Ishan Shivanand shares his guru's teaching that science is only the tiny part of Shiva humanity has discovered. The rest remains unknown. Real progress happens over 400 to 500 years, not decades. Societies that think in generations, not quarters, will succeed.
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मेरे गुरु ने मुझे कई साल पहले सिखाया था। बेटा याद रखना, विज्ञान वो शिव है जिसको हम जान चुके हैं और शिव वो विज्ञान है जो अभी जानना बाकी है। विज्ञान बहुत छोटा सा अंश है उस शिव शिवा का जिसको मनुष्य जान चूका है और शिव शिवा बहुत बहुत सारा विज्ञान है जो अभी बाकी है जिसको अभी हमें अनरैवेल करना है। सस्ता की हजार पंक्तियाँ हैं। हर पीढ़ी को 1 पंखडी खोलनी होगी और फिर कहीं किसी दिन जब सस्ता का हजार पंकियों वाला कमल खुल जायेगा, तब तुम सोचो ये प्रकृति, ये प्रथ्वी मनुष्य प्रजाति कैसी दिखाई पड़ेगी जब 1 बार फिर वो ज्ञान हमारे बीच हो और ये मैं आपको इसलिए कह रहा हूँ अब अपनी सोच को बदलो। अब आपको ये नहीं सोचना की 30 साल में क्या होगा, 40 साल में क्या होगा? अब सोचना शुरू करो, 400 साल में क्या होगा, 500 साल में क्या होगा? जो सोसाइटी पीड़ियों के लिए सोच सकती है, वो ही सोसाइटी सफल होती है।