Ishan Shivānand shares conflict rules from Shiv Yoga: stick to one issue, skip old grievances, set a time limit like 15-20 minutes. Each night, tell the other person "I have forgiven you" before sleep. Drop one burden daily to free yourself from reactive patterns and live in the present moment.
Chapters
सोचो कितना अच्छा हो कि तुम शिव योगी की तरह अपने जीवन को जी कौन कहता है मत लड़ो लेकिन कुछ रूल्स तो रखो जैसे बॉक्सिंग के भी रूल होते हैं नो हिटिंग बिलो द बेल्ट अगर तुम अपने घर वालों से लड़ रहे हो तो उनके परिवार पर क्यों जाते बॉक्सिंग के रूल होते है आँखों में उँगली नहीं मार सकते तुम भी रोल बना के रखो कि जो आज का मुद्दा है उस पर फोकस करो न जाने क्यूँ जब तुम्हारी लड़ाई होती है तुम 30 साल पुराने मुद्दे भी सामने रख देते हो आज की बात ठीक है लेकिन नाइनटीन टी सेवन 3 जुलाई रात 2 बजे अरे भैया स्टैचू लिमिटेशन होती है छोड़ो तुम्हारा भी रूल होना चाहिए मुद्दा क्या है जो लड़ाई हो रही है लेट्स फोकस और तुम भी अपने मन में बना लो की पंद्रह 20 मिनट हमारा होगा, पेपर भी होगी संडे के संडे और तब सो रिजल् होता है नहीं होता जब वो समय खत्म हुआ फिर 1 दुसरे के गले में लोग आगे बढ़ो कोई नियम तो हो और सबसे जरूरी रात को सोने से पहले उसको देखो और बोलो मैंने तुझे माफ किया हो गया देखो अगर 1 दिन एक्स्ट्रा बैगेज तुम्हें त्यागना ही है ऐसा नहीं है त्यागना ही है त्यागना पड़ेगा तो मेरे गुरु ने मुझे शिव योग में सिखाया क्यों ना आज इसी समय अगर 1 दिन त्यागना है तो आज से लेकर उस दिन तक इस भार को उठा के हम क्यों चले ये भार जो मनुष्य योनी में भी हमें जानवर बना कर के रखता है ये भार जो हमसे ऑब्जर्वेटरी पॉवर चीन के केवल रिएक्शनरी टेंडेंसी देता है हम केवल जीवन में क्रिया प्रतिक्रिया कर सकते हैं ये भार जो हमें अपने शिव और हमारे गुरु से दूर लेकर के जाता है अगर 1 दिन त्यागना है तो क्यों ना आज इसी समय बोलो हो सकता है हा जी ना जी और यह तब हो सकता है अगर तुम अपने आप को याद दिलाओ के होने को क्या है चेकआउट शायद आज भी हो सकता है मानते हो इस बात को चेक आउट आज भी हो सकता है जब तुम आँखे बंद करते हो, जब तुम सांस बाहर निकालते हो बहुत बड़ी प्रोपेबिलिटी है चेक आउट होने की और इसलिए 1 शिव योगी तैयार रहता है दोनों अलमारियों में कुछ नहीं ठूंसता न तो जो अच्छी चीज है, जो किसी दिन समय आने पर मैं अनुभव करूँगा ना जो बुरी चीज है की किसी दिन में रिजॉल्व करूँगा देखो तुम्हारे पास समय है ही नहीं जो भी रिजोल्व करना है आज इसी समय जो भी लड को करना है आज इसी समय जो भी खुशी भोगनी है वो भी आज जो वर्तमान है वह शाश्वत है, वही सच है जो भविष्य है क्या पता है या नहीं और जो इतिहास है वो यरंदकालहहो गया वो खतम।