Ishan Shivanand guides a bedtime meditation to connect with Shiva and dissolve anxiety. The practice uses Shivayoga breathing, a slow rhythmic technique, to move toward samadhi and a metaphysical journey to Shivlok, Shiva's divine realm.
Chapters
जब बिस्तर पर होगे। शिव का स्मरण करना, शिवानंद का स्मरण करना प्रभाव क्या है। सबसे पहले, मैं अपने शिव को स्वीकरता हूँ, अपने गुरु का आह्वाहन करता हूँ, अपने गुरु को समर्पण। एंजाइटी बची नहीं सकती। काएगी एन्जाइटी फिर तुम्हारा जो मन है न तुम्हारे लिए काम, फिर तुम पाओगे, जो कुछ भी, तुम्हारे भीतर था, वो बहुत काम का है। और फिर तुम सुयोग की सांस शुरू करना। जब बिस्तर पर हो, आँखें बंद कर देना लेना है, लेट जाना बैठना है, बैठे रहना। और जब सांस ले रहे हो भाव, आ एक्सेप्ट शिवा सांस निकाल रहे हो भाव आय सरेंडर, तो सिवा और शिवयोग की सांस चलती रही, गहरी लगातार, साँस की आवाज और धीरे धीरे साँस की गति और धीमे होने देना, और धीमे उन्हें देना, और धीमे होने देना, और धीमे उन्हें देना। और फिर जब शक्ति प्रबल हो, आदेश देना खुद को शिव योग समाधी। और फिर और तुम सोओगी नहीं तुम तैरते तैरते शिव लोक बच जाओगे।