आशावाद से जीत सुनिश्चित है। Being Mindful | Ishan Shivanand
23 Sept 2021 · 1 min

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इस यूट्यूब टॉक में इशान शिवानंद (स्पीकर ए) ने आशावाद के दो रूपों – अनिश्चित (indefinite) और निश्चित (definite) – की तुलना की और यह तर्क दिया कि भारत को केवल सकारात्मक सोच (अनिश्चित आशावाद) से नहीं, बल्कि स्पष्ट, चरण‑बद्ध योजना वाले निश्चित आशावाद की आवश्यकता है। वह बताते हैं कि अनिश्चित आशावाद केवल "अच्छा होगा" कहता है, जबकि निश्चित आशावाद यह पूछता है "कैसे होगा" और एक ठोस कार्य‑योजना, दिशा‑निर्देश और क्रमबद्ध कदमों की मांग करता है। स्पीकर अपने गुरु के उदाहरण को लेकर बताते हैं कि उनके गुरु के पास केवल आशावादी विचार नहीं, बल्कि एक स्पष्ट कार्य‑योजना थी, जिससे वह वास्तविक परिणाम प्राप्त कर सके। अंत में वह भारत के लिए एक स्पष्ट, चरण‑बद्ध योजना के साथ निश्चित आशावाद अपनाने की अपील करते हैं, जिससे सफलता सुनिश्चित हो सके।










