A young person describes losing creativity and joy to anxiety, then experiencing a vision of Mahadev in a ritual where his inner child is revived in the god's lap, smiling. His creative spark returns and he feels called to play piano again. The message: your true self never disappears; Shiva reclaims what was lost.
Chapters
मेरे पास 1 बच्चा आया और उसने कहा कि भैया साधना करने से पहले मैं बहुत दुखी था, मैं बहुत त्रस्त था जीवन से, आजकल 25, 26 साल के बच्चे त्रस्त हो जाते हैं। उसने कहा कि भैया जब मैं छोटा था, मैं बहुत खुश था, मैं बहुत प्रसन्न था, मैं बहुत क्रिएटिव था, मैं प्यानो बजाता था, मैं जॉइन करता था और फिर कहता है धीरे धीरे जिंदगी का ऐसा भार मेरे सर पर गिरा की। मेरी सारी क्रिएटिविटी पीछे रह गई और उस क्रिएटिविटी के स्थान पर तनाव चिंता, कष्ट और दुख आ गया। मैं कभी कबार बैठकर सोचता था कि मेरा वो पुराना बाल स्वरुप कहा गया जो कि जीवन के प्रति बहुत मोटिवेटेड था, एक्साइटेड था, मुझे लगता था वो स्वरूप मर चुका है और कहता है कि भैया फिर अनुष्ठान में कोई मुझे खींचतान के ले आया। वहां पर मुझे शक्ति प्राप्त हुई और 1 दिन साधना में मुझे महादेव का एहसास हुआ। महादेव मुस्कुरा कर मुझे देख रहे थे। मैं उनके पास चलता हुआ गया और मैंने देखा कि उनकी गोद में मेरा बाल स्वरूप बैठा मुस्कुरा रहा था। महादेव ने कहा बेटा आज तू तैयार है। वो बच्चा लिखता है कि बाल स्वरूप मेरे पास दौड़ा दौड़ा आया, मुझमें लीन हो गया, कहता है उस दिन जब मैंने अपनी आँखें खोली, मेरी सारी क्रिएटिविटी वापस आ गयी, मेरा प्यानो बजाने का मन कर गया और मैं समझ गया कि जो हमारा स्वरूप है न हमारा पुराना स्वरुप वो जिंदगी, वो जीवन जो हम कहते हैं, कहा गया वो कहीं जाता नहीं है। जब हम अपने जीवन में भटकना शुरू हो जाते हैं तो जो हमारा सबसे कीमती आत्म स्वरुप है, महादेव आके कस के उसको पकड़ लेते, उसको बचाने के लिए ताकि हम अपने अहंकार में, अपने दुख में उसको कुचल न दे और उसको संभाले रखते हैं। और उस बच्चे ने बहुत पते की बात बोली। जब मैं आपके पास आया तो मैं हताश था, आपने कहा महादेव को खोजो, महादेव की खोज में मुझे स्वयं की उपलब्धि होगी। याद रखो, तुम्हारा बाल स्वरूप कहीं जाता नहीं है, महादेव के पास हमेशा वो है। और जब तुम शिव शिवा को खोजोगे तो तुम्हें वो स्वरूप मिल भी जाएगा और जब तुम्हें वो स्वरूप मिलेगा तुम्हे अनुभूति होगी। और उस अनुभूति के समय तुम जो मांगोगे शिव शिवा फिर तुम्हें दे देंगे, चाहे वो कुछ भी क्यों न हो।