Ishan Shivaanand uses the Ramayana story of Hanuman and Surasa to argue that a clear life purpose lets you move past obstacles without getting stuck. Without purpose, you fight every challenge and lose the ability to forgive and feel grateful. Find your singular goal and stay focused.
Chapters
भगवान हनुमान जब लंका की ओर उड़े जा रहे थे, उनका उद्देश्य था माता सीता को ढूंढना। और क्योंकि उद्देश्य जानते थे, तो रास्ते में सुरसा आ गयी और सुरसा ने कहा, मेरे मुँह में प्रवेश करो। भगवान हनुमान छोटे हुए मुंह में घुसे बाहर आ गए। अगर उद्देश्य है तो तुम्हारे रास्ते में कितनी भी सुरसा आ जाए, तुम छोटे हो के आगे बढ़ जाओगे और जीवन में उद्देश्य, नहीं तो हर सुरसा से तुम जूझ मरे। यू इधर स्टैंड अप फॉर समथिंग और यू फॉल फॉर एवरी थिंग अगर हर व्यक्ति से लड़ने का मन करता है। गाड़ी चलाते हुए हर हरण तुम पर प्रभाव डालता है। घर में पत्नी कुछ भी बोल दे, तुम लड़ने मरने को तैयार हो जाते हो, तो यही समझना जीवन में कोई भी सुरसा आई, तुम उससे जूझ गए। तुमने कभी अपना उद्देश्य पहचाना ही नहीं। अगर हनुमान की तरह तुम जानते हो, उद्देश्य सीता है। कोई भी तुम्हारे रास्ते में आएगा, तुम अपने मार्ग पर चलते रहोगे। माफ़ करना सरल हो जाएगा, धन्यवाद करना सरल हो जायेगा।