जाती है फिर बिजनेस को टैक्स मिलते जाते हैं और फंडिंग हेल्प भी मिली जाती है.
परफेक्ट ब्यूटिफुल आंसर सो गाइस यू गॉट दी आंसर दिस इस हॉव यू कैन डू दिस। अगला क्वैश्चन सुजय का है सुजय का आंसर हम ऑलरेडी कर चुके है की प्वॉइंट्स पूछ रहे हैं फंडिंग देने से पहले स्टार्ट में क्या देखते हैं? सो प्रोडक्ट फाउंडर मार्केट फिट 3 चीजें हैं जिसका ध्यान रखिए आप वैंकट पूछ रहे हैं गुड वैलुएशन के लिए इबिटा कितना परसेंटेज होना चाहिए।
रेवन्यू का सो चाहिए तो मतलब जितना हो अच्छा है मतलब आप कम से कम आज की मार्केट में बोलूंगा 25 परसेंट बहुत अच्छा एबिडाहैबीसपर्सेंट बहुत अच्छा एबिड है और अगर आपका डेट फ्री काइंड ऑफ बिजनेस है क्योंकि एबिटा के बाद इंट्रेस कैलकुलेशन आती है अगर डेड फ्री बिजनेस है और 20 पर्सेंट बेटा कर रहे हो तो बल्ले बल्ले है।
सो सो वेंकट जी, ये तो वही बात होगी प्रॉफिट कितना होना चहिए कंपनी जितना जादा उतना अच्छा तो ठीक है लेकिन अगेन आपके नंबर्स क्या बोलते हैं आपका बिजनेस प्लान तैयार है अगेन गई आल नैरोज सेम थिंग जैसे तुषारजी ने शेयर किया की आपकी बैलेंस शीट आपका फ्यूचर प्रोजेक्शंस क्लियर होना चाहिए। हम बजटिंग में जो बात करते हैं इट्स ऑल दैट ओनली और प्रेजेंटेशन की पिच डेक मतलब प्रेजेंटेशन है जिसकी तुषार जी ने अभी बात की। सो आपकी प्रेजेंटेशन कम टेक्स्ट और कम स्लाइड्स की हो।
ताकि विडियो पिच डेक्स भी चलते हैं। आजकल अच्छा 5 मिनट का थोडा अगर आपका थोड़ा फ्यूचरिस्टिक है तो थोड़ा एडिवेशनडालके ज्यादा महंगा नहीं होता बट इनवेस्टर को एकदम से मीटिंग टाइम आपको मिल जाता है। मीटिंग मतलब कॉलिंग मीटिंग टाइम।
जो भी नाइस नेक्स्ट क्वेशन पूछ रहे हैं। लोकेश जी एज ए फाउंडर कितना हमें डिसाइड करना चाहिए की हमें डैल्यूट करना चाहिए। आज तो इनवेस्टर फर्स्ट राउंड के लिए अगर बात करें।
फर्स्ट राउंड में अगर आप किसी को ऐसा पार्टनर लेके चल रहे हो तो नैचुरली फिर अलग बात हो जाती है। फोर्टी परसेंट पार्टनर, फिफ्टी परसेंट पार्टनर, फिफ्टी वन पर्सेंट पार्टनर है जिसमें आप स्टडिजिक्स टेक दे देते हो दूसरे वाले को लेकिन अगर आप धीरे धीरे करके डायल्यूट करके 1 धंदा बिल्ड करके चल रहे हो वैलुएशन गेम बना के चल रहे हो की फ्यूचर में और अच्छे इन्वेस्टर आएंगे तो आप 25 परसेंट से ज्यादा डायल्यूट मत करो मोस्टली मोस्टली पंद्रह 18 या 22 पर्सेंट का डायल्यूशन होता है और अगर आपका ऑलरेडी पका पकाया बिजनेस है तो नाचुली फिर तो पंद्रह से कम भी डायल्यूट करने में चल जाता है। लेकिन इन्वेस्टर 22, 25 पर्सेंट क्यों बोल रहा हूँ क्योंकि 26 पर्सेंट डिल्यूशन पे इन्वेस्टर को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में स्पेशल रेजोल्यूशन ब्लॉक करने का राइट मिल जाता है। कंपनी लॉस अगर आप कंट्रोल और टेड और इंडिया में सारे ही कंट्रोल िमिटेड हैं तो मतलब हम लोगों को न। इक्यूटी का बहुत वो है। तो जैसे फौरन में ये बिलिनियर्स जो बने बैठे हैं कि आप देखो शेयर होल्डिंग कंपनी में तो 30 परसेंट, 25 परसेंट, 35 पर्सेंट यहाँ पर थोड़ा सा बंदा डरता है। थोड़ा जो भी है तो 25 परसेंट तक डैल्यूट करके चला 22 या 18 कर लो.
