Ishan Shivanand explains how your subconscious acts as an internal GPS, guiding your actions. Ideas stick only when paired with strong emotion. He recalls three birthday memories to show how emotional intensity determines what you remember.
Chapters
हर व्यक्ति के भीतर का इन्टरनल जीपीएस है। इंटरनल जीपीएस मतलब तुम्हारी इंट्रा सेलुलर में जिस चीज को तुमने इंटरनलाइज कर लिया, इंटरनलाइज करने का सबसे आसान तरीका है जब कभी भी किसी भी विचार के साथ भाव जोड़ 2 वो चीज इंटरनलाइज हो जाती है, तुम नाथ साफ कर रहे हो इस गतिविधि में, तुम्हारे भाव नहीं, तुम नाथ साफ़ करके भूल जाओगे, प्रक्रिया भूल जाओगे। तुम्हारे 70 जन्मदिन हुए, तुम्हे सिर्फ 3 याद कौन सी 1 जिसमें बहुत अच्छी गिफ्ट मिली, दूसरा, जिसमें बहुत बेकार गिफ्ट मिली। तीसरा जिसमें तुम्हारे घर वाले जन्मदिन भूल गए। जो शांति से होता है, तुम्हें याद ही नहीं होता। लॉन्ग टम मेमरी, शार्ट टम मेमरी में फर्क क्या है शार्ट टम मेमरी, जो चीज जहन में घुस ही न। लॉन्ग टम मेमरी की या तो उस चीज को इतना दोहराया कि वो घुस गई आत्मा के अन्दर या कोई ऐसा ताकतवर भाव उस चीज से जुड़ गया, वो चीज घुस गई इनट्रासममलीके अन्दर।