Ishan Shivanand teaches mindfulness through observing thoughts. Sit in silence 5 to 15 minutes daily and watch your thoughts without judgment. Practice mono-tasking: when eating, just eat; when drinking tea, just drink. Stop blaming yourself or others, which creates mental noise that blocks clear observation.
Chapters
हर रोज अपने आप को कुछ समय 2 जब तुम केवल अपने इष्ट और गुरु के बारे में सोच रहे हो, उनके हाथ में चाय है, हमारे यहाँ भी था, हम उसको जब कहते थे, जब हाथ में माला होती थी, उस समय न किसी ऐसी बात कर रहे हो, न कुछ देख रहे हो, कोई इनपुट नहीं हो रहा, बल्कि जो इनपुट हो गया उसको प्रोसेस कर रहे हो, ध्यान कर रहे हो, विचारों को बस देख रहे हो। और विचारों को देखने से पता चलता है की तुम्हे कितना बढ़ना है, साधना कितनी बढ़ानी है, जीवन में कितनी 7 लेकर के आ, अगर बार बार नकारात्मक विचार आये हैं तो जीवन शैली शायद थोड़ी खराब है, दल्ली होगी। और अगर आँखे बंद करते केवल सकारात्मक विचार, दिखाई पड़ते, समझ जाना, सही मार्ग चल रहे, अपने आप को 10 पंद्रह मिनट तो 2 कोशिश करो की जब खाना खा रहे हो तो केवल खाना खाओ, जब चाय भी पी रहे हो, केवल चाय पियो, जब गाड़ी चला रहे हो तो केवल गाड़ी चलाओ कोशिश करो, तुम्हारे हाथ में सेलफोन न कोशिश करो जब किताब पढ़ रहे हो, केवल किताब पर मोनो टास्क और फिर 1 समय तुम्हारा ऐसा जब तुम कुछ भी नहीं कर रहे, साधना भी नहीं कर, बस बैठे शांति से 5, 10 मिनट बैठो विचारों को देखो तो हो सकता है हाँ जी, ना जी, और यह तभी होगा अगर ब्लेम करना, बंद करो रे।