आई होप। आप लोग को के आंसर्स मिल रहे है। कोन तो गाइस अपने जो भी कोश्शनसहो कमेंट्स में जरूर लिखिये मैं किक करके ले रहा हूँ। थोड़ा टाइम लगेगा एम जस्ट टेकिंग आल द केशन यहाँ पर रितेश हैं। वो कह रहे है की हमारा वन प्वाइंट टू फाइव करोड का ऑलरेडी टर्न ओवर है इन्वेस्टर के लिए लुक फॉर्वर्ड कर रहे हैं, डायवर्सिफिकेशन के लिए पूछ रहे हैं। हाउ टू गो। अबाउट शुड बी गो। अबाउट पहले तो क्या इनको जाना चाहिए और जा सकते हैं तो कैसे जा सकते हैं। मे बी रितेश जी शायद किसी और बिजनेस मॉडल में है में भी और वो डायवर्सिफिकेशन करना चाहते हैं। मेबी क्लाउड किचन और समथिंग रितेश जी ने क्लियरली स्पेसिफाई नहीं किया।
हाँ पर तो कुछ कुछ सेक्टर्स इन्वेस्टर को टच ही नहीं करता जैसे ट्रेलिंग भी टच करेगा सर्विस और एंटी इंडस्ट्री में इन्वेस्टर को मुश्किल आती है जैसे प्योर प्ले आईटी डस्ट्री हो गई सॉफ्टवेयर की कोई कंपनी हो गई है मतलब वो ट्रेडिंग टाइप से ही जो बिजनेस है न उसको क्योंकि उसमें फॉल्स टर्नओवर होता है ट्रेडिंग में क्या टर्नओवर है आपने 4 पर्सेंट के मार्जन पर। यहां से लेकर वहां बेचा तो टर्नओवर का कोई मतलब नहीं है। और वो कोई हार्ड एसेट नहीं। क्रिएट हो रही है। कोई कैपेसिटी नहीं क्रिएट हो रही।
जी। रितेश जी ने अपडेट किया है की ही इन टू कॉर्पोरेट केटरिंग केटरिंग सर्विस.
सर्विस कंपनी अभी 1 कंपनी फंड हुई है। यहाँ पर। प्रमोटर लिव्स फार्मा डेली एअरपोर्ट के पास में, उनके पास सेवंटी फाइव करोड का डोनोवर है। कॉरपोरेट केटरिंग का अभी उनको फंडिंग मिली है। अराउंड थ्री फॉर मिलियन डॉलर्स तो अच्छा प्रमोटर स्ट्रॉंग है, अच्छा बैग्राउंड है और अच्छी फंडिंग लेके बैठा है। बहुत प्रॉब्लम आई है उसको फंडिंग में। कयोंकि कोविडकी वजह से नहीं तो नहीं तो पहले ही ले लेता हूँ। ऐसा नहीं है। मतलब कॉपिडकेटरिंग में भी आप कितने कैप्टिव कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। आपके पास लॉन्ग टर्म, वो जितने कैप्टिव कॉन्ट्रैक्ट्स होंगे। इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी टाइप की चीज अगर होती है। किसी भी चीज में तो कैश लो विजिबिलिटी बढ़ जाती है। इनवेस्टर के लिए तो डीसीएफ का जो डिस्काउंटेड, कैश फ्लो का जो कैश दिख रहा होता है, उसपर उसका भरोसा बढ़ जाता है। ये पैसे तो आएंगे ही आएंगे।
1 तुषार जी, फर्स्ट फाल, थैंक यू। इस आंसर के लिए। 11 और चीज। मैंने जो नोशन देखा है। ऐस इन्वेस्टर को लेकर या तो बहुत ज्यादा एक्साइटमेंट होता है कि कैसे भी इन्वेस्टर आ जाए। फिर दूसरे टाइप के लोग जो बहुत डरते हैं कि इनवेस्टर सही डरते है क्यूंकि बहुत सारे।
वेंचर कैपिटल की जगह वल्चर कैपिटलिस घूम रहे हैं। मैं 1 कंपनी का एग्जांपल देता हूँ। मेरा 1 साल सीनियर था। इंजीनियरिंग में बेनेटन और रीबॉक का एमडी था। 1 डिविजन का से। 2012 में कंपनी लगाई और उसमें कंपनी के ट्वेंटी मिलियन डॉलर्स मिले हुए थे। एस्ट्रो ग्रुप मलेशिया से। तो ट्वेंटी मिलियन डॉलर मतलब 1 साथ नहीं मिले थे। पहले उन्होंने 5 डाले, 8 डाले और करते कराते एटी नाइन परसेंट एक्यूटी उनके पास चली गई थी। क्यूंकी और कोई इन्वेस्टर डाल नहीं रहा था।
