Ishan Shivanand urges you to trust yourself, or borrow his confidence until you find your own. Change is permanent, he says. Your success is already encoded in your DNA from ancestral sages who achieved it through disciplined practice.
Chapters
मुझे आप पर विश्वास है और अगर आपमें वो विश्वास नहीं तो मेरे विश्वास को लो समझो और उससे अपने भीतर आत्मविश्वास डालो समझो। पशुभाव टेम्परेरी है इस प्रकृति में इकलौती स्थायी वस्तु है, बदलाव, हर चीज बदली है, बदलती आई ही बदलती रहेगी। हर शन, हर कण शिवमय होगा, तुम साधक हो, तुम साधना कर रहे हो। तुम्हारे पूर्वज ऋषि मुनि थे, जिन्होंने साधना ऐसे कर्मों को बदला, जिन्होंने भगवान ऐसे वरदानों को प्राप्त किया, जिन्होंने उत्पत्ति की द इन्वेंटर्स यू आर, द संस, ऑफ इनवेंटर्स यू आर, द संस इन योर, सक्सेस, इज इन योर डीएनए और ये बात तुम समझ जाना बहुत जरुरी है। क्यूकी बात नहीं समझे तो भारतीय सक्सेसफुल जरूर होगा, लेकिन अगर तुम नहीं समझे तो हर भारतीय हमेशा बाहर जा के सक्सेसफुल होगा। जो की हो रहा है ntn।