Ishan Shivanand argues that self-respect comes from chasing your own dreams, not the ones others built for you on social media. Don't adopt Mark Zuckerberg's vision as your own. Choose goals from your inner guru and self-worth, then pursue them with conviction, or the world will push you toward someone else's dream.
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he believes in his brand, he believes in himself and that makes me believe in me ha। अगर बाबा जी, इतने खास, इतने, ताकतवर इतने शक्तिशाली है to ada di he to mime है yes, मैं कर सकता हो, बिल्कुल कर सकता हो, अपने गुरु से सीख you are not a mdr यू आर द मदर, यू आर नोट अ सन, यू आर द द 1 हुए, गणेश, 1 हुए इशान और अब मैं यार दसन क्यूंकि अगर तुम में विश्वास नहीं, पूरी दुनिया तुम्हे धकेलेगी, पूरी दुनिया तुम्हें 1 सपना बेचेगी और या तो तुम खुद का सपना पूरा करोगे या किसी और का। ये तुम्हारा सपना नहीं है कि रोज सुबह बैठ के फ़ोन पकड़ लेते हो। यह भी नहीं देखते पत्नी। जिंदा आया मर गई। ये जकरबर्ग का सपना है कि हर बंदा भारत में बैठा मेरा इंस्टाग्राम, मेरा, फेसबुक, मेरा वाट्सएप, खोले, यह जकरबर्ग का सपना तुम पूरा कर रहे हो। और अगर तुम ये सपना देख रहे हो कि मुझे सुबह उठ के फोन पर बैठ के संडास में बैठना है, तो समझ जाना। यह तुम्हारा सपना, यह जकरबर्ग का सपना था कि वो तुम्हें 1 ऐसा सपना देखा है जिस सपने में तुम सपना लो की मैं उसका सपना पूरा करूँ। यही था उसका सपना। सच में तुम्हें क्या पता 10 साल पहले तो ये सब था ही नहीं। 20 साल पहले तो खुद शायद जकरबर्ग, या तो तुम खुद के सपने पूरे करोगे या तुम किसी और के सपने पूरे करोगे और गुरु के सपने देखो तो सही सपना देखना तो शुरू करो। खुद पर विश्वास होना चाहिए। कब तक तुम बोलोगे कि मैं धकेलता, मैं, बस चल दू। कहीं न कहीं तो तुम्हे खड़े हो के कहना, पड़ेगा नहीं आय। आलसो है सेल्फ रिस्पेक्ट इफ यू डोंट रिस्पेक्ट योर, नोबडी योर, सेल्फ रिस्पेक्ट कम्स फ्रॉम द ड्रीम्स यू हैव फॉर योर सेल्फ तुम्हारा आत्मविश्वास आता है उन सपनों से जो तुम अपने लिए देखते हो। गुरु कौन शक्ति, उस सपनों को पूरे करने के सपने तुम्हें देखने होंगे।