Ishan Shivanand argues that successful people never settle on one achievement and keep moving toward new challenges. He uses Elon Musk as an example: after PayPal, Musk started Tesla, SpaceX, and The Boring Company, moving from electric cars to rockets to tunneling. True success means constant growth and refusing to get comfortable.
Chapters
कोई भी जो सक्सेसफुल आदमी है, वो किसी चीज पर बैठ नहीं जाता। देखो मुर्गी, अगर अंडे पर बैठे समाज आता है। अगर इंसान की फितरत हो गई, न किसी चीज पर बैठने की, तो फिर वो सक्सेसफुल नहीं हो पायेगा। ग्रोथ आगे बढ़ना है। तुम इलेन मस्क खोलो। उसने पे पैल का इजाद किया। अरबो खरबो कमा लिए, पेपैल से देखने वाला का। अब तो ठीक है, बैठ जा। सक्सेसफुल है। तू 1 एफ डी बना ले, 1 घर बना ले, 2 गाड़ी बना ले, बात खत्म। लेकिन तुम कभी सक्सेसफुल आदमी को देखना। व मुर्गी की तरह अंडों पर बैठता नहीं है। वो कहता है, छोड़ो आगे बढ़ो, पेपैल छोड़ के टेसला बनाई, गाड़ी की कंपनी, गाड़ी की कंपनी भी बड़ी सक्सेसफुल हो गई। इलेक्ट्रिकल कार का एवोलूशन बना दिया। पहले इलेक्ट्रिक कार्ड डब्बा होती थी, उसकी गाड़ी में बैठे मजा आता है। ऐसा लगता है रॉकेट में बैठे अभी भी मुर्गी बोलेगी अंडा हो गया। बैठ जाए इसके ऊपर छोड़। लेकिन सक्सेसफुल आदमी, सफल आदमी कभी अंडे पर बैठता नहीं मुर्गी। है ही नहीं। वो इंसान है। टेस्ला छोड़। उसने कहा अगर मेरी गाड़ी रॉकेट की तरह है। अगर मैं रॉकेट बनाऊंगा तो वो कैसा होगा। उसने स्पेसएक्स का इजाद कर। कहता है कि 1 दिन मैं मंगल ग्रह पर इंसान को लेकर जाऊंगा। लेकिन वहाँ पर भी वो रुका नहीं। अगली चीज डाइवरसिफाय लेट्स, move लेट्स, बी मूव। अब उसने 1 कंपनी बनाई है। बोरिंग कंपनी। बोरिंग का मतलब दुखी कंपनी नहीं बोरिंग मतलब वो टनल बना रहा है। जिसमें वो 1 ट्यूब बिठाएगा, जिसमें लोगों को 1 जगह से दूसरी जगह बहुत गति में भेजेगा तुम किसी भी सफल आदमी को देख लो। अगर 1 एडिशन ने आविष्कार किया तो वो 1 आविष्कार पर रुका नहीं। फिर वो आगे बढ़ गया।