सदा अंतर्मन का अनुसरण करो | ईशान शिवानंद

Ishan Shivanand teaches that following your inner self matters more than fitting into others' tribes. Suppressing your true nature causes depression and anxiety; instead, find people who share your values and spiritual goals so genuine joy and support arise naturally.
Chapters
बहुत पहले जब मैं छोटा था, मेरे गुरु ने मुझे 1 बात बोली थी। जिस बात को सुन कर मेरा जीवन बदल गया, आज वो बात मैं तुम्हें आपको भी बताना चाहता हूँ। वो बात केवल इतनी थी कि ईशान जब तुम अपने जीवन को आगे जीओगे, हर कोई आयेगा तुम्हारे पास, तुम्हें अपने ट्राइब में दाखिला देने के लिए। और अगर तुम्हें किसी और की ट्राइब में जाना है तो ईशान तुम्हे अपने आप को जरूर से जरूर एडिटन ल्टर करना पड़ेगा। ऐसे मैंने कितने लोग देखे जो जुआ खेलना पसंद नहीं करते, लेकिन क्यूंकि दोस्त है तो दोस्तों के साथ दोस्तों के लिए सोशल सोशल होना पड़ता है। कितने ऐसे लोग देखे जो दारू पीना पसंद नहीं करते। लेकिन अगर सोसाइटी कर रही है तो हाथ में ग्लास भैया जरुरी है न देखो फार्मल मीटिंग है, सबके हाथ में 11 है तो हमें भी रखना पड़ता है। सोशल प्रेशर किसी और टाइप का हिस्सा बनने के लिए। तुम हमेशा अपने आप को काटते है। और तुम ने यह अनुभव किया होगा अपने जीवन में। टू, गेन, एक्सेप्टेंस, यूँ, एडिट योर सेल्फ, यूँ, अल्टर योरसेल्फ, यूँ, डिलीट योर सेल्फ बोलो होता है। हाजी नाजी, तुम अपने ज़हन के खिलाफ जाते हो, तुम अपने आप से बगावत करते हो। जब तुम्हारा अंतर्मन तो दिव्य है, लेकिन तुम कहते हो नहीं, अगर असुरों के बीच मुझे रहना है तो थोड़ा तो मुझे भी रावण के जैसी मूज चाहिए। तुम अपने आप को बदलते हो। जस्ट टू, फिटिन और शायद। इसलिए आज की तारीख में मानसिक रोग इतने बढ़ गए है, क्योंकि मानसिक रोग की परिभाषा ही यही है कि तुम अपने अंतरमन के खिलाफ बगावत करो बागी बन जाओ। और फिर 1 दिन तुम्हारा अंतर मन तुम से बगावत करते कि ये तो तुम हो ही नहीं, यह तो तुम थे ही नहीं। क्या कर दिया तुमने अपने जीवन के साथ? फिर डिप्रेशन, फिर दुख, फिर कष्ट, फिर पीड़ा। जहाँ तुमने अपने आप को एडिट किया, अल्टर किया, डिलीट किया, जस्ट फिटिन, वहाँ तुम अपने अंतर मन के खिलाफ चले गए। और देखो जो व्यक्ति अपने अंतर मन के खिलाफ जाएगा, कभी न कभी तो अंतर मन बगावत करेगा कि ये क्या किया तुमने। जब कभी भी तुम किसी और की ट्राइव में प्रवेश करना चाहते हो, तो यही होता है तुम्हारे साथ। और मेरे गुरु ने कहा, इशान चाहे पूरा जीवन लग जाए, तुम किसी और की ड्राइव में घुसने के लिए, अपने आप को मत काटना चाहे पूरा जीवन लग जाएगा। तुम अपनी ट्राइव जरुर खोजना, अपनी ड्राइव जरूर बनाना, क्यूँकी उसी में तुम्हे खुशी मिलेगी हो सकता है? शुरुआत में थोड़ा अकेला लेना पड़े, लेकिन ठीक re और तुम पाओगे 1 दिन लाइक एनर्जी, अट्रैक्ट लाइक एनर्जी। कितना सुख मिलता है जब तुम्हारे आसपास तुम्हारे जैसे लोग हो जाते हैं। कितना सुख मिलता है उस महिला को जो आखिरकार अपने पति को भी उसके सही अस्तित्व पर लौटा देती है। मैंने ऐसी ऐसी महिलाएँ देखी जो शिविर में आए, उनको इतना अच्छा लगा। और जब अच्छा लगा, उन्होंने भीतर 1 ही विचार उत्पन किया। अपनी जिंदगी की मिशन बना ली। मानो टॉम क्रूज है मिशन इम्पॉसिबल की our mission, if you chose to accepted to make your husबeंडchiviोकी, वो भी बेचारा शिविर में आ जाता है और यहाँ भी वो रुकती नहीं और अब अगले मिशन बच्चे बच्चों के बाद भी रुकेगी नहीं, बहुत मोटिवेटेड है सिकंदर पड़ोसी और फिर 1 दिन शिविर में पूरा झुंड बैठा होगा, सब बदल गए, सब अपने असली अस्तित्व पर लौट गए और कुछ दिन कितनी खुशी है सबके बीच में के सब मुस्कुरा रहे हैं, सब साधना कर रहे हैं सब के बीच 1 सिमिलारिटी है ध्यान की, सतोगुण की, दिव्यता की, सब बैठ के अपने अनुभव याद कर रहे हैं की अरे इस साधना में तो इतना मजा आया था और सामने वाला जो पुराना है वो कहता है यह साधना तो कुछ नहीं वो सादना रिशिकेश्वेतिआरे फिर मजा आता है जो अपनों के बीच बैठ के सुख है वो मिलता नहीं और ये जरूरी अपनी ट्राइ बनाना जरूरी है क्यूँ क्यूंकि फिजिक्स का नियम है ऑब्जेक्ट एट रेस टेन तो रिमेन रेस्ट टिलनअपोजिंग फोर्स इस अप्लाइड पोनेट मतलब की अगर कोई व्यक्ति बैठा है तो वो बैठा ही रहेगा तब तक जब तक कोई पीछे से आके दगा न मारते। और 1 बात समझने लायक अपोजिंग फोर्स, जितना बढ़ जाएगा उतना सरल होगा इनर्शिया ओवर कम करना एंड ऑब्जेक्ट ट्रेस टेन टू रिमेन एड्रेस मानो 1 ट्रक हैं जो चल नहीं रहा और उसको चलाना है 1 आदमी धक्का मार रहा है 1 आदमी के लिए कठिन है 10 आदमियों के लिए कठिन होगा? सरल होगा बताओ 20 आदमियों के लिए सरल होगा, कठिन होगा जितने आदमी बढ़ते जायेंगे उतना सरल होता जायेगा, बोलो मानते हो जीना जी, और यही चीज तुमको सीखनी है।










