A person on the brink of suicide performed a ritual invoking Shiva and the guru's grace, and experienced a spiritual awakening that shifted them from despair to devotion. They now conduct a weekly family Yagya on Sundays, believing the ritual's power extends to everyone around them.
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इस बच्चे ने कहा अनुष्ठान में सबकी चमत्कारों को सुनकर एहसास हुआ कि लाइफ में कितनी सारी ब्लेसिंग्स है गुरुजी की शिवा की वो पार्ट ऑफ लाइफ बन चुकी है। मेरे गुरु ने तो मेरी पूरी लाइफ बदल दी लेकिन अनुष्ठान शुरू होने से ठीक 1 हफ्ता पहले मैं अपनी लाइफ के लोएस्ट प्वॉइंट को फेस कर रहा था, हार चुका था बट बाबाजी की 1 बात याद थी कि लाइफ एंड करने से कुछ रिजॉल्व नहीं होगा अनुष्ठान से 1 हफ्ता पहले ये महादेव सुसाइडल थे, बहुत दुखी थे, लाइफ के लोयस पॉइंट पे थे और आपको यह चीज सोचनी है की अगर आप अपने गुरु से प्रेम करते विश्वास है और कॉन्फिडेंस है तो आपके गुरु समय समय पर आपको रिसोर्सेज देंगे मदद करने के लिए शायद ये बच्चा हताश था तो मुझे गुरु आदेश हुआ कि शांत में अनुष्ठान करना है और शायद इस बच्चे की उदासी की वजह से हम सब का भला होगा पर आपको ये नहीं पता कि जब आप शिव अमृत का आवाहन करते तो सिर्फ आपका नहीं सबका भला पूरी प्रकृति का भला होता है और यही बच्चा है जो कहानी की शुरुआत में दुखी है, सुसाइडल है लेकिन कहीं न कहीं भीतर 1 चिंगारी है 1 आखिरी सांस है 1 आस्था है शिव र शिवानंद के प्रति और उसी आखिरी सांस को पकड़ के इसने कहा 1 गुरु का मार्ग ही तो है जो होब देता है एंड जब पता चला कि अनुष्ठान शुरू होने वाला है, मैं समझ गया कि यह गुरु कृपा है मैंने खुद को संभाला और जितना हुआ जैसा तैसा अगले दिन से ही साधना बढ़ा दी मैं कितना धन्यवाद करूं आपका सही में मैंने इ इस जमाने के चंद्रशेखर अष्टकम यही होगी कि मैं खुद को इतना काबिल बनाऊं कि महादेव और पूरा गुरुमंडल कहे कि यह मेरा है, फर्क देख रहे हैं आप पहले सोसाइडल और जैसे ही साधना बढ़ाए ताकत बढ़ी तो अब यह दुनिया जीतने की बात नहीं कर रहा अब यह कह रहा है कि पूरे गुरु मंडल और शिव को मैं जीतूंगा और महादेव खुद कहेंगे ये बच्चा मेरा है। इस अमाउंट ऑफ़ कॉन्फिडेंस that शिवयोगी हैस। मैं आशा करता हूँ कि हर 1 प्रेम का भाव आप त और मेरे गुरु तक पहुंचे। अनुष्ठान के इस मोड पर आते आते घर में मैं इतना प्रेम भाव बढ़ गया। सब खुशी से रहते हैं, 1 साथ फैमिली प्रेयर करते हैं। और अब यह यज्ञ इतना अमेजिंग है कि मैंने डिसाइड किया है कि हर हफ्ते संडे को, सभी को साथ बिठाकर यज्ञ करूंगा। अनुष्ठान में आपका शेयर किया हुआ विजडम, जहाँ जहाँ इशु थे, उन सबका सोलूशन मुझे मिलता चला गया।