उसमें पैसे।
लेकिन वो कैश बन बिजनस था। मतलब पूरे 20 मिलियन में से 12 मिलियन तो गूगल और फेसबुक पर चले गए। ऑनलाइन मार्केटिंग में। उसमें क्या था जो बोर्ड पे फंड वाले ने लोग बिठाए थे, वो ठीक नहीं थे। ग्रोथ दिखा, ग्रोथ दिखा। वो समझाता था कि भाई कैश बहन इतना है। लेकिन उनके पास कंट्रोल था। बोर्ड पे। तो वहाँ पे जो बैक टेस्ट हुआ है, वो मेरे सामने सामने की बात है। तो इसलिए मतलब नैचुरलली जो क्वेश्चन है, इनका, वो बिल्कुल ठीक है। आप को थोड़ा सा, थोड़ा सा बैकग्राउंड इन्वेस्टर का पता कर लो। मतलब मैं डरा नहीं रहा हूँ। मतलब मनिया इज नो कलर। एंड ऑफ द डे वो ट्वेंटी मिलियन से मेरा जो जान पैचान वाला है, उसने 11 करोड़ की सैलरी ली है। इतने सालों तक। वो मतलब ऐसा कुछ वो नहीं है। एंड ऑफ द डे वो लेफ्ट बैक टेस्ट ऑन जमात जो ग्रोथ को ओवर चेज कर रहे थे। जैसे मैं आपको 1 और एग्जाम्पल देता हूँ। ये कंपनी है जो इन्वर्टर्स बेचती है। इंडिया की टॉप थ्री कंपनीज में आती है। उस प्रमोटर ने कनवर्टेबल साइन कर रखा था। प्रेफ्रेंस शेयर का की वैलुएशन फ्यूचर में डिसाइड हो और 1 साल क्या हुआ बारिशें बहुत अच्छी आई तो इनवर्टर कम बिके। उसका डिल्यूशन इतना ज्यादा हो गया। अगले राउंड में वो बेचारा बहुत रोया तो कई बार ये चीजें हो जाती हैं।
सही है नाइस सो एम लविंग, दिस कनवर्सेशन शार, जी 1 और खुशी लूंगा। उसके बाद wil trap अप सो बेसिकली। ये क्वेशन विराज का था। यू ट्यूब से पूछ रहे थे अब फ्रीडम के बारे में कंसर्न थे? तो गाईज विराज। अगेन ये सब्जेक्टिव होता है इन्वेस्टर तो इन्वेस्टर डिपेंड करता है की वो कितनी फ्रीडम देगा। तो जस्ट आप अपना क्रॉस आप अपने.
बोर्ड पर कंट्रोल बना के रखो। आप उसको 4 में से 1 सीट, 2 इन्वेस्टर को और आप डुअल वोटिंग राइट्स, डिफ्रेंशियल वोटिंग राइट्स, डी वी आर शेयर्स भी यूज कर सकते हो। मतलब की आपके शेयर वैसे तो फॉर्टी पर्सेंट है लेकिन उसके बोर्ड में डबल राइट्स हैं। वो इंडिया में अलाउड है। डिफ्रेंशियल वोटिंग राइट्स से टाटा स का अपनी सब कंपनीज में लेन फिफ्टी परसेंट इक्यूटी है लेकिन उसने डीवीआर से शु कर रखे है। उससे कंट्रोल करता है माकजकबोरटनेकंट्रोल रखा हुआ है बोर्ड पर डीवीआर से यूज करके आप डिफ्रेंशियल वोटिंग राइट के शेयर्स फ्यूचर में आप अपने नाम पर करा लो।
फ्यूचर राउंड्स में इस सिमिलर टू वीटो पॉवर वीटो है।
मतलब बोर्ड के ऊपर कितना राइट है। वो वोटिंग राइट से गबन होता है उसी में कई वेस्टर्न कंट्रीज और इंडिया दोनों डुअल वोटिंग डिफरेंशियल वोटिंग राइट शेयर्स अलाउ करती है। तो जो शेयर प्रमोटर के बाद से है उसको आप डी वी आर शेयर्स अपने अपने नाम पर कर लो। आपके शेयर्स डी वी आर होंगे तो आपका कंट्रोल ज्यादा होगा। एस कंपेयर तो दी इन्वेस्टर.
