Ishan Shivanand says humanity has entered an auspicious new era guided by the guru's teachings, especially favorable for Shiv Yogis. Nurture the inner seed of faith the guru planted, and it will sprout into success, open doors, and bring grace into your life.
Chapters
जमाना था, अगर सोने के ऊपर बैठे तो तुम राजा, फिर जमाना था तेल के ऊपर बैठे, तो तुम राजा तो विचार से चलता है, किसी को कुछ दिमाग मे union, this is a new time। पुरानी दुनिया गई वो किसी और डाइमेंशन में रह गयी। हम कहीं और पहुँच गए हैं हम किसी और डाइमेंशन में। और ये जो डाइमेंशन के नियम है न, ये बेस्ट है शिवयोगी के लिए, टाइम डमेशनक्ूजोहमारे, गुरु ने हमें सिखाया न आज तक, इस डायमेंशन के लिए, क्यूंकि ये जो समय आ रहा है, ये बहुत बढ़िया, मैं यहाँ पर बैठ कर कोई डूम प्रोफसी नहीं करूँगा, मैं बोलूंगा this is our time is the best is। वेर वी विल, शाइन, दिस, इस वेर जो हमारे गुरु ने, हमारे भीतर बीज, ऐसे अंकुरित होंगे तो सक्सेस क्या है? सक्सेस यहाँ से रहा है। और जहाँ तुम सोच के बैठे हो, आयम, शिवा फिर जहाँ आस्था, वहाँ रास्ता, फिर तुम देखो कहाँ से दरवाजे खोलते हैं? फिर तुम देखो कहाँ से? तुम्हारे जीवन में कृपा होती है?