Ishan Shivanand explains how to move from illness to wellness through dedicated practice, using the story of sage Markandeya, who changed his fate at sixteen through sadhana. Your mind works like a GPS: set a clear intention and it guides your body there automatically, moment by moment, regardless of obstacles.
Chapters
अगर तुम सुख से दुःख की ओर यात्रा कर सकते हो तो तुम दुख से वापस सुख की ओर भी यात्रा कर सकते हो। अगर तुम अपने जीवन में 1 स्वस्थ शरीर को बीमारी की ओर ले जा सकते हो तो तुम अपने शरीर को बीमारी से वापस स्वास्थ की ओर भी ला सकते हो इट इज द लॉ ऑफ नेचर ध्रुव ने अपना भाग्य बदला, जितने भी हमारे संत हुए मारकंडे को जब पता चला 16 साल की उम्र में वो मरेगा तो ऐसा नहीं है कि वो जगह जगह अपनी रिपोर्ट लेकर ये देखो मैं क्या करूँ मेरे का तो मरना लिखा है तब मारकंडे के भी हाथ में 11 उपाय था कि जिस शक्ति से मैं उत्पन हुआ, जिस शक्त ने मेरे शरीर को उत्पन्न किया, अगर मैं उस शक्ति से जुड़ जाएं तो मैं हर वो अवस्था उत्पन्न करना चाहता हूँ जिसको अनुभव करने के लिए मेरा मन व्याकुल है और मारकंडेय ने भी साधना करके अपने भाग्य को बदला क्यों क्योंकि पृथ्वी का द दूसरा कानून इस प्रकृति में इकलौती स्थायी वस्तु है बदलाव तुम बदल रहे हो तुम बदलोगे तुम बदलते आये हो हर व्यक्ति बदल रहा है अगर आज तुम बैठे हो और तुम कहते हो मेरे मेरे हाथ में नहीं है ही लिंक मेरे हाथ में नहीं है बदलना तो भगवान मुस्कुराता है तुम क्यूंकि आज जो तुम हो कल तुम वो नहीं रहोगे तुम्हारे शरीर में बदलाव आएगा, तुम्हारे मन में बदलाव आएगा तुम्हारे कितने पुराने विचार तुम भूल जाओगे कितने नए विचारों की तुम उत्पत्ति कर लोगे तुम्हारी आयु में बदलाव आएगा हर क्षण के बाद जो अगला क्षण आता है उसमे जो व्यक्ति बैठा है वो पिछले क्षण से बिल्कुल अलग है फर्क सिर्फ इतना आज तक मैं उस पतंग की तरह हूँ जो बिना डोर के उड़ती आई है और मजे की बात बदलूंगा मैं फिर भी लेकिन अब फर्क सिर्फ इतना कि अब चाहते न चाहते हुए जिस दिशा को मैंने अपने मन में बिठा लिया बिना सोचे समझे मेरा मन मुझे वहाँ ले जा कर खड़ा कर देगा और तब तुम कितना भी गालियां दे 2 मन को तब कितनी भी गालियां दे 2 प्रकृति को मन की क्या गलती जिस प्रकार से गाडी का जी पी एस है बाबा कहता है तुम्हारा मन इस शरीर का जी पी एस है और तुम जाने अनजाने में अपने मन में 1 डेस्टिनेशन फीड कर देते हो सोचा नहीं बस भाव उत्पन हुआ उस समय और डेस्टिनेशन फीट कर दी न जाने कितनी बार तुमने भगवान से प्रार्थना की हे भगवान इतना दुःख मुझे उठा ले अब जीपीएस को क्या पता जी पी एस ने डेस्टिनेशन डाल दी इसको उठा ले बहुत अच्छा अब वो तुम्हें वहाँ तक ले जाना शुरू कर देगा tooate।