अमेजिंग परफेक्ट गाइस। अगर कोई और क्वेश्शन हो तो आप पूछ सकते हो। आई थिंक आई टेकिंग मोटे मोटे जो इम्पोर्टेंट क्वेशचंस थे वो मैंने ले लिए हैं। कुछ लोग पूछ रहे है की सर और सीखना चाहते हैं क्लाउड किचन के बारे में जानना चाहते है तो गाइस मैं लिंक नीचे शेयर कर दे रहा हूँ। ये लिंक पे आप जा सकते हो। मेरा अभी रीसेंट में 1 सेशन हुआ था जो क्लाउड किचन की अंडरस्टैंडिंग के लिए था। कई लोग बेसिक सवाल पूछ रहे हैं लाइक कुकिंग नहीं आती तो कर सकते है की नहीं बहुत सारे एग्जाम्पल है कम्युनिटी में जिन्होंने कुकिंग नहीं आती फिर भी लॉन्च किया है फूड बिजनेस का कोई बैग्राउंड नहीं है तो भी लॉन्च किया है इस पर जाइए 1 सेशन मिलेगा देखिये अटेंड कीजिए और ऑप्शन भी रहेगा। इफ यू वांट टू ज्वाइन द कम्युनिटी और कोर्स व 1 कोशन और आया अगली स्टेज में स्टार्ट अप का वैल्युएशन के बारे में पूछ रहे हैं। एकदम अर्ली स्टेज होता है जब फर्स्ट राउंड होता है तो सारी सो 11 बेसिक मॉडल ला 11 अगर आपकी तरफ से रेकमेंडेड हो की ये मॉडल आप जा सकते हो तो बिगन क्या वैलुएशन का करना चाहिए।
अभी 1 कंपनी 1 कंपनी की टर्मशीट मैंने इशू करवाई थी तो उ उसमें प्रमोटर ने पैसा भी थोड़ा। शुरू में डाला हुआ था, टर्न ओवर तो नहीं था लेकिन टेक्नोलॉजी का जो प्लेटफार्म था वो पूरा दिख रहा था कि पूरा रेडी था और वो प्रमोटर ने भी थोड़ा सा पैसा। शुरू में टीम बी में अच्छा डाला हुआ था तो उनकी वैलुएशन आराम से पंद्रह 18, 20 करोड़ स्टार्ट हुई आपको पंद्रह 18, 20 करोड़ अपनी कंपनी की वैलुएशन अगर आपका प्रोडक्ट रेडी है, आप कुछ पैसे लगा चुके हो, 50 लाख 1 करोड़, कुछ लगा चुके हो, प्रोडक्ट रेडी है तो आप इतनी वैलुएशन तो मांग सकते हो कि भाई मेरको 18 पर्सेंट डाइल्यूट करके मेरको साढ़े 3 करोड़ दे दे या 20 परसेंट डायल्यूट करके 4 करोड़ दे दे। इस टाइप से आप कर सकते हो मतलब ये डीसेंट वैलुएशन रेंजेज मानी जाती है बहुत अली स्टेज नगर में आई डी आर स्टेज और वो मतलब कुछ होना चाहिए तो उसमे पंद्रह 18, 20 करोड़ 22 करोड़ वैलुएशन चल जाती है। पंद्रह 16 इस टाइप से ये बाय.
तुषार जी राउंड की बात कर रहे है एंजल राउंड बट अगर आप सीड फंडिंग के लिए जा रहे हो तो सीट फंडिंग फिफ्टी लाख रूपीस केस वो।
तो फिर अलग कहानी होती है, में चलती है, वो करोड़ो में नहीं चलती.
