Ishan Shivanand says remove all electronics from your bedroom—TV, iPad, phone, chargers—to create a sacred space like a temple. Daily incremental improvement and a tech-free sleep zone preserve mental peace and build a happy life.
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अपने शरीर की लिमिट ब्रेक करो किसने कहा की तुम्हे लिमिटेड रहना है। जो कुछ भी भगवान ने तुम्हें दिया है, अगर अभी दौड़ भाग नहीं कर सकते, प्रणाम कर सकते, लिमिट ब्रेक करो, कपाल बाती करो, 10 नहीं कर सकते 5 करो और वही 5 ब्रेक 50 हो जाएगी। लेकिन रोज लिमिट जरूर ब्रेक करना और यही तुम्हारा डिसप्लेन है, हर रोज मुझे पहले से थोड़ा और बेहतर बनना है, हर रोज मुझे पहले से थोड़ा और ब बेहतर करना है, सब काम भी करो तो पूरा जी जान लगा के करो। और जब दिन खत्म हो एंडिड लाइक यू मिनट। अगर खुशाल जीवन चाहते हो तो इस बात को ठान लो। जिस प्रकार से मंदिर में चले नहीं ले जाते, मंदिरों में चप्पल पहन के नहीं जाते। हाँ जी, ना जी, अगर खुशाल जीवन चाहते हो तो बेडरूम में इलेक्ट्रॉनिक्स मत रखो, अगर खुशाल जीवन चाहते हो जैसे मंदिर के वाली चप्पल पड़ी है। वैसे तुम्हारे बेड रूम के बाहर टी वी हो, बेड रूम के बाहर आई पैड हो, बैड रूम के बाहर फ़ोन हो, बैडरूम के बाहर लॉकर्स बना लो, बैडरूम में घुसने से पहले चप्पल और अगर तुम्हारा पति है न रात के 11 फ़ोन चाहिए, दुकान खड़े कर लेना। रात के साढ़े 11 बजे किस को मैसेज कर रहा है तो अमेरिका में की दुकान तो मंगाएगा इससे फिर अगली यनिवर्सिटी में त्योहार में फ़ोन का पासवर्ड मांग ना देखते हैं देता है नहीं देता क्या जरुरत है तुमको एंड द डे लाइक यू मिनिट की। अगर इस दिन इस रात काम खत्म भी हो जाए। तुम्हारा तो ठीक है, बढ़िया है खुशी खुशी काम खत्म करो, खुशी खुशी चले जाओ भगवान के पास।