Ishan Shivanand asks why you want health, not just what you want. Health serves three purposes: caring for your parents, serving your nation, and serving the divine. When you see your body as a tool for these responsibilities, that purpose ignites real passion.
Chapters
1 दिव्य व्यक्ति के लिए 2 ही चीजें उसका सहारा है। सबसे पहला तुम चाहते क्या हो? और दूसरा कारण क्या है, यह जाने। किसी व्यक्ति को मैं खड़ा करूँगा उससे पूछूंगा तुम चाहते क्या हो? वो व्यक्ति बोलेगा स्वास्थ्य कारण क्या है? बस बैठे रहते हैं, कुर्सी पर घुटनों में दर्द होता है ना हो भैया। और अब मैं पूछूँ क्यों न हो? और उस आदमी के पास जवाब नहीं। और अगर मैं 1 व्यक्ति से पूछता हूँ ने ठीक होने क्यों? और वो व्यक्ति कहता है? इसलिए क्योंकि मेरे माँ बाप ने इतना सब कुछ किया मेरे लिए या तो मैं अपनी सेवा कर सकता हूँ या मैं उनकी सेवा कर सकता हूँ। इसलिए हे शिव सेवा, मुझे 1 स्वस्थ शरीर 2 ताकि मैं अपने माँ बाप की सेवा कर सकूँ, 1 स्वस्थ शरीर 2 ताकि मैं अपने देश की सेवा कर सकूँ, 1 स्वस्थ शरीर 2 ताकि शरीर और मन का इस्तेमाल कर में शिवि को कोने कोने तक ले जा सकूँ। तब तो मैं भी कहूँगा, इस व्यक्ति के भीतर पैशन इस व्यक्ति को। 1 शरीर क्या? भगवान इसको ऐसा शरीर 2 जिसमे 10 शरीर की ताकत हो।