Ishan Shivanand teaches that patience is essential for relationships to survive. In Shivayog practice, seekers should ask the guru for knowledge and strength to build inner virtues, not material things. Cultivating these qualities lets you create your own happiness, prosperity, and success.
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हर रिलेशनशिप में अगर पेशेंस नहीं है, तो तुम कटखने हो जाओगे। जैसा 1 पागल कुत्ता हो जाता है समझो हम शिवयोग में वस्तुओं या पदार्थ अपने गुरु से नहीं मांगते, हम साधनाएं, वस्तुएं और पदार्थ के लिए नहीं करते, हम साधना करते अपने भीतर गुण उत्पन करने के लिए और अगर गुण है। गुणवान हो तो जो व्यक्ति गुणवान है, वो स्वयं अपने जीवन में सुख, संपन्नता, सफलता, उत्पन कर सकता है। इसलिए अपनी प्रार्थना बदलो। हे गुरुदेव, मैं प्रार्थना करता हूँ कि आप मुझे ज्ञान, ताकत एवं शक्ति दे, जिस ज्ञान, शक्ति एवं ताकत को प्राप्त कर। मैं अपने जीवन में स्वयं सुख उत्पन्न करो, प्रेम उत्पन करूँ, सफलता उत्पन करूँ, क्योंकि हे गुरुदेव, अगर बदलना ही है, बदल ही रहा हूँ। आज से मैं आपके तप को स्वीकार करता हूँ, आपके तप को अपनी साधना प्रदान करता हूँ और धन्यवाद करता हूँ उस गुरु का, जिसकी शक्ति से हर साल, हर कण शिवमय हो रहा है तेरे।