है तो मल्टीपल लेवल होते हैं, गाईज सीट फंडिंग होती है, फिर एंजल फंडिंग होती है फिर वेंचर कैपिटलिस फंडिंग होती है तुषाहजीवेचरकैपिटलेस भी है तो इसलिए हम उस लेवल की बात कर रहे हैं सो यहाँ पर। 1 सवाल और लोग पूछ रहे हैं की क्या क्लाउड किचन को फंडिंग मिलती है, तुशाहजी जस्ट अगर हो कुछ याद आपको इंसीडेंट या आपके पास बहुत सारे मार्केट के एग्जाम्पल से मुझे बहुत पसंद आ रहे हैं, ऐसा कोई एग्जाम्पल आप देना चाहे जो की क्लाउड किचन को हुई हो, बाई ने अभी तो लाइट.
लगी हुई है, अभी ये कोविद के बाद तो लाइट लगी हुई है और सब लोग घर पर ऑर्डर कर रहे हैं, एमेजॉन का बिजनेस देख लो, आप बिग बास्केट का देख लो, हर कोई, हर किसी को घर में चाहिए और खाने की तो यू नो वॉट फैमिलीज को डुअल, इनकम नोकटस डिंग फैमिलीज हैं। तो उस टाइप की। तो मतलब क्लाउड किचन में तो धंधा चल रहा है आप 122 या 3 क्लाउड किचन लगा के प्रूफ ऑफ कंसेप्ट करके आप चलाकर दिखाओ अपना फंडिंग मिलेगी भाई दे।
2 या 3 क्लाउड किचन से मतलब है मल्टीब्रांड क्रिएट करके 1 साथ चला के दिखाओ तो तो सो तुषार जी बहुत अच्छा लगा आपसे बात करके।
Its my जा डॉ। avinayouradais very good and your you। really want to help people out there it comes through to that rboforme।
थैंक यू फॉर काइनाट ई होप गाई। जो लोग आज देख रहे थे आपको सच में कुछ सीखने को मिला हो, शोर हंड्रेड परसेंट नई भी समझ में आया, मैं कह रहा हूँ टेन पर्सेंट या क्या आप उस पर फोकस करो, यू कैन रिवाइज दिस और ये चीजें हो सकता है आज आपके रिलेवेंट न भी हो कि अभी तो मेरे स्टेट यहाँ नहीं है, कोई बात नहीं, फ्यूचर रेडी होना जरुरी है, आपको पता होना चाहिए किधर जाना है और उसकी तैयारी डे वन से आज मेहनत करने पर और मैं चाहता हूँ इस सेक्शन से आप मोटीवेशन लेकर जाओ की बस फ्यूचर ब्राइट लाइन लगी हुई है सर ने तो हमे भी अच्छा क्लाउड किचन सेट अप करना है उसको मल्टीपल लैक्स मल्टीपल करो के रेवेन्यू पर ले जाना है। और अगर अगर आप फाइनल फॉलो कर रहे हो की सिर्फ डायरेक्ट ऑर्डर्स पर डिपेंडिंग नहीं है उसके बाद बल्क ऑर्डर्स पर आ रहे हो फिर फ्रेंचाइज भी सेल कर रहे हो तो चांसेज ज्यादा आपके प्रॉफिटेबिलिटी की और फिर इन्वेस्टर्स प्रॉफिट हो एंटर्ड पुराना जमाना गया के आप नुकसान करते रहो तो भी चलेगा सो मुझे तो बहुत कुछ सीखने को मिला आज तुषाजीआमशोररबाकी सब लोगों ने भी लव किया होगा इस से आप बिल्कुल ठीक.
मैंने आपको जो मोबिलिटी वाला एक्जाम्पल दिया था जिसको मैं मैंने कहा था फंडिंग तेरी जरूर होगी। उसके पास पैसा नहीं था बेचारा ऊटी या कहीं से आया था सोचा। लेकिन उसने डेली में आके 1 परफॉर्म करके आउटलेट खोल के और उसने न ये फ्रेंचाइजी से पैसा उठा रखा था 50 50 लाख करके 5 फ्रेंचाइजी से पैसा उठा रखा था उसके ऊपर इंट्रेस देता था लेकिन उसको पैसा इसलिए मिला बिकॉज उसकी इंटेग्रिटी फैक्टर थ क्या बात है और क्लैरिटी ऑफ था चीज अमेजिंग.
अमेजिंग लव डेड सो थैंक यू तुषार जी मैं आपको यू बाद में भी परेशान करूँगा। नiटmमोसफीलफ्री आज यहाँ आने के लिए, अपना कीमती वर्क देने के लिए, इतनी सारी चीजों को इतना सिंपल वे में प्रेजेंट करने के लिए और कम्युनिटी को हेल्प करने के लिए थैंक यू सो।
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