A member of ShivYog Lucknow Ashram describes a day starting before 5:30 am with meditation and assigned service duties like cleaning the cow-shed and washing temple utensils. At 7:00 am the community gathers for aarti and chants Om Namah Shivaya, then processes through worship of Vileshwar Mahadev and five Hanuman deities.
Chapters
हम लोग हिस्सा आश्रम में जैसा इशान जी के द्वारा निर्देशित साढ़े 5 बजे से पहले जितने भी साधक हमारे यहाँ पर है सब लोग स्नान ध्यान करके जो उनको कार्य सौंपे गए हैं गौशाला में जैसे गोबर उठाना वहाँ झाडू लगाना उसके बाद पूरे प्रांगण में हमारे आश्रम के पूरे प्रांगण में जिनको सेवा झाड़ू की दी है वो झाड़ू लगाते है कुछ लोग है साधक हमारी जो पत्ते उठाते है, कुछ साधक है जो हमारे मंदिर के जो बर्तन है उनको साफ़ करते हैं, कुछ साधक डस्टिंग करते हैं, कुछ साधक हमारी जो प्रिपरेशन महादेव है वहाँ की सफाई करके उनपे जलित करते है और जिनकी सेवा महाकाल के अंदर है वो महा काल के अन्दर प्रभु पे जल चढ़ा कर के उनके जो पात्र है हमारी महाकाल जी के उनको भी साधक जा करके साफ़ करते है और फिर ठीक 7 बजे हम लोग आरती के लिए आते है उसके बाद हम लोग अंदर बना करते हुए ओम नम शिवाय का जप करते हुए निरंतर हमलोग विलेश्वर महादेव से होते हुए हमारे जो पंच मुख्य हनुमान जी है उनकी आराधना हेतु हम लोग संग घंटी, पुस्तक और आगे हमारे जो साधक है, जो सेवा जो करते है वो रहते हैं, पीछे जितने भी साधक हैं सब उनको फॉलो करते हुए आगे चलते है।