Ishan Shivanand talks about learning from your guru's life. Respect women as divine, honor your family, and put your purpose above seeking approval. Focus on inspiring good people rather than pleasing everyone.
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तुम अपने गुरु के जीवन को देखो और अपने आप से पूछो मेरे गुरु क्या करते है? और अगर तुम पाओ तुम्हारे गुरु ने अपने जीवन में हर शन महिलाओं में देवी देखी महिलाओं की इज्जत की, अपनी पत्नी की इज्जत की, अपनी बेटी की इज्जत की, अपने पुत्र को प्रेम दिया, तो तुम अपने गुरु के गुणों को अपने जीवन में उतार। अगर तुम पाओ तुम्हारे गुरु ने अपने उद्देश्य को सर्वो परिमान, दुनिया जहान में घूमे। इस देवी तेज को फैलाने के लिए तुम भी अपने काम को सर्वोपरि मान, न अपने गुरु के जीवन को देखो, अपने गुरु के जीवन से प्रेरणा लो। अब छोड़ 2 तुम्हे लोगों को खुश नहीं करना, तुम्हे अच्छे लोगों को बेहतर बनाना है। प्रेरणा देकर के।