क्या जीवन में सब कुछ पहले से तय होता है ? ~ ईशान शिवानंद

Eeshan Shivanand discusses whether life is predetermined, arguing that souls choose when and how to meet their guru. He warns that today's youth pursue cars and money instead of spiritual growth, and advocates unconditional service and prayer to the guru as the path to liberation.
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सबसे पहली चीज तुम्हारी आत्मा ने पहले ही तय करके रखा था कब तुम अपने गुरु से जुड़ोगे कहते हैं कि जिस समय भगवान कृष्ण को जन्म लेना था, वो सभी ऋषि मुनियो देवगन सोचा कि जब भगवान कृष्ण जन्म लेंगे, तब हम भी गोपी बन कर जन्म लेंगे ताकि भगवान कृष्ण से ज्ञान प्राप्त कर, साक्षात्कार को अनुभव कर सके प्रतिप्रसव साधना में तुम में से बहुत लोग देखते हो कि जब तुम्हें पता चला अवधूत इस काल में जन्म लेने वाला है तो तुमने महादेव से कहा कि हम भी इसी काल में जन्म लेंगे, ताकि हमें श्री विद्या, हमें महादेव के साथ न मिल सके ऑठऑफसिल्फरेलाइजेशन में तुम बहुत सारे साधक देखते हो, क्यूंकि माया में खोजते तो जानबूझ कर तुमने अपने जीवन में 1 ना 1 कष्ट डाल दिया ताकि उस कष्ट से प्रभावित हो तुम गुरु की खोज में उस शिवयोग तक पहुँच जाओ जिसके लिए तुमने जन्म लिया था तो तुम्हें लगता है कि तुम वैसे ही चैनल सर्व कर रहे थे और तुम्हें बाबाजी दिख गए, ये फ्लूक था, ये फ्लूक नहीं था, ये देवी योजना थी 1 ऐसी योजना है जिसका निर्माण तुमने खुद किया यू आर, द ग्रेट, आरkitेcटएडइटइज, योर पात th्रूविचयू हैव कमबैक, तो योर गुरु, यू हैव, कम बैक हो दूसरी चीज मैं बहुत खुश हूँ नौजवान अब ऐसे सपने देख रहे हैं पहले सपने देखते थे कि वैसा होगा, बडी गाडी होगी और पैसा होगा और बड़ी गाड़ी होगी, कितनी भी गाड़ियां हो, ट्रैफिक में, फंसना आज की तारीख में जब नौजवान सपने देखता है तो बच्चा भी कह रहा है कि अरे भैया देखना, मैं इतना करूंगा कि आपको जो रिसर्च करना है, आप कर, पाओगे मैं, सेवा करूँगा, मैं लेगसी, क्रिएट करूँगा और देखो ये भाव बहुत जरूरी होता है क्योंकि कलयुग में सबसे बड़ा जो भाव है, हमारी कौम को खत्म कर रहा है वह सेल्फिशनेस और ये सेल्फिशनेस हर जगह देखने को मिलती है ये महादेव का नाम हटा 2 मेरा ही नाम सब भूल जाते हैं कि हमारा काम है शिव तक पहुंचना या शिव तक पहुँचाना अरे शिव योगी से सीखो तो कभी भी साधना से उठते हो, अगर मन हो तो 1 प्रार्थना अपने गुरु के लिए करना गुरु तत्व जहाँ कहीं भी है उसको शक्ति मिले, उसके सपने साकार हो क्योंकि उसके सपने तुम्हारे लिए ही है तुम्हारे गुरु के शरीर को ताकत मिले क्योंकि देखो थर्ड डाइमेंशन में रहना है शरीर तो है शरीर की मर्म पिट्टी नहीं करेंगे तो यह शरीर फिर कहाँ रहेगा जरूर प्रार्थना करना, अनकंडिशनैलिटी, सेवा, भाव, इतना बढ़ गया, इतना प्रेम कि अब यही भाव है कि जैसे शबरी का था की हीलिंग मुझे और जो हीलिंग मुझे मिल रही है उसका 1 अंश गुरु को बहुत सारी ब्लेसिंग्स, बहुत अच्छा लग रहा है इस आने वाली पीड़ी को wanहोतaेखआप सब हो to there is a hope in the future।










