Ishan Shivanand argues for giving 200% attention to whatever you're doing right now, whether with family or at work. Treat each person like they're the only thing that matters. This presence deepens relationships, boosts productivity, and makes meditation more powerful.
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bea ces see babaji s that when i do something i do it like i mint हूँ man s पूरी जान लगा दी आई डू इट लाइक मिनट कहने का मतलब समझा के बाबा जी हमेशा कहते हैं 200 प्रतिशत जब कभी भी मैं अपने परिवार के साथ होता हूँ तो आई डू इट लाइक मिनट। मतलब अब मेरे परिवार के सिवाए मानो कुछ है ही नहीं, मैं अपनी पत्नी को पूर्ण अटेंशन देता हूँ। सारा ध्यान कुछ समय मेरी पत्नी पर होता है, मानो मेरी पत्नी को ऐसा लगे की उसके सिवा मेरे जीवन में और कुछ है ही नहीं। बच्चों के साथ होता हूँ। मैं सारा ध्यान अपने बच्चों को देता हूँ। जब मैं अपने काम पर होता हूँ तो कोई अगर मुझे देखेगा। उसको लगेगा मेरे काम के सिवा है। मेरे जीवन में कुछ है ही नहीं। न आई वर्क ई डू इट लाइक मिनिट। और जब मैं साधना करता हूँ तो कोई अगर मेरी साधना को देखेगा। उसको लगेगा की मानो मेरी साधना के सिवा मेरे जीवन में कुछ ह। he ne, i do it like i mind।